महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी भाजपा के लिए सरकार बनाने की राह आसान नहीं दिख रही है। शिवसेना अभी भी 50-50 के फॉर्मूले की मांग पर अड़ी हुई है। महाराष्ट्र में चुनाव पूर्व गठबंधन के बाद भी सरकार बनाने में देरी क्यों हो रही है? इस सवाल पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'यहां कोई दुष्यंत नहीं हैं, जिनके पिता जेल में हों।यहां हम हैं, जो 'धर्म और सत्य' की राजनीति करते हैं। शरद जी जिन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया है जो कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।'साथ ही कहा, 'उद्धव ठाकरे जी ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं लेकिन हम उस विकल्प को स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते हैं। शिवसेना ने हमेशा सच्चाई की राजनीति की है, हम सत्ता के भूखे नहीं हैं।'
इन सब के बीच अब शिव सेना ने राज्य में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने का भी इशारा किया है। शिवेसना सांसद संजय राउत ने NDTV से बातचीत में कहा कि हमारा प्रयास राज्य में एक स्थाई सरकार देने का है। अगर बीजेपी हमारे फॉर्मूले पर विचार नहीं करती तो हम कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने पर विचार कर सकते हैं। राजनीति में कोई संत या साधु नहीं होता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई की बीजेपी, गठबंधन की महत्ता को समझते हुए उनके फॉर्मूले को स्वीकार कर लेगी।संजय राउत के अलावा शिवेसना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि हम बीजेपी की तरफ से जवाब का इंतजार कर लेंगे। लेकिन हमें किसी और विकल्प के बारे में सोचने के लिए मजबूर न किया जाए। हम कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते जो बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के लिए सही न हो।
इससे पहले 'शोले' फिल्म में रहीम चाचा के डायलॉग '....इतना सन्नाटा क्यों है भाई?' का इस्तेमाल करते हुए महाराष्ट्र में भाजपा की गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने देश में आर्थिक मंदी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
अवलोकन करें:-
No comments:
Post a Comment