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पाकिस्तान में भीषण धमाका, कार में ब्लास्ट से ढही पुलिस चौकी: विद्रोहियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग भी की; 15 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका

                                                                                                                            साभार News18  
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में शनिवार (9 मई 2026) की देर रात एक बड़ा हमला हुआ। विद्रोहियों ने पहले पुलिस चौकी के पास एक कार को बम धमाके से उड़ा दिया और इसके बाद भीषण गोलीबारी की है। इसने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर हिला कर रख दिया
 इस हमले में पहले एक कार बम धमाका किया गया और उसके तुरंत बाद पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर हमला किया गया 15 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका है रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में हुआ, जो अफगानिस्तान सीमा के पास स्थित है यहां एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को चौकी के पास उड़ा दिया

15 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की आशंका

धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी पुलिस पोस्ट ढह गई इस हमले में कम से कम तीन पुलिस अधिकारियों की मौत की पुष्टि हुई है लेकिन नुकसान इससे कहीं ज्यादा बताया जा रहा है पुलिस अधिकारी सज्जाद खान के मुताबिक, चौकी पर उस समय करीब 15 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे, जिनमें से ज्यादातर के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है हालांकि अंतिम आंकड़े ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही सामने आएंगे

यह इलाका अफगानिस्तान सीमा से सटा हुआ है और लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस समय हमला हुआ, उस वक्त चौकी में 15 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे और कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस अधिकारी जाहिद खान ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को सुरक्षा चौकी के पास उड़ा दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि चौकी पूरी तरह ढह गई। इसके तुरंत बाद विद्रोहियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और मौके पर पहुँच रही पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला किया गया।

स्थानीय मीडिया डॉन के अनुसार, धमाके से आसपास के रिहायशी इलाकों को भी भारी नुकसान पहुँचा है और दो आम नागरिक घायल हुए। घटना के बाद बन्नू के सरकारी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

हमले को कैसे दिया गया अंजाम?

हमले का तरीका बेहद खतरनाक था पहले कार को मेन गेट से टक्कर मार करे धमाका किया गया. ब्लास्ट के बाद आसपास से पुलिसकर्मी मदद के लिए मौके पर पहुंचे और हमलावरों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई, जिससे हालात और गंभीर हो गए. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक अन्य पुलिस अधिकारी जाहिद खान ने बताया कि इस हमले में एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल था, जिसने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को चौकी के पास उड़ा दिया इसके बाद कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया, जिससे यह हमला और ज्यादा खतरनाक हो गया. यह दिखाता है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे 

तीर से ड्रोन गिराने का दावा करने वाले निहंग ने दी बैसाखी पर खून-खराबे की धमकी, ‘बंदी सिंहों’ को छुड़ाने को एजेंडा बनाएँ किसान; आंदोलन के नाम पर गुंडागर्दी

           निहंग गुरवंत सिंह, जो ड्रोन गिराने की बात कर रहा है (चित्र साभार: Roazana Spokesman)
सोमवार (19 फरवरी, 2024) को पंजाबी यूट्यूब समाचार चैनल ‘रोजाना स्पोक्समैन’ का एक निहंग सिख के साथ बातचीत का वीडियो सामने आया। निहंग सिख का नाम गुरवंत सिंह है और वह अपनी तीरंदाजी को लेकर जाना जाता है। उसने इस वीडियो पर काफी विवादास्पद बयान दिए। सिंह किसानों के आंदोलन में भाग ले रहा है। उसने पंजाब के बड़े त्यौहार बैसाखी पर खून-खराबे की धमकी दी और कहा कि सरकार को इसके परिणाम झेलने होगे। उसने यहाँ तक कहा कि यदि सिख धर्मगुरु आंदोलन में पहुँच गए तो बैरिकेड मिनटों में हट जाएँगे।

उसने हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आँसू गैस के गोले छोड़ने को लेकर भी प्रश्न किए। उसने कहा कि जो लोग लंगर बाँटते हैं उन पर आँसू गैस नहीं चलाई जानी चाहिए। हालाँकि, यह अब एक नयन शगल बन गया है कि सेवा को प्रदर्शन के लिए ढाल की तरह उपयोग किया जाए। जहाँ असल में यह लोग सेवाभाव से करते हैं तो वहीं प्रदर्शनकारी इसे अपनी एक विशेषता के तौर पर दर्शाते हैं।

