केरल की वामपंथी सरकार लगातार मुश्किलों में फँसती जा रही है क्योंकि अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच में पता चला है कि बिनिश कोदियेरी एक काफी बड़े और अवैध अंडरग्राउंड कारोबार का संचालन कर रहा था। वो सीपीएम के स्टेट सेकेट्री कोदियेरी बालाकृष्णन का बेटा है, इसीलिए राज्य की सत्ताधारी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। नार्कोटिक्स के कारोबार और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में भी उन पर आरोप लगा है।
असल में बिनिश कोदियेरी अलग-अलग लोगों के नाम पर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में कई दुकानों की चेन, कई लक्जरी कारों (जिनमें से प्रत्येक का दाम 2 करोड़ रुपए है), कई होटल, शोरूम, और इलेक्ट्रिकल फिटिंग की दुकानें चला रहा था। ये सभी दुकानें दूसरे लोगों के नाम पर रजिस्टर कराई गई हैं। नवंबर 3, 2020 को उसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5 दिनों के लिए कस्टडी में लिया, ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
#Kerala decides to withdraw general consent given to CBI for conducting investigations in the state; @dir_ed conduct searches at the houses and establishments of Bineesh Kodiyeri and his associates in T'Puram and Kannur and other news updates. @NewIndianXpress @MSKiranPrakash pic.twitter.com/NcdUkpUOgN
— TNIE Kerala (@xpresskerala) November 4, 2020
[Breaking] Kerala Cabinet has decided to withdraw “general consent” given to the Central Bureau of Investigation ( #CBI) to probe cases in the state
— Live Law (@LiveLawIndia) November 4, 2020
दरअसल, ED ने बेंगलुरु से मोहम्मद अनूप नामक ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया था, जिसने बिनिश कोदियेरी के अवैध कारोबार के विवरण साझा किए थे। इसके बाद एजेंसी ने रुपयों के लेनदेन की जाँच शुरू कर दी और इससे जाँच एजेंसी को निवेशों के एक बड़े नेटवर्क का पता चला। ये निवेश ड्रग से कमाए गए रुपयों से अर्जित की गई सम्पत्तियों और व्यवसायों में किए गए थे। इसके लिए कई ड्रग पेडलर्स का सहारा लिया गया था।
साथ ही UAE के कॉन्सुलेट के साथ बिनिश कोदियेरी के रिश्ते और कारोबार भी शक के घेरे में आ गए हैं। जाँच में पता चला है कि वो दलालों के जरिए ऐसे कई अधिकारियों से संपर्क में था। वामपंथी नेता का बड़ा बेटा बिनॉय बालाकृष्णन पहले ही दुबई में एक धोखाधड़ी के मामले में आरोपित है और उस पर 14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। अब इस परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से भी पूछताछ की जा सकती है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के करीबी अधिकारी एम शिवशंकर पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग के मामले का सामना कर रहे हैं। वहीं ED की एक टीम ने बुधवार को बेंगलुरु स्थित कोदियेरी के आवास पर छापेमारी भी की। उसके कई पार्टनरों के ठिकाने भी ED की रडार पर हैं। उसके एक पार्टनर अब्दुल लतीफ़ के कारोबारी ठिकानों पर भी छापेमारी होनी है। वो फ़िलहाल क्वारंटाइन में है क्योंकि उसकी अम्मी को कोरोना हुआ है।
कुछ ही दिनों पहले खबर आई थी कि केरल में एक दलित महिला अपनी दो बेटियों की हत्या के मामले में न्याय के लिए भटक रही है और उसने फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। ये 3 साल पहले की घटना है, जब दोनों नाबालिग बहनों की वालयार में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। हत्या से पहले उन दोनों का यौन शोषण भी किया गया था। अक्टूबर 26, 2020 को उनकी माँ ने न्याय के लिए फिर से आंदोलन शुरू किया है।

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