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राजस्थान : आतंकी मौलवी के फोन से मिले मजहबी कट्टरता बढ़ाने वाले 3 लाख फोटो, TTP के लिए बनाए स्लीपर सेल; नेता का चोला ओढे आतंकवाद समर्थको को भी गिरफ्तार करना चाहिए

                                             मौलवी ओसामा (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)
भारत में जो कहते हैं कि सरकार आतंकियों का मजहब देख कार्यवाही कर रही है। अब कोई उनसे पूछे कि जब पकडे ही एक ही मजहब से जा रहे हैं क्या अपनी आँखों पर पट्टी बांध ले? बेशर्मी से कहते है कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। अगर आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता सरकार को कहे कि आतंकवादियों को दफ़नाने की बजाए पंच तत्वों में विलीन करना चाहिए। आखिर अपनी कुर्सी की खातिर क्यों देश की शांति को भंग किया जा रहा है? अगर इन मुस्लिम कट्टरपंथियों और आतंकवाद समर्थकों पर केंद्र सरकार कब कार्यवाही करेगी? देश से आतंकवाद को समाप्त करने के लिए आतंकवादियों के साथ-साथ आतंकवाद को समर्थन देने वालों को भी आतंकवाद के भागीदार मान गिरफ्तार कर जेलों में डालना ही नहीं इनके बैंक अकाउंट भी फ्रीज़ करने होंगे। ये भी नेता का चोला ओढे किसी स्लीपर सेल से कम नहीं।     

चौव्वन वर्ष पूर्व (1958) महान राष्ट्रभक्त कवि प्रदीप ने साफ शब्दों में सीधी चेतावनी देते हुए इस अमर गीत की रचना की थी। जो तत्कालीन नेहरु सरकार को यह चेतावनी रास नहीं आयी थी, अतः गीत पर प्रतिबंध लगा दिया गया था 1965 में पाक के नापाक हमले से आँखें खुली तो गीत से भी प्रतिबन्ध हटा था सुनिए और सोचिये की आज भी कितना प्रासंगिक है

राजस्थान के जालोर से गिरफ्तार किया गया मौलवी ओसामा उमर आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए स्लीपर सेल तैयार कर चुका था। आतंकी ने कई युवाओं को जिहाद की ट्रेनिंग दी थी। पुलिस ने उमर के डिलीट किए गए मोबाइल व सोशल मीडिया अकाउंट से 3 लाख फोटो रिकवर किए हैं।

 ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट को मुताबिक, मौलवी ने पकड़ने जाने से पहले अपने फोन का सारा डेटा डिलीट कर दिया था। जिसे एफएसएल की टीम ने रिकवर किया गया है। टीम द्वारा रिकवर किए गए 3 लाख से अधिक फोटो मजहबी कट्टरता को बढ़ाने वाले थे। मोबाइल की FSL रिपोर्ट से पता चला है कि करीब 4 वर्षों से ओसामा आतंकी संगठन के टच में था।

सैफुल्लाह से प्रभावित मौलवी जाने वाला था अफगानिस्तान

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी मौलवी लश्कर के आतंकी सैफुल्लाह के वीडियो देखता था और उससे प्रभावित था। वह सैफुल्लाह के कुछ रिश्तेदारों के संपर्क में भी था और लोगों का ब्रेनवॉश करने से उनसे वॉयस मेसेज के जरिए लोगों की बात भी करवाता था।

बीते 4 नवंबर को ओसामा को पकड़ा गया और पूछताछ में पता चला कि वह 8 नवंबर को दुबई जाने की तैयारी में था और वहाँ से उसे अफगानिस्तान जाना था। इसके बाद उसे टीटीपी के जिहादी कैंप में आतंकवाद की ट्रेनिंग लेनी थी। आतंकी ट्रेनिंग के बाद जब वह भारत लौटता तो यहाँ आकर उसने अपने स्लिपर सेल को एक्टिवेट करने का प्लान बनाया था। ओसामा के कब्जे से अफगानिस्तान की एक सिम भी मिली है और जाँच एजेंसियाँ पता लगा रही हैं कि उसके पास तक सिम कैसे पहुँची थी।

