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बंगाल में TMC नेता के घर मिले 626 कारतूस-पिस्टल, ममता के गुंडों को पुलिस ने दबोचा: 1.07 रूपए करोड़ कैश भी बरामद

       TMC नेता ने खेत में दबा रखे थे ₹500 के नोटों से भरे बोरे, तृणमूल जिला परिषद सदस्य के घर से कैश बरामद
पश्चिम बंगाल में ममता के गुंडों और भ्रष्ट नेताओं का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि अब उनके घर शरीफों के रहने लायक नहीं, बल्कि बारूद के ढेर और अवैध संपत्तियों के गोदाम बन चुके हैं। TMC नेताओं के काले कारनामों का एक और खौफनाक सच सामने आया है। पुलिस ने भारी छापेमारी कर जिला परिषद के रसूखदार TMC नेता अजीत साहा और बडुरिया नगर पालिका के चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य को दबोच लिया है।

शुभेंदु सरकार लगातार अपराधियों पर नकेल कसने का काम कर रही है। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस(TMC) के नेताओं के ठिकानों पर अकूत संपत्ति और नकदी मिलने का सिलसिला जारी है। किसी नेता के घर में मोटी रकम पकड़ी गई है तो किसी के फार्म हाउस से बोरों में भरा कैश बरामद किया गया है।

इनके पास से जो मिला, उसे देखकर पूरा बंगाल दहल गया है। TMC नेता अजीत साहा के घर जब पुलिस ने धावा बोला, तो वहाँ का नजारा किसी खूंखार अपराधी के ठिकाने जैसा था। घर के कोने-कोने से 27 लाख रुपए की गद्दी, 1 पिस्टल, 1 एयरगन और भारी मात्रा में 626 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

इतना ही नहीं, गुंडागर्दी और अय्याशी के सबूत के तौर पर 52 बोतल विदेशी शराब भी जब्त की गई है। यह वही साहा बंधु हैं जिन पर पहले भी हिंसा और जबरन वसूली के संगीन आरोप लग चुके हैं। दूसरी तरफ, ममता के एक और खास नेता दीपांकर भट्टाचार्य के पास से 80 लाख रुपए कैश मिले।

और तो और, TMC दफ्तर के पास जूट के खेत को खोदकर नोटों से भरे बैग और बोरे निकाले गए। इन नेताओं ने बंगाल को पूरी तरह लूट और आतंक का केंद्र बना दिया है। 

खेत में दबा रखे थे 500 रूपए के नोटों से भरे बोरे, खोला तो निकले 2.2 करोड़ रुपए… छापेमारी के बाद गिरफ्तार

TMC नेता और बदुरिया नगर निगम के चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य की अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है। बुधवार (28 मई 2026) को पुलिस ने उनके खेत की खुदाई में 500 रूपए के नोटों से भरे बोरे और ट्रॉली बैग बरामद किए। तस्वीर सामने आई जिसमें पुलिस कंधों पर इन बोरों को ढोकर अपने वाहन में रख रही है। पुलिस ने बताया कि इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 24 लाख रूपए है। इसके अलावा बोरों में कुछ जरूरी दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस को यह कामयाबी उनकी गिरफ्तारी के बाद हासिल हुई। पुलिस ने मंगलवार (26 मई 2026) को भट्टाचार्य को 80 लाख रूपए नकदी और 4000 तिरपाल के साथ उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि इस रकम और सामान सरकारी था जो राहत के लिए लोगों में बाँटा जाना था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने TMC नेता को कोर्ट में पेश कर 6 दिन की रिमांड पर लिया।

TMC नेता भट्टाचार्य से पूछताछ में पुलिस को इस खेत की जानकारी मिली। तभी पुलिस अपने साथ भट्टाचार्य को खेत में ले आई, जहाँ जमीन के नीचे कैश से बरे बोरे बरामद किए गए। इसके अलावा पुलिस ने आसपास के खेतों में भी ड्रोन से तलाशी ली। इसके बाद पुलिस ने भट्टाचार्य के पीए शमीम गाजी को भी गिरफ्तार कर लिया।

