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पाकिस्तान : ‘हिन्दू बात से नहीं लात से मानता है’ – PTI नेता मो. उस्मान

PTI नेता
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
भारत में पाकिस्तान पक्ष की बात करने उन तमाम हिन्दू नेताओं और उनके समर्थकों को पाकिस्तान में हिन्दू विरोधी बातें होने पर आंखें खोलनी चाहिए। क्योकि जो बोली वो बोलते हैं, वही पाकिस्तान द्वारा बोली जाती हैं। अगर भारत में पल रहे पाकिस्तान हिमायतियों ने इस समाचार पर भी होश में नहीं आए, उनका भी ऐसा ही हाल होगा, जो ये ट्वीट में कहा गया है। जनता को तो हर हाल में मरना ही है, लेकिन भारतीय संविधान की शपथ लेकर पाकिस्तान के पक्ष को मजबूत करना, संविधान का घोर अपमान है। 
सोशल मीडिया पर अक्सर हिन्दू-घृणा से भरे हुए पोस्टर और नारे खूब देखे जाते हैं। शाहीन बाग़ में भी हिन्दू विरोध और इस्लामी नारों के जरिए सरकार का विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही ट्वीट खूब शेयर किया जा रहा है, जिसमें हिन्दुओं को सबक सिखाने का संदेश देता हुआ एक पोस्टर देखा जा सकता है। यह पोस्टर उर्दू भाषा में लिखा गया है।
आरिफ़ आजाकिया, जो कि एक मानवाधिकार कार्यकर्ता (उनके ट्विटर अकाउंट से मिली जानकारी के अनुसार) हैं, ने इस पोस्टर का अनुवाद करते हुए लिखा है- “हिन्दू बात से नहीं, लात से मानता है। मियाँ मोहम्मद अकरम उस्मान, जनरल सेक्रेटरी PTI, लाहौर डिवीजन।” मियाँ मोहम्मद अकरम उस्मान ने इस पोस्टर में मुहम्मद अली जिन्ना और पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तस्वीर लगाई है। इसके साथ ही, पोस्टर में भारत के झंडे तिरंगा को भी दिखाया गया है, जिस पर ‘क्रॉस’ का निशान लगाया गया है।

पाकिस्तान में हिन्दुओं की स्थिति और मानवाधिकारों पर अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं। यही नहीं, हाल ही में भारत में भी नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनों में ‘जिन्ना वाली आजादी‘ जैसे नारे भी सुने गए हैं। ऐसे में पाकिस्तान में PTI (पाकिस्तान तहरीक ए इन्साफ) पार्टी के इस नेता का यह हिन्दू विरोधी पोस्टर देखा जाना अपने आप में यह सबित करने के लिए काफी है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ किस तरह का बर्ताव किया जाता रहा है।

करोड़पति निकला इमरान खान की पार्टी से जीतने वाला 'चाय वाला'

Gul Zafar Khanपाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चुने गए एमएनए और पूर्व चाय विक्रेता गुल जफर खान करोड़पति हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाजौर से रहने वाले खान ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सामने करोड़ों रुपए की संपत्ति घोषित की है। चुनाव आयोग को जमा दस्तावेजों के अनुसार, जफर के पास 30 मिलियन (3 करोड़) से अधिक की संपत्ति है, वह एक कपड़ा व्यापार का भी मालिक है। खान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के उम्मीदवार अखुंजदा चटान और स्वतंत्र उम्मीदवार शाहबुद्दीन खान को हराकर एनए-41 बाजौर से चुनाव जीता।
बताया गया है कि खान ने 30 लाख रुपए और 10 मिलियन (1 करोड़) की अचल संपत्ति घोषित की है। उनके पास दो घर और कृषि भूमि भी हैं, जिसकी कीमत 1 करोड़ 20 लाख है। जफर खान ने पिछले साल अपनी संपत्ति में भी वृद्धि दर्ज की थी। उनकी संपत्ति घोषणा में एक गैर-कस्टम भुगतान वाहन और 10 तोला सोना भी शामिल है। 
रिपोर्ट्स में आगे कहा गया है कि उनके बैंक खाते में 20 लाख रुपए हैं और उनके पास 10,00,000 रुपए के घरेलू सामान हैं। जब उन्हें एनए-41 (बाजौर) से पीटीआई द्वारा एमएनए टिकट दिया गया था, तो इस बात का व्यापक रूप से प्रचार किया गया था कि खान एक चाय विक्रेता थे। 

गुल जफर खान रावलपिंडी में चाय बेचा करते थे। उन्हें इमरान खान की पार्टी से टिकट मिला और वो जीत गए।