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पाकिस्तान की हार का ‘बदला’ भारत से लेने के लिए हिरोइन ने बांग्लादेश की टीम को दिया ऑफर; ढाका में मछली खाकर बिताएगी रात, बंगाली लड़का होगा साथ…

पाकिस्तान की एक हिरोइन है- सहर शिनवारी (Sehar shinwari)। आए दिन ऊल-जलूल ट्वीट करती रहती है। अब उसने क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत से पाकिस्तान की हार का ‘बदला’ लेने के लिए बांग्लादेश की टीम को ऑफर दिया है। इसके मुताबिक बांग्लादेश की जीत पर सहर शिनवारी ढाका जाकर बंगाली लड़के साथ रात में मछली खाएँगी।

सहर शिनवारी ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कहा है, “इंशाअल्लाह मेरे बंगाली बंदू अगले मैच में हमारा बदला लेंगे। अगर उनकी टीम भारत को हराने में कामयाब रही तो मैं ढाका जाऊँगी और बंगाली लड़के के साथ फिश डिनर डेट करूँगी।” क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत और बांग्लादेश की 19 अक्टूबर को भिड़ंत होनी है।

 इससे पहले 14 अक्टूबर को पाकिस्तान को भारत के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने उसे 7 विकेट से रौंद दिया था। वैसे विश्व कप में पाकिस्तान अब तक तीन मैचों में से केवल एक ही हारा है, लेकिन जिस तरीके से टीम प्रदर्शन कर रही है उससे उसकी क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं।

वैसे सहर शिनवारी ऐसे ट्वीट करती रहती है। 2022 में जब क्रिकेट का टी 20 वर्ल्ड कप चल रहा था तो वह अपने निकाह वाले ट्वीट को लेकर चर्चा में बनी हुई थी। उसने ट्वीट किया था, “मैं जिम्बाब्वे के लड़के से निकाह करूँगी, अगर उनकी टीम रोमांचक तरीके से अगले मैच में भारत को हरा देती है तो।” उसके बाद भी इसी तरह एक ट्वीट करते हुए उसने लिखा था, “अगर आज श्रीलंका जीत जाती है तो मैं श्रीलंकाई लड़के से निकाह करूँगी।”

अन्य देश के खिलाड़ियों से निकाह का बार-बार प्रस्ताव देने पर शिनवारी का सोशल मीडिया में खूब मजाक भी बना था। शिनवारी भारत, बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर भी अपनी नफरत दिखाती रहती है। 19 अक्टूबर 2023 को ऐसे ही एक पोस्ट में उसने कहा है, “मेरे ज्योतिषीय ज्ञान के मुताबिक, 2025 के आखिर तक कश्मीर को भारतीय कब्जे से आजादी मिल जाएगी। प्रधानमंत्री राहुल गाँधी संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में वहाँ जनमत संग्रह कराएँगे और अंततः 100% वोट भारत से आजादी के पक्ष में होगा। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ कश्मीर विश्व और OIC के नक्शे पर 59वाँ मुस्लिम मुल्क बन जाएगा।”

सहर शिनवारी पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में पैदा हुई। कोहट के शिनवारी समुदाय से उनका ताल्लुक हैं। परिवार के एक्टिंग करियर के खिलाफ होने के बाद भी साल 2014 में वो इस पेशे में आई थी। उनका पहला कॉमेडी सीरियल ‘शेर सवा शेर’ था। इंटरनेट की भाषा में कहें तो शिनवारी जो कर रही हैं, उसे ‘टट्टी पोस्टिंग’ और ‘बेटिंग’ कहा जाता है। आम तौर पर मशहूर होने के लिए, फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए या फिर किसी का रिएक्शन पाने के लिए ऐसे ट्वीट किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने के लिए यह एक आम हथकंडा है।

इस बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। पीसीबी ने ट्वीट कर कहा है, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पाकिस्तानी पत्रकारों की वीजा में देरी और मौजूदा विश्व कप 2023 के लिए पाकिस्तान फैंस के लिए वीजा पॉलिसी की गैरमौजूदगी पर आईसीसी के सामने एक और औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। पीसीबी ने 14 अक्टूबर 2023 को भारत के खिलाफ मैच के दौरान पाकिस्तानी टीम को निशाना बनाकर किए गलत व्यवहार के बारे में भी शिकायत दर्ज कराई है।”


चंपारण के मदरसे से देश विरोधी प्लानिंग, NIA ने मौलवी को दबोचा: 5 बोरी किताबें बरामद, 100 लड़कियों को दे रहा था ‘तालीम’

