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रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम में 3.5 एकड़ जमीन रिश्वत में मिली, सोनिया गाँधी के दामाद होने का फायदा: ED, संपत्ति छिपाने में कांग्रेस MP प्रियंका वाड्रा भी नपेंगी?

                               कांग्रेस सांसद पत्नी प्रियंका के साथ रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो, साभार: न्यूज18)
जब से हरियाणा से कांग्रेस सत्ता गयी है तब से आज तक कोई रॉबर्ट वाड्रा ने कोई भूमि सौदा नहीं किया, ये अपने आपमें बहुत बड़ी खबर है। दूसरे यह कि आखिर चुनाव दिनों में ही क्यों घोटालों सामने आते हैं? शेष दिनों में क्या ED और अन्य संस्थाएं आराम फरमाने चली जाती हैं? इतने सालों में अभी कोई सख्त कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की? अगर यही घोटाला किसी आम नागरिक किया होता क्या उसका केस भी इसी तरह तारीख पे तारीख मिल रही होती?     

कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम में 3.5 एकड़ जमीन रिश्वत में मिली थी। बाद में यह जमीन वाड्रा ने 58 करोड़ रुपए में रियल एस्टेट कंपनी DLF को बेच दी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया है।

यह जमीन गुरुग्राम के सेक्टर 83 में है। वाड्रा ने जमीन के बदले 7.5 करोड़ रुपए भुगतान का दावा किया था। लेकिन यह चेक कभी क्लियर ही नहीं हुआ। चार्जशीट में कहा गया है कि सोनिया गाँधी के दामाद होने का फायदा वाड्रा को मिला। इसके कारण हरियाणा के तत्कालीन कांग्रेसी  मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा उनके प्रभाव में थे।

रॉबर्ट वाड्रा पर ED की चार्जशीट

ED ने 17 जुलाई 2025 को यह चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें कहा गया है कि ओंकारेश्वर प्रॉप्रटीज प्राइवेट लिमिटेड (OPPL) ने जमीन स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (SLHPL) को रिश्वत के तौर पर दी थी ताकि SLHPL के निदेशक रॉबर्ट वाड्रा अपनी व्यक्तिगत पहुँच का इस्तेमाल कर हरियाणा के तत्कालीन ‘नगर एवं ग्राम नियोजन’ मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से OPPL को उसी गाँव में हाउसिंग लाइसेंस दिला सकें।

इससे पहले ED ने बताया था कि उन्होंने वाड्रा से जुड़ी 37 करोड़ रुपए की संपत्तियाँ अटैच की थी। इसमें वाड्रा और 10 अन्य लोगों पर 58 करोड़ रुपए की ‘अपराध की कमाई’ को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद करने का आरोप है।

प्रियंका गाँधी तक पहुँची जाँच की आँच

इस मामले में वायनाड की सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा तक भी जाँच की आँच पहुँच गई है। ED की चार्जशीट में फरीदाबाद के अमीपुर गाँव में 39.7 एकड़ की 3 हाई-वैल्यू संपत्तियों का जिक्र है, जिनकी जानकारी प्रियंका ने चुनावी हलफनामे में नहीं दी है। यह मामला केरल हाई कोर्ट में है और अदालत ने नोटिस भी जारी किया है। गौरतलब है कि चुनावी हलफनामे में झूठी या अधूरी जानकारी देने को ‘भ्रष्ट आचरण’ के तौर पर देखा जाता है और इसमें अयोग्यता और जेल की सजा हो सकती है।

कैसे खुला रॉबर्ट वाड्रा का फर्जीवाड़ा?

ED की जाँच के दौरान हरियाणा सरकार के अधिकारियों और OPPL के प्रमोटरों सहित कम से कम 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इन लोगों ने शुरू में दावा किया था कि वाड्रा ने जमीन के लिए 7.5 करोड़ रुपए का भुगतान किया था, लेकिन ED ने इस बयान को झूठा बताया है।

ED ने गुरुग्राम पुलिस से वाड्रा के इस कथित भुगतान की जाँच करने को कहा। जाँच में पुलिस उपायुक्त ने पाया कि SLHPL ने OPPL से 3.53 एकड़ ज़मीन 12 फरवरी 2008 को सेल डीड नंबर 4928 के जरिए खरीदी थी। कागजों में दिखाया गया कि भुगतान चेक नंबर 607251 से किया गया है, लेकिन यह चेक कभी क्लियर ही नहीं हुआ। इसके 6 महीने बाद एक और चेक से रकम दी गई।

