Showing posts with label indi alliance. Show all posts
Showing posts with label indi alliance. Show all posts

कांग्रेस का manifesto ही कांग्रेस का काल बनेगा; हर शांतिप्रिय चाहे वह हिन्दू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाई हो कांग्रेस से दुरी बनाए

कल प्रधानमंत्री जी ने एक भाषण दिया था.. कांग्रेस की Wealth Distribution स्कीम के बारे में... इसमें यह भी कहा गया था कि हमारा पैसा छीन कर घुसपैठियों को दे दिया जाएगा। 

अब समाज के एक वर्ग ने इस पर हल्ला मचा दिया है.... लोग कह रहे हैं कि PM Communal हैं.... देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं। लेकिन जो देश में communalism फैला रहा है, उस पर चुप्पी क्यों? अंग्रेज़ों के राज से देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंका जाता है। उसका मूल कारण है, समस्या की जड़ में जाओ, पागलों की तरह बीजेपी, आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद् को गाली मत दो, आने वाली पीडियां कोसेंगी तुम्हे। हर शांतिप्रिय चाहे वह हिन्दू, मुस्लिम, सिख या ईसाई ध्यान से कांग्रेस मैनिफेस्टो को देखिए। क्या कांग्रेस का मैनिफेस्टो देश को सही दिशा में लेकर जाने वाला है? और जो सोंच रहे हैं कि बीजेपी को हराकर कांग्रेस को लाना है, they are living in fools paradise. फ्रेंच ज्योतिष ने 1555 में अपनी भविष्यवाणी में स्पष्ट लिख दिया था कि 2014 के बाद भारत(हिन्द) कभी पीछे मुड़कर नहीं देखेगा। संकट आएंगे लेकिन बहादुरी के साथ हिंदुत्व का परचम लेकर बढ़ता जायेगा।  

कांग्रेस की स्थापना किसने की अंग्रेज़ ने। आज़ादी के बाद कांग्रेस की बागडोर किसके हाथ में है नेहरू-गाँधी परिवार के हाथ। ये परिवार क्या हिन्दू है? केवल हिन्दू धर्म में दाह संस्कार होता है। सच्चाई जानने के लिए पढ़िए नीचे दिए लिंक को :

The Story of Two Lals--Motilal & Jawaharlal
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
The Story of Two Lals--Motilal & Jawaharlal
Jawahar Lal Nehru Moti Lal Nehru SOMETIME back I used to receive a pamphlet titled “ SHAKTI SANDESH ” published from Calcutta a...

सोंचिये देश की सबसे पुरानी जिस पार्टी को छोटी-छोटी पार्टियों के साथ मिलकर अपनी साख बचाने के लिए चुनाव लड़ना पड़ रहा हो, इससे ज्यादा कांग्रेस की दुर्गति और क्या होगी। उन क्षेत्रीय पार्टियों को कांग्रेस मैनिफेस्टो देख अपने आपको अलग कर लेने में ही भलाई है, क्योकि सोनिया परिवार ने पार्टी को आत्महत्या करने की ओर धकेल किया है। अपना दामन बचा सकते हो तो बचा लो। 

राहुल तो कांग्रेस का आखिरी बहादुर शाह ज़फर बनने को आतुर है। ज़फर तो फिर बादशाह रहा, लेकिन राहुल तो मात्र एक सांसद। ज़फर अपनी शायरी और मदिरा में मस्त रहा लेकिन नहीं मालूम मीर ज़ाफ़र क्या गुल खिला रहा है। परिणाम अंग्रेजों ने हकूमत हथिया ली। और भारत अंग्रेजो का गुलाम बन गया। ठीक उसी दिशा में राहुल कांग्रेस को लेकर चल निकला है। और ये मैनिफेस्टो कांग्रेस को ले डूबेगा।   

जानिए सच क्या है?

