Showing posts with label Amazon. Show all posts
Showing posts with label Amazon. Show all posts

करी पत्ते की आड़ में 4 महीने में 1 टन गाँजा तस्करी: जाँच में सहयोग नहीं कर रहा अमेजॉन

मध्य प्रदेश के भिंड जिला स्थित गोहद चौराहा पुलिस ने करी पत्तों की आड़ में गाँजा की तस्करी के मामले में अमेजॉन के अधिकारियों के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। आरोपितों में कंपनी के कार्यकारी निदेशक भी शामिल हैं। हाल ही में राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी बताया था कि अमेजॉन के अधिकारी जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेताया था कि अगर उनका रुख ऐसा ही रहा तो कंपनी के MD और CEO के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश पुलिस ने गोहद चौराहा पर रहने वाले पिंटू उर्फ बिजेंद्र तोमर और ग्वालियर के रहने वाले सूरज उर्फ कल्लू पवैया के पास से 21.734 किलोग्राम गाँजा जब्त किया था। इस मामले में ग्वालियर निवासी मुकुल जायसवाल और मेहगाँव के रहने वाले चित्रा बाल्मीक को भी दबोचा गया था। ये लोग करी पत्ते की आड़ में अमेजन पर गाँजे की तस्करी में लिप्त थे। गाँजा के अलावा अमेजॉन की पैकिंग के डिब्बे, रैपर और बारकोड टैगिंग जैसी चीजें भी जब्त की गई थीं।

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने अब तक 1 टन से भी अधिक गाँजे की तस्करी कर के सप्लाई की है। पूछताछ के दौरान कई जानकारियाँ सामने आईं, जिनके आधार पर पुलिस ने अमेजॉन के अधिकारियों को भी कुछ सवाल भेजे थे, लेकिन उनका संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। माजरा कुछ यूँ है कि सूरज उर्फ कल्लू पवैया और मुकुल जायसवाल ने बाबू टेक्स (Babu Tex) नाम की एक फर्जी कंपनी बना ली थी। इसके बाद इसे ASSL अमेजॉन कंपनी में सेलर के रूप में रजिस्टर कर दिया था।

फिर ये लोग ‘STEVIA’ ब्रांड बन कर अपने ग्राहकों को विशाखापट्टनम से गाँजा की तस्करी और सप्लाई करवा रहे थे। अमेजॉन ने जो दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराए हैं, उनमें और जाँच के तथ्यों में अंतर सामने आया है। इसीलिए, उनके अधिकारियों के विरुद्ध ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया। भिंड पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने कहा कि अमेजॉन इस देश से भारी कमाई कर रहा है, ऐसे में यहाँ उसकी कुछ सामाजिक जिम्मेदारी भी बनती है।

पुलिस ने बताया कि अमेजॉन के अधिकारियों के पास टीम भेजी गई थी, लेकिन इससे कुछ खास फायदा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। उनके अधिकारियों को ईमेल से नोटिस भेजी गई है। वहीं ‘अमेजॉन इंडिया’ के प्रवक्ता का कहना है कि हम जाँच के प्रति प्रतिबद्ध हैं और यहाँ के प्रशासन/एजेंसियों का पूरा सहयोग करते हैं। कंपनी ने कहा कि सूचनाएँ जुटा कर सहयोग किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस देश में जो उत्पाद प्रतिबंधित हैं, उन्हें वो बिक्री के लिए सूचीबद्ध नहीं करता है।

अवलोकन करें:- 

अमेज़न ने करी पत्ता की आड़ में 1000 किलो गाँजे की ऑनलाइन सप्लाई में 4 महीने में 1.10 करोड़ रूपए कीमत की ब

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
अमेज़न ने करी पत्ता की आड़ में 1000 किलो गाँजे की ऑनलाइन सप्लाई में 4 महीने में 1.10 करोड़ रूपए कीमत की ब

इस मामले के सामने आने के बाद व्यवसायियों की संस्था CAIT (कैट) के प्रदेश (मध्य प्रदेश) अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि अमेजॉन से कढ़ी पत्ता के नाम पर गाँजा की सप्लाई होना गंभीर बात है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। कैट मंगलवार (16 अक्टूबर) से देश भर में अमेजॉन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाएगी। इस संबंध में प्रदेश व देश के गृहमंत्री से मिलकर उच्चस्तरीय जाँच की माँग की जाएगी। अमेजॉन प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपितों ने पिछले 4 महीने में 1 टन (1,000 किलोग्राम) गाँजा की तस्करी की है।

अमेज़न ने करी पत्ता की आड़ में 1000 किलो गाँजे की ऑनलाइन सप्लाई में 4 महीने में 1.10 करोड़ रूपए कीमत की बेच डाला