गुरवंत सिंह ने किसानों के प्रदर्शन को छोड़ कर और भी कई आपत्तिजनक बातें की। उसने कहा कि निहंग सिख भी प्रदर्शन में जाएँगे लेकिन उनकी माँग है कि किसान अपने एजेंडा में ‘बंदी सिंह’ को छुड़वाने को लेकर वादा करें। ‘बंदी सिंह’ उन खालिस्तान सिख समर्थकों को कहा जाता है जो आतंक के किसी मामले में जेल काट रहे हैं। इनको छोड़ने की माँग लम्बे समय से हो रही है। गुरवंत सिंह ने भी यही बात दोहराई।

इसके बाद वह अपनी तीरंदाजी के गुर बताने लगा। निहंग गुरवंत ने कहा कि वह ड्रोन को भी तीर का निशाना लगाकर नीचे गिरा सकता है। यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि अम्बाला के शम्भू बॉर्डर पर डटे प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने और उनको नियंत्रित करने के लिए हरियाणा पुलिस ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। उसने इसके साथ ही कहा कि अगर ड्रोन गिराने के कारण वह किसी कानूनी पचड़े में फँसता है तो उसकी विधिक सहायता कौन करेगा, इसकी उसे चिंता है। उसने यहाँ अपनी तुलना ‘बंदी सिंहों’ के साथ की।

जिस तरह तथाकथित किसान आंदोलन उग्र रूप धारण कर रहा है, यह इन तथाकथित किसानों और इनको समर्थन दे रही राजनीतिक पार्टियों के लिए भी उतनी ही घातक होने वाली है। जनता समझ चुकी है कि दिशाहीन हुए विपक्ष कोई मुद्दा न होने के कारण मोदी सरकार को बदनाम करने देश में उपद्रव फ़ैलाने का षड़यंत्र है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार होने के बावजूद ये तथाकथित किसान हरियाणा बॉर्डर तक इतनी संख्या में कैसे पहुंचे? केजरीवाल ने पंजाब में सरकार बनाने के लिए जो वायदे किये, उन्ही को पूरा करने केंद्र सरकार पर क्यों थोपा जा रहा है? केंद्र सरकार को 2024 चुनाव के बाद इन सभी प्रदर्शनकारियों के बैंक खाते, जमीन-जायदाद आदि की गहन जाँच करनी होगी। अगर जाँच में जो भी बाधा डाले उस पर भी सख्ती से पेश आना होगा। विदेशी भीख पर देश का माहौल ख़राब करने वालों का सख्ती से इलाज उतना ही जरुरी है, जितना जीवित रहने के लिए अन्न और साँस।    

उसने यहाँ CRPF की आलोचना भी की, उसने कहा कि CRPF वालों को ब्रेनवॉश किया गया है कि वह प्रदर्शनकारियों को दिल्ली जाने से रोकें। उसने दावा किया कि इन्हें मेडल देने का वादा किया जा रहा है। साथ ही गुरवंत ने खालिस्तान की विचारधारा को लेकर भी बात की। उसने यहाँ दीप सिद्धू का नाम लिया। दीप सिद्धू पहले एक अभिनेता था जो कि किसान आन्दोलन 1.0 के समय नेतागिरी करने में आ गया था। गुरवंत ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वह निशान साहिब के तले दिल्ली की तरफ कूच करें।

उसने ये भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को टिड्डियो की तरह एक साथ चलना चाहिए ना कि मेढकों की तरह इधर-उधर कूदना चाहिए। इसके बाद उसने बैसाखी त्योहार पर खून-खराबे की धमकी भी दी। गुरवंत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों में ‘चंडी दा वार’ का उपयोग करके और भी ताकत भरी जानी चाहिए। उसका यह वीडियो यूट्यूब पर लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे लोगों पर नजर रखने की जरूरत है। उसकी खून-खराबे वाली धमकी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को जाँच करनी चाहिए।

यहाँ यह ध्यान देने वाली बात है कि रोज कोई ना कोई कैमरा पर आकर सिखों को भड़काने का काम करता रहता है, ऐसे में लोगों को संभल कर कैमरा पर बोलना चाहिए क्योंकि इससे समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं और भड़काऊ भाषणों से कानून व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है।

सीरिया : बाइक पर घूम रहे ISIS के टॉप आतंकी अल-मुजाहिर को अमेरिका ने ड्रोन से मार पहुँचाया 72 हूरों के पास

