भारतीय सेना की ओर से गुजरात के कच्छ में नष्ट किए गए पाकिस्तानी जासूसी ड्रोन को लेकर नया खुलासा हुआ है। भारतीय सेना ने इस ड्रोन को नष्ट करने के लिए इजरायल से खरीदी गई मिसाइल Derby का इस्तेमाल किया गया है। इजरायल में SPYDER मिसाइल सिस्टम के तहत छोटी और मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली Derby और Python-5 मिसाइल का निर्माण किया गया है। इस मिसाइल का भारत में पहली बार इस्तेमाल किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जासूसी कर रहा थी पाकिस्तान ड्रोन
भारतीय सेना को मंगलवार को गुजरात के कच्छ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन दिखाई दिया। सूत्रों के अनुसार, सेना के जवानों ने उड़ती हुई चीज देखकर इंतजार किए बिना मिसाइल से हमला किया। मिसाइल का निशाना सीधे ड्रोन पर लगा और वह नष्ट होकर गिर गया। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ड्रोन के मलबे को अपने कब्जे में ले लिया। सेना के अधिकारियों की मानें तो भारतीय वायुसेना की पीओके में कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने इस ड्रोन को जासूसी के लिए भेजा था। इस घटना के बाद सेना ने गुजरात से लगी पाकिस्तानी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जासूसी कर रहा थी पाकिस्तान ड्रोन
भारतीय सेना को मंगलवार को गुजरात के कच्छ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन दिखाई दिया। सूत्रों के अनुसार, सेना के जवानों ने उड़ती हुई चीज देखकर इंतजार किए बिना मिसाइल से हमला किया। मिसाइल का निशाना सीधे ड्रोन पर लगा और वह नष्ट होकर गिर गया। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ड्रोन के मलबे को अपने कब्जे में ले लिया। सेना के अधिकारियों की मानें तो भारतीय वायुसेना की पीओके में कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने इस ड्रोन को जासूसी के लिए भेजा था। इस घटना के बाद सेना ने गुजरात से लगी पाकिस्तानी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।
ये है Durby की खासियत
छोटी और मध्यम दूरी तक मार करने वाली इजरायली मिसाइल Durby बेहद खास है। इस मिसाइल का वजन 118 किलोग्राम है और यह 20 से 50 किलोमीटर की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। यह मिसाइल 30 हजार से 52 हजार फुट तक की ऊंचाई पर जा सकती है। यह मिसाइल Active laser और electromagnetic proximity fuse के साथ हमला करती है। यह मिसाइल टेट्रा ट्रक से भी छोड़ी जा सकती है। इस समय यह मिसाइल इजरायल के अलावा भारत, जॉर्जिया, सिंगापुर और वियतनाम के पास भी है।
अवलोकन करें:-
2009 में हुआ था 1800 करोड़ रुपए का सौदा
देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 2006 में इजरायल से Derby मिसाइल खरीदने के लिए करीब 1800 करोड़ रुपए में सौदा हुआ था। सितंबर 2008 में सीवीसी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद 2009 में तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस डील को मंजूरी दी थी।