पहले तो आप राहुल गाँधी की speech सुन लीजिये। वह खुल कर बोल रहे हैं कि उनकी सरकार बनने के बाद एक Wealth Survey कराया जायेगा। जैसे जाति Census की बात हो रही है.. और उसके बाद आंकड़ों के हिसाब से Wealth को distribute कर दिया जायेगा।

आपको यह छोटी मोटी बात लग रही होगी... लेकिन आपको यह concept समझने के लिए Carl Marx की Wealth Distribution थ्योरी और Functional Income Distribution थ्योरी को पढ़ना पड़ेगा और फिर उसे भारत के Perspective में देखना पड़ेगा.... कुछ concep…

Dear salaried class, professionals and business owners 

Imagine returning home at 6pm after days of hard work, only to find a sarkari notice stating that your savings and assets are ten times over the poverty line. As a result, the govt will be confiscating two-thirds of your assets for redistribution to the poor under the Jawaharlal Nehru National Wealth Redistribution Scheme.

 

इतिहास ज्ञात होना चाहिए -: अधाधुंध कांग्रेस की आलोचना करते जाना ठीक नहीं है। कांग्रेस की उपलब्धियां भी जाननी चाहिए और देखिए।

कौन कहता है की कांग्रेस ने पिछले 65 सालों में कुछ काम नही किया ? बहुत किया, लेकिन मुसलमानों के लिए ?

• पाकिस्तान बनाया, मुसलमानों के लिए,

• बांग्लादेश बना, मुसलमानों के लिए,

• धारा 370 लागू हुई, मुसलमानों के लिए।

• अल्पसंख्यंक बिल आया, मुसलमानों के लिए।

• मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बना, मुसलमानों के लिए।

• अल्पसंख्यंक मंत्रालय बना, मुसलमानों के लिए।

•वक़्फ़ बोर्ड बनाया, मुसलमानों के लिए।

•अल्पसंख्यंक विश्वविद्यालय बना, मुसलमानों के लिए।

• देश का बंटवारा धार्मिक आधार पर हुआ, मुसलमानों के लिए।

• Places of worship Act लाये, मुसलमानों के लिए।

• Anti communal violence bill दो बारी संसद में पेश किया परंतु BJP ने पास नहीं होने दिया, …

 "जिसकी जितनी आबादी उसका उतना हक़"

आइये इसका मतलब समझिए।

आप एक लाख कमा के 2 बच्चे करो, वो बीस हज़ार कमा के 10 बच्चे करेंगे।

कांग्रेस सरकार एक लाख बीस हज़ार रुपए को 12 बच्चों में बाट देगी।

आपको मिलेगा बीस हज़ार, उनको मिलेगा एक लाख।

क्योंकि, जिसकी जितनी आबादी उसका उतना हक़। यह मैं नहीं कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र बोल रहा।।

कांग्रेस इस देश का संसाधन मुसलमानो को किस कदर देना चाहती थी की 2005 में मनमोहन सिंह ने मुसलमानो को यह देश सौपने  के लिए और हिंदुओं को बर्बाद करने के लिए सच्चर कमीशन बनाया 

सच्चर कमीशन ने करीब 350 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को दिया था

सच्चर कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार 

1-मुसलमानो को दलित और ST क्लास में आरक्षण दिया जाए

 2-मुसलमान बच्चों की पढ़ाई फ्री हो 

मुसलमान बच्चों को किताब कॉपी मुफ्त में दिया जाए 

3-एमबीबीएस इंजीनियरिंग और आईआईटी में मुसलमानो के लिए अलग से आरक्षण हो 

4-बैंक मुसलमान को बिना किसी गारंटी  के लोन दें और यदि मुसलमान लोन न चुका सके तो बैंक उसे पर कोई कार्रवाई न करें 

5-राज्य सरकार  बोर्ड निगम में ज्यादा से ज्यादा मुसलमान को लाने के लिए 30% सीट मुसलमान को दें 

6-केंद्र सरकार कानून बनाए जिससे सभी राज्य की विधानसभाओं में काम से कम 40% मुसलमानो को सीट रिजर्व किया जाए 

7-और केंद्र कानून बनाए जिससे संसद में दोनों सदनों में 30% मुस्लिम सांसद बनकर आए 

8-मुसलमानो को व्यापार करने के लिए हर शहरों में अलग इंडस्ट्रियल जोन बनाई जाए उनको मुफ्त में बिजली मिले और उन्हें 10 साल तक सभी टैक्स में माफ किया जाए ताकि वह अपना बिजनेस कर सकें 

9-मुसलमान लड़कियों की शादी में सरकार ₹500000 की मदद करें

10-मुसलमानो को विदेश पढ़ने के लिए हर साल सरकार कम से कम 10000 मुसलमान बच्चों को स्कॉलरशिप दे