                                                                                                                   साभार- @BeAawaree
अमेरिका ने सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन ISIS के एक टॉप आतंकवादी को ड्रोन हमले में मार गिराने का दावा किया है। मारे गए आतंकी का नाम ओसामा अल-मुहाजिर है। 9 जुलाई (रविवार) को अमेरिकी सैन्य अधिकारीयों ने बताया कि यह हमला 7 जुलाई 2023 को किया गया था। इस मुठभेड़ का फुटेज भी जारी किया गया है। अमेरिका ने अपने अभियान में रूस के लड़ाकू विमानों द्वारा बाधा डालने का भी आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार (7 जुलाई) को अमेरिका के रीपर ड्रोन एमक्यू-9 ने आतंकियों की टोह लेने के लिए उड़ान भरी थी। इस दौरान रास्ते में उनका सामना रूसी लड़ाकू विमानों से हुआ। आरोप लगाया गया है कि रूस के जहाज़ों ने लगभग 2 घंटों तक अमेरिकी ड्रोन को परेशान किया। 2 घंटे बाद अमेरिकी ड्रोन ने ISIS के टॉप आतंकी उसामा अल-मुहाजिर को अलेप्पो क्षेत्र में खोज निकाला। वह बाइक से कहीं भाग रहा था। आखिरकार ड्रोन के सटीक निशाने में अल मुहाजिर मारा गया।

अमेरिका ने बताया कि मारा गया आतंकी अल-मुहाजिर सीरिया के उत्तर-पश्चिमी के साथ पूर्वी क्षेत्र में भी सक्रिय था। अमेरिका ने यह भी बताया है कि अल-मुहाजिर को मारने के दौरान किसी आम नागरिक की न तो मौत हुई और न ही कोई घायल हुआ। अमेरिका ने आधिकारिक रूप से रूसी सेना की भी आलोचना की और उनके रवैए को गैर जिम्मेदाराना बताया है। सेंट्रल कमांड के कमांडर ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि वो सीरिया में ISIS आतंकियों को हर हाल में हराएँगे।

अमेरिका का मानना है कि ISIS सीरिया और ईराक में पहले के मुकाबले काफी कमजोर हो चुका है। हालाँकि वह बचे आतंकियों को क्षेत्रीय शाँति और सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। बताया यह भी गया कि कई आतंकी अभी भी आतंकी हमले की योजना को अंजाम देने की फिराक में हैं।

पाकिस्तान बॉर्डर पर भारत ने पहली बार इस्तेमाल की यह खतरनाक मिसाइल

Derby Missile
भारतीय सेना की ओर से गुजरात के कच्छ में नष्ट किए गए पाकिस्तानी जासूसी ड्रोन को लेकर नया खुलासा हुआ है। भारतीय सेना ने इस ड्रोन को नष्ट करने के लिए इजरायल से खरीदी गई मिसाइल Derby का इस्तेमाल किया गया है। इजरायल में SPYDER मिसाइल सिस्टम के तहत छोटी और मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली Derby और Python-5 मिसाइल का निर्माण किया गया है। इस मिसाइल का भारत में पहली बार इस्तेमाल किया गया है। 
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जासूसी कर रहा थी पाकिस्तान ड्रोन
भारतीय सेना को मंगलवार को गुजरात के कच्छ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन दिखाई दिया। सूत्रों के अनुसार, सेना के जवानों ने उड़ती हुई चीज देखकर इंतजार किए बिना मिसाइल से हमला किया। मिसाइल का निशाना सीधे ड्रोन पर लगा और वह नष्ट होकर गिर गया। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ड्रोन के मलबे को अपने कब्जे में ले लिया। सेना के अधिकारियों की मानें तो भारतीय वायुसेना की पीओके में कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने इस ड्रोन को जासूसी के लिए भेजा था। इस घटना के बाद सेना ने गुजरात से लगी पाकिस्तानी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। 

Indian Armyये है Durby की खासियत

छोटी और मध्यम दूरी तक मार करने वाली इजरायली मिसाइल Durby बेहद खास है। इस मिसाइल का वजन 118 किलोग्राम है और यह 20 से 50 किलोमीटर की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। यह मिसाइल 30 हजार से 52 हजार फुट तक की ऊंचाई पर जा सकती है। यह मिसाइल Active laser और electromagnetic proximity fuse के साथ हमला करती है। यह मिसाइल टेट्रा ट्रक से भी छोड़ी जा सकती है। इस समय यह मिसाइल इजरायल के अलावा भारत, जॉर्जिया, सिंगापुर और वियतनाम के पास भी है। 
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भारत द्वारा पाकिस्तान की सरहद में घुसकर किए गए एयर स्ट्राइक में 325 आतंकी मारे गए हैं। भारत के 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान....

2009 में हुआ था 1800 करोड़ रुपए का सौदा

देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 2006 में इजरायल से Derby मिसाइल खरीदने के लिए करीब 1800 करोड़ रुपए में सौदा हुआ था। सितंबर 2008 में सीवीसी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद 2009 में तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस डील को मंजूरी दी थी।