यह चेक Skylight Realty Pvt Ltd (SLRPL) का था, न कि खरीददार कंपनी SLHPL का। SLHPL की पूँजी केवल 1 लाख थी और SLRPL के खाते में भी 7.5 करोड़ रुपए नहीं थे। 45 लाख का स्टांप ड्यूटी भी बेचने वाले ने दी थी, न कि वाड्रा की कंपनी ने। ईडी के अनुसार, रजिस्ट्री में झूठा भुगतान दिखाकर सौदा बेनामी तरीके से किया गया।

कर्नाटक : सिद्धारमैया के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष खरगे परिवार जमीन घोटाले के घेरे में, क्या लौटाएंगे आवंटित भूमि? क्या कांग्रेस भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गयी है?

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का परिवार जमीन घोटाले के घेरे में आ गया है। मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA- मुडा) जमीन घोटाला मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर शिकंजा कसना शुरू ही हुआ था कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का परिवार जमीन आवंटन के नए विवाद में घिर गया। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने कहा है कि खरगे के बेटे राहुल खरगे को नियमों को ताक पर रखकर जमीन दी गई है।

बीजेपी सांसद लहर सिंह सिरोया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जमीन आवंटन मामले को उठाते हुए कहा है कि राहुल खरगे की अध्यक्षता वाले सिद्धार्थ विहार एजुकेशन ट्रस्ट को बेंगलुरु के पास हाईटेक डिफेंस एयरोस्पेस पार्क में 5 एकड़ जमीन दी गई है। सिरोया ने आवंटन पर सवाल उठाते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग, भाई-भतीजावाद और हितों का टकराव बताया है।

बीजेपी सांसद सिरोया ने आवंटन पर हैरानी जताते हुए कहा है कि खरगे परिवार कब एयरोस्पेस उद्यमी बन गया जिससे वह कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (केआईएडीबी) जमीन का पात्र हो गया? क्या यह मामला सत्ता के दुरुपयोग, भाई-भतीजावाद और हितों के टकराव से जुड़ा हुआ है? उन्होंने कहा है कि एक समाचार रिपोर्ट से पता चलता है कि खरगे के परिवार द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को बेंगलुरु के पास हाईटेक डिफेंस एयरोस्पेस पार्क में एससी कोटे के तहत पांच एकड़ जमीन दी गई है।

बीजेपी सांसद ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि ट्रस्ट के ट्रस्टी में खुद खरगे, उनकी पत्नी राधाबाई खरगे, उनके दामाद और गुलबर्गा से सांसद राधाकृष्ण डोड्डामणि, उनके मंत्री बेटे प्रियंक खरगे और एक अन्य बेटे राहुल खरगे शामिल हैं।

बीजेपी सांसद सिरोया ने सवाल उठाया है कि उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने मार्च 2024 में इस आवंटन के लिए अपनी सहमति कैसे दे दी? केआईएडीबी भूमि का पात्र होने के लिए खरगे परिवार एयरोस्पेस उद्यमी कब बन गया? इस कथित अवैध आवंटन का मामला राजभवन तक पहुंच गया है। क्या खरगे परिवार को यह जमीन छोड़नी पड़ेगी, जैसे सिद्धरमैया को मैसूर में विवादास्पद MUDA जमीन को छोड़ना होगा। क्या इस आवंटन की जांच की जाएगी?

सांसद सिरोया के आरोप के बाद ये मामले सुर्खियों में आ गया है। लोग इसी पर चर्चा कर रहे हैं।

झारखंड : फरार हो गए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या हो गया अपहरण? दिल्ली आवास पर डेरा डाल कर बैठी है ED

क्या झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घोटाला कर के फरार हो गए हैं? कम से कम मीडिया में तो यही चल रहा है। साथ ही भाजपा का भी यही आरोप है। ED (प्रवर्तन निदेशालय) जमीन घोटाले में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जाँच चल रही है। अब ED उनसे दोबारा पूछताछ करने के लिए उन्हें खोज रही है। खबर है कि वो मिल ही नहीं रहे हैं। उन्हें पेश होने के लिए बुधवार (31 जनवरी, 2024) तक का समय दिया गया है। उनके दिल्ली स्थित आवास पर एजेंसी के अधिकारी डेरा डाले हुए हैं।

