हैदराबाद में बाढ़ आई है, ‘चड्डी वाले संघी’ लोगों की मदद करने में जुटे हुए थे

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को विरोधी 'मुस्लिम विरोधी', 'महात्मा गाँधी के कातिल', ‘अनपढ़’, ‘जाहिल’, ‘गंवार', ‘संघी’, ‘धार्मिक कट्टरपंथी’, ‘चड्ढी पहनने वाला’ और न जाने क्या-क्या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े लोगों को अक्सर सुनने को मिलता रहता है मगर सच तो यह है कि जब कभी देश में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, यही संघी अपनी जान जोखिम में डाल घरों से बाहर निकल आते हैं। जबकि संघ की ही तर्ज पर कांग्रेस ने कांग्रेस सेवा दल बनाया था, जो केवल कांग्रेस अधिवेशनों एवं अन्य पार्टी कार्यक्रमों में सक्रीय होता है, उसे किसी प्राकृतिक आपदा से कोई मतलब नहीं। जबकि प्राकृतिक आपदा आने पर प्रभावित क्षेत्रों में जितना स्वयंसेवक सक्रिय होकर पीड़ितों की मदद करते हैं, उतनी सहायता शायद ही कोई और संगठन करता हो। संघ को इस बात से कोई मतलब नहीं कि केन्द्र अथवा प्रभावित राज्य में किस पार्टी की सरकार है। इसका हालिया उदाहरण हैदराबाद में बाढ़ आने के बाद भी देखने को मिला।

जब अधिकांश लोगों को यह तक ज्ञात नहीं कि हैदराबाद बाढ़ जैसी मुसीबत से गुजर रहा है, उस समय आरएसएस के ‘चड्ढी पहनने वाले संघी’ अपनी जान को खतरे में डालकर लोगों की बुनियादी जरूरतों को उन तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं।

आरएसएस से जुड़ी सेवाभारती नाम की संस्था ने ट्विटर पर कुछ वीडियोज डाली हैं। इनमें देखा जा सकता है कि स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को खाने पीने का सामान मुहैया करवा रहे हैं।

इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्यकुमार ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि कोई भी प्राकृतिक आपदा में आरएसएस के स्वयंसेवक बिना जाति, धर्म और विचारधारा देखे, जरूरतमंदों की मदद करने पहुँचते हैं। ये दृश्य उन लोगों के चेहरे पर थोड़ी शर्म लेकर आए जो निराधार ही आरएसएस पर जातिवाद और सांप्रदायिक होने का आरोप मढ़ते हैं।

सेवाभारती तेलंगाना के ट्विटर अकॉउंट पर किए गए ट्वीट के मुताबिक कल तक (14 अक्टूबर) वहाँ लोगों को 7,329 किट वितरित की जा चुकी है। इनमें बिस्किट, राशन, कंबल, पका खाना, तिरपाल, पानी की बोतलें, कपड़े, बर्तन और फर्स्ट एड किट्स शामिल हैं।

अकॉउंट पर शेयर की गई वीडियो में नजर आ रहा है कि खुद बाढ़ से जूझकर स्वयंसेवक घरों में दूध पहुँचा रहे हैं। साथ ही नौकाओं के जरिए कई पीड़ितों को बचा भी रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अभी तक मेडिपल्ली में 130 पीड़ितों को सेवाभारती स्वंय सेवकों ने बचा लिया है।

200 खाने के पैकेट भी पीड़ितों में बाँटे जा चुके हैं। ट्वीट के समय के मुताबिक यह आँकड़े कल तक के हैं। सक्रिय स्वंयसेवकों के प्रयासों से इनमें बढ़ौतरी भी हो सकती है।

शैकपेट नाला के पास एमजी नगर बस्ती में तो महिला स्वयंसेवकों ने 113 लोगों को खाना पहुँचाया।

बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वयंसेवक रहने को छत, पेट भरने को खाना और आपदा से उभरने के लिए काउंसलिंग भी दे रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बरसात के कारण हैदराबाद में बाढ़ की आफत आ गई है। कई लोगों से उनके आशियाने छिन गए हैं और कइयों के वाहनों तक को पानी का तेज प्रवाह अपने साथ बहा कर ले गया है।

भारी बारिश के कारण प्रदेश के उपनगरों में बहुत पानी भरा रहा। जिसके कारण सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य जारी रखा।

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