उत्तर 24 परगना से TMC नेता और उसके भाई के घर से मोटी रकम मिली

इससे पहले उत्तर 24 परगना के मछलंदपुर में पुलिस ने राशन घोटाले के आरोप में जेल में बंद TMC सरकार में खाद्य मंत्री रहे ज्योतिप्रिय मल्लिक के करीबी TMC जिला परिषद सदस्य अजीत साहा के घर मंगलवार (26 मई 2026) को छापेमारी की। यहाँ पुलिस को 27,80,200 रूपए नकदी, 666 जिंदा कारतूस, 61 खाली कारतूस, एक एयर गन, छर्रों का डिब्बा, एक स्पोर्ट्स शूटिंग राइफल और विदेशी शराब की 52 बोतलें भी पुलिस ने जब्त की। पुलिस ने अजीत साहा और उनके भाई सुजीत उर्फ सुबीर साहा को भी गिरफ्तार किया।

उत्तर प्रदेश : समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मोहल्ले में संभल पुलिस की रेड, महबर और ताजवर के घर से मिले तमंचे: मुल्ला के घर से स्मैक बरामद

संभल में हिंसा के बाद पुलिस की छापेमारी में घरों से बरामद हुए अवैध हथियार और नशीले पदार्थ (साभार- दैनिक भास्कर)
संभल में 24 नवंबर 2024 को मुस्लिमों की भीड़ द्वारा पुलिस पर किए गए हमले के बाद दंगाइयों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने सोमवार (9 दिसंबर) को सांसद जियाउर्रहमान के मोहल्ले में दबिश दी। दबिश के दौरान अवैध हथियारों के साथ नशीले पदार्थों की भी खेप बरामद हुई है। इस दौरान 36 बाइकों का चालान किया गया और 4 को सीज कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभल हिंसा में कार्रवाई के तहत पुलिस ने नखासा थाना क्षेत्र के तिमरदास सराय इलाके में सोमवार को करीब 3 बजे छापेमारी की। इस दौरान 13 घरों की सघन तलाशी ली गई। इनमें से मुल्ला आसिफ के घर से स्मैक की 93 पुड़िया बरामद हुईं। वहीं, ताजवर और महबर के घरों से 315 बोर के तमंचे बरामद किए गए। पुलिस ने महबर को हिरासत में लिया, जो 1999 में हत्या के एक मामले में जेल की सजा काट चुका है।

पुलिस का दावा है कि 315 बोर की गोलियाँ हिंसा के दौरान मारे गए उपद्रवियों के शवों से भी बरामद हुई थीं। फ़िलहाल महबर, मुल्ला आसिफ और ताजवर के घरों में मिले लोगों को पुलिस थाने ले कर गई। पूरे मामले की न्यायिक जाँच जारी है, और प्रशासन दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

सपा सांसद जियाउर्रहमान के घर के आगे भी पुलिस ने दो बार पैदल मार्च किया। जिले भर में वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। सोमवार को ही कुल 36 बाइकों का चालान किया गया। इसमें से 4 को सीज कर दिया गया है।

संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि तलाशी अभियान जनपद में बाहरी लोगों की मौजूदगी की सूचना पर चलाया जा रहा है। बाहर से कौन लोग किस वजह से आए हैं इसकी तस्दीक करवाई जा रही है। बकौल SP तलाशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। बरामद सामान सील कर जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

24 नवंबर को संभल की जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए न्यायालय के आदेश पर एक टीम पहुँची थी। इस टीम को मुस्लिम भीड़ घेरने लगी। पुलिस ने भीड़ को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर दी। हिंसा में डिप्टी कलेक्टर, DSP और लगभग 2 दर्जन अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने बल प्रयोग कर के भीड़ को तितर-बितर किया था। पूरे मामले की न्यायिक जाँच जारी है।

