किसान नेता राकेश टिकैत के रोने का वीडियो खूब वायरल किया गया था
जैसाकि किसान आंदोलन शुरू होते ही संभावनाएं व्यक्त की जा रही थीं कि आंदोलन पर खालिस्तानियों और अराजक तत्वों का कब्ज़ा है, अब वही संभावनाएं चरितार्थ होने लगी है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत के रोने की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल किए गए थे, जिसके बाद कई नेताओं ने मामले को जातिवादी बना दिया, तो कइयों ने सहानुभूति लहर पर सवार होकर ‘किसान आंदोलन’ को फिर से ज़िंदा कर दिया। उनके रोने से 2 दिन पहले गणतंत्र दिवस (जनवरी 26, 2021) के दिन दिल्ली की ‘ट्रैक्टर रैली’ में जम कर हिंसा हुई थी। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या खालिस्तानियों ने उनकी पिटाई की थी?
मीडिया पोर्टल ‘Kreatey’ पर प्रकाशित एक खबर के अनुसार, राकेश टिकैत के रोने से पहले खालिस्तानियों ने टेंट के भीतर ही उनकी पिटाई की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कुछ कट्टर सिखों ने उन्हें थप्पड़ और लातों से तो मारा ही था, साथ ही उनसे पैसे वापस लेने की भी धमकी दी थी। जबकि राकेश टिकैत ने रोते हुए दावा किया था कि प्रशासन किसानों का दमन कर रहा है और उनका आत्महत्या करने का मन कर रहा है।
Big : टिकैत के रोने से पहले खालिस्तानियों ने टैंट के अंदर की थी टिकैत की पिटाई ?
— Kreately (@KreatelyMedia) January 30, 2021
प्रेस कांफ्रेस से पहले टिकैत को कुछ कट्टर सिखों ने थप्पड़ और लातों से मारा था और पैसे वापस देने की डेडलाइन दी pic.twitter.com/mpcFhUH779
देशद्रोही @RakeshTikaitBKU को तुरंत अरेस्ट कर दिल्ली पुलिस रिमांड पर ले
— AJAB NAAGAR (@AjabNaagar) January 30, 2021
इससे सच्चाई उगवाए किस-किस गद्दार से पैसा ले कर ये तथाकथित राजनैतिक किसान आंदोलन षड्यंत्र रचा और लाल किले पर राष्ट्रध्वज को अपमानित कर @DelhiPolice के जवानों को घायल किया!
@HMOIndia @naveenjindalbjp @aajtak pic.twitter.com/f9V0AfsCUL
खबर यह भी आई थी सूत्रों के जरिए कि जिस प्रकार सिंघम में नेता जी को पीटा गया था लातो से उसी प्रकार टिकेत जी को पीटा गया था ।
— Shivam Bhojak भारतीय (@shivam1b) January 30, 2021
खालिस्तानी आतंकवादियों के लिये
— बंशीप्रसाद वैष्णव (@BansiPrasad1) January 30, 2021
राकेश डकैत वो हाथी है....
जो जिन्दा रहा तो लाख का...मर गया तो
सवा लाख का
Kaisey khalistanio ne isko paisey khilakar iss ko bhaikaya 👇https://t.co/nuJQRby4X8
— Sumit Sharma (@SumitSh68301410) January 30, 2021
‘kreately’ की खबर के अनुसार, जनता में जिस तरह से 26 जनवरी की हिंसा के बाद आंदोलनकारियों के प्रति गुस्सा व्याप्त हो गया था, उसके बाद खालिस्तानियों ने जाटों के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए आपत्तिजनक वीडियो भी जारी किए थे। ऐसे में 1 दिन पहले दिल्ली पुलिस से लेकर केंद्र सरकार तक को मीडिया के सामने धमकी देने वाले राकेश टिकैत का इस तरह रोना अजीब था।
.... और फिर भी 'एजेंडा पक्षकार' बोलते हैं, ये राजनीतिक नहीं, किसान पंचायत है !!
— Shalabh Mani Tripathi (@shalabhmani) January 30, 2021
(फोटो और ग्राफिक्स - सौजन्य से श्रमजीवी पत्रकार) pic.twitter.com/9ESCdakFzj
ये भी याद रखा जाएगा..
— Vinod Sharma #HTL 🕉️ (@vinodsharma1834) January 30, 2021
दिल्ली पुलिस के घायल जवानों से अस्पताल में मिलने BJP के अलावा किसी राजनैतिक पार्टी का नेता नही गया.. राहुल टिकैत को समर्थन दे रहा है तो केजरीवाल का गुर्गा सिसोदिया तो टिकैत से बॉर्डर पर मिल भी आया..
क्या आतंकवादी, गौभक्षक, दंगाई का ही हमदर्द है विपक्ष..🤔
टिकैत परिवार तो पैसा लेकर आंदोलन करने के लिए कुख्यात रहा है....आपको लगता है ये लंबा खेल पायेगा? लीगल एक्शन चालू है, एजेंसियां लगी हुई है.....सबूत और फंडिंग सब बाहर आएंगे.....और फिर ये भी भागेगा। जैसे इनके पिताजी भागे थे दिल्ली बोट क्लब से।🙄#राकेश_टिकैत_को_गिरफ्तार_करो
— Vinod Sharma #HTL 🕉️ (@vinodsharma1834) January 30, 2021
ट्रैक्टर मार्च हिंसा के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शहीदी पार्क में दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों के परिजन प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस दौरान सबने @DelhiPolice के पक्ष में और आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। (विडियोः प्रशांत सोनी)https://t.co/Zn4lWf5MEY pic.twitter.com/qDRn4IbJUS
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) January 30, 2021
वीडियो तीन भागों (थ्रेड) में है अवश्य सुनें।
— श्रीष त्रिपाठी 🇮🇳 (@Shrish_1987) January 29, 2021
पाकिस्तानी भी मानते हैं 2024 में भी मोदी जी ही जीतेंगे।
चमचों के मालिकों ( गाँधी परिवार) के पार्टनर पाकिस्तान से सुनिये फार्मर्स बिल और मोदी जी के विषय में।
दुश्मन भी मोदी जी काम की प्रशंसा करने के लिये बाध्य हो गये हैं।
थ्रेड
👇 pic.twitter.com/eLIahul4RP

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