पूर्वी चंपारण के ढाका से मदरसे के मौलवी को NIA ने किया गिरफ्तार (फोटो साभार: TV9 भारतवर्ष)
अक्सर इस बात का उल्लेख करता रहता हूँ कि मुस्लिम कट्टरपंथी नूपुर शर्मा मुद्दे को जितना अधिक जीवित रखेंगे, उससे कहीं अधिक यह इस्लाम के लिए घातक होगा। यह कटु सच्चाई है। इसलिए यह हर शांतिप्रिय मुसलमानों का फ़र्ज़ है कि वह मुल्लावाद के खिलाफ खड़े हों। क्यों नहीं मौलवी आगे आकर नूपुर के बयान पर चर्चा करते, क्योकि इस बात को वह भी जानते हैं कि नूपुर ने किसी अपशब्द की बजाए वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा है। चर्चा यह भी है कि कट्टरवादी कोर्ट इसलिए नहीं जा अगर तीस हज़ारी कोर्ट का 31 जुलाई 1986(नीचे लिंक क्लिक करके पढ़िए) और Calcutta High Court में दर्ज कुरान की 124 आयतों के खिलाफ केस को पुनः खोल दिया वास्तव में इनके लिए घोर संकट खड़ा हो जायेगा। कोई मुस्लिम देश नहीं बोल पाएगा। वैसे भी अब तो सोशल मीडिया यानि यूट्यूब पर तो चर्चाओं में कुरान पर ही प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं, और सब मुंह में दही जमाए बैठे हैं। किसी में खंडन करने का साहस नहीं, बस शरारती तत्वों को लालच देकर डर का माहौल बनाकर अशांति फैलाते रहो। इन कट्टरपंथी मौलानाओं को इतना ज्ञान तो होना ही चाहिए कि जब 800 साल में मुग़ल आतताई हिन्दुत्व को ख़त्म करने में असफल रहे। भारत को छोड़ कहीं उनका नामलेवा नहीं, लेकिन हिन्दुत्व आज भी वही खड़ा है। 

कांवड़ यात्रा रोकने का षड़यंत्र 

कांवड़ियों के ट्रक के नीचे एक मुसलमान व्यक्ति की मौत हो जाती है जिसको लेकर बवाल खड़ा हो गया आसपास के रहने वाले मुस्लिम युवकों ने कहा कांवरियों ने जानबूझकर इस व्यक्ति को मारा है पुलिस ने सभी कांवरियों के खिलाफ तुरंत केस दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी, लेकिन भला हुआ एक बच्चे का जो एक जगह खड़ा होकर कावड़ियों की झांकी का वीडियो बना रहा था और यह घटना भी उस बच्चे के मोबाइल में कैद हो गई वीडियो जांच में सामने आया मरने वाला मुस्लिम व्यक्ति जानबूझकर कावड़ियों के ट्रक के पिछले पहिए के नीचे कूद गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देवबंद अति संवेदनशील मुस्लिम बहुल इलाका है ऐसी घटना से जातिय दंगा भड़कने की पूरी संभावना रहती है लेकिन इस बच्चे की बनी वीडियो वायरल से मामला पुलिस ने तुरंत शांत करा दिया। 

योगी सरकार को इस मृतक के परिवार को मिलने वाली सरकारी सुविधा वापस ही नहीं ली जाएं बल्कि अब तक मिल चुकी सुविधाओं को ब्याज सहित वापस लिया जाए और परिवार के बैंक खातों की जाँच करवाई जाए। क्योंकि इस लघु वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि न ट्रक ने टक्कर मारी और न ही किसी ने धक्का दिया। यह किसी षड़यंत्र के तहत किया गया है, यूँही कोई मौत के मुंह में नहीं जाता।   

लेकिन सोचने वाली बात यह है आखिर मरने वाला मुसलमान शख्स ने सुसाइड करने के लिए कावड़ियों का ही ट्रक को क्यों चुना कहीं यह कोई दंगा भड़काने की सोची समझी साजिश तो नहीं थी पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। 

अवलोकन करें :-

https://indiafacts.org/court-ruling-ayats-quran-cause.../
Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts
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Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts

बिहार के पटना में हाल में ही ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)’ के कुछ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसके बाद उनके खतरनाक मंसूबों के बारे में देश को पता चला है। इस गिरफ्तारी के बाद से बिहार की पुलिस व जाँच एजेंसी NIA सक्रिय है। NIA अपनी तरफ से लगातार जाँच कर रही है।

इसी सिलसिले में 19 जून, 2022 को पटना से ढाका पहुँची एनआईए की टीम ने पचपकड़ी रोड स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा से तीन लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान सिकरहना डीएसपी राजेश कुमार समेत एसडीओ व कई पुलिस अधिकारी थाना पर मौजूद रहे।

पटना से आई एनआईए की टीम जामिया मारिया मिसवा मदरसा ढाका के पचपकड़ी पहुँची और मदरसा के मौलवी मुफ्ती असगर अली को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मदरसा के दो अन्य लोगों को भी कस्टडी में लेकर ढाका थाना पहुँची। हालाँकि पूछताछ के बाद उन दोनों को छोड़ दिया गया और अली असगर को लेकर जाँच एजेंसी पटना आ गई है। जहाँ उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी। मौलाना पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