11-मुस्लिम इलाकों में बैंक खोले जाए जो मुसलमान को मुफ्त में लोन दें मुसलमान के लिए अलग से ईट और पॉलिटेक्निक खोले जाएं जिसमें सिर्फ मुसलमान बच्चे पढ़ें

12-जिस भी निर्वाचन  क्षेत्र में मुस्लिम 20% से ऊपर हो उसे चुनाव क्षेत्र को दलित या आदिवासियों के लिए लोकसभा या विधानसभा के लिए रिजर्व ना किया जाए बल्कि उनको मुसलमान के लिए रिजर्व किया जाए

14-मदरसों की डिग्री को डिफेंस, सिविल और बैंकिंग एग्जाम के लिए मान्य करने की व्यवस्था करना।

15- हर एक मुसलमान को सरकार निजी कार बाइक या कमर्शियल वाहन खरीदने के लिए बिना ब्याज के लोन दें

 आप गूगल पर सच्चर समिति की सिफारिश से सर्च करके उसे पढ़िए आप चौंक जाएंगे की किस कदर कांग्रेस इसमें लगी थी कि भारत में हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनकर मुसलमान को भारत का उच्च क्लास का नागरिक बना दिया जाए

हिंदुओं को भीख मांगने पर मजबूर कर दिया जाए 

बिहार का उद्धव बनेगा नीतीश कुमार

सुभाष चन्द्र

पिछली इंडी भिंडी तरकारी गठबंधन की मीटिंग के बाद यह हर कोई जानता है नीतीश और लालू यादव दोनों उखड़े हुए थे। लालू तो अपने लाल को मुख्यमंत्री बनाने की चाहत में जुगत लगा रहा है नीतीश के खिलाफ लेकिन नीतीश को “ठगबंधन” का संयोजक न बनाने की वजह से लगा कि उसका तो वजूद ही खत्म हो गया और तुरंत इसलिए जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला ली 

लेखक 
ये सभी पार्टियां तुष्टिकरण किये बिना अपने अस्तित्व को बनाये नहीं रखना चाहती। भारत के आलावा विश्व में कहीं कोई मुग़ल आतताइयों का नाम लेवा नहीं। मुग़ल कोई बादशाह नहीं बल्कि गाज़ी थे, अय्याश थे। जो गैर-मुस्लिम परिवार की महिलाओं को अपने हरम में रखते थे। अकबर जो इस काम के लिए मीना बाजार लगाता था, जिसमे गोदी के लड़के को भी लेकर जाने की इजाजत नहीं थी, जिसे बंद करवाया महाराणा प्रताप की भतीजी 'शेरनी' किरण देवी ने। उस महान शेरनी से अपनी ज़िंदगी की भीख मांगने पर एक शर्त पर ज़िंदगी बख्शी थी कि जीवन में कभी मीना बाजार नहीं लगाएगा। 

देखिए दो दिन से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो 

नीतीश ने वो मीटिंग तब बुलाई जब कांग्रेस को “ठगबंधन” के सदस्यों ने 31 दिसंबर तक सीटों के बटवारे पर फैसला करने का Ultimatum दे दिया और तभी से चर्चा बाजार में गरम हो गई कि नीतीश कुमार पलटी मारेगा मोदी के NDA में आने के लिए इसके लिए पहले खबर plant की गई कि ललन सिंह लालू के लाल के लिए बैटिंग कर रहा है और उसे बाहर किया जाएगा लेकिन के सी त्यागी ने जोर लगा कर कह दिया कि कुछ नहीं हुआ जी, ललन सिंह सलामत है  

जो होता है वो दिखता नहीं और जो दिखता है वो होता नहीं

नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट कर भाजपा ने चुनाव लड़ा था और भाजपा की 75 सीट के मुकाबले जदयू की 45 सीट होने पर भी उसे मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन यह बात नीतीश को हजम नहीं हुई जो भाजपा को छोड़ कर उसे “पल्टूराम” कहने वाले लालू परिवार के साथ चला गया 

