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इजरायल ने पत्र लिखकर भारत सरकार से की संजय राउत की शिकायत, कहा- उन्हें बताए हम आहत हुए: यहूदियों के नरसंहार को ठहराया था जायज

हाल ही में शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने हिटलर द्वारा यहूदियों के होलोकॉस्ट अर्थात नरसंहार को जायज ठहराया था। वहीं अब इस मामले में इजरायली दूतावास ने विदेश मंत्रालय और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर शिवसेना नेता संजय राउत की ‘यहूदी विरोधी’ पोस्ट के बारे में शिकायत की है। 

द प्रिंट की खबर के अनुसार, इस मामले में इजरायल ने भारत सरकार से यह अपील की है कि शिवसेना सांसद को बताया जाए कि उनके यहूदी नरसंहार को जायज ठहराने वाले पोस्ट ने उस देश को किस तरह आहत किया है जो हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है। 

इजराइल द्वारा हमास पर हुई कार्यवाही का विरोध करने वाले क्या आतंकवाद समर्थक हैं? क्यों हमास ने बेकसूर 1400 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था? क्यों हमास स्कूल, मदरसों और हॉस्पिटल को अपना अड्डा बना रहा है? जो कार्यवाही इजराइल ने आतंकवाद के खिलाफ की है, इन्हे वही कार्यवाही भारत सरकार को दंगाइयों और आतंकवादियों के विरुद्ध करने की सलाह देनी चाहिए? जैसे कश्मीर में आतंकवादी घरों में छुपकर हमले कर रहे हैं, सरकार को उस क्षेत्र की बिजली, पानी और खाद्य पदार्थों की पूर्ति को बंद कर आतंकवादियों पर कार्यवाही करे, कोई नहीं बोलेगा, क्योकि उनका वोट बैंक नाराज हो जाएगा, डर है कि कहीं उन्हें रोजी-रोटी के लाले न पड़ जाएं। अगर ये वास्तव में जनहितैषी नेता/पार्टियां है तो जनहित में नगर निगम से लेकर लोक/राज्य सभा में सरकार पर दंगाइयों, भ्रष्टाचारी और आतंकवाद समंर्थको को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा से हमेशा के लिए वंचित किया जाए का प्रस्ताव पारित कानून बनाने के लिए विवश करें। नहीं करेंगे, क्योकि इनकी दुकानें(पार्टियां) बंद हो जाएँगी। जनता मरती है, मरने दो।   

इस मामले की जानकारी देते हुए पत्रकार आदित्य राज कौल ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “नई दिल्ली में इजरायली दूतावास ने यहूदी समुदाय के खिलाफ नरसंहार को उचित ठहराने वाली यहूदी विरोधी टिप्पणियों के लिए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के खिलाफ विदेश मंत्रालय को कड़े शब्दों में एक वर्बल नोट और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा है।”

यह मामला दरअसल, 14 नवंबर, 2023 का है। उस दिन शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने अपने एक्स हैंडल से यहूदियों के खिलाफ हिटलर के नरसंहार को उचित ठहराते हुए एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने एक्स हैंडल ‘आर्टिकल19 इंडिया’ की एक पोस्ट शेयर की थी जिसमें समय से पहले जन्मे बच्चों का एक वीडियो शेयर किया गया था और यह दावा किया गया था कि इजरायली सशस्त्र बलों ने इन शिशुओं के इनक्यूबेटर की बिजली काट दी है।

वहीं संजय राउत ने अपने पोस्ट में कहा था कि यहूदियों को हिटलर ने ऐसे ही कार्यों के लिए मार डाला था। उन्होंने पोस्ट शेयर करते हुए कमेंट में यह लिखा था, ”हिटलर को यहूदी समुदाय से इतनी नफरत क्यों थी? क्या यह अब समझ में आ रहा है?”

संजय राउत ने अपने पोस्ट में कहा कि हिटलर ने यहूदियों को नरसंहार में मार डाला क्योंकि उन्होंने ऐसे कृत्य किए थे। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर द्वारा यहूदियों के नरसंहार को उचित ठहराया। हिटलर ने होलोकॉस्ट में 60 लाख से अधिक यहूदियों की जान ले ली थी, जिसमें उन्हें गैस चैंबर में बंद करके मार दिया गया। हालाँकि, इस पोस्ट के बाद विवाद बढ़ने पर संजय राउत ने पोस्ट हटा दिया था लेकिन तब तक इज़रायली अधिकारियों ने स्क्रीनशॉट ले लिया था। 

आर्टिकल 19 इंडिया ने अपने पोस्ट में लिखा था, ”अल-शिफा अस्पताल में समय से पहले पैदा हुए बच्चे  चीख रहे हैं। जिस इनक्यूबेटर में उन्हें रखा गया था उसकी बिजली इजरायल ने काट दी है। सशस्त्र बलों ने अस्पताल को चारों तरफ से घेर लिया है। अस्पताल के अंदर किसी भी खाद्य पदार्थ, दूध या पानी की अनुमति नहीं है।” पोस्ट में एक वीडियो भी था जिसमें दावा किया गया कि यह अल शिफ़ा अस्पताल का है।

वहीं इस मामले में खबर आई थी कि अल शिफा अस्पताल में 39 बच्चों की मौत नहीं हुई है, बल्कि यह कहा गया था कि ऑक्सीजन और बिजली की कमी के कारण ये खतरे में हैं। जबकि इस मामले में आईडीएफ ने शिफ़ा अस्पताल को ऑक्सीजन और सहायता प्रदान करने की भी पेशकश की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

इस मामले में सैन्य प्रवक्ता ने कहा था, “आईडीएफ नागरिकों और हमास आतंकवादियों के बीच अंतर करने की अपनी नैतिक और पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। आईडीएफ इनक्यूबेटरों के हस्तांतरण को सुनिश्चित करने के लिए किसी भी विश्वसनीय मध्यस्थ पक्ष के साथ काम करने को तैयार है।”


संजय राउत ने 1 मिनट 21 सेकंड में 4 बार कहा चू#!या: नेता से लेकर हिरोइन तक को गाली

                                                             साभार: गूगल
शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से ऑन कैमरा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कम से कम 4 बात चू#!या कहा। उन्होंने अपनी बात उस समय कही जब उनके सामने पत्रकार ने भाजपा नेता किरीट सोमैया के आरोपों के संबंध में पूछा। राउत ने ये बात सुनने के बाद कहा कि ये सब किसने कहा है? कौन है ये? उन्होंने भाजपा नेता के लिए कहा- ‘ऐसे चू#या बहुत हैं इस देश में।’

