जब देश में छद्दम धर्म-निरपेक्ष नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में जगह-जगह धरने एवं प्रदर्शन के दौरान जो हिन्दू और हिन्दुत्व के लिए अपमानजनक शब्दावली का प्रयोग किया जा रहा था, यदि उसी शब्दावली का इस्लाम के विरुद्ध किया होता निश्चितरूप से देश में आग लग गयी होती, लेकिन जयचन्दी बेशर्म हिन्दू उस शब्दावली का विरोध करने की बजाए तन,मन और धन से हिन्दू विरोधियों का समर्थन कर रहे थे। वास्तव में जो निर्णय हिमंत बिस्वा सरमा जिस कठोरता का निर्णय लिया है, यह उसी समय लिया जाना चाहिए था।
जब धरने और प्रदर्शनों में "fuck hindutva" और हिन्दुओं की अनुपस्थिति में भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने के लिए कहा जाता था कि "सेकुलरिज्म तब तक जब तक भारत इस्लामिक स्टेट नहीं बन जाता", कर किसी कारण मीडिया में आने के बाद भी जयचन्दी बेशर्म हिन्दू तब भी इनका साथ देते रहे, क्यों? किस लालच में हिन्दू होते हुए हिन्दुत्व का अपमान बर्दाश्त कर रहे थे? विस्तार से पढ़ने के लिए पूर्व में लिखे लेखों का अवलोकन करें।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने अक्टूबर 11, 2020 को कहा कि अगर उनकी पार्टी 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आती है तो राज्य सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ ‘कठोर लड़ाई’ शुरू करेगी।
असम में विधानसभा चुनाव अगले साल मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित है। डिब्रूगढ़ में भाजपा महिला मोर्चा की एक बैठक में उन्होंने कहा, ‘‘हमें असम की जमीन पर लव जिहाद के खिलाफ एक नई और कड़ी लड़ाई शुरू करनी होगी। अगर भाजपा दोबारा सत्ता में आती है तो हम यह निर्णय लेंगे कि अगर कोई भी लड़का धार्मिक पहचान छुपाता है और असम की बेटियों और महिलाओं पर कुछ भी नकारात्मक टिप्पणी करता है तो उसे कड़ी सजा मिले।”
If ‘Ajmal's army’ touches our women, punishment for them will be death sentence: Assam minister on love jihad.https://t.co/yXItYohfqC
— TIMES NOW (@TimesNow) October 12, 2020
Secularism ki batti bana lo. Har waqt apne hi logon pe attack karo! Secularism kuchh nahi hai! its a weapon against non muslims! Jis din 1 ☪ bhi barh gaya uss din secularism 🗑 mein hoga & Bharat ☪ bana diya jayega moorkho!😠😬
— THE SIKH 🇮🇳! NO KHALISTAN!🇮🇳🙏 (@THE18SIKH) October 12, 2020
Anti conversion law should be implemented across India by central Act. Currently this laws are in force in eight out of twenty-nine states: Arunachal Pradesh, Odisha, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Gujarat, Himachal Pradesh, Jharkhand, and Uttarakhand.
— Raj (@rajendrashenoy) October 12, 2020
That's a real santani line. Yes we need that.
— drkd (@drkd84243660) October 12, 2020
This should be the 'moto' in the entire nation to preserve the 'religious demography of India' and to prevent India from becoming 'Islamic caliphate'.
— Dr V N Jha (@drjhavn1) October 12, 2020
Marrying or adopting other religion has to be either 'totally open' or 'totally closed'. #WakeUpEverybody
इतने निडर और खुल के बोलने वाले नेता आज भी हैं। 🙂
— Shivam Singh (@ShivamVats1807) October 12, 2020
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ‘‘लव जिहाद ने असम की बेटियों के लिए पहाड़ जैसी बड़ी समस्या खड़ी की है। कई लड़कियों की तो तलाक की नौबत आ गई क्योंकि उन्हें गलत नाम बताकर लड़कों ने धोखा दिया।”
बैठक के दौरान ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर निशाना साधते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि ‘अजमल की सेना’ के पुरुष अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर सोशल मीडिया पर लड़कियों से दोस्ती कर रहे हैं और फिर उनसे शादी कर रहे हैं।
यह दावा करते हुए कि फेसबुक पर अन्य धर्मों की लड़कियाँ ‘अजमल की संस्कृति-सभ्यता’ का शिकार हो रही हैं, उन्होंने कहा, “हमने शपथ ली है कि अगर अजमल की सेना हमारी महिलाओं को छूती है, तो उनके लिए एकमात्र सजा मौत की सजा होगी, इससे कम कुछ भी नहीं।” हम ऐसे संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि पूरे देश भर में लव जिहाद के ऐसे तमाम मामले सामने आ चुके हैं जिनमें हिंदू लड़कियों को प्रेम के जाल में फँसा कर पहले उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया, उनसे निकाह किया गया और फिर या तो उन्हें मार दिया गया या उन्हें साथ रख कर प्रताड़ित किया जाता रहा।
लव जिहाद कोई काल्पनिक संकल्पना नहीं है बल्कि वास्तव में कट्टरपंथियों की रची गई साजिश का हिस्सा है, जो आज हिंदू समाज के लिए नासूर बन गई है और न जाने कितनी हिंदू लड़कियों की जिंदगी तबाह कर रही है।
अवलोकन करें:-
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