दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। सबसे ज़्यादा हैरानी की बात है कि देश की राजधानी में कोरोना वायरस से पनपी महामारी की तीसरी लहर आ चुकी है। इसी के मद्देनजर, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि हालात ऐसे ही बने रहे तो बहुत जल्द दिल्ली पूरे देश की ‘कोरोना कैपिटल’ बन जाएगी।
न्यायाधीश हिमा कोहली और सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने इस मुद्दे पर चिंता जारी करते हुए अपना नज़रिया पेश किया। पीठ ने कहा, “कोरोना महामारी दिल्ली की सरकार पर पूरी तरह हावी हो चुकी है। दिल्ली आम आदमी पार्टी सरकार यहाँ की जनता के स्वास्थ्य को हल्के में लिया अब उन्हें अलग से इसका सामना करना पड़ेगा। इस तरह के हालात दिल्ली की कार्यप्रणाली पर तमाम प्रश्न खड़े करते हैं।”
Delhi can soon become "corona capital of the country", AAP govt has gone completely 'haywire' on pandemic: HC. #COVID19
— Press Trust of India (@PTI_News) November 5, 2020
trying to make Delhi government understand about their failure.
— Nikhil Kant (@NikhilK76379712) November 5, 2020
Koi nhi sunega bhai
— CA Aspirant (@CAAspir14739406) November 5, 2020
Sab bik chuke hai!
ask credit shah to step in again. or he would wait for another month when things start to settle down?
— Anirudha Singh (@Asingh801) November 5, 2020
to credit shah ko keh de wo lega control.
— Anirudha Singh (@Asingh801) November 5, 2020
Wha wahi lootne ke chakker mi केजरीवाल जी rapid testing karwa rahe hai jo bilkul unhygienic hai agar pehle wale ko covid positive nikla to uske baad wale sab ke sab infected ho rahe hai mi khud example hu
— pankaj jain (@pankajj76521998) November 5, 2020
Free electicity..free bus ..free water..
— Roja🇮🇳 (@_rojaroja) November 5, 2020
Also take home free corona..enjoy
अच्छा मज़े की बात ये है कि, these remarks were made by the bench while hearing a bunch of petitions relating to non-payment of salaries to doctors, paramedical staff, safai karamcharis, teachers and retired engineers and others, employed with North Delhi Municipal Corporation. 😏
— देवांश श्रीवास्तव (@devansh_97) November 5, 2020
Kerala and Delhi run on propaganda completely backed by sold out journalists
— राMஜீह (@RamGEEH) November 5, 2020
Pta hi tha. Kejru ke hisaab se toh Delhi Corona free hai 😁🙏
— Mudit Kohli (@MuDitKoHli21) November 5, 2020
Credit amit Shah nhi
— Anonymous sp (@Anonymoussp4) November 5, 2020
Tumhara favourite arvind kejriwal chori karta tha Sardar Patel covid Centre ka bhi credit chori karne ki koshish ki
Bjpruled me bjp government hai responsible
Lekin delhi me kab tak arvind kejriwal ko defend karte rahoge???
Ye blame game kab tak chalega???
पीठ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली की AAP सरकार ने नागरिकों के स्वास्थ्य का मजाक बनाकर रख दिया है और इस मामले से अलग से निपटा जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने टेस्टिंग के मामले में पहले नंबर पर आने के कई दावे किए हैं लेकिन मामलों की संख्या यहाँ सबसे अधिक है।
इसके बाद पीठ ने महामारी के विषय पर कहा, “सरकार इस बात को लेकर तमाम तरह के दावे करती है कि वह टेस्टिंग के मामले में सबसे आगे हैं लेकिन मामलों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई है। यह शहर बहुत जल्द देश का ‘कोरोना कैपिटल’ बन जाएगा। यह सब कुछ लगातार बढ़ते हुए मामलों की संख्या के चलते होगा। अब हमें इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लेना होगा।”
दिल्ली उच्च न्यायालय की पीठ ने यह टिप्पणी चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों, शिक्षकों, अभियंताओं और उत्तरी दिल्ली नगरपालिका के तहत आने वाले कर्मचारियों के रुके हुए वेतन भुगतान के संबंध में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी की। इसके पहले दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों पर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को खुद तीसरी लहर का डर सता रहा था।
इस पर बयान देते हुए अरविन्द केजरीवाल ने कहा था, “दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। हम कह सकते हैं कि राजधानी में यह कोरोना महामारी की तीसरी लहर (Third wave) है। हम फ़िलहाल इस मुद्दे की पूरी तरह से निगरानी कर रहे हैं और इससे संबंधित हर ज़रूरी कदम उठाएंगे।”
4 नवंबर 2020 तक राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल 6842 नए मामले सामने आए थे। इसके साथ दिल्ली में कोरोना महामारी से प्रभावित मरीजों की संख्या 4,09983 पहुँच गया था।
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