मीडिया से शिवसेना नेता की बातचीत की वीडियो सामने आने के बाद देख सकते हैं कि कैसे शिवसेना नेता ने 1 मिनट 21 सेकंड में 4 बार चू#!या बोला। उन्होंने कहा, “देश की राजनीति के बारे में बातें करना मीडिया को शोभा नहीं देता। देश की राजनीति ऐसे चू#!या लोगों को खत्म करेगी। नहीं रहेंगे ऐसे लोग इस देश में। इस देश में राजनीति बहुत स्वच्छ होगी, पारदर्शी होगी और लोकतांत्रिक होगी। 10 मार्च के बाद आपको उसका पता चलेगा। उद्धव ठाकरे जैसा मुख्यमंत्री मिलने आता है उसका इस प्रकार से अपमान करना…ये बीजेपी के लोग जो हैं…ये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का अपमान है। ये मराठियों का अपमान है। इसलिए मैंने उन्हें चू#!या बोला है। मैं दोहराता हूँ। ऐसे लोगों को महाराष्ट्र में केंद्र सरकार सिक्योरिटी देती है।”

नेता से लेकर हिरोइन तक को संजय राउत ने दी है गाली

इससे पहले बीजेपी नेताओं को जेल भेजने की धमकी देने वाले शिवसेना नेता संजय राउत 15 फरवरी 2022 प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आपा खो बैठे थे और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर डाला था। उन्होंने दावा किया था कि शिवसेना कभी भी उन लोगों से नहीं डरती जो लोग नामर्दों की तरह वार करते हैं। बालासाहेब ठाकरे के नाम पर राउत ने कहा था, “अगर तुमने कोई पाप नहीं किया है, अगर तुम्हारा मन साफ है तो किसी के बाप से मत डरो। आज के इस पत्रकार परिषद से हम संदेश देना चाहते हैं कि महाराष्ट्र गा^%* की औलाद नहीं है। मराठी मानुस ईमानदार है और हम आपसे डरने वाले नहीं हैं।”
यह पहला मौका नहीं है जब शिवसेना सांसद ने सार्वजनिक तौर पर इतनी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया हो। सितंबर 2020 में उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत को ‘हरामखोर’ तक कह दिया था। राउत ने कहा था, “क्या होता है कानून? उस लड़की ने जिस तरह से बात किया, क्या वह कानून के लिए सम्मान था? आप क्या उस ‘हरामखोर’ लड़की की वकीली कर रहे हैं। जिसने शिवाजी महाराज का अपमान किया, जिसने महाराष्ट्र का अपमान किया है, आपका चैनल उसकी तरफदारी कर रहा है।” हालॉंकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि कंगना रनौत को हरामखोर इसलिए बोला था, क्योंकि इसके मायने महाराष्ट्र में अलग हैं।

महाराष्ट्र : ‘8 सालों से प्रताड़ना, अश्लील वीडियो कॉल, गालियाँ और झूठे केस’: संजय राउत पर डॉक्टर स्वप्ना पाटकर के आरोप

                                             डॉक्टर स्वप्ना पाटकर ने संजय राउत पर लगाए गंभीर आरोप 
2015 में शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे के जीवन पर एक मराठी फिल्म बनी थी। नाम था – ‘बालकाडु’। अब इस फिल्म की निर्माता डॉक्टर स्वप्ना पाटकर ने शिवसेना संसद संजय राउत पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। स्वप्ना पेशे से साइकोलॉजिस्ट हैं। साथ ही वो ‘द रॉयल मराठी एंटरटेनमेंट’ नामक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वे 2013 में मराठी में मोटिवेशनल पुस्तक ‘जीवन फंडा’ भी लिख चुकी हैं।

अब स्वप्ना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने खुद को एक शिक्षित और सबल भारतीय महिला बताते हुए पत्र में लिखा है कि उन्हें सहानुभूति नहीं, बल्कि इंसाफ चाहिए। स्वप्ना पाटकर ने आरोप लगाया है कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में ‘माइंडवर्क्स ट्रेनिंग सिस्टम्स’ नामक काउंसलिंग क्लिनिक चलाने वाली डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उन्हें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में कई मामलों में पूछताछ के लिए बुलाया जाता है। उन्होंने लिखा है कि ‘शिवसेना भवन’ की तीसरी मंजिल पर बुला कर उनके रिश्तेदारों से मारपीट की गई और उनसे संपर्क काटने को मजबूर किया है। साथ ही सब ख़त्म करने के लिए 4 करोड़ रुपए की वसूली का प्रस्ताव रखने का आरोप भी लगाया गया है। स्वप्ना ने पत्र में लिखा है:

“पुलिस से पूछताछ करवा के भी जब संजय राउत की राक्षसी ख़ुशी को संतुष्टि नहीं मिलती तो मुझे परेशान, प्रताड़ित और बदनाम कर के मेरा चरित्र-हनन किया जाता है। वो कहते हैं कि पुलिस के पास जाओगी तो भी कुछ नहीं होगा। 2013 में मेरे ऊपर 2 बार हमला हुआ। जाँच अभी तक चल रही है। कोई आरोपित नहीं मिला। 2014 में ACP प्रफुल्ल भोंसले ने बिना कारण मेरे खिलाफ जाँच शुरू की। मुझ पर संजय राउत से फिरौती माँगने का आरोप लगाया गया। 2015 में मेरा पीछा करना शुरू किया गया। धमकियाँ मिलीं। मैं किससे बात करूँ और किससे नहीं, इस पर नियंत्रण करने की कोशिश की गई। मैं कहाँ जा रही हूँ, क्या कर रही हूँ – संजय राउत का सब पर ध्यान रहता था। मुझे रोज ईमेल भेज कर बताना होता था कि मैं कहाँ गई और किससे मिली। बात न मानने पर पुलिस का नया मामला बन जाता था।”

डॉक्टर स्वप्ना पाटकर मुंबई में ‘सैफरन 12’ नामक एक मल्टी क्यूनीन फैमिली रेस्तरां भी चलाती हैं। मार्च 2013 में हुए रेस्तरां के उद्घाटन में अभिनेता संजय दत्त, संगीतकार बप्पी लाहिरी, गायक सुरेश वाडेकर के अलावा दिलीप ताहिल और मुरली शर्मा जैसे वरिष्ठ चरित्र अभिनेता भी पहुँचे थे। सबसे बड़ी बात तो ये कि ‘सामना’ में वो ‘कॉर्पोरेट मंत्र’ और ‘आठवड्याचा मानुष’ नाम से कॉलम लिखा करती थीं।

