केजरीवाल की हार वैसे तो बहुत लोगों की हार है लेकिन यह हार उसे बचाने वाली मीडिया और न्यायपालिका में बैठे जजों के मुंह पर तमाचा है

सुभाष चन्द्र

विधानसभा के पहले ही सत्र में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 21 “आप” विधायकों को निलंबित करके उनकी सही जगह पहुंचा दिया। आज आतिशी शोर मचा रही है कि “चुने हुए विधायकों” को भी बाहर निकाल दिया बहुत ढोल पीटा था सुप्रीम कोर्ट में कि “चुनी हुई सरकार” को केंद्र सरकार काम नहीं करने दे रही जब विजेंद्र गुप्ता को मार्शलों ने उठवा कर बाहर फेंकते थे, वह क्यों भूल रही है आतिशी? आज रेखा गुप्ता की पूर्ण बहुमत से बनी हुई “चुनी हुई सरकार” है और वो CAG रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत कर रही हैं जिससे “आप” पार्टी का और केजरीवाल का मुंह काला हो गया है लेकिन मुद्दा क्या बनाया - “हाय हाय बाबा साहब का अपमान कर दिया” 

जिस अंबेडकर के संविधान की दुहाई देकर भाजपा द्वारा उनका अपमान करने का ढोल पीट रहे हैं, उसी अंबेडकर की प्रतिमा को पिछले महीने की 26 जनवरी को अमृतसर में तोड़ दिया गया था किसकी सरकार है पंजाब में? फरवरी 27 को विधानसभा में सतीश उपाध्याय ने बताया कि मालवीयनगर, दिल्ली में शहीद भगत की मूर्ति 3 साल से खंडित पड़ी है लेकिन केजरीवाल की सरकार ने उसे ठीक नहीं कराया और आज भगत सिंह के कथित अपमान का रोना रो रहे हैं

लेखक 
चर्चित YouTuber 

केजरीवाल की हार मीडिया की भी हार है जिसे 10 साल से पैसा देकर उसने खरीदा हुआ था और जो केजरीवाल के प्रचार में लगा रहता था फरवरी 27 को रजत शर्मा अपने प्राइम टाइम शो में विजेंद्र गुप्ता को मोदी से सीखने की शिक्षा ज्ञान पेलता है लेकिन उस समय रजत का ज्ञान केजरीवाल के तलवे चाट रहा था जब बीजेपी विधायकों को बाहर फेंका जाता था। मोहल्ला क्लीनिकों में कथित रूप से काम करने वालों की और पानी के टैंकर वालों की हार है जो घोटाला कर रहे थे डीटीसी में घोटाला करने वालों और स्कूलों में डीटीसी की जगह प्राइवेट बसें चलाने वाले स्कूलों की हार है जो बच्चों से 2000 रूपए तक का किराया वसूल कर रहे थे पत्थर उठाओ, घोटाला मिलेगा और घोटालों में शामिल सभी लोगों की हार है

सबसे बड़ी हार तो न्यायपालिका में बैठे जजों की है जो केजरीवाल को शह दे रहे थे चंद्रचूड़ ने “चुनी हुई सरकार” के बहाने दिल्ली में दो power centre बनाने की कोशिश की अभिषेक मनु सिंघवी के सामने झुक कर संजीव खन्ना में केजरीवाल को ED के केस में जमानत दी परंतु ED द्वारा गिरफ़्तारी वैध थी या नहीं, उसके लिए फैसला 3 जजों की बेंच पर छोड़ दिया लेकिन 7 महीने से 3 जजों की बेंच नहीं बनाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइया ने CBI केस में जमानत दे दी और जस्टिस भुइया ने ऐसा मार्ग बना दिया कि केजरीवाल के खिलाफ केस कमजोर पड़ जाए। उन्होंने कहा कि किसी अभियुक्त को उसके ही खिलाफ गवाही देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते ये शब्द किसी और के लिए नहीं कहे इन सभी जजों को लाज आनी चाहिए 

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने CAG रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने के लिए मना कर दिया यह हार दत्ता साहब के मुंह पर भी तमाचा है क्या मिला CAG रिपोर्ट को रोक कर जो अब पेश हो ही गई? जस्टिस दत्ता ने केजरीवाल को चुनाव से पहले रिपोर्ट पेश न करने के आदेश देकर उसे बचाने की कोशिश की

आपको याद होगा महाराष्ट्र चुनाव में इंडी गठबंधन से मुस्लिमों के लिए और RSS को बैन करने का समझौता करते हुए AIMPLB के प्रवक्ता सज्जाद नोमानी ने कहा था कि अगर महाराष्ट्र हार गए तो दिल्ली भी नहीं जीत सकते नोमानी का अनुमान सही था महाराष्ट्र भी हारे और दिल्ली भी

आज “आप” पार्टी के सदन से निलंबित विधायक चुने हुए तो है लेकिन वे असल में “जले भुने” हुए विधायक भी है उन्हें अब पता चलना चाहिए कि चुनी हुई सरकार का मुखिया अहंकार में ही कह सकता है कि “ये LG कौन है, कहां से आ गया, दिल्ली के राजा हम हैं” और आज उसका राजवाड़ा ख़त्म हो गया

“दिल्ली फाइल्स” एक फिल्म बननी चाहिए जिसे Youtube पर डाल देना चाहिए -

No comments: