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कोरोना के दूसरे काल में सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व सेवा भारती ने तैयार की कार्य योजना

नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2021 । वर्तमान में हम सब वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं । आज पूरा विश्व कोविड-19 के दुष्प्रभाव से ग्रस्त है । इस कारण पूरे विश्व की गति थम सी गई है। समाज के हर वर्ग पर इसकी मार पड़ी है । ऐसी विषम और त्रासदीपूर्ण परिस्थितियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व सेवा भारती ने समाज की सज्जन शक्ति को साथ में लेकर दिल्ली में कोरोना से सम्बंधित समस्याओं के समाधान के लिए नीचे दिए बिन्दुओं के अनुसार व्यापक प्रयास शुरू कर दिए हैं -

1. दिल्ली में स्थानीय स्तर पर पुलिस व प्रशासन के साथ समन्वय करके कार्यकर्ताओं ने कोरोना काल में जरूरतमंदों को आयुर्वेदिक काढ़ा/होम्योपैथिक दवाई, ऑक्सिजन सिलेंडर, आइसोलेशन सेंटर आदि की व्यवस्था के लिए योजना बनाई है। एक हेल्पलाइन नंबर सेवा भारती द्वारा शीघ्र जारी किया जाएगा जिस पर कॉल करने पर जरूरतमंदों को कोरोना काल से सम्बंधित सभी जरूरी आवश्यकताएं पूरी की जाएँगी।

2. कोरोना से बचाव के लिए  सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक संस्थाओं के सहयोग से मास्क, सोशल डिस्टेंस व स्वच्छता के लिए जनजागरण अभियान भी आरम्भ किये जाएंगे जिसमें स्थानीय स्तर पर मास्क बनाकर वितरित किये जाएंगे। क्षेत्र में वैक्सीनेशन के लिए जागरूकता अभियान एवं इसके पंजीकरण में लोगों की सहायता की जाएगी सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर भी इसके लिए जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा।

3. डॉक्टर्स के द्वारा स्थानीय स्तर पर ऑनलाइन संवाद के कार्यक्रम किये जाएंगे, साथ ही FAQ के लिए कुछ डॉक्टर्स के वीडियो बनाकर शेयर करने की योजना है। 

4.इस कोविड काल में सबसे ज्यादा समस्या अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को हो रही है, इसके लिए अपने-अपने क्षेत्र में सेवा भारती कार्यकर्ताओं वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार करेंगे, जिसमें से प्रत्येक कार्यकर्ता अकेले रह रहे एक-एक वरिष्ठ नागरिक को अपनाकर उनकी हर तरह की सहायता करेगा।

5.कोरोना संक्रमित रोगी की सहायता के लिए प्लाज्मा दान सहित अन्य हर संभव प्रयास कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में करेंगे। इसके अतिरिक घर से दूर रहकर काम करने वाले, पी.जी. छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थी एवं जिन परिवारों में सब लोग यदि कोरोना पीड़ित हैं उनके लिए हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से कॉल आने पर निशुल्क भोजन पहुँचाने की व्यवस्था पर भी कार्य योजना तैयार की गई है।

6.शमशान घाटों में दाह संस्कार के लिए बड़ी संख्या में आ रहे शवों के कारण हो रही व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी को ठीक करने के लिए वहां की प्रबंध समिति को कार्यकर्ता सहायता करेंगे ।

7.क्षेत्र में पलायन कर रहे दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिक परिवारों को हर संभव सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।

8.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली प्रान्त के अंतर्गत प्रत्येक नगर इकाई में कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी ताकि उनके स्वस्थ होने पर उनसे प्लाज़्मा आदि की स्थानीय स्तर पर व्यवस्था हो सके।

9.  UTKARSH BHARAT एप के द्वारा 'रक्त-सेवा' Digital Helpline प्रारम्भ हो गयी है। इस Helpline के माध्यम से प्रत्येक बस्ती में जो Blood/Plasma/Platelets - Donate कर सकते हैं उनका पंजीकरण करवाया जा रहा है । इसके पश्चात जिन्हें भी Blood/Plasma/Platelets की आवश्यकता होगी उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

जारीकर्ता

भारत भूषण

प्रान्त कार्यवाह

रा. स्व.संघ,दिल्ली

हैदराबाद में बाढ़ आई है, ‘चड्डी वाले संघी’ लोगों की मदद करने में जुटे हुए थे

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को विरोधी 'मुस्लिम विरोधी', 'महात्मा गाँधी के कातिल', ‘अनपढ़’, ‘जाहिल’, ‘गंवार', ‘संघी’, ‘धार्मिक कट्टरपंथी’, ‘चड्ढी पहनने वाला’ और न जाने क्या-क्या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े लोगों को अक्सर सुनने को मिलता रहता है मगर सच तो यह है कि जब कभी देश में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, यही संघी अपनी जान जोखिम में डाल घरों से बाहर निकल आते हैं। जबकि संघ की ही तर्ज पर कांग्रेस ने कांग्रेस सेवा दल बनाया था, जो केवल कांग्रेस अधिवेशनों एवं अन्य पार्टी कार्यक्रमों में सक्रीय होता है, उसे किसी प्राकृतिक आपदा से कोई मतलब नहीं। जबकि प्राकृतिक आपदा आने पर प्रभावित क्षेत्रों में जितना स्वयंसेवक सक्रिय होकर पीड़ितों की मदद करते हैं, उतनी सहायता शायद ही कोई और संगठन करता हो। संघ को इस बात से कोई मतलब नहीं कि केन्द्र अथवा प्रभावित राज्य में किस पार्टी की सरकार है। इसका हालिया उदाहरण हैदराबाद में बाढ़ आने के बाद भी देखने को मिला।

जब अधिकांश लोगों को यह तक ज्ञात नहीं कि हैदराबाद बाढ़ जैसी मुसीबत से गुजर रहा है, उस समय आरएसएस के ‘चड्ढी पहनने वाले संघी’ अपनी जान को खतरे में डालकर लोगों की बुनियादी जरूरतों को उन तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं।

आरएसएस से जुड़ी सेवाभारती नाम की संस्था ने ट्विटर पर कुछ वीडियोज डाली हैं। इनमें देखा जा सकता है कि स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को खाने पीने का सामान मुहैया करवा रहे हैं।

इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्यकुमार ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि कोई भी प्राकृतिक आपदा में आरएसएस के स्वयंसेवक बिना जाति, धर्म और विचारधारा देखे, जरूरतमंदों की मदद करने पहुँचते हैं। ये दृश्य उन लोगों के चेहरे पर थोड़ी शर्म लेकर आए जो निराधार ही आरएसएस पर जातिवाद और सांप्रदायिक होने का आरोप मढ़ते हैं।

सेवाभारती तेलंगाना के ट्विटर अकॉउंट पर किए गए ट्वीट के मुताबिक कल तक (14 अक्टूबर) वहाँ लोगों को 7,329 किट वितरित की जा चुकी है। इनमें बिस्किट, राशन, कंबल, पका खाना, तिरपाल, पानी की बोतलें, कपड़े, बर्तन और फर्स्ट एड किट्स शामिल हैं।

अकॉउंट पर शेयर की गई वीडियो में नजर आ रहा है कि खुद बाढ़ से जूझकर स्वयंसेवक घरों में दूध पहुँचा रहे हैं। साथ ही नौकाओं के जरिए कई पीड़ितों को बचा भी रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अभी तक मेडिपल्ली में 130 पीड़ितों को सेवाभारती स्वंय सेवकों ने बचा लिया है।

200 खाने के पैकेट भी पीड़ितों में बाँटे जा चुके हैं। ट्वीट के समय के मुताबिक यह आँकड़े कल तक के हैं। सक्रिय स्वंयसेवकों के प्रयासों से इनमें बढ़ौतरी भी हो सकती है।

शैकपेट नाला के पास एमजी नगर बस्ती में तो महिला स्वयंसेवकों ने 113 लोगों को खाना पहुँचाया।

बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वयंसेवक रहने को छत, पेट भरने को खाना और आपदा से उभरने के लिए काउंसलिंग भी दे रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बरसात के कारण हैदराबाद में बाढ़ की आफत आ गई है। कई लोगों से उनके आशियाने छिन गए हैं और कइयों के वाहनों तक को पानी का तेज प्रवाह अपने साथ बहा कर ले गया है।

भारी बारिश के कारण प्रदेश के उपनगरों में बहुत पानी भरा रहा। जिसके कारण सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य जारी रखा।