झारखंड में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी ने भी इसे लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “ED अधिकारियों के डर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लापता होने की सूचना समाचार चैनलों के माध्यम से प्राप्त हो रही है। अगर इस खबर में सत्यता है तो यह झारखंड के लिए संवैधानिक संकट की स्थिति है। महामहिम CP राधाकृष्णन से निवेदन है कि वो मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को तलब कर जाँच एजेंसी से भागने का कारण पूछें।”

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की साख और प्रतिष्ठा दाँव पर है। उन्होंने कहा कि अपनी इन हरकतों से हेमंत ने उनके जनजातीय समाज की प्रतिष्ठा और गौरव को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। साथ ही उन्होंने झारखंड के DGP से जवाब माँगा कि CM हेमंत सोरेन सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर रात को कैसे बाहर निकल कर भाग सकते हैं? उन्होंने की सुरक्षा में लगे कर्मियों को बर्खास्त करने की माँग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत सुरक्षित रूप से पेश किया जाना चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने पूछा कि आखिर एक राज्य का मुख्यमंत्री भगोड़ा कहलाने का पाप कैसे कर सकता है? उन्होंने इसे शर्मनाक करार दिया। वहीं गोड्डा के सांसद एवं भाजपा नेता निशिकांत दुबे भी इस मामले में मुखर हैं। डॉ दुबे ने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि झारखंड सरकार का महाधिवक्ता मेरे झारखंड की आन बान और शान वीर शिबू सोरेन जी के बेटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को भगोड़ा घोषित कर देगा। आज मेरी बात सही साबित होती दिख रही है।”

निशिकांत दुबे ने कहा कि मीडिया के ख़बरों के अनुसार या तो हेमंत सोरेन जी भाग गए दिल्ली से या तो बीमार हो गए या तो अपहरण हो गया। उन्होंने झारखंड के राज्यपाल CP राधाकृष्णन से माँग की कि सीएम के सुरक्षा अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड का नाक कट गया। हेमंत सोरेन को अब तक 10 बार समन भेजा जा चुका है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके साथ पूछताछ जारी होने की बात भी कही जा रही है।


सरकार ने दलितों को दी जमीन, मुस्लिमों ने कर लिया कब्जा: कोर्ट में जीत के बाद भी झारखंड में नहीं हो रही सुनवाई, पुलिस आती है तो भगा देती हैं औरतें

झारखंड के गिरडीह में मुस्लिमों पर दलितों की जमीन जबरन कब्ज़ाने का आरोप (साभार: Youtube/ Raftaar Media)
झारखंड के गिरडीह जिले में दलित समुदाय के लोगों ने अपनी जमीन पर अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया है। प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में दलितों ने मुस्लिम पक्ष पर अपनी जमीनें हड़पने की शिकायत की है। अपनी जमीनों को वापस पाने के लिए पीड़ित परिवार 12 सितंबर से DC (जिला उपयुक्त) ऑफिस पर धरना दे रहे हैं जो अब तक जारी है। इन सभी पर अब रोजी-रोटी का भी संकट आ गया है। भाजपा ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय भाजपा नेता ने बताया कि धरना अभी भी जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला गिरडीह जिले के जमुआ प्रखंड का है। यहाँ डीसी ऑफिस पर धरना दे रहीं सावित्री भारती, जीरा देवी, गुलाबी देवी आदि ने बताया कि साल 1986-87 में तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा नावाडीह के कुछ दलित परिवारों को को जमुआ अंचल में 11 हजार एकड़ भूमि रहने के लिए आधिकारिक तौर पर दी गई थी। शुरुआत में पीड़ितों ने वहाँ पेड़-पौधे लगाए। नियमित तौर पर जमीन की रसीद भी कटवाई।

