कठुआ केस की वकील दीपिका सिंह राजावत का नया छद्दम सेकुलरिज्म : ईद पर बधाइयां और नवरात्रि पर हिन्दुओं का अपमान

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
आज कल हिन्दुओं को अपमानित करना और मुस्लिमों के प्रति प्यार दर्शाना सेक्युलर गैंग का फैशन बन गया है। लेकिन अब तक की इन छद्दम सेकुलरों द्वारा मजहब और जाति देख सियासत करने पर आभास होता है, शायद इनको सेकुलरिज्म भावार्थ तक का ज्ञान नहीं। अगर होता तो देश में कोई अराजक तत्व मुंह उठाने का साहस नहीं करता। 

लेकिन जो जितना अधिक हिन्दुओं के देवी-देवताओं के खिलाफ बोलेगा और लिखेगा, वह उतना ही बड़ा सेक्युलर कहलाएगा। इसका ताजा प्रमाण कठुआ केस की विवादास्पद वकील दीपिका सिंह राजावत के ट्वीट से मिलता है। एक तरफ वह ईद के मौके पर मुस्लिमों को बधाइयां देती नजर आती हैं, वहीं नवरात्रि पर हिन्दुओं के धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के लिए ट्वीट करती है। दीपिका ने सोमवार एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि नवरात्रि के दिनों में लड़कियों की क्या स्थिति होती है और बाकी दिनों में क्या होती है।

सोशल मीडिया पर इस ट्वीट के खिलाफ काफी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने इस ट्वीट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। बढ़ते विरोध को देखकर दीपिका ने फिर ट्वीट किया। लेकिन उनका यह दूसरा ट्वीट लोगों को शांत करने की जगह और भड़काने का काम किया। दीपिका ने उल्टे लोगों को उपदेश देते हुए लिखा, “मेरी धार्मिक भावनाएं कोई कांच नहीं हैं कि पल भर में टूट जाएंगी। मैं मेरा धर्म और कर्म बेखूबी जानती हूं।”

हिन्दू विरोधी मानसिकता से ग्रसित दीपिका अपना सेक्युलर चेहरा चमकाने और खुद को सेक्युलर गैंग का झंडाबरदार साबित करने के लिए किस तरह मुस्लिमों से प्यार दर्शाती है, इसका प्रमाण ईद के मौके पर दी गई बधाइयां हैं।

ऐसा पहली बार नहीं है, जब दीपिका ने मुस्लिमों की तरफदारी की हो। इससे पहले भी हिन्दुओं के खिलाफ और मुस्लिमों के पक्ष में ट्वीट करती रही है।


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