अब स्वप्ना ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा सांसद संजय राउत के इशारे पर पुलिस ने उन पर ‘धंधा करने’ का आरोप भी लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि 2017 में खुद संजय राउत ने फोन पर धमकी दी और 2018 में कॉन्ट्रैक्ट पर आदमी रख कर उनका पीछा कराया गया। बकौल स्वप्ना, उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को हैक कर कभी सुसाइड नोट तो कभी अश्लील सामग्रियाँ डाली गईं, लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि संजय राउत के खिलाफ वो FIR दर्ज नहीं कर सकते।

उनका आरोप है कि उनके सहकर्मियों को झूठे मामलों में फँसा कर गिरफ्तार करवाया गया और उनका चरित्र प्रमाण-पत्र बनवाया गया। उन्होंने बताया कि वो ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ के पास भी लिखित शिकायत लेकर गई थीं, लेकिन पुलिस NCW का भी सम्मान नहीं करती है। पत्र में उन्होंने संजय राउत के लिए ‘दरिंदा’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए लिखा है कि उन्हें अब भी अश्लील वीडियो कॉल की जाती है और गालियाँ बकी जाती है।

बकौल स्वप्ना पाटकर, उन्होंने गृह मंत्री अनिल देशमुख और NCP सुप्रीमो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को ‘संजय राउत की हरकतों’ के बारे में बताया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने मनसुख हिरेन और पूजा चव्हाण की संदिग्ध मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनकी मौत होती है तो ये आत्महत्या नहीं होगी। जहाँ मनसुख हिरेन एंटीलिया केस में मृत पाए गए थे, TikTok स्टार पूजा चव्हाण की मौत के मामले में शिवसेना नेता वो महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौड़ का नाम सामने आया था।

डॉक्टर पाटकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से कई स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मेल भेजने के बाद आए एक्नॉलेजमेंट को देखा जा सकता है। साथ ही उन्होंने एक चैट स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया कि संजय राउत उन्हें मैसेज भेजते हैं। उन्होंने मुंबई के जोन 8 के DCP को भी मेल लिखा था। उन्होंने कहा कि ट्विटर पर संजय राउत ने उन्हें ब्लॉक कर रखा हुआ है।

संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में भेजे गए 67 लाख रूपए, कंस्ट्रक्शन कंपनी में भी हैं पार्टनर: प्रवीण राउत की 72 करोड़ रूपए की संपत्ति अटैच

                                                  वर्षा राउत के खाते में भेजे गए थे 67 लाख रुपए
प्रवर्तन निदेशालय (ED) वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खिलाफ जाँच कर रहा है। आरोप है कि PMC बैंक के आरोपित प्रवीण राउत की पत्नी और एक अन्य कंपनी ने कुल मिला कर वर्षा के अकाउंट में 67 लाख रुपए भेजे थे। ED ने जानकारी दी है कि प्रवीण राउत ने हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) के नाम पर अवैध लोन्स और अन्य मद में कुल 95 करोड़ रुपए की हेराफेरी की।

प्रवीण राउत को किए गए पेमेंट्स के कोई कागजात तक नहीं थे। HDIL के अकाउंट बुक से पता चला है कि प्रवीण राउत ने पालघर में घर लेने के लिए ये रुपए लिए थे। इस आपराधिक लेनदेन में प्रवीण ने अपनी पत्नी माधुरी के अकाउंट में भी 1.6 करोड़ रुपए भेजे थे। ED ने जानकारी दी है कि इस रकम में से 55 लाख रुपए इंटरेस्ट फ्री लोन के नाम पर वर्षा राउत को ट्रांसफर किए गए। इनमें से 50 लाख रुपए दिसंबर 23, 2010 को ट्रांसफर किए गए थे।

बाकी के 5 लाख रुपए मार्च 15, 2011 को भेजे गए थे। ED ने बताया कि इस रकम का इस्तेमाल मुंबई के दादर ईस्ट में एक फ्लैट खरीदने के लिए किया गया। M/s अवनी कंस्ट्रक्शंस नामक कंपनी में वर्षा और माधुरी पार्टनर्स भी हैं। ओवरड्रॉन कैपिटल को लोन में बदल कर इस कंपनी के द्वारा भी वर्षा राउत को 12 लाख रुपए भेजे गए। मात्र 5625 रुपए के कंट्रीब्यूशन को आधार बना कर ये रकम वर्षा को भेजी गई। वर्षा राउत को मंगलवार (जनवरी 5, 2020) को पेश होने के लिए ED ने समन भेजा है। इससे पहले राकेश कुमार वाधवान और उससे जुड़ी 293 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैच किया गया और साथ ही 63 करोड़ रुपए की ज्वेलरी को भी जब्त किया गया। राकेश के अलावा सारंग वाधवान, वरयाम सिंह, जॉय थॉमस (PMC बैंक के चेयरमैन और एमडी) सहित अन्य के खिलाफ मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने 4355 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में FIR दर्ज की थी, जिसकी जाँच अब ED कर रही है।

HDIL-PMC बैंक घोटाला मामले में ED ने शुक्रवार को ताज़ा कार्रवाई में प्रवीण राउत की 72 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैच किया। वहीं संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि उनसे ED ने कुछ कागजात माँगे हैं और जाँच में सहयोग करते हुए वो कागजात सबमिट कर दिए गए हैं। वर्षा राउत को इससे पहले दिसंबर 29 को जाँच एजेंसी के समक्ष पेश होना था, लेकिन उन्होंने तारीख आगे बढ़ाने की गुजारिश की थी।

संजय राउत की पत्नी से पूछताछ के संबंध में ED अब तक 4 बार समन जारी कर चुकी है। इससे पूर्व भी वो दो दफा स्वास्थ्य आधार पर जाँच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुईं थी। इस मामले को लेकर उनके पति व शिवसेना नेता संजय राउत ने आरोप लगाया था कि भाजपा महाराष्ट्र सरकार को गिराने के लिए जाँच एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है। ED की नोटिस पर भड़के शिवसैनिकों ने मुंबई के कोलाबा में ईडी दफ्तर के सामने भाजपा प्रदेश कार्यालय का पोस्टर लगाया था और शिवसेना भवन के सामने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी।

‘बेशर्म(कंगना रनौत), तू इस्लाम की बात करती है?’ 'बदतमीज महिला' : सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी

अबू आजमी, कंगना रनौत
80 के दशक में प्रदर्शित जीतेन्द्र और सुलक्षणा पंडित अभिनीत फिल्म "अपनापन" का एक गीत "आदमी मुसाफिर है आता और जाता है ...." सुशांत राजपूत केस में चरितार्थ हो रहा है, सुशांत दुनियां में आया और गया, लेकिन अपनी हत्या से बॉलीवुड के घिनौने चेहरे को उजागर कर गया। ड्रग्स के बहाने अभी तो परदे को मात्र हाथ लगाया है, परदे के पीछे और परदे के पीछे और बिछी चादर उठनी बाकी है और जब पूरा पर्दा हटेगा, तब क्या हालत होगी, बॉलीवुड से लेकर सियासत तक जो खलबली मच रही है, स्पष्ट संकेत दिखने शुरू हो गए हैं। इस चकाचौंध दुनियां कितनी गंदगी से भरी पड़ी है। अगर गंभीरता से जाँच हुई, पता नहीं कितने धुरंदर नपेंगे, जो छद्दम सेकुलरिज्म का चोला ओढ़े सत्ता के गलियारों में बैठ जनता के धन पर मालपुए खाने के साथ-साथ अपनी तिजोरियां भर रहे हैं। आगे देखो होता क्या है? 
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी कंगना रनौत से खासे खफा हैं और इसी क्रम में उन्होंने शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत का अनुसरण करते हुए कंगना रनौत पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली। कंगना को अबू आजमी ने बेशर्म करार दिया। अबू आजमी ने दावा किया कि कंगना रनौत ने कहा था कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में इस्लामी वर्चस्व ख़त्म कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूछा, ‘ बेशर्म! इस्लाम के बारे में बात करती है तू?’
अबू आजमी ने महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ये बातें कही। उन्होंने मीडिया में बयान देते हुए भी कंगना पर अलग-अलग टिप्पणी की है। इससे पहले उन्होंने कहा कि अगर कंगना रनौत को मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं है तो वो अपने राज्य हिमाचल प्रदेश में रहे और वहीं काम करे। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस कभी नाकामयाब नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वो पहले से ही ड्रग्स को लेकर आवाज़ उठाते रहे हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों की प्रक्रियाएं 


सपा नेता ने ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ की अभिनेत्री को ‘बदतमीज महिला’ बताते हुए कहा कि वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भाषा बोल रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि शिवसेना जो भी कर रही है, वो ठीक कर रही है। अबू आजमी वैसे तो शिवसेना के खिलाफ बोलते रहे हैं लेकिन इस बार उन्होंने कंगना रनौत के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी का पक्ष ले रहे हैं। अबू आजमी की टिप्पणियों के बाद लोगों ने उनका विरोध किया।
कुछ ही महीनों पहले सपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी की थी। बाद में उलटा महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारी का ही ट्रांसफर कर दिया था। आजमी ने शर्मा के सस्पेंड करने की माँग करते हुए कहा था, “ये औरत कहती है कि आप पुलिस पे इल्जाम लगाते हो, मैं बात नहीं करूँगी। तेरे बाप के बाप के बाप को बात करनी पड़ेगी।” शर्मा के तबादले को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सौमैया ने उद्धव सरकार को घेरा था।
फराह खान-रिया चक्रवर्ती
फराह खान उतरी रिया के समर्थन में, कभी जिसका शौहर भी जो चूका है ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी ने भारतीय फिल्म उद्योग की कई सच्चाइयों को उजागर किया है। अभिनेता ऋतिक रोशन से संबंधित होने के लिए पहचाने जाने वाली ऐसी ही एक तथाकथित बॉलीवुड ’सेलिब्रिटी’ फराह खान ने अभिनेत्री रिया खान के साथ सहानुभूति जताने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है।
ड्रग्स खरीदने और उसके इस्तेमाल के लिए रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद, फराह खान ने रिया को ‘कठिन समय में मजबूत रहने’ के लिए कहा है। फराह खान ने कहा कि ‘जब तक आपका विवेक साफ है, तब तक आप मजबूत रहेंगे।’
फराह खान ने रिया को नसीहत दी कि ‘ईश्वर में विश्वास रखें और हर दिन प्रार्थना करें’, क्योंकि उन्होंने कहा था कि ‘अगर ईश्वर ने आपको यहाँ पहुँचाया है तो सिर्फ यह ध्यान रखें कि वही आपको इससे बाहर भी निकालेगा।”
फराह खान ने खुद ही स्वीकारा है कि हालाँकि, वह रिया चक्रवर्ती से कभी नहीं मिली हैं, ना ही उन्हें, ना ही उनके परिवार को जानती हैं, फिर भी फराह खान ने रिया को मजबूत रहने की सलाह दी है।
रिया की गिरफ्तारी को लेकर फराह खान की भावनाएँ इतनी गहरी थीं कि उसने ‘टाइम्स नाउ’ की पत्रकार नविका कुमार के खिलाफ भी अपशब्द कहे। दरअसल, नाविका कुमार ने ही रिया की गिरफ्तारी की खबर शेयर करते हुए कहा था कि पहली बार ड्रग्स की कहानी उनके द्वारा ही सामने रखी गई थी।
फराह खान ने वरिष्ठ पत्रकार नविका कुमार को यह कहकर लताड़ लगाई, “एक दिन आप दूसरी तरफ होंगे और फिर वहाँ ऐसे लोग भी होंगे जो आपके लिए उतने ही निर्दयी होंगे जितने कि आप हैं। मेरी बात याद रखना।”
आश्चर्य की बात यह है कि अगर फराह खान कभी रिया से नहीं मिली, उन्हें जानती तक नहीं तो फिर वह रिया चक्रवर्ती के समर्थन में कूदने वाली पहली महिला क्यों थी? संभवतः वह रिया के दर्द को महसूस कर रही होंगी। इन्हे शायद यह भी डर सता रहा होगा कि ड्रग्स मामले में उनके शौहर या फिर उनका नाम भी न आ जाए। 
फराह खान के पति डीजे अकील 2007 में दुबई में ड्रग्स रखने के आरोप में पकड़े गए थे। हालाँकि, डीजे अकील को कुछ दिनों के बाद रिहा कर दिया गया था, जब अधिकारी उस पर किए गए परीक्षणों में ड्रग्स के सबूत खोजने में विफल रहे।
फराह खान के बारे में बहुत लोग कुछ भी नहीं जानते, लेकिन लोग बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन को जानते हैं। यह कम सुनाई देने वाली ’सेलिब्रिटी’ ऋतिक रोशन की पूर्व पत्नी सुज़ैन खान की बहन और संजय खान की बेटी है। वही संजय खान, जो 1990 के दशक की शुरुआत में एक लोकप्रिय टेलीविजन श्रृंखला में टीपू सुल्तान की भूमिका के लिए जाने जाते थे।
वह उन इस्लाम समर्थकों में से एक थीं, जो अभिनेता तुषार कपूर के पीछे सिर्फ इस कारण पड़ गई थी क्योंकि उन्होंने दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों को फ़ेक फेक न्यूज़ फ़ैलाने से बचने की अपील की थी। उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पर भी दंगे भड़काने का आरोप लगाया था।
फरहा पाकिस्तान आर्मी का भी समर्थन कर चुकी है 
रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थन में सामने आने वाली फराह खान ने एक बार पाकिस्तान के लिए भी अपना समर्थन जताया था। धर्मनिरपेक्ष और सहिष्णु दिखने की अपनी कोशिश में, उसने पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रवक्ता द्वारा एक फर्जी प्रोपेगेंडा ट्वीट को री-ट्वीट किया था, जिसमें कश्मीर को ‘इंडिया ऑक्युपाइड जम्मू कश्मीर’ कहा गया था।
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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बॉलीवुड में सरेआम इस्तेमाल और सप्लाई किए जा रहे ड्रग्स का एंगल सामने आया है.....
जब उसे इस मूर्खता का आभास कराया गया तो उसने और भी मूर्खता के साथ जवाब देते हुए कहा कि उसने आसिफ गफूर के प्रोपेगेंडा ट्वीट को सिर्फ इस कारण समर्थन के योग्य माना क्योंकि उसके ट्विटर हैंडल में लिखा गया था- ‘पीस फॉर चेंज।’