गिरिडीह: दलितों की जमीन पर मुस्लिमों का कब्ज़ा

इस बीच अब्दुल, मशरफ़, खलील, हामिद, अलीबख्श आदि ने उस जमीन पर जबरन कब्ज़ा कर लिया। आरोपितों ने पीड़ितों को मारा-पीटा और गालियाँ दे कर भगा दिया। इसकी शिकायत पीड़ितों ने कई बार पुलिस से की लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ितों का कहना है कि लगभग 37 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक उनको वहाँ बसाया नहीं जा सका है। आखिरकार सभी पीड़ित कोर्ट की शरण में गए। साल 2016 में यह जमीनी विवाद गिरडीह के उपायुक्त की अदालत तक पहुँच गया। इस मुक़दमे में दलित पक्ष की तरफ से मोहन तुरी थे जबकि मुस्लिम पक्ष का नेतृत्व खलील मियाँ कर रहे थे। 3 साल तक चले मुकदमे में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें दीं और अपने कागजात पेश किए। आखिरकार 3 साल के बाद 2019 में उपायुक्त की अदालत ने मोहन तुरी के पक्ष में फैसला सुनाया और खलील मियाँ के दावे को अवैध घोषित कर दिया।
पीड़ितों का आरोप है कि साल 2019 में उन्हें मुकदमे में जीत हासिल होने के बावजूद 4 साल बाद तक प्रशासन उनको उनकी जमीन पर कब्ज़ा नहीं दिला पाया है। मुकदमे में जीती गई जमीन पर कब्ज़े से वंचित दलित परिवारों ने आखिरकार एक बार फिर से गिरडीह उपायुक्त से 12 सितंबर, 2023 को गुहार लगाई। उनकी माँग थी कि पुलिस बल लगा कर जमीन की पैमाइश करवाई जाए और अवैध कब्जेदारों को हटा कर उन सभी को मालिकाना हक दिया जाए। जब पीड़ितों की सुनवाई नहीं हुई तब पीड़ितों ने उपयुक्त कार्यालय पर ही धरना शुरू कर दिया।
पीड़ित परिवारों की सँख्या 11 है। 12 सितंबर से धरने के बाद जब लगभग 1 माह तक उनकी कोई सुध लेने नहीं आया तो पीड़ित परिवारों ने धरनास्थल पर ही अपनी रोजी-रोटी के काम शुरू कर दिए। पीड़ित परिवारों का कहना है कि जल्द ही उनके दीपावली और छठ जैसे त्योहार आ रहे हैं। ऐसे में उन सभी के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार का गुजरा करने के लिए मंगलवार (10 अक्टूबर, 2023) से पीड़ित परिवार DC ऑफिस पर ही सूप और टोकरी बनाने लगा है। पीड़ितों का कहना है कि वो अपनी रोजी-रोटी कमाते हुए धरना जारी रखेगें।
भाजपा के चंदनक्यारी से विधायक अरुण कुमार ने ऐसी घटनाओं को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन से दोषियों को चिह्नित कर के कार्रवाई की माँग की है। भाजपा MLA के अनुसार इससे पहले भी पलामू में विशेष समुदाय के द्वारा महादलित परिवारों को उनके घर से बेघर करने की घटना हो चुकी है।

दी जाती है हत्या की धमकी

ऑपइंडिया ने इस मामले में स्थानीय भाजपा नेता कामेश्वर पासवान से बात की। कामेश्वर ने हमें बताया कि जिस स्थान पर मुस्लिम पक्ष ने अवैध कब्ज़ा किया है, वहाँ से कई बार पुलिस को भगाया जा चुका है। पुलिस को भगाने में मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल थीं। बकौल कामेश्वर उस जगह पर मुस्लिमों ने अवैध तौर पर मकान भी बनवा लिए हैं जिसे हटाने की बात करने पर खुलेआम मर्डर होने की धमकी दी जाती है।
29 अगस्त, 2022 को झारखंड के पलामू में 50 महादलित परिवारों ने मुस्लिम भीड़ पर अपनी पिटाई कर के जमीन को जबरन कब्ज़ाने का आरोप लगाया था। तब जिस जगह पीड़ित परिवार 40 वर्षों से रहने का दावा कर रहे थे, उसे मुस्लिम पक्ष अपने मदरसे की जमीन बता रहा था। उस समय पीड़ित परिवारों ने पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप लगाया था।

2022 में आम आदमी पार्टी रही ‘करप्ट पार्टी ऑफ द ईयर’


वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ‘करप्ट पार्टी ऑफ द ईयर’ रही। देश से भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में धंस गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल की हवा खा रहे हैं। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसी बीच कट्टर ईमानदारी का प्रमाणपत्र देने वाले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरते जा रहे हैं। केजरीवाल पर 25.93 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले में मुख्य सचिव को जांच का आदेश दिया है। आम आदमी पार्टी में एक के बाद एक कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, रिश्वत और हिंसा फैलाने के आरोप लगे और इस मामले में गिरफ्तारी हुई और जेल की सजा भी हुई। 2022 की बात करें तो केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के 10 से अधिक नेताओं पर भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोप लगे, गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई अथवा जेल की सजा हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हवाला मामले में ED ने किया गिरफ्तार

मई 2022
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को हवाला लेनदेन मामले में मई 2022 में गिरफ्तार किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किया और फिलहाल वे जेल में हैं। ED के मुताबिक, जांच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। ईडी ने उल्लेख किया कि इस रकम का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद को लिए गए कर्ज की अदायगी के लिए किया गया था। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी का मामला अगस्त 2017 में सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज एफईआआर से उपजा है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर समेत 31 ठिकानों पर सीबीआई का छापा
अगस्त 2022
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी घोटाले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आईएएस अधिकारी ए गोपीकृष्ण के घरों समेत 31 जगहों पर छापे मारे। इनमें कई कारोबारी संस्थान व गोपीकृष्ण के दो सहयोगी अफसरों के ठिकाने भी शामिल हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर ब्यूरो ने इस घोटाले 
में 17 अगस्त को सिसोदिया समेत 15 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली के अलावा छह राज्यों में लखनऊ, गुरुग्राम, मुंबई, चंडीगढ़, हैदराबाद व बंगलूरू में छापे मारे गए। सिसोदिया पर राजकोष को नुकसान पहुंचाने व शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ देने के आरोप हैं। छापे की जद में आए दिल्ली के पूर्व आबकारी आयुक्त गोपीकृष्ण 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने दिल्ली की 2021-22 की आबकारी नीति में गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए नामजद अधिकारियों समेत 11 को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि 2017-18 से 2021-22 के बीच शराब बिक्री से राजस्व में 567.98 करोड़ रुपये की कमी आई।
केजरीवाल ने पत्नी के जरिए भूखंड बेचने में किया भ्रष्टाचार, जांच के आदेश
सितंबर 2022
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी भ्रष्टाचार के मामले में खुद घिरते जा रहे हैं। केजरीवाल पर 25.93 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी करने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच का आदेश दिया है। दरअसल दिल्ली लोकायुक्त को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ एक शिकायत मिली है। इसमें दावा किया गया है कि केजरीवाल ने हरियाणा के भिवानी में स्थित तीन शहरी वाणिज्यिक भूखंडों (प्लॉटों) को 15 फरवरी, 2021 को 4.54 करोड़ रुपये में बेचा और कागजों पर इनकी कीमत मात्र 72.72 लाख रुपये दिखाया। साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल की मदद से तीन भूखंडों को क्रमशः 1.53 करोड़ रुपये, 1.87 करोड़ रुपये और 1.14 करोड़ रुपये की बाजार दर पर बेचे, लेकिन बिक्री विलेख में उल्लिखित 8,300/वर्ग गज की दर से अधिक राशि नकद में प्राप्त की। 
दिल्ली के लोकायुक्त ने 28 अगस्त, 2022 को उपराज्यपाल सक्सेना को सीएम केजरीवाल के खिलाफ यह शिकायत भेजी थी। शिकायत में लिखा था कि केजरीवाल ने सरकारी खजाने को स्टांप ड्यूटी के मामले में 25.93 लाख और कैपिटल गैन टैक्स में 76.4 लाख रुपये का धोखा दिया है। शिकायतकर्ता ने तीन बिक्री के कागजात भी साथ में भेजे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह “दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ स्टांप शुल्क, आयकर, पूंजीगत लाभ कर और जालसाजी की चोरी का स्पष्ट मामला है”। शिकायत में एलजी से संबंधित एजेंसियों की मदद से मामले की जल्द से जल्द जांच कराने का आग्रह किया गया है।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला भ्रष्टाचार में गिरफ्तार
