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माही के बेमिसाल क्रिकेट करियर की दिलचस्प बातें


आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
भारतीय क्रिकेट टीम को एक नई पहचान देने वाले, टीम इंडिया को दो बार विश्व चैंपियन और पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाने वाले। दुनिया के सबसे सफल विकेटकीपरों व फिनिशर के रूप में शुमार महेंद्र सिंह धोनी आज पूरे 38 साल के हो गए हैं। एक सामान्य परिवार में पल बढ़कर टीम इंडिया का कप्तान बनने तक का उनका जीवन संघर्षमय रहा है। उन्होंने इस मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की। उनके जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष और सफलता को देखते हुए उन पर बॉलीवुड में फिल्म भी बनाई गई (MS Dhoni an untold story)। उनके जीवन के कई पल व पहलू ऐसे हैं जिन पर फिल्म में ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। आईए उनके जीवन के कुछ ऐसे ही पहलुओं पर गौर करें जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। 
भूत बनकर गार्ड्स को डराया 
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर काफी शांत और सहज दिखाई पड़ते हैं लेकिन मैदान से बाहर वह अपने दोस्तों और परिवार के साथ खुलकर मस्ती करते हैं। ऐसा ही एक वाकया उस दौर का है जब वह पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्टेशन पर टीटीई (2001-2003) के रूप में कार्यरत थे। वो दौर मोबाइल फोन और वीडियो का नहीं था लेकिन अपने दोस्तों के साथ वो कई तरह के प्रैंक करते थे। ऐसे में काम और क्रिकेट खेलने के बाद जब वह थक जाते तो रेलवे के दोस्तों के साथ मिलकर रेलवे क्वार्टर्स के आस-पास सफेद चादर ओढ़कर रात के वक्त घूमते और गार्ड्स को बेवकूफ बनाते और डराते कि रात के वक्त वहां भूत घूमते हैं। कुछ दिनों में ये खबर पूरे शहर में फैल गई।
72 लाख में बिका बल्ला 
शायद आपको याद न होःमहेंद्र सिंह धोनी दुनिया में एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने वन-डे में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जमाए और वह भी पाकिस्तान के खिलाफ दिसंबर 2012 में। महेंद्र सिंह धोनी ने वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ जिस बल्ले से विजयी शॉट खेला था और वह बल्ला 72 लाख रुपए में बिका था।बिहार से अलग होकर नए राज्य के रूप में भारतीय नक्शे पर आने वाले झारखंड की ओर से महेंद्र सिंह धोनी पहले क्रिकेटर बने जिन्हें टीम इंडिया में जगह मिली। 
दिलचस्प बातें 
महेंद्र सिंह धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ वन-डे और टेस्ट करियर में अपना पहला शतक जमाया। 2005-2006 में जमाए इन दोनों प्रारूपों में धोनी ने 148-148 रन बनाए।
पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ इनके लम्बे बालों से इतने अधिक प्रभावित हुए कि धोनी को इन्हे कभी न कटवाने की सलाह तक दे दी थी। 
धोनी की ही कप्तानी में टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का भारतीय रिकॉर्ड बनाया। 2009 में श्रीलंका के भारत दौरे के दौरान टीम इंडिया ने 9 विकेट पर 726 रन (पारी घोषित) बनाए थे।


वो कदम जिसने सबका दिल जीता 
टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी को अप्रैल 2011 में टीम इंडिया को दूसरी बार विश्व खिताब दिलाने के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद दिया गया। वह कपिल देव के बाद यह सम्मान पाने वाले दूसरे क्रिकेटर थे। 1 नवंबर 2011 को इन्होंने कर्नल का पद संभाला। इसके बाद वो लगातार सक्रिय रूप से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। उन्होंने टेरिटेरियल आर्मी में पद लेने के बाद आगरा स्थित पैरा रेजीमेंट में एक सैनिक की तरह ट्रेनिंग भी पूरी की। धोनी ने प्रशिक्षण लेने के लिए खुद ही सेना को लिखा था। उन्हें पैरा प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) में पैराग्लाइडिंग तथा स्काई डाइविंग का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने साल 2015 में ये ट्रेनिंग पूरी की। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने पांच बार पैराशूट से जंप लगाई। धोनी ने चार बार 1200 फीट और एक बार 1600 फीट की ऊंचाई से जंप लगाने का साहस दिखाया था।
DHONIजब खास अंदाज में लिया पद्म भूषण
जब धोनी को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया। इस मौके पर वह सेना की वर्दी पहनकर परेड करते हुए मंच तक पहुंचे। पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाना तो बड़ी बात थी ही लेकिन इसे आर्मी की वर्दी में रिसीव करके धोनी ने इस पर चार चांद लगा दिए। धोनी ने ऐसा कर यह बता दिया कि चाहे वर्दी किसी भी रंग की हो वो उसे पहनने में गौरान्वित महसूस करते हैं। 
देवड़ी माता में है अटूट आस्था
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की भगवान में भी आस्था है। धोनी रांची से तकरीबन 80 किमी दूर देवड़ी माता के मंदिर में अक्सर जाया करते हैं। उनकी देवड़ी माता में अटूट आस्था है। वह अपने जीवन के खास दिनों- जैसे जन्मदिन या किसी प्रमुख दौरे या टूर्नामेंट से पहले माता के दरबार में माथा टेकने जरूर जाते हैं।
जब तक धोनी बड़े स्टार नहीं बने थे तब तक इस मंदिर को ज्यादा लोग नहीं जानते थे। धोनी के वहां आने-जाने के बाद इस मंदिर को भी खूब सुर्खियां मिलने लगीं। साल 2011 में धोनी ने इसी मंदिर में विश्व कप विजय की मन्नत मानी थी। 
बाइक्स हैं धोनी का पहला प्यार
महेंद्र सिंह धोनी को बाइक चलाने और बाइक कलेक्शन का शौक है। उनके बाइक्स के जखीरे में तकरीबन 30 बाइक्स हैं। इसमें उनकी पहली बाइक याम्हा वाईएक्स 100 से लेकर हार्ले डेविडसन जैसी बाइक्स शामिल हैं। उन्हें कई बार गृह नगर रांची में बाइक की सवारी करते हुए देखा जाता है। उनके इस कलेक्शन में दुनिया भर की कई जानी मानी सुपरबाइक्स और विंटेज बाइक्स मौजूद हैं।
एमएसडी के बाइक्स के कलेक्शन में कावासाकी निंजा एच 2, डुकाटी 1098, कॉन्फेडरेट एक्स-132 हैलकेट, हार्डले डेविडसन फैट बॉय, निन्जा जेडएक्स-14आर, यामाहा आरडी -350, बीएसए गोल्डस्टार और यामाहा थंडरकैट मौजूद हैं। वह अपनी बाइकिंग का शौक ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्धा फॉर्मूला वन सर्किट में भी पूरा कर चुके हैं। सबसे रोचक बात यह है कि धोनी अपनी बाइक्स की देखरेख और सर्विस खुद ही करते हैं और उन्हें यह काम करने में मजा आता है।
कुत्तों से खास लगाव
धोनी कुत्तों से बेहद प्यार करते हैं। उन्हें अपने पालतू कुत्तों के साथ कई बार मस्ती करते देखा गया है। धोनी के कुछ कुत्तों के नाम सैम, जारा और जोया और लिली थे। जिसमें से सैम की मौत दिसंबर 2012 में हो गई थी। धोनी जब भी अपने घर रांची जाते हैं तो पालतू कुत्तों के साथ जी भर के खेलते हैं और उन्हें ट्रेनिंग भी देते हैं। इसके वीडियो वो सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं। धोनी ने एक बार कुत्तों के साथ खेलती बेटी जीवा का भी वीडियो प्रशंसकों के साथ शेयर किया था। वह कई बार मैदान पर पुलिस के कुत्तों के साथ भी खेलते दिख चुके हैं।