मंदिर का निर्माण रोक देना चाहिए; खुदाई में मिले अवशेषों ने शिव सेना ने राम से बनाई दूरी

शिवसेना, राम मंदिर
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
सत्ता की भूख कितनी भयंकर होती है, यह उस शिव सेना ने सिद्ध कर दिया है, जो बाल ठाकरे से लेकर बीजेपी से सम्बन्ध विच्छेद होने से पूर्व तक अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने की बात किया करती थी। लेकिन अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने पर इन दोनों का ऐसा रंग चढ़ा की राम मंदिर के पक्षधर से राम मंदिर विरोधी हो गयी।  
महाराष्ट्र में सत्ता मिलते ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर शिवसेना के सुर बदल गए हैं। रामजन्मभूमि स्थल पर खुदाई में अवशेष मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी सांसद संजय राउत ने कहा है कि फिलहाल अयोध्या में मंदिर का निर्माण रोक देना चाहिए।
राउत ने कोरोना वायरस का हवाला देते हुए कहा कि यह राम मंदिर निर्माण और भारत-पाकिस्तान करने का नहीं है। यह वही शिवसेना है जो कभी राम मंदिर का श्रेय लेने का कोई मौका जाया नहीं करती थी। लेकिन, जब से उसने महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है उसके स्टैंड में बदलाव दिख रहा है।
टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक शिवसेना सांसद संजय राउत ने गुरुवार (21 मई 2020) को कहा, “हमारा पूरा ध्यान कोरोना से जंग पर है। खुदाई के दौरान जो अवशेष मिलेंगे उन्हें देखने वाले और लोग हैं। अभी राम मंदिर, भारत-पाकिस्तान जैसे मुद्दों को अलग रख दिया जाना चाहिए। अभी देश के सामने सबसे बड़ा संकट कोरोना वायरस है और उस पर फोकस करना चाहिए।”

संजय राउत के इस बयान को लेकर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने शिवसेना पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है, “देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान…”
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर खुदाई चल रही है। खुदाई में प्राचीन अवशेष मिल रहे हैं। कई पुरातात्विक मूर्तियाँ, खंभे और शिवलिंग मिले हैं, जो इस स्थान पर पहले एक मंदिर होने की तरफ इशारा करते हैं। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चम्पत राय ने कहा कि मलबा हटाने के दौरान कई मूर्तियाँ और एक बड़ा शिवलिंग भी मिला है।
अयोध्या रामजन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से ही राम मंदिर निर्माण की दिशा में पहल शुरू हो गई थी। लेकिन कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के चलते कुछ समय के लिए इसमें रुकावट आ गई थी।
संजय राउत के ताज़ा बयान के पीछे उस संकट को भी समझा जा सकता है, जिससे इन दिनों महाराष्ट्र बुरी तरह से जूझ रहा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 1390, जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 39297 हो गई है।
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राजनीति कितने निचले स्तर पर जा सकती है, इसका उदाहरण केवल भारत में ही मिल सकता है। अपनी कुर्सी की खातिर अपने भगवानों ...
महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों के बाद सीएम पद को लेकर शिवसेना ने लंबे समय से सहयोगी रही बीजेपी का साथ छोड़ दिया था और धुर विरोधी कॉन्ग्रेस और एनसीपी का दामन थाम पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली थी। इसके बाद से ही शिवसेना के सुर हिंदुत्व को लेकर बदले-बदले दिखाई देते हैं।

इंदिरा गाँधी जिस अंडरवर्ल्ड डॉन से मिलने जाती थीं, वो एक अफगानी तस्कर था: संजय राउत, शिवसेना नेता