RSS से जुड़ी संस्था सेवा भारती को अमर सिंह ने दान की करोड़ों की प्रॉपर्टी

समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता और राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने आजमगढ़ स्थित अपनी पैतृक संपत्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी संस्था सेवा भारती संस्थान को दान कर दी है। 
सूत्रों के मुताबिक, अमर सिंह ने अपने स्वर्गीय पिता की याद में उनकी संपत्ति सेवा भारती के नाम पर करने का फैसला लिया। जब से उनके पिता की मौत हुई थी, तभी से उनका यह घर खाली रहता था। दान की गई संपत्ति की कीमत करीब 15 करोड़ बताई जा रही है। 
इसमें उनका पैतृक आवास भी शामिल है, जिसकी कीमत 4 करोड़ है। साथ ही तरवां गांव की 10 बीघा जमीन जिसकी कीमत 10 करोड़ बताई जा रही है दान में दी गई है। 
नवंबर 28 को वाराणसी से जौनपुर जाते हुए अमर सिंह ने इस बात की पुष्टि की और कहा, ‘संघ बड़ी संस्था है. उसे कुछ दान देना बहुत छोटी बात होगी।  मेरे स्वर्गीय पिता की याद में मेरी संपत्ति को देकर, मैंने समाज की सेवा के प्रयासों में योगदान करने की कोशिश की है।' 
 अमर सिंह ने उन आरोपों का जवाब नहीं दिया, जिसमें कुछ राजनीतिक पार्टियां यह कह रही हैं कि आरएसएस के माध्यम से अमर सिंह बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं। 
अमर सिंह की पूरी राजनीतिक पारी आरएसएस के खिलाफ रही है। वे आरएसएस को सांप्रदायिक बताते रहे हैं।
अमर सिंह की पैदाइश आजमगढ़ की है। मुलायम सिंह सरकार में उन्होंने आजमगढ़ के विकास के लिए बहुत काम किया। लेकिन 2010 में सपा से निकाले जाने के बाद उन्होंने अलग पूर्वांचल राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर राष्ट्रीय लोक मंच नाम की एक पार्टी बनाई. इसको लेकर उन्होंने पद यात्रा भी की, लेकिन उनकी पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली। 

अमर सिंह ने भाजपा का समर्थन करते हुए विपक्षी पार्टियों पर बोला हमला

राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने नवंबर 28 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा के साथ-साथ सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पहले वाराणसी के एयरपोर्ट पर तो उसके बाद जौनपुर में आयोजित एक समारोह में उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। कहा कि मैं भाजपा में भले ही नहीं हूं लेकिन मोदी के साथ हूं। मोदी का कारवां बढ़ता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने सपा और बसपा अध्यक्ष के साथ ही महागठबंधन पर तंज भी कसा। 
राज्यसभा सांसद ने कहा कि जो बाप का नहीं हुआ, वह जनता का क्या होगा। अखिलेश समाजवादी नहीं, नमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं। भारत माता को डायन कहने वाले उनके साथ हैं। वह जौनपुर के सर्वोदय विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज मीरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।  अमर सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को विकास के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया है। गरीबों को उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और जनधन जैसी योजनाएं दी हैं। 
लोग मुझसे पूछते हैं कि भाजपा में कब जा रहे हैं। मैं कहता हूं कि जो देश को आगे बढ़ा रहा है, मैं उसके साथ हूं। कहा कि एससी-एसटी एक्ट मामले में दुष्प्रचार हुआ है। न्यायालय के आदेश में छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए थी। आप लोग मोदी का साथ मत छोड़िएगा, वरना बदले का डंडा लेकर बुआ और बबुआ खड़े हो जाएंगे। सांसद ने कहा कि श्रीराम मंदिर पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मोदी और योगी ही भव्य मंदिर बनवा सकते हैं। 
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश पर चुटकी लेते हुए कहा कि रामचंद्र कह गए सिया से एक दिन कलयुग आएगा, बेटा अखिलेश राज करेगा, बूढा बाप जंगल जाएगा। समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती है, जो देश के लिए घातक है। वाराणसी एयरपोर्ट पर कहा कि विपक्षी दल महागठबंधन नहीं, महाठगबंधन बन रहे हैं। अमर ने कहा कि बबुआ बस अब अंगूठा चूसेंगे। कागज की कश्ती जिसका कागज़ गल गया हो, जिसका खाली कंकाल रह गया हो, उस सपा से कांग्रेस क्यों समझौता करेगी।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में कहा कि कुछ लोगों का चरित्र होता है कि वे छेड़ते नहीं लेकिन उनको जब कोई छेड़ता है तो वो उसे छोड़ते नहीं। उसका छोटा रूप खुद को और बड़ा रूप नरेंद्र मोदी को बताया। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को मौन रहने की नसीहत भी दे डाली। आजम खां को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भारत के संविधान की शपथ लेकर वह मंत्री तो बन गए थे लेकिन अपने देश पर टिप्पणी करने पर जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अमर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को हमने अपनी जमीन दान नहीं, समर्पित की है। आरोप लगाने वालों का वह जवाब देना उचित नहीं समझते। राम मंदिर मुद्दे पर कहा कि रामलला की मूर्ति तो अब भी वहीं है। पूजा भी हो रही है। विपक्ष को नहीं दिख रहा है।