मौलाना उस्मानी दिल्ली से गिरफ्तार ; दरगाह के पीछे मिली किशन भारवाड़ की हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल और बाइक

किशन भारवाड़ (दाएँ) की हत्या में धराया मौलाना उस्मानी
किशन बोलिया (भारवाड़) की हत्या के मामले में गुजरात पुलिस और गुजरात ATS को अहम कामयाबी मिलती है। गुजरात ATS ने मौलाना कमर गनी उस्मानी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उस्मानी पर किशन के हत्यारे शब्बीर को उकसाने का आरोप है। वहीं, गुजरात पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार को बरामद कर लिया है।

देश गुजरात की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने धंधुका में सर मुबारक बुखारी दादा दरगाह के पीछे एक जगह से किशन भारवाड़ की हत्या में इस्तेमाल की गई एक पिस्तौल और बाइक बरामद की है। इस मामले की जाँच कर रही पुलिस टीम आरोपित शब्बीर और इम्तियाज को लेकर सर मुबारक के पीछे पहुँची थीं, जहाँ से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और पिस्तौल बरामद की गई है। दोनों आरोपितों ने 25 जनवरी 2022 को किशन भरवाड़ को मारने के लिए पहले उसका बाइक से पीछा किया था और फिर धंधुका शहर के मोढवाडा-सुंदकुवा इलाके में शब्बीर ने उस (किशन) पर राउंड फायरिंग करके उसकी हत्या कर दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने एक अन्य आरोपित अजीम बचा समा के भाई वसीम समा को भी पूछताछ के लिए मोरबी से गिरफ्तार किया है। अजीम ने अहमदाबाद के मौलवी को हथियार दिए थे और इस मौलवी ने आरोपितों को हथियार मुहैया कराए थे। पुलिस मुख्य आरोपितों के खिलाफ GUCTOC और UAPA के कड़े कानून के तहत मामला दर्ज की है। किशन बोलिया की हत्या (Kishan Boliya Bharwad Murder) के मामले में दो मौलवियों की भूमिका भी सामने आई है, जबकि कई संदेह के दायरे में हैं। इनमें से एक अहमदाबाद का है और दूसरा मुंबई का है। अहमदाबाद के जमालपुर इलाके का मौलवी अय्यूब इन हत्यारों को हथियार मुहैया कराता था। वहीं, मुंबई के मौलवी ने उन्हें किशन की हत्या करने का आदेश दिया था।

गुजरात सरकार ने शनिवार (29 जनवरी 2022) को किशन बोलिया (भरवाड़) की हत्या की जाँच आतंकवाद विरोधी (ATS) दस्ते को सौंप दी है। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने ट्वीट कर बताया, “धंधुका की हिंसक घटना का मामला एटीएस को सौंप दिया गया है। गुजरात पुलिस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

किशन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट अपलोड किया था, जिसके बाद से वह इस्लामी कट्टरपंथी के निशाने पर था। बताया गया था कि किशन ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, वो मुस्लिमों के पैगंबर मुहम्मद से संबंधित था। किशन की पोस्ट पर कई लोगों ने आपत्ति भी जताई थी। पुलिस ने भी किशन के खिलाफ एक्शन लिया था। पोस्ट के बाद से ही किशन को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं। इस घटना के बाद से किशन अपने घर से नहीं निकल रहा था। मंगलवार को अचानक ही वो अपनी बाइक से निकला था, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसकी हत्या कर दी गई।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया था कि किशन पर गोली चलाने वाले बाइक सवार उसके पीछे चल रहे थे, जैसे ही वो मोढवाड़ा मोड़ के पास पहुँचे तो किशन पर पहली गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गया। इसके बाद उस पर दोबारा हमला किया गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से हिन्दू संगठन बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने बीते दिनों धंधुका में बंद का ऐलान किया था। विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) के इस आह्वान को स्थानीय लोगों और अन्य हिन्दू संगठनों का पूरा समर्थन मिला।