गैंगस्टर करीम लाला, संजय राउत, पूर्व पीएम इंदिरा गांधीमहाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनाने के लिए अपना महत्तवपूर्ण योगदान देने वाले शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार (जनवरी 15, 2020) को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने मीडिया समूह को दिए एक साक्षात्कार में दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी गैंगस्टर करीम लाला से मिलने पाइधोनी (दक्षिण मुंबई) आती थीं।
उन्होंने मुंबई अंडरवर्ल्ड की बात करते हुए ये भी कहा कि एक दौर था जब दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी मुंबई के पुलिस कमिश्नर तय किया करते थे। साथ ही ये निर्धारित करते थे कि सचिवालय में कौन बैठेगा। उनके मुताबिक गैंगस्टर हाजी मस्तान तो जब भी मंत्रालय में आता था, तब पूरा मंत्रालय उसे देखने नीचे आ जाता था। जबकि इंदिरा गाँधी खुद करीम लाला से मिलने आती थीं।
sanjay-raut_011620122737.jpgमीडिया समूह को साक्षात्कार देते हुए संजय राउत ने दावा किया कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम सहित कई गैंगस्टरों की तस्वीरें खींची है। शिवसेना नेता ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक बार दाऊद इब्राहिम को फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा, “मैंने उसे देखा है, मैं उससे मिला हूँ, मैंने उससे बात की है और मैंने उसे फटकार भी लगाई।”
करीम लाला मूल रूप से अफगानिस्तान के कुनार प्रांत का निवासी था। उसका असली नाम अब्दुल करीम शेर खान था और उसका जन्म सन 1911 में हुआ था। बताया जाता है करीम पश्तून समुदाय का आखिरी राजा था। उसका परिवार काफी संपन्न था। वह कारोबारी खानदार से ताल्लुक रखता था। जिंदगी में ज्यादा कामयाबी हासिल करने की चाह में वो हिंदुस्तान आया और 1960 से 1980 के बीच में मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा नाम बन गया। वह मुंबई में कच्ची शराब की भट्ठियाँ और जुए के अड्डे चलवाता था। तस्करी में उसकी हाजी मस्तान से होड़ रहती थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज भले ही हाजी मस्तान मिर्जा को मुंबई अंडरवर्ल्ड का पहला डॉन कहा जाता है। लेकिन, कई रिपोर्ट्स के अनुसार अंडरवर्ल्ड के जानकार बताते हैं कि सबसे पहला माफिया डॉन करीम लाला था। जिसे खुद हाजी मस्तान भी असली डॉन कहा करता था। करीम लाला का आतंक मुंबई में सिर चढ़कर बोलता था। मुंबई में तस्करी समेत कई गैर कानूनी धंधों में उसके नाम की तूती बोलती थी। लोग ये भी कहते हैं कि वह जरूरतमंदों और गरीबों की मदद भी करता था।
21 साल की उम्र में अफगानिस्तान से भारत आने का फैसला करने वाला अब्दुल करीम शेर खान पाकिस्तान के पेशावर शहर के रास्ते मुंबई पहुँचा था। उसने यहाँ पहले दिखावे के लिए कारोबार शुरू किया लेकिन असल में वे डॉक से हीरे जवाहरात की तस्करी करने लगा था। सन् 1940 तक उसने इस काम में इतनी पकड़ बना ली थी कि तस्करी के धंधे से उन्हें बहुत मुनाफा होने लगा। देखते ही देखते उसने कई जगहों पर दारू और जुए के अड्डे खोल दिए। समय के बढ़ने के साथ मुंबई में उसका खौफ और उसका नाम दोनों बढ़ते गए।
करीम लाला ने बतौर गैंगस्टर कई मामलों में मध्यस्थता कर उन्हें सुलझवाया। धीरे-धीरे वो इतना लोकप्रिय हुआ कि हर समाज और संप्रदाय के लोग उसके पास मदद मांगने आने लगे। उसके यहाँ अमीर और गरीब में कोई फर्क नहीं होता था। वह जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करता था। और, तलाक चाहने वाले लोगों को अक्सर समझाता था कि तलाक समस्या का हल नहीं होता।
इन सबके अतिरिक्त करीम लाला फिल्म उद्योग के करीब था। उसने एक बार हेलन की मदद की थी। लेकिन दाऊद का दौर शुरू होते ही वो परेशान रहने लगा था। दोनों के बीच धंधे को लेकर विवाद बढ़ गए थे। मारपीट शुरू हो गई थी। कहा जाता है एक बार दाऊद इब्राहिम को करीम लाला ने जमकर पीटा था। जिसके बाद दाऊद को गंभीर चोट आई थी। इसके बाद दोनों के बीच दुश्मनी और नफरत इस कदर बढ़ गई कि 1981 में करीम लाला के पठान गैंग ने दाऊद इब्राहिम के भाई शब्बीर की दिन दहाड़े हत्या कर दी थी। शब्बीर के कत्ल से दाऊद इब्राहिम तिलमिला उठा और उससे बदला लेने की ठान बैठा। 1981 से 1985 तक दोनों की गैंग के बीच में गैंगवार होती रही। जिसके कारण कई दर्जन लोग मारे गए। धीरे-धीरे दाऊद की कंपनी ने मुंबई से करीम लाला का सफाया कर दिया और साल 2002 में 90 साल की उम्र में करीम लाला की मौत हो गई।
आज संजय राउत द्वारा करीम लाला और पूर्व पीएम इंदिरा गाँधी का नाम एक साथ लेने के कारण ये नाम फिर सुर्खियों में आ गया। वरना अब मुंबई में अंडरवर्ल्ड का ऐसा कोई प्रकोप नहीं है।

राहुल गाँधी की सार्वजनिक रूप से पिटाई करें उद्धव ठाकरे : रंजीत सावरकर, वीर सावरकर के पोते

उद्धव ठाकरे-राहुल गॉंधीवीर सावरकर पर राहुल गॉंधी की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बयान के बाद से महाराष्ट्र में मिलकर सरकार चला रही शिवसेना और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ गई है। वहीं, सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा है कि इस बयान के लिए उद्धव ठाकरे को राहुल गॉंधी की सार्वजनिक रूप से पिटाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह अच्छा है कि राहुल गॉंधी, राहुल सावरकर नहीं हैं। ऐसा होता हम सबको अपना मुॅंह छिपाना पड़ता। अब हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएँगे। वे कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया तो वे उसे सार्वजनिक रूप से पीटेंगे। मैं उम्मीद करता हूॅं कि शिवसेना ने सावरकर पर अपना स्टैंड नहीं बदला होगा।”
राहुल गाँधी के इस बयान से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बेहद नाराज हैं। इस मसले पर वे कांग्रेस आलाकमान से बात करेंगे। उद्धव का कहना है कि ऐसे बयानों से बचा जाए जो गठबंधन के लिए ठीक नहीं है। इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने सावरकर को देश का आदर्श बताते हुए कहा था कि इस पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सावरकर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पंक्तियॉं “सावरकर माने तेज, सावरकर माने त्याग, सावरकर माने तप, सावरकर माने तत्व” भी ट्वीट की है।

संजय राउत ने कहा, “वीर सावरकर को लेकर राहुल गाँधी ने जो कुछ भी कहा, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से अपील करता हूँ कि वो वीर सावरकर के साहित्य को राहुल गाँधी को भेजें। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली जाकर राहुल गाँधी को सावरकर की किताबें गिफ्ट करनी चाहिए, ताकि वो सावरकर को समझ सकें और उनकी गलतफहमी दूर हो सके। कांग्रेस नेताओं को राहुल गाँधी को यह भी बताना चाहिए कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों के खिलाफ किस तरह संघर्ष किया था और लड़ाई लड़ी थी।”
इससे पहले भी संजय राउत राहुल गाँधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि हिन्दुत्व विचारक के प्रति श्रद्धा को लेकर कोई “समझौता” नहीं किया जा सकता। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘वीर सावरकर न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए आदर्श हैं। सावरकर का नाम राष्ट्र और स्वयं के बारे में गौरव को दर्शाता है। नेहरू और गाँधी की तरह सावरकर ने भी देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। ऐसे प्रत्येक आदर्श को पूजनीय मानना चाहिए। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।”
राहुल गॉंधी ने सावरकर को लेकर टिप्पणी शनिवार (दिसंबर 14, 2019) को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के दौरान की थी। ‘रेप इन इंडिया’ वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की माफी की मॉंग पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘संसद में शुक्रवार(दिसम्बर 13) को भाजपा के लोगों ने कहा कि मैं अपने भाषण के लिए माफी मॉंगूॅं। मुझे कहते हैं कि सही बात बोलने के लिए माफी मॉंगो। मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है, मेरा नाम राहुल गॉंधी है। मैं सच्चाई के लिए कभी माफी नहीं मॉंगूॅंगा। मर जाऊँगा मगर माफी नहीं मॉंगूॅंगा और न कोई कांग्रेस वाला माफी मॉंगेगा।’’
जनता ने एक बार फिर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। राहुल गांधी ने आज रामलीला मैदान में भारत बचाओ रैली को संबोधित किया। लेकिन देश की जनता ने इस भारत बचाओ नहीं गांधी बचाओ रैली करार दिया है। देश की जनता कांग्रेस की असलियत को जान चुकी है और सोशल मीडिया पर जमकर पोल खोल रही है। आप भी जानिए लोगों की राय-



