UCC के बाद चचेरी-ममेरी बहन से निकाह नहीं हो सकता है (फोटो साभार: Grok AI)
उत्तराखंड के मौलाना समान नागरिक संहिता (UCC) कानून से नाखुश हैं। सगे रिश्तों में निकाह करने पर UCC में लगाई गई पाबंदी को लेकर मौलाना गुस्सा हैं। मौलानाओं का कहना है कि यह मुस्लिमों की हैसियत कम करने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया है कि UCC उन पर लादा जा रहा है।
पत्रकार अदिति त्यागी से बातचीत करते हुए मौलानाओं ने यह बातें कही हैं। इसका वीडियो अब वायरल है। इस वीडियो में मौलाना कहता है, “UCC लागू करने से पहले उलेमा से राय ली गई थी, अलग जगह-जगह पर मीटिंग हुई थी। हमने इन बैठक में साफ़ कर दिया था कि इस्लाम हमारी रगों में घुसा है और इसे हम नहीं छोड़ सकते।”
"UCC से सरकार हमारी हैसियत को कम करना चाहती है, मज़हब-ए-इस्लाम हमारी रगो में है, हम उसे नहीं छोड़ सकते" #UCC pic.twitter.com/KEraJ33TsA
— aditi tyagi (@aditi_tyagi) March 5, 2025
आगे मौलाना ने कहा, “उसमे एक कानून बनाया है कि मामू की लड़की और फूफी की लड़की से निकाह नहीं कर सकते लेकिन हमारी शरीयत में इसकी इजाजत है। किसी ने अपनी बीवी को तलाक दिया है तो उसे (महिला) 3 महीने इद्दत करनी है, इसमें यह खत्म कर दिया गया है… यह शरीयत के भीतर दखल है। हम ये नहीं बर्दाश्त कर सकते।”
मौलाना ने कहा कि अगर राय ली गई तो मानी क्यों नहीं गई। मौलाना ने दावा किया UCC कानून उन पर लादा गया है और यही करना था तो राय लिए जाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। मौलाना ने दावा किया कि इस्लाम पूरा मजहब है और इसमें कोई शक नहीं बचा है।
उत्तराखंड में पास किए गए UCC कानून में शादी, तलाक और विरासत को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। इनमें विशेष तौर पर शादी को लेकर स्पष्ट नियम हैं कि किस रिश्ते में शादी हो सकती है और किसके अंतर्गत शादी मानी नहीं जाएगी।
किन रिश्तों में नहीं हो सकता निकाह
| कोई भी पुरुष इन महिलाओं से विवाह नहीं कर सकेगा | कोई भी महिला इन पुरुषों से विवाह नहीं कर सकेगी |
|---|---|
| बहन | भाई |
| भांजी | भांजा |
| भतीजी | भतीजा |
| मां | चाचा/ताऊ |
| मामी | ससुर |
| चाची | साला/साडू |
| चचेरी बहन | सौतेला भाई |
| फुफेरी बहन | सौतेला भाई |
| मौसेरी बहन | मौसेरा भाई |
| पत्नी की बहन | पत्नी का भाई |
| सौतेली मां | सौतेला पिता |
| सौतेली बहन | सौतेला भाई |
| नानी | दादा |
| सौतेली नानी | सौतेला दादा |
| पत्नी | पतिव्रता |
| सौतेली पत्नी | सौतेला पतिव्रता |
| माता की बहन | पत्नी का पिता (ससुर) |
| माता की सौतेली बहन | सौतेला ससुर |
| दादी | नाना |
| सौतेली दादी | सौतेला नाना |
| पिता की सौतेली नानी | सौतेला पतिव्रता (माता का सौतेला पतिव्रता) |
| नाती की नानी | माता का दादा |
| पिता की सौतेली पत्नी | माता का सौतेला दादा |
| पत्नी की सौतेली बहन | सौतेला बेटा |
| पत्नी की पत्नी | पोता |
| बहू (विधवा) | बेटा का ससुर |
| नातिन | नाती |
| पोती | बेटी का ससुर |
| पोते की सौतेली बहू | पोते का ससुर |
| बेटे की सास | बेटी का ससुर |
| पत्नी की विधवा | सास का ससुर |
| बेटे की विधवा | बेटी का ससुर |
| पत्नी की विधवा | नाती का ससुर |
| नाती की विधवा | नाना का नाना |
इन सभी रिश्तों में किए गए विवाह को UCC के अंतर्गत वैध रिश्ते नहीं माना जाएगा। गौरतलब है कि हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत यह बंदिशें पहले से देश की बहुसंख्यक आबादी पर लागू थीं। अब यह उत्तराखंड के भीतर पूरी जनता पर और हर समुदाय पर लागू होंगी।

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