दूसरी तरफ महाराष्ट्र में उद्धव के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं था लेकिन फिर भी वो भाजपा से आधी सीट होते हुए भी मुख्यमंत्री बनने की जिद पर अड़ा रहा और यह अभिलाषा उसकी शरद पवार की NCP और कांग्रेस ने पूरी कर दी मोदी शाह चुपचाप तमाशा देखते रहे कि कैसे उद्धव न घर का रहेगा और न घाट का, मुख्यमंत्री होते हुए भी remote control शरद पवार ने हाथ में रखा क्या नतीजा हुआ, उद्धव का घर ही उजड़ गया, पूरी शिवसेना ही लूट ले गया एकनाथ शिंदे मोदी शाह के आशीर्वाद से

अब यही उद्धव जैसा हाल बिहार में नीतीश कुमार का होना है अमित शाह के हाथ में हैंडल है और मोदी शाह दोनों गुजराती अपमान और धोखे को नहीं भूलते जल्दबाजी नहीं करते, ठंडी करके खाते हैं दोनों और समय पर चोट मारते हैं जदयू के लोकसभा के 17 सांसद नरेंद्र मोदी के करिश्मे की वजह से जीत कर आए लेकिन नीतीश कुमार ने कोई ऐसा काम नहीं था भाजपा के साथ रहते हुए भी जिसके लिए उसने भाजपा का संसद में समर्थन किया हो चाहे वह फिर 370 हो या ट्रिपल तलाक हो

जदयू के वो 17 सांसद जानते हैं कि इंडी भिंडी ठगबंधन में रह कर पहली बात तो उन्हें टिकट ही नहीं मिलेगा और जिन्हें मिलेगा, वो जीत नहीं सकते जीत की गारंटी मोदी दे सकता है शायद यही कारण है कि नीतीश के भाजपा से अलग होने पर भी राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह नरेंद्र मोदी के साथ ही जुड़े हुए हैं

अभी नीतीश कुमार देख रहा है कि इंडी भिंडी ठगबंधन उसे कितनी घास डालता है हो सकता है कांग्रेस नीतीश को भाजपा के साथ जाने से रोकने के लिए “ठगबंधन” का संयोजक बना कर लॉलीपॉप दे दे लेकिन वह केवल नाम के लिए होगा जिसके पास कोई अधिकार नहीं होंगे क्योंकि remote control किसी और के हाथ में होगा

एक बात जो I,N.D.I.A. गठबंधन में सम्मिलित सभी पार्टियां जानती है कि गाँधी परिवार को कोई सदस्य कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, फिर भी पदभ्रष्ट और आधारहीन पार्टियां कांग्रेस के चक्कर में पड़ी हुई हैं, इसलिए परिवार remote control अपने हाथ में रखना चाहता है। जिसका उदाहरण प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह के बाद वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष खड़के हैं, जिनमें परिवार की इजाजत के बिना कोई फैसला लेने की क्षमता नहीं।

  

कांग्रेस का इतिहास रहा है कि कभी इसने किसी के दबाव में काम नहीं किया विपरीत इसके दूसरे को अपने इशारे पर नचाती है। स्मरण करें, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल में अयोध्या मुद्दे पर कोर्ट तारीख आने से पूर्व शेखर ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को घर बुलाकर आने वाली तारीख पर निर्णय देने को बोला था और जब जैसे ही राजीव गाँधी, जिसके समर्थन से केंद्र सरकार चल रही थी, को खबर लगी, तुरंत अपना समर्थन लेकर उस साहसिक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार गिरा दी थी। चंद्रशेखर भारत के एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जो लाल किला पर झंडा नहीं फहरा सके। 

उधर भाजपा से नीतीश कुमार की सौदेबाजी चल रही होगी, इससे इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन अबकी बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री तो नहीं रहेगा वो पिछले चुनाव में घोषणा कर चुका है कि वह उसका अंतिम चुनाव था लेकिन प्रधानमंत्री की कुर्सी की तो बात ही कुछ और होती है न जिसके लिए वह कुछ भी कर सकता है

बिहार भाजपा के कद्दावर नेताओं का मत यही है कि अबकी बार नीतीश कुमार को वापस नहीं लेना चाहिए नीतीश कुमार अकेले में चुनाव की बाजी पलटने का दम होता तो बिहार का वर्तमान गठबंधन ऐसे उसे दरकिनार करके न चलता

क्या INDI गठबंधन में आ चुकी है दरार? कॉन्ग्रेस पर हमलावर अरविंद केजरीवाल, पत्रकारों पर ‘बैन’ से नीतीश कुमार का किनारा

लोकसभा चुनाव में इस बार प्रधानमंत्री मोदी से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों ने मिलकर INDI गठबंधन बनाया है। इस गठबंधन में कुल 28 दल शामिल हैं लेकिन इनमें अब दरार साफ़ दिखाई दे रही है। गठबंधन में आम आदमी पार्टी और नीतीश कुमार की जदयू भी शामिल है। जहाँ गठबंधन की कई पार्टियाँ आपस में पहले ही सनातन धर्म को ख़त्म करने का ऐलान करते हुए देश की बहुसंख्यक जनता की भावनाओं को आहत कर चुकी हैं तो मौके की नजाकत को समझते हुए कई नेताओं ने इससे किनारा भी किया। कमलनाथ पहले ही पार्टी से अलग जाते हुए देश को सनातन का बता चुके हैं। 

अब तो सीधे-सीधे आम आदमी पार्टी के केजरीवाल और नीतीश कुमार खुलेआम गठबंधन की नीतियों को ठेंगा दिखाने लगे हैं। सोशल मीडिया पर भी इन दोनों नेताओं के बयानों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। जितेंद्र कुमार नाम के एक एक्स यूजर ने गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए पोस्ट किया, “INDI गैंग में सबकी अपनी ढपली और अपना राग है! जहाँ INDI गैंग के सदस्य केजरीवाल छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस को झूठी और मक्कार पार्टी बता रहे हैं। वहीं नीतीश कुमार INDI गैंग द्वारा पत्रकारों के बहिष्कार को गलत बताकर पत्रकारों के समर्थन में कहा उन्हें इस विषय के बारे में मालूम नहीं है।”

अब पहले बात करते हैं केजरीवाल के आम आदमी पार्टी की फिर आते हैं नीतीश कुमार पर जिन्होंने गठबंधन के सामूहिक निर्णय से किनारा करते हुए कहा, “मैं किसी पत्रकार के खिलाफ नहीं हूँ।”

केजरीवाल ने खड़ी कॉन्ग्रेस मुसीबत

दरअसल, कई राज्यों में आम आदमी पार्टी ने सीधे-सीधे कॉन्ग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर गठबंधन के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। जहाँ पहले पंजाब में AAP सरकार में मंत्री अनमोल गगन ने पंजाब की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर गठबंधन को किनारे कर दिया वहीं हरियाणा को लेकर भी पार्टी के संगठन मंत्री संदीप पाठक ने कहा है कि सभी 90 सीटों पर आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। ऐसे में गठबंधन में दरार साफ़ दिखाई दे रही है।   
इतना ही नहीं रही-सही कसर अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने छत्तीसगढ़ के एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूरी कर दी। उन्होंने शाहरुख़ खान की जवान फिल्म के सहारे शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा। साथ ही छत्तीसगढ़ मे आम आदमी पार्टी के प्रभारी संजीव झा ने भी कॉन्ग्रेस को धोने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 
छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए AAP प्रभारी संजीव झा ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद से ही बस्तर की जनता ने जिस दल पर भरोसा किया प्रदेश में उसी की सरकार बनी, लेकिन कॉन्ग्रेस ने यहाँ के लोगों के उम्मीदों को ध्वस्त करने का काम किया।

पत्रकारों पर क्या कहा नीतीश कुमार ने 

हाल ही में INDI गठबंधन ने एक लिस्ट जारी कर 14 न्यूज़ एंकरों के बहिष्कार की अपील की थी। इसी मुद्दे पर गठबंधन की एक अहम् पार्टी जदयू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कुछ पत्रकारों व एंकरों पर पाबंदी लगाए जाने के संबंध में शनिवार (16 सितम्बर, 2023) को सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री ने पत्रकारों पर पाबंदी के संबंध में निर्णय के बारे में पूछे गए प्रश्न पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यही बता पाएँगे। हम तो शुरू से ही पत्रकारों के पक्ष में रहे हैं।
बख्तियारपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “हम किसी पत्रकार के खिलाफ नहीं। पत्रकारों पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता। पत्रकारों को आजादी मिल जाएगी तो जो उन्हें सच दिखेगा व अच्छा लगेगा, उस पर वह अपने-अपने ढंग से लिखेंगे। सभी का अपना अधिकार है।”