इसके बाद से ही वे भाजपा और शिवसेना के निशाने पर हैं। दोनों दलों के सुर एक जैसे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गॉंधी के बयान को शर्मनाक बताया है। भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्ह राव ने कहा है, “राहुल गॉंधी के लिए अधिक उपयुक्त नाम ‘राहुल जिन्ना’ है। मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति और सोच उन्हें मोहम्मद अली जिन्ना का वारिस बनाती है, सावरकर का नहीं।’’
गिरिराज सिंह, CAB
‘CAB पर हिंसा करने वाले गजवा-ए-हिंद के समर्थक : गिरिराज सिंह
नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में तनाव की स्थिति है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने नागरिकता क़ानून का विरोध करने वालों को गजवा-ए-हिंद का समर्थक बताया है। 
भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने रविवार (15 दिसंबर) को ट्वीट कर कहा, “CAB में नागरिकता देने का प्रावधान है लेने का नहीं…गजवा-ए-हिंद के समर्थक केरल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी या अन्य जगह पर उपद्रव कर रहे हैं। यह गजवा-ए-हिंद के समर्थक हो सकते हैं, हिंदुस्तान के नहीं।”


मोदी सरकार में पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि महादेव ने माँ भारती को सशक्त और सेवा करने के लिए भेजा, मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक, अनुच्छेद-370, तीन तलाक़, नागरिकता संशोधन क़ानून (CAB), NRC, राम मंदिर जैसे कई महान कार्य किए।
पाकिस्तान की ताल पर नाच रहे राहुल गाँधी
राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तान की ताल पर नाच रहे हैं और उनकी भाषा बोलकर हिन्दुस्तान को बदनाम और कमज़ोर करने की साज़िश रच रहे हैं। 
इसके अलावा, गिरिराज सिंह ने बिहार और बंगाल में भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने के लिए माँग फिर से दोहराई। उन्होंने कहा कि NRC आएगा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए और राज्यों को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद यह क़ानून पूरे देश में एक साथ लागू होना चाहिए।


विपक्ष के विरोध के बावजूद नागरिकता (संशोधन) विधेयक बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा द्वारा और सोमवार (9 दिसंबर) को लोकसभा द्वारा पारित किया गया। मौजूदा क़ानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल यहाँ रहना अनिवार्य था। नए कानून में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए यह अवधि घटाकर 6 साल कर दी गई है। मौजूदा क़ानून के तहत भारत में अवैध तरीके से दाखिल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती थी और उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने का प्रावधान था।
वहीं, CAB के पारित होने के बाद विभिन्न मुस्लिम संगठनों से संबंधित कई सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किए। हालाँकि, यह विरोध प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं रहा, ये जल्द ही हिंसा में तब्दील हो गया। खासकर पश्चिम बंगाल में हिंसा का उग्र रूप देखने को मिला।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में एक रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार शाम को हजारों लोगों द्वारा आग लगा दी गई, जिसमें अधिकतर लोग मुस्लिम समुदाय से संबंधित थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे पुलिस बल के कर्मियों की भी पिटाई की।

कांग्रेस ने तोड़ा संजय राउत का गोवा ड्रीम

Image result for संजय राउत महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी की गठबंधन सरकार बनने के बाद शिवसेना सांसद नेता संजय राउत ने गोवा में जल्द एंटी बीजेपी सरकार बनाने का दावा किया था। कांग्रेस ने उनके इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार के गिरने की कोई संभावना नहीं है।
राउत ने कहा था कि शिवसेना कि नजर अब गोवा की राजनीति पर है। गोवा के पूर्व डिप्टी उपमुख्यमंत्री विजय सरदेसाई शिवसेना के साथ गठबंधन कर रहे हैं। राउत ने कहा था, “गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष और गोवा के पूर्व उप-मुख्यमंत्री विजय सरदेसाई तीन विधायकों सहित शिवसेना के साथ गठबंधन कर रहे हैं। गोवा में एक नया राजनीतिक फ्रंट आकार ले रहा है जैसा कि महाराष्ट्र में हुआ। जल्द ही गोवा में भी आपको चमत्कार दिखाई देगा।” साथ ही राउत ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने गोवा में सरकार बनाने के लिए हर तरह की जोड़-तोड़ की।
उन्होंने कहा कि सावंत ने कांग्रेस के सबसे भ्रष्ट नेताओं को साथ मिलाकर सरकार बनाई, जो कि गोवा की जनता को पसंद नहीं है। राउत ने यह भी दवा किया कि महाराष्ट्र के बाद गोवा और उसके बाद शिवसेना अन्य राज्यों का भी रुख करेगी ताकि देश में बीजेपी विरोधी फ्रंट बने।

लेकिन राउत के इन दावों को कांग्रेस ने सिरे से नकार दिया है। गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश चोडांकर ने कहा उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की बजाए विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। उन्होंने कहा, “गोवा में भाजपा सरकार गिरने पर मुझे ख़ुशी होगी। लेकिन ऐसी कोई संभावना नहीं है। भाजपा के पास 30 विधायकों का समर्थन है। मैं सरकार गिराने की बजाए विपक्ष में बैठना ज्यादा पसंद करूँगा।”
वहीं, शिवसेना सांसद के बयान पर गोवा बीजेपी चीफ विनय तेंदुलकर ने तंज कसते हुए कहा है कि राउत, ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ की तरह दिन में ख्वाब देख रहे हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र की जनता से किए गए वादे पूरे करे, जहाँ उसने कांग्रेस और एनसीपी की मदद से सरकार बनाई है।