अमेजॉन के जरिए गाँजा की तस्करी के मामले में तीन गिरफ्तार
 (फोटो साभार: रॉयटर्स)

ऑनलाइन शॉपिंग के लिए प्रसिद्ध अतंर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के माध्यम से गाँजा की तस्करी का मामला सामने आया है। गाँजा की तस्करी आंध्र प्रदेश से करी पत्ता की आड़ में की जाती थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही उनकी निशानदेही पर 20 किलोग्राम गाँजा भी जब्त किया है। पिछले 4 महीने में आरोपियों ने अमेजॉन के जरिए 1,000 किलोग्राम गाँजा की ऑनलाइन आपूर्ति की है, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ 10 लाख रुपये है।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने बताया, “अमेजॉन द्वारा गाँजे की तस्करी पर कार्रवाई की गई है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से गाँजा लाकर मध्य प्रदेश से अन्य स्थानों पर 2-2kg का कन्साइनमेंट बनाकर भेजा जा रहा था। कल्लू नाम के एक व्यक्ति को भिंड के छिमका स्थित गोविंद ढाबा से अरेस्ट किया गया है और पिन्टू नाम का जो ढाबा संचालक है, उसके नाम से भी अमेजॉन का कन्साइनमेंट आया था। हरिद्वार के रहने वाले मुकेश जायसवाल को वहाँ के पुलिस के माध्यम से अभिरक्षा में लिया गया है।”

एसपी मनोज सिंह ने बताया कि हर कन्साइनमेंट के साथ अमेजॉन द्वारा 67 प्रतिशत की वसूली की जाती थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अमेजॉन से जानकारी माँगी गई है और अगर उनकी संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। कल्लू ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने अमेजॉन प्लेटफॉर्म के जरिये पिछले 4 महीने में 1 टन (1,000 किलोग्राम) गाँजा की तस्करी की है। आरोपी Babu Tax नाम से एक फर्म बनाकर इसे विशाखापत्तनम में अमेजॉन के सेलर के रूप में पंजीकृत कराया था।

इस मामले पर अमेजॉन इंडिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेजॉन इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “वर्तमान में हम जाँच कर रहे हैं कि विक्रेता की ओर से नन-कम्पलाएंस का मामला तो नहीं है। हम इस मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आवश्यक और पूर्ण सहयोग देंगे।” कंपनी ने आगे कहा, “हम उन उत्पादों की लिस्टिंग और बिक्री की अनुमति नहीं देते हैं, जिन्हें भारत में बेचने के लिए कानून के तहत प्रतिबंधित किया गया है।” पूछताछ के लिए पुलिस ने अमेजॉन के स्थानीय अधिकारी को बुलाया है।

इस मामले के सामने आने के बाद व्यवसायियों की संस्था CAIT (कैट) के प्रदेश (मध्य प्रदेश) अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि अमेजॉन से कढ़ी पत्ता के नाम पर गाँजा की सप्लाई होना गंभीर बात है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। कैट मंगलवार (16 अक्टूबर) से देश भर में अमेजॉन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाएगी। इस संबंध में प्रदेश व देश के गृहमंत्री से मिलकर उच्चस्तरीय जाँच की माँग की जाएगी।

दरअसल, मध्य प्रदेश की भिंड पुलिस को अमेजॉन द्वारा गाँजा की तस्करी की सूचना मिली थी, इसके बाद भिंड के एसपी ने साइबर सेल की टीम को इस मामले की जाँच की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस मामले में ग्वालियर के मुरार निवासी कल्लू को संदिग्ध पाया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर गोविंद ढाबा से पिंटू को भी गिरफ्तार किया गया। वहाँ पुलिस ने 20 किलोग्राम गाँजा सहित अमेजॉन की पैकिंग के डब्बे, रैपर, बारकोड टैगिंग आदि सामान भी जब्त किया है।

तांडव मुद्दा : हिन्दुओं के आराध्यों का अपमान बन गया है कमाई का जरिया: इलाहाबाद हाई कोर्ट

                                तांडव मामले में अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजॉन प्राइम इंडिया की नेशनल हेड अपर्णा पुरोहित को बड़ा झटका लगा है। ‘तांडव’ वेब सीरीज (Tandav Web Series) को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में हाईकोर्ट ने अमेजॉन प्राइम की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अपर्णा पुरोहित पर यूपी पुलिसकर्मियों का गलत चित्रण, हिंदू देवी-देवताओं और प्रधानमंत्री के किरदार को गलत तरह से पेश किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने 20 पेज के आदेश में कहा, “ऐसे लोग बहुसंख्यक समुदाय के आराध्य देवी देवताओं को गलत तरह से दिखाकर इसके जरिए पैसा कमाना चाहते हैं और देश की उदार और सहिष्णु परंपरा का फायदा उठाना चाहते हैं।”