सैफुल्लाह के कई रिश्तेदार जो अभी लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडरों में हैं, उनसे भी ओसामा टच में था। जिन लोगों को ब्रेनवॉश करना होता था, उनकी उनसे वॉयस मैसेज के जरिए बात करवाता था। ATS ने चारों को डीरेडिकलाइज टीम के पास भेजा है। यह टीम कट्टर सोच से बाहर निकलने में मदद करती है। इसमें मौजूद लोग कट्टरपंथी की काउंसलिंग करते हैं।

राजस्थान : गैंगरेप के बाद ज़िंदा बच्ची को भट्ठी में डाल कर जलाया… 400 पन्नों की चार्जशीट से खुलासा

                             जिन्दा जला दी गई थी नाबालिग गैंगरेप पीड़िता: राजस्थान पुलिस (साभार-TOI)
राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित नरसिंगपुर में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार (2 सितंबर, 2023) को चार्जशीट दायर किया जिसमें पता चला कि 14 वर्षीय लड़की को जब कोयले की भट्टी में जलाया गया था तब वह जीवित थी। चार्जशीट के अनुसार, लगभग एक महीने के बाद उसके अवशेष राजस्थान के भीलवाड़ा में एक कोयला भट्ठी के अंदर पाए गए थे। नाबालिग के साथ गैंगरेप के बाद जिन्दा जला दिया गया था। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 400 पृष्ठों से अधिक लम्बी चार्जशीट में 11 अपराधियों में से 9 के नाम शामिल हैं। जिसे जाँच अधिकारी (आईओ) और कोटारी डिप्टी पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर बिश्नोई द्वारा शाहपुरा जिले में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अदालत में प्रस्तुत किया गया था। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि अपराध में शामिल दो किशोरों के खिलाफ अलग से आरोप पत्र दायर किया जाएगा।

14 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप के बाद न सिर्फ उसकी हत्या कर दी गई, बल्कि शव को कोयले की भट्ठी में डाल कर जला दिया गया था। घटना 2 अगस्त को भीलवाड़ा के कोटारी की है, जो अब शाहपुरा जिले का हिस्सा है जबकि इसके बारें में पता 3 अगस्त को लगा था। वहीं इस मामले में राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इस भयानक घटना ने जाँच अधिकारी को बहुत मुश्किल में डाल दिया था। यह अपनी तरह का एक कठिन मामला है। 

क्योंकि, नाबालिग किशोरी के कुछ जले हुए शरीर के हिस्सों को भट्टी से निकाला गया था, जबकि अन्य को इधर-उधर ले जाकर फेंक दिया गया था, जिन्हें खोजने और सावधानीपूर्वक एकत्र करने और गहन फोरेंसिक जाँच में पुलिस को बहुत ही कठनाई का सामना करना पड़ा। 

इस मामले में दूसरी बड़ी कठिनाई वैजाइनल स्वाब सैंपल के अभाव में सामूहिक बलात्कार को साबित करना था। पुलिस टीम ने अपराध को साबित करने के लिए फोरेंसिक पेशेवरों से आरोपितों के नमूने इकट्ठा करने में सहायता माँगी। सभी साक्ष्यों के आलोक में यह साबित किया गया कि पीड़िता को आग में जलाने से पहले पेट्रोलियम आदि ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया था।

पूरा मामला 

राजस्थान के भीलवाड़ा में बुधवार (2 अगस्त, 2023) को 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप कर कोयला भट्टी में जलाने का मामला सामने आया था। मृतक लड़की अपनी माँ के साथ बकरियाँ चराने गई थी। दोपहर में माँ बकरी लेकर घर वापस आ गई। लेकिन लड़की घर नहीं पहुँची थी। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी जब लड़की घर नहीं पहुँची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गाँव के खेतों से लेकर आसपास के रिश्तेदारों तक के घर तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था।
लगातार जारी तलाश के बीच रात करीब 10 बजे गाँव के बाहर कालबेलियों के डेरे के पास कोयला बनाने वाली एक भट्टी जलती दिखाई दी। चूँकि बारिश के दिनों में भट्टी नहीं जलाई जाती है। ऐसे में लोगों को शक हुआ। इस पर भट्टी के पास जाकर देखने पर वहाँ लड़की के जूते पड़े दिखाई दिए। साथ ही भट्टी में लड़की के हाथ में पहना हुआ चाँदी का कड़ा और हड्डी के टुकड़े मिले। इसके बाद ग्रामीणों कालबेलियों को पकड़कर उनसे पूछताछ की। इस पर तीन लोगों ने गैंगरेप कर भट्टी में जलाने की बात कही।
पुलिस की जाँच में यह सामने आया है कि आरोपित नाबालिग लड़की को पकड़कर दोपहर करीब 2 बजे तक उसके साथ गैंगरेप करते रहे। इसके बाद जब उसके लापता होने की सूचना फैली तो आरोपितों ने लड़की को मारने का प्लान बनाया। इसके लिए सबसे पहले उन लोगों ने अपनी पत्नियों को इसकी सूचना दी। फिर पत्नियों की सहायता से लड़की को भट्टी में डालकर जला दिया। बाद में अधजला सिर और छाती का हिस्सा भट्टी से निकाल कर तालाब में फेंक दिया। आरोपितों ने 4 महीने पहले मृतक लड़की के पिता से खेत किराए पर लिया था। इसके बाद वे वहीं झोपड़ी बनाकर रह रहे थे।

