

केंद्रीय सुरक्षा में तैनात एक अधिकारी के मुताबिक, कश्मीर में टेरर फंडिंग पर जहां नकेल कसी गयी है वहीं लाइन ऑफ़ कंट्रोल और इंटरनेशनल बॉर्डर पर कड़ी निगरानी के चलते ISI के लिए कश्मीर में मौजूद आतंकियों को मदद करना इतना आसन नहीं रहा. इसी वजह से नेपाल के जरिये अब आतंकियों को भारत के खिलाफ हमले के लिए तैयार किया जा रहा है. भारतीय एजेंसीज़ अब ये पता कर रही है कि पिछले कुछ महीनों में अब तक कितने आतंकी कश्मीर से नेपाल गए हैं.
ख़ुफ़िया एजेंसीज ने पिछले दिनों गृह मंत्रालय को भेजे एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी गुट लश्कर ए तय्यबा फैज़ाबाद और गोरखपुर में अपना बेस बना रहा है और नेपाल और उत्तर प्रदेश से सटे तराई के इलाकों में उसने अपनी गतिवधिया बढ़ा दी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर और फैज़ाबाद से वो अपने आतंकी संगठन में लोगों को भर्ती करने की साज़िश में लगा हुआ है और इसके लिए उसने एक लश्कर आतंकी मोहम्मद उमर मदनी को अपने नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी दी है.
ZEE न्यूज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक उमर मदनी ने नेपाल के कपिलवस्तु में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है जिससे वो यहाँ बैठ कर लोगो को अपने ग्रुप से जोड़ सके और भारतीय सुरक्षा एजेंसीज़ की नज़र से भी बच सके.
गृह मंत्रालय को मिली रिपोर्ट के मुताबिक उमर मदनी ने इस साल मार्च में कोलकाता भी गया था और वो पिछले कुछ दिनों में बिहार के दरभंगा में कई बार जा चुका है. लश्कर की नज़र मदरसा में पढ़ने वाले मुस्लिम युवकों पर है जिससे वो इन युवकों को बहला फुसला कर अपने ग्रुप से जोड़ सके.
केंद्रीय सुरक्षा में तैनात के अधिकारी के मुताबिक पिछले कई महीनो से लश्कर अपना नेटवर्क उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मजबूत करना चाहता है. उमर मदनी को लश्कर ने टास्क दिया हुआ है कि वो गोरखपुर, फैज़ाबाद और दरभंगा के युवकों को भर्ती कर ज़कात के बहाने पाकिस्तान भेजे और उसके बाद पाकिस्तान में बने टेरर कैम्पस में इन्हे आतंकी हमले की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद इन्हें वापस भारत भेजा जायेगा और जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल आतंकी हमले के लिए किया जायेगा. (साभार)
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