मई 2022
मार्च 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को अपनी कैबिनेट से हटा दिया। उन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद पंजाब पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। करीब 10 वर्ष पहले विजय सिंगला आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में डॉ. विजय सिंगला ने मानसा से प्रसिद्ध गायक और कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला को 60,000 से अधिक वोटों से हराया था। सिंगला की गिरफ्तारी के बाद भगवंत मान ने अपने को पाक-साफ और ईमानदार बताते हुए कहा कि मेरे ध्यान में एक केस आया। इस केस में मेरी सरकार का मंत्री शामिल था। एक ठेके में मेरी सरकार का मंत्री 1 फीसदी कमीशन मांग रहा था। इस केस का सिर्फ मुझे पता था। इस केस को दबाया जा सकता था। लेकिन ऐसा करना पंजाब की जनता के साथ धोखा होता। इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया।
40 करोड़ के बैंक घोटाले में आप विधायक जसवंत सिंह पर सीबीआई का छापा
मई 2022
सीबीआई ने पंजाब के AAP विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा के परिसरों पर छापेमारी की। माजरा पर बैंक के साथ 40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। सीबीआई ने पंजाब के संगरूर में तीन जगहों पर आम आदमी पार्टी के विधायक जसवंत सिंह से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। माजरा अमरगढ़ से विधायक हैं। बताया जाता है कि बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर जसवंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने 94 साइन किए हुए ब्लैंक चेक और कई आधार कार्ड बरामद किए हैं। 40 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी माजरा से जुड़े परिसरों से 16.57 लाख रुपये, 88 विदेशी नोट, संपत्ति के कुछ दस्तावेज, कई बैंक खाते और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए।
आप विधायक बलबीर सिंह को पत्नी, बेटी और बेटे समेत 3 साल की जेल
मई 2022
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक बलबीर सिंह, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे को कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है। मामला 11 साल पुराना है। पंजाब के पटियाला (ग्रामीण) से विधायक बलबीर सिंह और अन्य पर उनकी एक रिश्तेदार पर हमला करने का आरोप है। हालांकि, अदालत ने बलबीर सिंह, उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, बेटे राहुल और एक अन्य व्यक्ति को सजा सुनाने के बाद जमानत दे दी। आप विधायक के खिलाफ मामला 2011 में उनके परिवार और उनकी पत्नी की बहन परमजीत कौर के बीच झगड़े से संबंधित है, जिनका विधायक के परिवार के साथ भूमि विवाद था। चारों को आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने), धारा 324 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने), धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने) और आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अपराध के लिये सजा सुनाई गई।
दिल्ली पुलिस ने AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया
मई 2022
दिल्ली पुलिस ने ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया। उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में गिरफ्तार किया गया। दरअसल दिल्ली के नगर निकायों ने विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। इस दौरान मदनपुर खादर इलाके में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन में अमानतुल्लाह खान भी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि मदनपुर खादर इलाके में स्थानीय लोगों ने बुलडोजर को रोकने की कोशिश की और सुरक्षा कर्मियों पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने अमानतुल्लाह खान समेत कई अन्य को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने मदनपुर खादर और धीरसेन मार्ग पर से अवैध और अस्थायी ढांचों को हटाया जबकि उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने रोहिणी और करोल बाग इलाके में कार्रवाई की। दिल्ली के तीनों नगर निगमों- एसडीएमसी, एनडीएमसी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में बीजेपी का शासन है।
रिश्वत लेने के मामले में AAP की निगम पार्षद को CBI ने किया गिरफ्तार
फरवरी 2022
मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी समेत गिरफ्तार किया है। सीबीआई के मुताबिक उसका सहयोगी उसके ऑफिस के पास ही मूंगफली बेचने का काम करता है। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत और उसका सहयोगी बिलाल शामिल है। सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। आरोप है कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत मांगी। यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता को कहा गया कि वह यह रकम उसके ऑफिस के पास मूंगफली आदि बेचने वाले बिलाल को दे दे। सूचना के आधार पर सीबीआई ने मामले की आरंभिक जांच की। इस जांच के दौरान जब आरंभिक तौर पर यह पाया गया कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई है तो सीबीआई ने रंग लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को रिश्वत देने भेजा। इसके बाद रिश्वत ले रहे बिलाल और निगम पार्षद गीता रावत को गिरफ्तार कर लिया गया।
AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह को 7 साल की जेल
अप्रैल 2022
आम आदमी पार्टी से जुड़ी गुरुग्राम की पूर्व पार्षद निशा सिंह को एक अदालत ने 7 साल की सजा सुनाई। दरअसल निशा सिंह पर 2015 में एक भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस टीम पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला कर दिया था। यह पुसिल टीम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शहर के सेक्टर-47 स्थित झीमर बस्ती गई हुई थी। 7 साल पहले हुई इस घटना में 17 लोगों को सजा सुनाई गई है, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं। पार्षद निशा सिंह के अलावा बाकी सभी ग्रामीण महिलाएं हैं। पूर्व पार्षद निशा सिंह ने राजनीति में कदम रखने के लिए प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी। 2011 में उन्होंने गुरुग्राम नगर निगम का चुनाव निर्दलीय लड़ा और वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन कर लिया और 2016 तक पार्षद रहीं। 15 मई 2015 को हुई इस झड़प के बाद पार्षद सिंह को 18 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद से ये लोग बेल पर बाहर थे, लेकिन अदालत के आदेश के बाद घटना के सभी आरोपियों को भोंडसी जेल भेज दिया गया।
पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर घसीटने वाला AAP नेता युवराज सिंह जडेजा गिरफ्तार
अप्रैल 2022
ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर बिठाकर घसीटने के आरोप में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता युवराज सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया गया। जडेजा आप पार्टी के यूथ विंग के नेता हैं। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी 5 अप्रैल 2022 को हुई। जडेजा की गिरफ्तारी गांधी नगर पुलिस ने की। पुलिस ने कोर्ट से आरोपित आप नेता का रिमांड नहीं मांगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया गया। जडेजा के साथ उनका एक साथी भी जेल भेजा गया। जडेजा पर IPC की धारा 332 (ऑन ड्यूटी स्टॉफ पर हमला करने) और 307 (जान से मारने के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया।
अहमदाबाद नगर अध्यक्ष जयंतीलाल मेवाड़ा के खिलाफ कोर्ट में शिकायत
अगस्त 2022
आम आदमी पार्टी के अहमदाबाद शहर अध्यक्ष के खिलाफ अरावली कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई है। कलोल निवासी विरल गिरी गौस्वामी ने मोडासा कोड में शिकायत दर्ज कराई है। नगर अध्यक्ष जयंतीलाल मेवाड़ा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा कि जयंतीलाल मेवाड़ा ने अपनी ड्यूटी के दौरान 300 करोड़ के भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति खरीदी। अरावली जिले के बैद तालुका में 24 संपत्तियां खरीदीं। जयंतीलाल मेवाड़ा एक सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक हैं। मोडासा कोर्ट में जयंतीलाल, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी समेत 6 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। जयंतीलाल मेवाड़ा वर्तमान में आप की ओर से घोषित असरवा विधानसभा उम्मीदवार हैं।
केजरीवाल के भ्रष्टाचार, वृक्षारोपण की आड़ में घोटाला
सितंबर 2022
दिल्ली में एक के बाद एक कई घोटालों को अंजाम देने के बाद अब वृक्षारोपण घोटाला सामने आया है। इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में वृक्षारोपण में ‘वित्तीय अनियमितताओं’ पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर यह पूछा है कि पिछले पांच साल में कितने और किस प्रकार के पौधे लगाए गए और उन पर कितना खर्च हुआ है। अदालत को यह बताया गया कि सरकारी एजेंसियां केवल यह लक्ष्य रखती हैं कि पेड़ कितने लगाए गए जबकि पर्यावरण संबंधी लक्ष्य उनके एजेंडे से नदारद रहता है। यानी लगाए गए पौधे बचे हैं या नहीं और प्रदूषण को कम करने में इन पौधों का क्या रोल है, इसकी खोज खबर कोई नहीं लेता है। कैग की रिपोर्ट में भी दिल्ली में पौधारोपण में घोर अनियमितता और मृतप्राय दिल्ली ट्री अथारिटी पर प्रकाश डाला गया है।