उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री से माँग करते हुए कहा कि वो न सिर्फ फ्रांस के राष्ट्रपति की निंदा करें, बल्कि तेलंगाना में फ्रेंच प्रॉडक्ट्स पर भी सम्पूर्ण पाबन्दी लगाएँ। उन्होंने सभी मुस्लिमों से अपील करते हुए कहा कि वो फ्रेंच प्रॉडक्ट्स का बॉयकॉट करें। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फ्रांस के राष्ट्रपति के कई पोस्टर भी जलाए। अब्दुल्ला सोहैल ने कहा कि फ्रेंच राष्ट्रपति के बयान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
आश्चर्य है, फ्रांस के विरुद्ध विश्व मुस्लिम समुदाय एकजुट हो रहा है, लेकिन कोई चीन के विरुद्ध बोलने का साहस नहीं कर पा रहा, क्यों? चीन में इस्लाम पर पाबंदियां लगाने के अलावा मस्जिदें जमीनदोज किया जा रहा है। क्या चीन और शेष विश्व के इस्लाम में अंतर है? यदि नहीं, फिर क्यों आज तक चीन के विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस नहीं? फ्रांस की घटना पर भारत में हंगामा हो सकता है, लेकिन चीन का मस्जिदों को जमींदोज़ करने और इस्लाम पर पाबंदियों पर क्यों मुस्लिम समुदाय चुप्पी साधे हुए है? क्या चीन और शेष विश्व के कुरान में फर्क है, यदि नहीं, फिर चीन द्वारा अपने देश के अनुसार कुरान को पुनः लिखने को कहा जा रहा है? आखिर चीन ने मुस्लिम समुदाय की ऐसी कौन-सी नब्ज दबा रखी है, जिस कारण विश्व का समस्त मुस्लिम समुदाय मुंह में दही जमाये बैठा है?
Protest at Hyderabad against France President.
— Abdullah Sohail Shaik (@sascongress) October 30, 2020
France has insulted Prophet Muhammad SAWS and offended Muslims all over the
World.@EmmanuelMacron#Boycott_France#Boycott_French_Products pic.twitter.com/m4Rxop1WT3
Indian Islamic cleric @MSajidRashidi refers to a liberal Muslim woman @SubuhiKhan01 as a ‘zaani’ (adulteress aka prostitute) during debate on French beheadings and Indian Muslim hatred towards France. Host @DChaurasia2312 expressed outrage, but two other Muslim lawyers laughed pic.twitter.com/vmD5TrN6UN
— Tarek Fatah (@TarekFatah) November 4, 2020
याद दिला दें कि इस वैचारिक आतंकवादी को साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जा चुका है। pic.twitter.com/3g9c07OAsM
— Divya Kumar Soti (@DivyaSoti) October 31, 2020
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जानबूझ कर भारतीय मुस्लिम समुदाय को भड़काने के लिए फ्रांस के समर्थन के लिए कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर पैगम्बर मुहम्मद के खिलाफ कोई कुछ भी बोलता है तो मुस्लिम समुदाय इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी ऐसे व्यक्ति का संस्था का समर्थन नहीं करना चाहिए, जिसने किसी समुदाय की भावनाओं को भड़काने का काम किया हो।
उन्होंने कहा कि पूरे तेलंगाना, खासकर हैदराबाद के सभी रिटेल व होलसेल व्यापारियों को तुरंत फ्रांस में बने प्रॉडक्ट्स को हटाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेताया कि जो भी दुकानदार फ्रांस में बने प्रॉडक्ट्स को बेचेगा, मुस्लिम समुदाय के लोग वहाँ जाना बंद कर देंगे। उनके साथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ता थे और बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग भी जुटे थे, जिन्होंने फ्रांस के खिलाफ जम कर नारेबाजी की।
अक्टूबर 29, 2020 को भोपाल में भी हजारों मुस्लिमों की भीड़ सड़क पर उतर आई और प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कॉन्ग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान मसूद ने कहा कि अगर उनका बस चलता, तो वे राष्ट्रपति मैक्रों का चेहरा कुचल देते। उन्होंने आगे कहा, “हमारे हाथ बंधे हुए हैं क्योंकि हम कानून के पालन करने वाले नागरिक हैं और हमें हमारे अल्लाह के नबी द्वारा शांति की शिक्षा दी गई है।”
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