
जबकि जमात समर्थक कहते हैं कि जमात में तहजीब से रहने, इस्लाम का कुरान में दी हिदायतों को अपनाकर अमन से रहने की नसीयत दी जाती है। लेकिन जबसे कोरोना के उजागर होने पर इन्हे इलाज के लिए हस्पतालों में भेजा जाने पर Corona Warriors जैसे पुलिस, डॉक्टर और नर्सों पर थूकना, हॉस्पिटल लॉबी में शौच करना कुछ और ही दर्शाता है। दूसरे, मुस्लिम समाज द्वारा इन्हें मस्जिदों और मदरसों में छुपाकर रखना जले पर नमक का काम किया है। देश में हालत बिगड़ने में इन्ही तब्लीग़ियों की वजह से हैं। जमात समर्थकों को मजहब का चश्मा उतार कर मस्जिदों में छुपाकर रखने वालों को किस श्रेणी में रखेंगे? क्या उनसे पूछने का साहस करेंगे कि किस आधार पर इन्हे छिपाकर रखने का दुस्साहस कर, जनता की जान को जोखिम में डालने का काम कर रहे हैं? जनहित में लगी पुलिस को छिपे बैठे तब्लीग़ियों को मस्जिदों से निकालना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक आरोपित मरीज पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में आयोजित मजहबी सभा शामिल होने वाले उन 36 रोगियों में से एक है, जिसे यहाँ पर भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने कहा कि वह जब से वार्ड में भर्ती हुआ है, तब से वह मेडिकल स्टाफ के साथ सहयोग नहीं कर रहा है। अस्पताल के अधिकारियों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है और अस्पताल की शिकायत के आधार पर मरीज के खिलाफ आईपीसी की धारा 269, धारा 270 और धारा 271 के तहत केस दर्ज किया गया है।
मामले पर पुलिस ने कहा कि फिलहाल जिस तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की कोशिश की जा रही है, ऐसे में इस तरह से किसी के ऊपर थूकना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के कोरोना वायरस वार्ड में भर्ती मरीज ने शनिवार को कथित तौर पर अपना मास्क हटाया और नर्स के ऊपर फेंक दिया, जिसको लेकर अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य रोगियों के बीच काफी आक्रोश है।
इससे पहले जब जमातियों को निजामुद्दीन स्थित मरकज से निकाला जा रहा था, तब भी इन लोगों ने बसों में बैठते वक्त पुलिस-सरकारी कर्मचारियों के ऊपर थूक रहे थे। वहीं गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में नर्सों के साथ बदतमीजी करने, अश्लील इशारे करने और बिना कपड़ों के घूमने के बाद अब इन तबलीगी जमात के सदस्यों ने सुंदरदीप आयुर्वेदिक कॉलेज की महिला कर्मियों के साथ अभद्रता की। इलाज के दौरान ये जमाती कभी इन्हें हाथ लगाने की कोशिश करते हैं तो कभी इनको देखकर सीटी बजाते हैं, जन्नत दिखाने की बात कहते हैं।
अवलोकन करें:-
इसके साथ ही कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के क्वारंटाइन वार्ड में जमातियों ने मेडिकल व पैरामेडिकल स्टॉफ का सहयोग न करते हुए उनके साथ बदसलूकी की। थूक-थूककर गंदगी फैला दी। सोशल डिस्टेंसिंग का भी मजाक उड़ाया गया। क्वारंटाइन में रहने के बावजूद ये लोग एक ही बेड पर बैठे रहते हैं। मना करने पर भी नहीं मानते हैं। ये जमाती डॉक्टरों से जाँच कराने से भी इंकार कर रहे हैं।
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