न्यायाधीश ने आगे कहा कि जब देश के किसी नागरिक द्वारा इस तरह के अपराध किए जाते हैं और इसे प्रदर्शन और सामाजिक विरोध का विषय बना दिया जाता है तो वो देख के हितों के लिए सक्रिय हो जाते हैं। इसके बाद वो इसे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाते हैं और आरोप लगाते हैं कि भारतीय नागरिक असहिष्णु हो गए हैं और ‘भारत’ रहने के लिए असुरक्षित जगह बन गया है।

 

        अपर्णा पुरोहित की जमानत याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद HC की एकल न्यायाधीश पीठ की टिप्पणी
स्टैंड-अप ‘कॉमेडियन’ मुन्नवर फारुकी, जिसे इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था और शहर में एक शो के दौरान हिंदू देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में अभद्र टिप्पणी करने के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, का संदर्भ देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि हिंदुओं के आराध्यों का अपमान कमाने के जरिया के स्रोत के रूप में उपयोग किया जाता है।

वेब सीरीज के विवादित दृश्यों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा, “विवादित दृश्यों के कारण कानून व्यवस्था के लिए खतरा फैलाने वाले हैं। हिंदू देवी देवताओं के चित्रण को सही नहीं ठहराया जा सकता है। विदेशी फिल्ममेकर्स ईसा मसीह या हजरत मोहम्मद को गलत तरीके से दिखाने से बचते हैं मगर हिंदी फिल्ममेकर्स लगातार गलत तरह से हिंदू देवी-देवताओं को अभी तक दिखा रहे हैं।”

जज ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने का यह ट्रेंड फिल्मों से लेकर कॉमेडी शो तक कैसे चला। आगे कहा गया है कि आवेदक (अपर्णा पुरोहित) ने सतर्कता नहीं बरती और गैर-कानूनी तरीके से उसे आपराधिक कार्यवाही के लिए विवश किया।

अदालत ने कहा, “हमें देखने में आया है कि कई फिल्मों में हिंदू देवी-देवताओं के नाम का उपयोग किया गया है और उन्हें गलत ढंग से दिखाया गया है जैसे ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘पीके’, ‘ओह माई गॉड’ आदि में। यही नहीं, ऐतिहासिक और पौराणिक हस्तियों की छवि भी विकृत करने के प्रयास किए गए हैं। बहुसंख्यक समुदाय की आस्था से जुड़े नामों का उपयोग पैसा कमाने के लिए किया गया है, जैसे कि ‘गोलियों की रासलीला रामलीला।” उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्म उद्योग की यह प्रवृत्ति बढ़ रही है और यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इसके भारतीय सामाजिक, धार्मिक और सांप्रदायिक स्थिति के लिए विध्वंसक परिणाम होंगे।

कोर्ट ने कहा कि उक्त मामलों से पता चलता है कि याचिकाकर्ता और अन्य सह आरोपितों के कृत्य से केवल एक व्यक्ति ही प्रभावित नहीं है, बल्कि देश भर में अनेक लोगों को लगता है कि यह वेब सीरीज उनकी भावना को ठेस पहुँचाती है। इसलिए आवेदक को किसी तरह की राहत देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो फिल्म बहुसंख्यक समुदाय के मूल अधिकारों का हनन करती है उसे प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है और याचिकाकर्ता के जीवन की स्वतंत्रता के मूल अधिकार को बचाव का आधार रखते हुए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है।

इस याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ ने कहा, एक तरफ तो गलत तरीके से किरदार दिखाने के कारण एक बड़े समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई गई है और दूसरी तरफ सवर्ण और दलित जातियों के बीच दूरी बढ़ाए जाने का काम किया है, जबकि राज्य की जिम्मेदारी समुदायों के बीच की दूसरी को कम कर सामाजिक, सांप्रदायिक और राजनीतिक तौर पर उन्हें एक कर देश को जोड़ने का काम करना है।”

अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अपर्णा पुरोहित की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। इससे पहले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखे जाने तक अपर्णा पुरोहित की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। 

गौतम बुद्ध नगर जिले में अपर्णा पुरोहित समेत अन्य के खिलाफ तांडव वेब सीरीज के प्रसारण के जरिए हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अपर्णा पुरोहित और अन्य के खिलाफ धारा 153- A (1) (B), 295- A, 505 (1) (B), 505 (2) धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पिछले दिनों अपर्णा का बयान बंद कमरे में दर्ज किया गया। लगभग साढ़े 3 घंटे तक उनका बयान दर्ज किया गया।