अजित पवार साथ ने देते तो आर्थर रोड जेल में होते: संजय राउत

संजय राउत, शिवसेनामहाराष्ट्र में राजनीतिक अटकलों ने एकाएक करवट बदली, सूबे में भाजपा-एनसीपी (फिलहाल अजित पवार) ने नई सरकार गठित की। देवेंद्र फडणवीस जहाँ मुख्यमंत्री बने, वहीं अजित पवार ने डेप्युटी सीएम के नाम का शपथ ग्रहण लिया। लेकिन, NCP पार्टी प्रमुख शरद पवार ने इस निर्णय पर नाख़ुशी ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को समर्थन देने का अजीत पवार का निर्णय उनका व्यक्तिगत निर्णय है न कि राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी का। शरद पवार ने कहा, “हम उसके इस फ़ैसले का समर्थन नहीं करते हैं।”
वहीं, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने महाराष्ट्र में अचानक बदले राजनीतिक समीकरणों पर अश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि NCP ने यूटर्न क्यों लिया हमें नहीं पता। अनवर ने कहा, “देश में सिद्धांत-विचारधारा की राजनीति बची नहीं है। साजिश थी जिसको गुप्त रखा गया। पीएम और भाजपा अपने साजिश में कामयाब हुए।” वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में सरकार गठन पर अजित पवार के निर्णय पर वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि यह निर्णय पार्टी का नहीं है और न ही इस निर्णय को शरद पवार का समर्थन प्राप्त है।
इस बीच, शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स आयोजित की, इसमें उन्होंंने कहा कि बैठक में अजित पवार हमसे बात नहीं करते थे। उनकी बॉडी लैंग्वेज ऐसी थी – वो बाहर निकले और अपना फोन बंद कर दिया। राउत ने कहा कि इन सारी बातों से शरद पवार का कोई संबंध नहीं। अजित पवार ने जो निर्णय लिया है, भाजपा की ओर से तोड़ने की कोशिश हुई है, उसे जनता जवाब देगी। उसने शरद पवार को धोखा दिया। उन्होंने कहा कि अगर देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री नहीं बनते तो अजित पवार आर्थर रोड जेल में होते।
सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि कल तक भाजपा जिन लोगों पर भ्रष्टाचार पर कार्यवाही कर रही थी, आज उन्ही को गले लगाकर उन्हें ईमानदार नेता बनाकर सिद्ध कर दिया है कि भाजपा की भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई मात्र एक छलावा है। आगे-आगे देखिए होता है क्या। 

संजय राउत ने कहा कि जो महागठबंधन करने जा रहे थे उससे देश की दिशा बदलने वाली थी। रात में ये पाप हुआ है। दिन में सब के सामने शपथ क्यों नहीं लिया? चोरी की है, डाका डाला है, जनता के साथ दगा किया है। पैसा और सत्ता का दुरुपयोग करके ये धोखा हुआ है। आँखे खुलने के पहले ये पाप नष्ट होगा। राउत ने आगे कहा, “अजित पवार पर बोलने की ज़रूरत नहीं। कल नौ बजे तक हमारे साथ बैठे थे, बात भी कर रहे थे। फिर ग़ायब हो गए। लेकिन वो नज़रों से नज़र नहीं मिला रहे थे क्योंकि उनकी नज़रों में चोरी थी। भाजपा ने राजभवन का दुरुपयोग किया है।”
प्रेस कॉन्फ्रेन्स में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “मैं मानता था कि राज्यपाल ऐसे व्यक्ति हैं जो आरएसएस से आए हैं, संस्कारी हैं, लेकिन ये अंधेरे में पाप हुआ है, धोखा हुआ है। अजित पवार और उनके साथ जो विधायक हैं उन्होंने छत्रपति शिवाजी और महाराष्ट्र का नाम खराब किया है। जनता जवाब देगी।”

महाराष्ट्र में कोई दुष्यंत नहीं हैं, जिनके पिता जेल में हो--संजय राउत, शिव सेना सांसद

'महाराष्ट्र में सरकार बनने में देरी क्यों?' इस सवाल पर बोले शिवसेना सांसद- यहां कोई दुष्यंत नहीं हैं, जिनके पिता जेल में होमहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी भाजपा के लिए सरकार बनाने की राह आसान नहीं दिख रही है। शिवसेना अभी भी 50-50 के फॉर्मूले की मांग पर अड़ी हुई है महाराष्ट्र में चुनाव पूर्व गठबंधन के बाद भी सरकार बनाने में देरी क्यों हो रही है? इस सवाल पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'यहां कोई दुष्यंत नहीं हैं, जिनके पिता जेल में होंयहां हम हैं, जो 'धर्म और सत्य' की राजनीति करते हैं शरद जी जिन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया है जो कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे'
साथ ही कहा, 'उद्धव ठाकरे जी ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं लेकिन हम उस विकल्प को स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते हैं शिवसेना ने हमेशा सच्चाई की राजनीति की है, हम सत्ता के भूखे नहीं हैं'
इन सब के बीच अब शिव सेना ने राज्य में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने का भी इशारा किया है शिवेसना सांसद संजय राउत ने NDTV से बातचीत में कहा कि हमारा प्रयास राज्य में एक स्थाई सरकार देने का है अगर बीजेपी हमारे फॉर्मूले पर विचार नहीं करती तो हम कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने पर विचार कर सकते हैं राजनीति में कोई संत या साधु नहीं होता है हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई की बीजेपी, गठबंधन की महत्ता को समझते हुए उनके फॉर्मूले को स्वीकार कर लेगीसंजय राउत के अलावा शिवेसना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि हम बीजेपी की तरफ से जवाब का इंतजार कर लेंगे लेकिन हमें किसी और विकल्प के बारे में सोचने के लिए मजबूर न किया जाए हम कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते जो बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के लिए सही न हो 
इससे पहले 'शोले' फिल्म में रहीम चाचा के डायलॉग '....इतना सन्नाटा क्यों है भाई?' का इस्तेमाल करते हुए महाराष्ट्र में भाजपा की गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने देश में आर्थिक मंदी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार साझे की हांड़ी बीच चौराहे पर ही फूटती है, जो महाराष्ट्र में घटित होता दिख रहा है। कल तक भ...

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा, '...इतना सन्नाटा क्यों है भाई???.' 'शोले' फिल्म में यह डायलॉग रहीम चाचा (एके हंगल) का है जब गब्बर सिंह (अमजद खान) बाहर नौकरी के लिए जा रहे उनके बेटे की हत्या कर उसकी लाश एक घोड़े पर रखकर गांव में भेजता है उस दौरान सभी गांव वाले एकदम चुप हैं और दृष्टिबाधित खान चाचा सबसे सवाल करते हैं '....इतना सन्नाटा क्यों है भाई?'