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‘तुम्हें तुम्हारे ही मंदिरों में लटका देंगे, जिंदा जला देंगे’: केरल में UCC के विरोध में रैली, INDIA में शामिल मुस्लिम लीग ने दिखाई हिंदू घृणा

कासरगोड में IUML की यूथ विंग MYL की रैली में हिन्दुओं को धमकी
केरल में ‘समान नागरिक संहिता (UCC)’ के खिलाफ आयोजित एक रैली में हिन्दू विरोध नारेबाजी की गई है। ‘मुस्लिम यूथ लीग’ की रैली में इस तरह की हरकत की गई। संगठन ने अपने एक नेता के निलंबन का ऐलान किया है। भाजपा ने इस घटना की निंदा की है। कन्हागड़ निवासी अब्दुल सलाम को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। MYL ने अब डैमेज कंट्रोल के लिए बयान जारी करते हुए कहा है कि ये एक अक्षम्य गलती है।

घटना कासरगोड जिले की है। ‘मुस्लिम यूथ लीग’ ने UCC के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया था। इसी में भड़काऊ नारे लगे। बता दें कि ये संगठन IUML का यूथ विंग है। IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) केरल में कॉन्ग्रेस की गठबंधन साझीदार है। वायनाड लोकसभा क्षेत्र से राहुल गाँधी ने जब चुनाव लड़ा था, तब IUML का समर्थन मिला था और इसके हरे रंग के चाँद-तारे वाले झंडों के साथ मुस्लिम कैडर सड़क पर भी उनके समर्थन में उतरे थे। ये राजनीतिक दल विपक्षी गठबंधन ‘I.N.D.I.A’ का भी हिस्सा है।

नारेबाजी के दौरान हिन्दुओं को धमकी दी गई कि उन्हें उनके मंदिरों के सामने ही फाँसी पर लटका दिया जाएगा और फिर ज़िंदा जला दिया जाएगा। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार का ऐसे तत्वों को समर्थन नहीं रहता, तो इस तरह के नारे नहीं लगते। उन्होंने पूछा कि क्या केरल में हिन्दू और ईसाई सुरक्षित हैं? उन्होंने याद दिलाया कि कुछ ही महीनों पहले एक बच्चे ने अपने पिता के कंधे पर चढ़ कर नारा लगाया था कि हिन्दू-ईसाई अपने अंतिम संस्कार की तैयारी कर लें।

अमित मालवीय ने कहा कि केरल अब पूरी तरह कट्टरता की ओर अग्रसर है। ‘तुम्हें तुम्हारी मंदिरों में ही लटका देंगे’ और ‘तुम्हें जला देंगे’ जैसे नारों की निंदा करते हुए केरल भाजपा ने कहा कि राहुल गाँधी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। वहीं विवाद होने के बाद संगठन के जनरल सेक्रेटरी पीके फिरोज ने इसे संगठन की विचारधारा के खिलाफ बताते हुए एक सदस्य के निलंबन की घोषणा की। हालाँकि, रैली में कई लोग भड़काऊ नारेबाजी करते हुए देखा जा सकते हैं।


‘केरल CM विजयन की बेटी वीना और मोहम्मद रियास की शादी नाजायज’: मुस्लिम लीग

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, रियास-वीना की शादी और कल्लई (बाएँ से दाएँ)
केरल में कांग्रेस की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (Indian Union Muslim League – IUML) के नेता अब्दुलर्रहमान कल्लई ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीना की PWD मंत्री मोहम्मद रियास से शादी को अवैध संबंध बताया है। गुरुवार (9 दिसंबर) को कोझिकोड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कल्लई ने यह विवादास्पद बयान दिया। इस दौरान उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जातिवादी नारे भी लगाए।

राज्य की सीपीएम सरकार के खिलाफ बोलते हुए IUML के राज्य सचिव कल्लई ने कहा, “डीवाईएफआई (डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया) के पूर्व अध्यक्ष (मोहम्मद रियास) मेरे क्षेत्र के पुथियापला (दूल्हे) हैं। उनकी पत्नी कौन है? यह भी कोई शादी है? यह तो अवैध संबंध है। ऐसा कहने का हम में साहस होना चाहिए। हम में सीएच मोहम्मद कोया जैसा साहस होना चाहिए।” दरअसल, कोया आईयूएमएल के नेता और वे राज्य के मुख्यमंत्री भी थे।

वीना और रियास ने पिछले साल जून में केरल के तिरुवनंतपुरम में शादी की थी। यह दोनों की दूसरी शादी थी। शादी के दौरान रियास डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। रियास ने इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों में कोझीकोड की बेपोर विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने और अपने ससुर विजयन की अध्यक्षता वाले राज्य मंत्रिमंडल में पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में शामिल हुए।

दरअसल, सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों का जिम्मा राज्य लोक सेवा आयोग को सौंपने का निर्णय लिया था। इसको लेकर राज्य भर में मुस्लिम और उनके संगठन विरोध कर रहे थे। इस विरोध को भूनाने के लिए कल्लई ने इस रैली का आयोजन किया था। इस दौरान उन्होंने आईयूएमएल कार्यकर्ताओं से इस शादी को अवैध कहने का साहस दिखाने की अपील की। कल्लई के ऐसा कहने के बाद रैली में शामिल मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ जमकर जातिवादी नारे लगाए।

हालाँकि, विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि सरकार के इस कदम को जल्दी में लागू नहीं किया जाएगा। आईयूएमएल समर्थकों और अन्य मुस्लिम संगठनों से मुलाकात के बाद विजयन ने कहा था कि भर्ती पर यथास्थिति बनी रहेगी।

कल्लई का बयान देने के बाद उनकी चारों तरफ निंदा होने लगी। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उन्हें खूब लताड़ा। वहीं, डीवाईएफआई ने भी रियास और वीना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए मुस्लिम लीग की आलोचना की। चारों तरफ से अपनी दुर्गति होती देख कल्लई ने शुक्रवार (10 दिसंबर) को माफी माँग ली। अपने बयान पर खेद जताते हुए कल्लई ने कहा कि वह अपने भाषण में केवल निजी जीवन के धार्मिक पक्ष का जिक्र कर रहे थे। इसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था।