मोनू मानेसर के समर्थन में महापंचायत, कहा- गोरक्षक के परिवार को किया परेशान तो वापस नहीं जा पाएगी राजस्थान पुलिस

                                                  मोनू मानेसर के समर्थन में महापंचायत
गोरक्षक मोनू मानेसर के समर्थन में हिंदू संगठन लामबंद हो गए हैं। 21 फरवरी 2022 को हुई महापंचायत में जुनैद-नासिर केस की सीबीआई जाँच की माँग करते हुए मानेसर को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई। महापंचायत गुरुग्राम के मानेसर में हुई। इससे एक दिन पहले सोमवार को मानेसर के ग्रामीण और हिंदू संगठनों के लोगों ने सड़कों पर उतरकर मामले की सीबीआई जाँच की माँग की थी।

हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में राजस्थान के गोतस्कर जुनैद और नासिर की जली हुई लाश मिली थी। इस मामले में मोनू मानेसर को भी आरोपित किया जा रहा है। हालाँकि इस केस की जाँच कर रहे राजस्थान पुलिस के गोपालगढ़ SHO राम नरेश का एक​ स्टिंग सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि घटनास्थल पर मोनू मानेसर का लोकेशन नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने जुनैद को वांटेड बताया था।

मानेसर के भीष्म मंदिर में हुई महापंचायत में विश्व हिन्दू परिषद सहित अन्य हिन्दू संगठन और गोरक्षा से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए। महापंचायत में राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज FIR को फर्जी करार दिया गया है। मोनू मानेसर और श्रीकांत कौशिक को बेगुनाह बताया गया।

महापंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि मेवात में केवल गोतस्करी ही नहीं, चोरी और छिनतई जैसे अपराध भी आम हैं। एक वक्ता ने कहा कि पिछले कुछ सालों में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा है। इसकी वजह मोनू मानेसर और उनकी टीम है। एक अन्य वक्ता ने कहा कि हिन्दू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के कारण ही इस इलाके में हिंदू सुरक्षित हैं।

महापंचायत के एक अन्य वक्ता ने कहा कि अगर राजस्थान पुलिस ने गोरक्षकों के परिवार को परेशान किया तो वह अपने पैरों पर वापस नहीं लौट पाएगी।

महापंचायत में राजस्थान पुलिस पर भरोसा न होने का एलान करते हुए CBI जाँच की माँग की गई है। पंचायत में दूसरे आरोपित गोरक्षक श्रीकांत की पत्नी के साथ राजस्थान पुलिस की बर्बरता को भी उठाया गया है और इस मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की गई है।

भरतपुर पुलिस पर श्रीकांत की तलाश में उसके घर में घुसने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप है। इस दौरान श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट में लातने मारने और उसके कारण मृत शिशु पैदा होने का भी आरोप है। हालाँकि भरतपुर पुलिस इन आरोपों को नकार चुकी है। लेकिन मौत का कारण पता लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने नवजात शिशु का शव श्मशान से निकलवाकर डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है।

जुनैद-नासिर की लाश मिलने के बाद मोनू मानेसर ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। उसने कहा था कि घटना के दिन वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी हैं। उसका कहना था कि मेवात में गौहत्या रोकने में बजरंग दल की सर्वाधिक सक्रियता की वजह से उसका नाम घसीटा जा रहा।