एफआईआर में अली का नाम भी है। पुलिस इस सिलिसिले में उसके घर पर भी दबिश देने पहुँची थी, जहाँ पाँच बोरे में उर्दू की किताबें मिली हैं। ये किताबें आपत्तिजनक बताई जा रही हैं, जिनकी आगे जाँच की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि वे कैसी मजहबी किताबें हैं। 

असगर अली पलनवा थाना के सिसवनिया गाद गाँव का रहने वाला है और जामिया मारिया मिसवा मदरसा में बच्चों को तालीम देने का काम करता था। ढाका के पचपकड़ी में स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा का संचालन वर्ष 2013 से हो रहा है। इस मदरसे में लगभग 100 मुस्लिम लड़कियों को तालीम दी जाती है। अली असगर ढाका बड़ी मस्जिद के नायाब इमाम मोहम्मद नेसार के कमरे में रहता है। मस्जिद के नायाब इमाम ढाका थाना क्षेत्र के जमुआ के रहने वाले हैं।

ढाका पहुँची एनआईए की टीम को लेकर एसपी डॉ. कुमार आशीष ने भी कुछ बताने से इनकार किया है। डीएसपी सिकरहना राजेश कुमार ने सिर्फ एनआईए की टीम के आने की पुष्टि की, मगर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम पर देश विरोधी गतिविधियाँ चल रही थी, जिसका खुलासा होने का बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे बिहार में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। 

इससे पहले इस मामले में बिहार की पटना पुलिस ने फुलवारी शरीफ से पाँच लोगों की गिरफ्तारी की थी। इस मामले में कुल 26 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बिहार पुलिस की फुलवारी शरीफ कार्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस को आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे, जिनमें से एक का शीर्षक था – ‘2047 इंडिया टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लामिक इंडिया’। इसके अलावा इनके पास से पीएफआई के पर्चे भी बरामद किए गए थे।

मोदी के पटना दौरे से 15 दिन पहले से ही इन आतंकियों को फुलवारी शरीफ में ट्रेनिंग दी जा रही थी। पीएम मोदी को मारने की साजिश को लेकर उन्होंने 6 और 7 जुलाई को बैठकें कीं। हालाँकि, बिहार पुलिस का कहना है कि पीएम मोदी को सीधा खतरा नहीं था।

सेक्स स्कैंडल में पकड़ा गया बांग्लादेश उच्चायोग का प्रथम सचिव मुहम्मद सानियुल

                                                                                                           तस्वीर साभार: एशिया नेट न्यूज
बांग्लादेश उच्चायोग के अधिकारी को सेक्स स्कैंडल में शामिल पाए जाने के बाद विदेश मंत्रालय ने उसे ढाका भेज दिया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जाँच की शुरुआत भी हो गई है। इस बात की पुष्टि बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त तौफीक हसन ने भी की।

भारत में बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर तौफीक हसन ने आज तक के साथ बातचीत में कहा कि भारत में बांग्लादेश के पहले सचिव (राजनीतिक) मोहम्मद सानियुल कादर को कथित तौर पर एक सेक्स चैट में शामिल पाए जाने के बाद उन्हें ढाका वापस भेज दिया गया।

हसन ने दावा किया कि उन्हें इस घटना के बारे में सोशल मीडिया से 25 जनवरी 2022 को जानकारी मिली थी। उप उच्चायुक्त ने कहा कि वे इस तरह के मुद्दों पर जीरो टॉलरेंस रखते हैं। उन्होंने बताया कि मुहम्मद सानियुल कादर सेक्स चैट और सेक्स वीडियो में शामिल थे इसलिए घटना के संज्ञान में आते ही उन्हें ढाका में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। 26 जनवरी को उनकी ढाका वापसी हुई। इस मामले की सूचना होने के बाद बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने उनके विरुद्ध विभागीय जाँच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, 25 जनवरी को अलीशा नाम की एक कथित युवती ने कोलकाता में बांग्लादेश उप-उच्चायोग के आधिकारिक फेसबुक पेज पर कुछ अश्लील चैट और न्यूड वीडियो पोस्ट किए। मगर, पेज एडमिन ने इन पोस्ट को मंजूरी नहीं दी और वह पेंडिंग में ही रहे। इसके बाद युवती ने चैट और न्यूड वीडियो उप-उच्चायोग के फेसबुक पेज के फेसबुक मैसेंजर पर भेज दिए। अब कहा जा रहा है कि ये अश्लील वीडियो और सारी चैट अधिकारी ने पहले महिला को भेजे थे और इसके बाद महिला ने शिकायत करने के लिहाज से उन्हें मैसेंजर पर भेजा। 26 जनवरी को जब यह चैट की बातें बांग्लादेश दूतावास पहुँची तो कोलकाता उप उच्चायोग के अधिकारियों ने इस संबंध में कुछ भी बताने से मना कर दिया। प्रतिक्रिया के तौर पर सिर्फ ये जवाब आया कि अगर मामला सच साबित हुआ तो आरोपित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।