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जो बायडेन ने की थी एर्दोआँ को सबक सिखाने की बात |
द एसोसिएटेड प्रेस, एनबीसी न्यूज़ और अन्य समाचार आउटलेट्स के अनुमानों के अनुसार डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति ट्रम्प को हराया है, उन्हें 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल हुए है। शनिवार को एक जीत भाषण में बिडेन ने कहा: “मैं एक राष्ट्रपति बनने की प्रतिज्ञा करता हूं जो विभाजन नहीं करना चाहता है, लेकिन एकीकरण करता है। जो लाल राज्यों और नीले राज्यों को नहीं देखता है, वह केवल संयुक्त राज्य को देखता है।” ट्रम्प ने एक बयान भी जारी किया: “साधारण तथ्य यह है कि यह चुनाव खत्म हो गया है। द न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार, चुनाव के दिन से ट्रम्प अभियान ने युद्ध के मैदानों में “लगभग एक दर्जन” मुकदमे दायर किए हैं।
कमला हैरिस इतिहास में पहली महिला, अश्वेत और एशियाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति का चुनाव करती हैं। 56 वर्षीय हैरिस, भारत और जमैका के प्रवासियों की बेटी हैं।राष्ट्रपति-चुनाव जो बिडेन ने शनिवार को काले मतदाताओं को धन्यवाद दिया, जो व्हाइट हाउस में उनके नामांकन और चुनाव की कुंजी थे।डेमोक्रेटिक नामांकन के लिए बिडेन के ठोकर अभियान को दक्षिण कैरोलिना में मुख्य रूप से काले मतदाताओं द्वारा जीत के साथ पुनर्जीवित किया गया था। और फिर अफ़्रीकी-अमेरिकी समर्थन इस सप्ताह विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेंसिल्वेनिया में संकीर्ण जीत में महत्वपूर्ण थे। पूरे देश में कई दिनों के तनावपूर्ण मतदान के बाद, राष्ट्रपति-चुनाव जो बिडेन और उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस दोनों ने शनिवार रात अपने भाषणों में मतदान कर्मियों को धन्यवाद दिया।
जो बायडेन ने कहा था कि वो तुर्की को सबक सिखाते, भले ही इसके लिए उन्हें ‘सिचुएशन रूम’ में हजारों घंटे ही क्यों न व्यतीत करना पड़े या फिर सीरिया या ईराक में स्थिति सुधारने के लिए क्यों न कुछ भी करना पड़े। चुनाव प्रचार के समय ही उन्होंने साफ़ कर दिया था कि वो तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआँ (Erdogan) से बात कर उन्हें चेता देते कि उन्होंने जो कुछ भी किया है, इसके लिए उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इधर आर्मेनियन असेंबली ऑफ अमेरिका ने भी जो बायडेन को बधाई देते हुए माँग की है कि अमेरिका में अजरबैजान और तुर्की के प्रभाव को लेकर जाँच बिठाई जाए। उसने ISIS के साथ तुर्की के गठबंधन के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में अशांति के लिए तुर्की ही जिम्मेदार है और उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। अमेरिका में आर्मेनिया के नागरिकों ने भी तुर्की पर शिकंजा कसने की माँग की है।
जो बायडेन के इस ट्वीट पर लोगों की प्रक्रियाएं :Unlike President Trump, I know what it takes to negotiate with Erdoğan. And if I were president, I would make him pay a heavy price for what he has done. pic.twitter.com/vv4P1q7B5S
— Joe Biden (@JoeBiden) October 16, 2019
@aamir_khan अब बाइडेन तुम्हारे अब्बा के मुल्क को बर्बाद करेगा
— नेहा चौधरी (@Nehajaatni123) November 8, 2020
यह तो खुलेआम कह रहा है कि टर्की को कीमत चुकानी पडेगी
अब तुम्हारे अब्बा और अम्मी के जनाजे की तैयारी कर लो
यह टर्की को कब्रिस्तान बना देगा
भारत मे डर लगता है अब तो टर्की भी सुरक्षित नही रहा
या अल्लाह रहम कर 😀😂😃😝 pic.twitter.com/Ms9mCUQhiG
अपनी बातों पे जो बिडेन अड़े रहे और तुर्की को, लिबेरल्स के नए पिताजी को सबक सिखाये!
— urmila 🇮🇳Indian (@urmila2008) November 8, 2020
आमीर खान को अमेरिका मे चड्डी उतारनी ही पड़ेगी !
— Rajendra (@rbafna4) November 8, 2020
जो बिडेन जिन लेफ्टिस्ट के नए नए पापा बने हैं न बो सुन ले जो बिडेन यहां खुद तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन उनके सबसे बड़ी चुनौती है ।। लेफ्टिस्टो तैयार हो जाओ पुतला फूकने को ।।😂😂🙏
— Udit Pratap Singh (Dev Thakur) (@DevThak05610744) November 8, 2020
बिडेन ने तो पहले ही दिन से भारत के सेक्युलरों को आघात दे दिया है !
— Rajendra (@rbafna4) November 8, 2020
यह तो शुरुआत है देशद्रोहियों !!
I want to do a naked breakdance on the roads for finally the world getting rid of that cockroach @realDonaldTrump ..CONGRATS AMERICA 💐💐💐💪💪💪💃💃
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) November 4, 2020
वहीं अब तुर्की की राजधानी अंकारा में भी जो बायडेन को लेकर हलचल तेज हो गई है और तुर्की के नेता कह रहे हैं कि वो नए अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ संबंधों को ठीक करने के लिए सारी कोशिशें करेंगे। ‘ग्रीक सिटी टाइम्स’ ने अनुमान लगाया है कि ट्रम्प के साथ तो एर्दोआँ के मित्रता भरे थोड़े-बहुत रिश्ते भी थे, लेकिन अब तुर्की को आशंका है कि नए राष्ट्रपति नई शर्तें लेकर आएँगे, जिससे उसे खासी परेशानी होने वाली है।
तुर्की के विदेश मंत्री का भी कहना है कि डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनके मुल्क के गंभीर रिश्ते थे और अब आगे चुनौती भरा समय होने वाला है। डोनाल्ड ट्रम्प ने तुर्की के खिलाफ लगे कुछ प्रतिबंधों को ढीला कर दिया था, जिन्हें फिर से वापस लाया जा सकता है। साथ ही मध्य-पूर्व में तुर्की के हस्तक्षेप को कम किया जाएगा। तुर्की के ही एक पत्रकार ने स्वीकार किया है कि अब अमेरिकी कॉन्ग्रेस उसके मुल्क के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
तुर्की दक्षिण एशियाई देशों में अपना विस्तार करना चाहता है। लेकिन, दूसरी तरफ इस इलाके में सऊदी अरब का प्रभाव किसी से छुपा नहीं है। इसके लिए तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआँ और उनकी सरकार की तरफ से तमाम प्रयास जारी हैं। उसका नतीजा है कि तुर्की ने अपनी छवि बतौर एक रेडिकल इस्लामिक देश स्थापित कर ली है। जुलाई 2020 में तुर्की की सरकार ने बाईज़ानटाईन कैथेद्रल हगिया सोफिया संग्रहालय को मस्जिद में तब्दील कर दिया था।
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