‘एट होम’ समारोह में राहुल गाँधी ने ‘नॉर्थ-ईस्ट’ का पटका पहनने से किया इनकार, राष्ट्रपति मुर्मू ने 2 बार किया ऑफर


राहुल गाँधी की हरकतों को देख शंका होती है कि राहुल Leader of Opposition हैं या Leader of Propaganda, नेता प्रतिपक्ष की वाणी और कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि सत्ता पक्ष भी लोहा माने ये नहीं नेता प्रतिपक्ष एक मजाक बन जाए। और राहुल अपनी हरकतों से सिर्फ एक मजाक बन चुके हैं। दरअसल इनके सलाहकारों ने ही उनको एक मजाक बना दिया है। दूसरे मणिपुर पर रोना रोने वाले राहुल गाँधी ने असम पटका क्यों नहीं पहना?   

गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में ‘एट-होम’ रिसेप्शन के दौरान राहुल गाँधी ने नॉर्थ ईस्ट का पटका पहनने से इनकार कर दिया। दरअसल कार्यक्रम की थीम नॉर्थ-ईस्ट थी। समारोह में शिरकत कर रहे पीएम मोदी से लेकर तमाम नेताओं ने इसे धारण किया। कार्यक्रम में शिरकत कर रहे यूरोपीय यूनियन के नेताओं, विदेशी राजदूतों तक सभी मेहमानों को नॉर्थ-ईस्ट का पटका दिया गया।

सबने पटके को गर्व के साथ पहना, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ही एकमात्र रहे, जिन्होंने इसे नहीं पहना। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें दो बार याद भी दिलाया था।

राहुल गाँधी का यह व्यवहार सुर्खियों में आ गया है और इस पर सियासत गरम है। बीजेपी ने दावा किया है कि राहुल गाँधी वहाँ मौजूद एकमात्र ऐसे मेहमान थे, जिन्होंने स्वागत में मिले पारंपरिक ‘नॉर्थ-ईस्टर्न पटका’ को पहनने से परहेज किया।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए घटना को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने लिखा, शर्मनाक! राहुल गांधी, नॉर्थ ईस्ट को अलग-थलग किया और हमारे माननीय राष्ट्रपति का अपमान भी किया

दरअसल राष्ट्रपति भवन में इस साल थीम भारतीय संस्कृति पर आधारित होती है। इस बार नॉर्थ ईस्ट थीम थी। इसलिए नॉर्थ ईस्ट का पटका मेहमानों को दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्री, गणतंत्र दिवस के दोनों यूरोपीय यूनियन के नेता, जो मुख्य अतिथि थे, विभिन्न देशों के राजदूत और राजनयिकों समेत सभी वीवीआईपी मेहमानों को यह पटका द‍िया गया। सभी ने सम्मान स्वरूप उस पटके को पूरे कार्यक्रम के दौरान अपने कंधों पर रखा, लेकिन राहुल गाँधी ने एक बार भी इसे नहीं पहना। वे ऐसा करने वाले एकमात्र मेहमान थे।

No comments: