Showing posts with label missile. Show all posts
Showing posts with label missile. Show all posts

भारत का साथ देने वाले देशों पर भी दागेंगे मिसाइल : अली अमीन, पाकिस्‍तान के कश्‍मीर व गिलगित बाल्टिस्‍तान मामलों के मंत्री

अली अमिन गंडापुरपाकिस्तान के सिर पर ब्लैकलिस्ट होने की तलवार लटके होने के बावजूद इमरान खान के एक और मंत्री अली अमीन ने विश्व को धमकाने का प्रयास किया है। अमीन का यह बयान इस बात को सिद्ध करता है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर किसी भी तरह का अंकुश लगाने के पक्ष में नहीं है। लगता है, पाकिस्तान की जीविका आतंकवाद ही है।
पाकिस्तान के मंत्रियों की तरफ़ से भारत के ख़िलाफ़ आ रहे अजीबोगरीब बयानों का दौर थमता नहीं दिख रहा है।
कश्‍मीर पर दुनिया भर से मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है। 
उनके साथ-साथ पाक के रेल मंत्री शेख रशीद ख़ान भी अजीबोगरीब बयान देते रहते हैं। शेख रशीद को नरेंद्र मोदी का नाम लेते ही माइक से करंट लगा था, जिसके बाद उनकी काफ़ी किरकिरी हुई थी। उन्होंने पाकिस्तान के पास पाव भर के परमाणु बम होने का दावा किया था।
खुद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जहां संयुक्‍त राष्‍ट्र में संबोधन के दौरान दुनिया को भारत और पाकिस्‍तान के बीच 'परमाणु युद्ध की आशंका' को लेकर आगाह कर चुके हैं, वहीं अब उनकी सरकार के एक मंत्री ने दो कदम आगे बढ़ते हुए उन देशों को भी धमकी दे डाली है, जो इस मुद्दे पर भारत का साथ दे रहे हैं।
पाकिस्‍तान के कश्‍मीर व गिलगित बाल्टिस्‍तान मामलों के मंत्री अली अमीन ने अक्टूबर 29 को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर भारत कश्मीर मुद्दे पर पीछे नहीं हटा तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भारत ही नहीं, उन देशों को भी इस नतीजे भुगतने होंगे, जो कश्‍मीर मुद्दे पर उसका साथ देंगे। इमरान के बड़बोले मंत्री ने कहा कि एक मिसाइल भारत की ओर दागी जाएगी तो दूसरी उन मुल्‍कों पर दागी जाएगी, जो कश्‍मीर पर भारत का साथ देंगे।
पाकिस्‍तान के मंत्री ने धमकी भरे लहजे में कहा कि आज पूरी दुनिया कश्‍मीर मामले पर चुप्‍पी साधे हुए है, जो ठीक नहीं है। यह खतरनाक स्थिति है और सबको इसका परिणाम भुगतना होगा। इस दौरान जब एक पत्रकार ने अली अमीन से पूछा कि अगर किसी मुस्लिम देश ने भी पाकिस्‍तान का साथ देकर भारत का साथ दिया तो उनका रवैया क्‍या होगा तो मंत्री ने कहा कि भारत का साथ देने वाला हर देश पाकिस्‍तान का 'शत्रु' होगा और अगर कोई मुस्लिम देश ऐसा करता है तो पाकिस्तान उस पर भी मिसाइल दागने से पीछे नहीं हटेगा।
पाकिस्‍तान के इस बड़बोले मंत्री का वीडियो पत्रकार नायला इनायत ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसके बाद से यह सुर्खियों में है। यहां उल्‍लेखनीय है कि पाकिस्‍तान में इमरान खान की सरकार में कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों का एक अलग मंत्रालय बनाया गया है, जिसका प्रभार अली अमीन को दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, क्योंकि सुरक्षा परिषद और यूएन जनरल असेंबली से लेकर एफएटीएफ तक, उसे हर जगह निराशा हाथ लगी है और भारत का हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी रहा। जहाँ इमरान ख़ान यूएनजीए में कश्मीर, इस्लाम, भारत और पैगम्बर मुहम्मद की बातें करते रहें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण को लेकर भारत का पक्ष रखा और अपने भाषण में एक बार भी पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया। ऐस में पाकिस्तान के मंत्रियों की तरफ़ से इस तरह के बयानों का आना स्वाभाविक है।

पाकिस्तान बॉर्डर पर भारत ने पहली बार इस्तेमाल की यह खतरनाक मिसाइल

Derby Missile
भारतीय सेना की ओर से गुजरात के कच्छ में नष्ट किए गए पाकिस्तानी जासूसी ड्रोन को लेकर नया खुलासा हुआ है। भारतीय सेना ने इस ड्रोन को नष्ट करने के लिए इजरायल से खरीदी गई मिसाइल Derby का इस्तेमाल किया गया है। इजरायल में SPYDER मिसाइल सिस्टम के तहत छोटी और मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली Derby और Python-5 मिसाइल का निर्माण किया गया है। इस मिसाइल का भारत में पहली बार इस्तेमाल किया गया है। 
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जासूसी कर रहा थी पाकिस्तान ड्रोन
भारतीय सेना को मंगलवार को गुजरात के कच्छ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन दिखाई दिया। सूत्रों के अनुसार, सेना के जवानों ने उड़ती हुई चीज देखकर इंतजार किए बिना मिसाइल से हमला किया। मिसाइल का निशाना सीधे ड्रोन पर लगा और वह नष्ट होकर गिर गया। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ड्रोन के मलबे को अपने कब्जे में ले लिया। सेना के अधिकारियों की मानें तो भारतीय वायुसेना की पीओके में कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने इस ड्रोन को जासूसी के लिए भेजा था। इस घटना के बाद सेना ने गुजरात से लगी पाकिस्तानी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। 

Indian Armyये है Durby की खासियत

छोटी और मध्यम दूरी तक मार करने वाली इजरायली मिसाइल Durby बेहद खास है। इस मिसाइल का वजन 118 किलोग्राम है और यह 20 से 50 किलोमीटर की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। यह मिसाइल 30 हजार से 52 हजार फुट तक की ऊंचाई पर जा सकती है। यह मिसाइल Active laser और electromagnetic proximity fuse के साथ हमला करती है। यह मिसाइल टेट्रा ट्रक से भी छोड़ी जा सकती है। इस समय यह मिसाइल इजरायल के अलावा भारत, जॉर्जिया, सिंगापुर और वियतनाम के पास भी है। 
अवलोकन करें:-
इस वेबसाइट का परिचय
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
भारत द्वारा पाकिस्तान की सरहद में घुसकर किए गए एयर स्ट्राइक में 325 आतंकी मारे गए हैं। भारत के 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान....

2009 में हुआ था 1800 करोड़ रुपए का सौदा

देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 2006 में इजरायल से Derby मिसाइल खरीदने के लिए करीब 1800 करोड़ रुपए में सौदा हुआ था। सितंबर 2008 में सीवीसी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद 2009 में तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस डील को मंजूरी दी थी।

अब भारत में बनेंगी मिसाइलें, रूस की तकनीक से भारत होगा मजबूत--नरेन्द्र मोदी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले पुतिन, भारत-रूस के बीच हुए ये अहम समझौते
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अक्टूबर 4 की शाम को दिल्ली पहुंचे जिसके बाद प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं अब दोनों देशों के बीच खास वार्ता हुई जिसमे कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। तो वहीं इस वार्ता के बाद पीएम मोदी ने रूस के साथ दोस्ती की मिशाल भी पेश की है।
इस मिसाइल के भारतीय सेना में शामिल होने के बाद से अब दुश्मनों की ख़ैर नहीं होगी। तो वहीं इस वार्ता के बाद पीएम मोदी ने रशिया के साथ दोस्ती की मिशाल भी पेश की है। वहीं इस वार्ता के बाद पीएम मोदी ने रूस के साथ आगे भी कई अहम मुद्दों पर करार करने की बात कही है। मोदी कहते हैं कि, वह रशिया के साथ मिलकर सबसे मजबूत न्यूकलर पावर बनेंगे। आगे वह कहते हैं कि, दोनों देशों के बीच केवल तकनीक का लेनदेन नहीं होगा बल्कि हम साथ मिलकर भारत में मिसाइलें बनाएंगे। मेक इन इंडिया के तहत इन मिसाइलों को तैयार किया जायेगा, उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में रूस हमेशा साथ रहा है, हमारा अगला लक्ष्य भारत के मिशन गगनयान को अंतरिक्ष में भेजना है इसमें रूस हमारी पूरी सहायता करेगा।View image on Twitter


View image on Twitter

Our countries are like friends in the field of nuclear energy. Now we don't only buy & sell technology. We can also work together for the production of these products in India. In defense also, we can manufacture here under 'Make In India': PM Modi at India-Russia Business Summit
मोदी-पुतिन की शिखर वार्ता के बाद भारत-रूस के बीच हुए 8 अहम समझौतेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग, रेलवे समेत कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग के विषय शामिल हैं। 
प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 19वें भारत रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की और अनेक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच वार्ता के बाद भारत, रूस ने पांच अरब डॉलर के एस-400 वायु रक्षा प्रणाली समझौते पर हस्ताक्षर किए।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त संवाददाता संबोधन में कहा कि भारत- रूस मैत्री अपने आप में अनूठी है। इस विशिष्ट रिश्ते के लिए राष्ट्रपति पुतिन की प्रतिबद्धता से इन संबंधों को और भी ऊर्जा मिलेगी। 
उन्होंने कहा कि हमारे बीच प्रगाढ़ मैत्री और सुदृढ़ होगी और हमारी विशेष और विशिष्ट सामरिक गठजोड़ को नई बुलंदियां प्राप्त होंगी। मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ वार्ता ने भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी है। 
वहीं, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि आतंकवाद एवं मादक पदार्थों की तस्करी के खतरे से निपटने के लिए भारत के साथ सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। 
दूसरी ओर दोनों देशों के बीच हुए समझौते को संबंधों को नई दिशा प्रदान करने वाला करार देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मानव संसाधन विकास से लेकर प्राकृतिक संसाधनों तक, कारोबार से लेकर निवेश तक, नाभिकीय ऊर्जा के शान्तिपूर्ण सहयोग से लेकर सौर ऊर्जा तक, प्रौद्योगिकी से लेकर बाघ संरक्षण तक, सागर से लेकर अंतरिक्ष तक भारत और रूस के सम्बन्धों का और भी विशाल विस्तार होगा। 
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरूद्ध संघर्ष, अफगानिस्तान तथा हिंद प्रशांत के घटनाक्रम, जलवायु परिवर्तन, एससीओ, ब्रिक्स जैसे संगठनों एवं जी20 तथा आसियान जैसे संगठनों में सहयोग करने में हमारे दोनों देशों के साझा हित हैं। 
मोदी ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपने लाभप्रद सहयोग को जारी रखने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने बदलते विश्व में बहु-ध्रुवीय और बहु-स्तरीय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर एकमत होरे पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष मिशन गगनयान में पूर्ण सहयोग देने का अश्वासन पर रूसी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।