वहीं एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें खुद को प्रदर्शनकारी बताने वाला शख्स इसके एवज में पैसे और दारू मिलने की बात करता है। बीजेपी नेता नीतू डबास ने यह ऑडियो ट्वीट किया है। ऑपइंडिया इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
दिन में पैसे मिल जाते हैं, रात में दारू का बढ़िया इंतजाम।
— Neetu Dabas,(नीतू डबास)🇮🇳 (@INeetuDabas) January 29, 2021
@गाजीपुर बॉर्डर pic.twitter.com/jd1yPPw6tE
Rakesh tikait ne chunav lda vo non political hain, unhe sab Adhikar hain..
— Neetu Dabas,(नीतू डबास)🇮🇳 (@INeetuDabas) January 30, 2021
Aman apni bat na keh sakta
Local hain vo...hmari durgati ho rahi singhu border
Sir bhejo audio
— Sachin Singhal (@ChowkidarSach10) January 30, 2021
पंजाब के एक पंचायत द्वारा जारी फरमान में कहा गया है कि प्रत्येक घर का हर व्यक्ति अगले 7 दिनों तक दिल्ली की सीमा पर होना चाहिए। साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर दिल्ली में कोई भी वाहन क्षतिग्रस्त हुआ तो गाँव उसकी जिम्मेदारी उठाएगा। ग्राम पंचायत के आधिकारिक लेटर हेड पर ये फरमान जारी हुआ है। लुधियाना के समराला तहसील के मुस्काबाद गाँव ने भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया है।
पंचायत ने कहा है कि गाँव के 20 लोगों के एक जत्थे को दिल्ली मोर्चा में ले जाया जाएगा और चार दिन बाद यह दल लौटेगा और दूसरा दल फिर से वहाँ के लिए निकलेगा। इसी तरह दिल्ली सीमाओं पर जाने की ये प्रक्रिया चालू ही रहेगी। पंचायत ने आंदोलन को दबाने के लिए सरकार पर प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर गाँव में ऐसा ही फरमान जारी करने की अपील की गई है।
इस बीच उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) का कहना है कि यूपी पुलिस कभी गाजीपुर सीमा पर बल-प्रयोग करने पहुँची ही नहीं थी, बल्कि बदमाश वहाँ घुस कर हंगामा न करें, इसीलिए बस सुरक्षा तैनाती बढ़ाई गई थी। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर कुछ लोगों ने धारणा बना ली कि हम बल-प्रयोग करने जा रहे हैं। यूपी गेट के गाजीपुर सीमा पर योगेंद्र यादव जमे हुए हैं और उन्होंने लाल किला पर हुई घटना को सरकार की विफलता करार दिया।
Punjab: Virk Khurd gram panchayat in Bathinda decides to send at least one member of each family to farmers' protest at Delhi borders for a week
— ANI (@ANI) January 30, 2021
"Those who won't go to protest will be fined Rs 1,500 & those not paying fine will be boycotted," says Sarpanch Manjit Kaur. (29.01) pic.twitter.com/XZ1n0az38B
Destruction of Jio Towers at what cost?
— Ponnappa Cheppudira (@PCheppudira) January 30, 2021
Aimed to block Modiji''s speech on Farm Bills? As all tricks failed. Left sponsored agenda based people r involved in it on name of farmers !!Punjab farmer reveals modus operandi of how Leftists misguided farmers .pic.twitter.com/9tTCC99khl
श्री राम मंदिर और धारा 370 हटाने का विरोध करने वाली सारी पार्टिया ओर सभी जमाते आज डकेत के साथ खड़ी है ,
— Manav C B🦂 (@machubho) January 30, 2021
क्यो खड़ी है इतना समझ गए तो सबकुछ समझ जाओगे
Haan taki talwar se hamla kar sako police force pe apne khalistan project ke liye! pic.twitter.com/wSJjGG6QDm
— SANDEEP (@RealSandeep21) January 30, 2021
हल चलाने वाला ये कौन सा किसान है जो तलवार चला रहा है?
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) January 29, 2021
कौन है ये जो ज़मीन की आड़ में देश के क़ानून को खा जाना चाहता है?
ये कौन सा किसान है जो मुँह में जय जवान रखता है और बग़ल में तलवार?
ज़मीन को थोड़ा सा खोदिए एजेंडा निकल आएगा pic.twitter.com/Gy0HiOnCz9
सिंघु बॉर्डर पर शांतिपूर्ण किसान तलवार से पुलिस की आरती उतारते हुए। जो असली किसान हैं वो अब भी नहीं जागे तो बहुत पछताएंगे क्योंकि बदनामी तो उनकी हो रही है, ये एजेंडाधारी तो कट लेंगे। pic.twitter.com/NzM60XiTE7
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) January 29, 2021
वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने पानी उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली कि केजरीवाल सरकार को धन्यवाद दिया। लेकिन, उन्होंने ये भी कहा कि वो दिल्ली का पानी नहीं लेंगे और सड़क पर ही बोरिंग खोद कर किसानों के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी। हालाँकि, उनकी धमकी के बाद पानी के टैंकर आंदोलन स्थल पर वापस पहुँच गए। बलबीर सिंह राजेवाल ने दावा किया कि पंजाब-हरियाणा के बीच दरार डालने की कोशिश हो रही है।
वहीं ‘किसान आंदोलन’ के बीच एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें प्रदर्शनकारी कहते सुने जा रहे हैं कि गाँव से बहुत लोग आए हैं और अकेले उसके गाँव से 20 ट्रैक्टर आए हैं। वो कहते सुना जा सकता है कि यहाँ खाने-पीने की पूरी व्यवस्था है और सरकार की सोच गलत नहीं है, लेकिन किसानों की समझ में कुछ नहीं आ रहा है। उसने दावा किया कि वो तो मजे-मजे में प्रदर्शन के लिए आ गया है।
उक्त प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि न सिर्फ यहाँ प्रदर्शन करने के दिन में रुपए मिल रहे हैं, बल्कि रात में दारू का भी अच्छा-खास इंतजाम है। उसने बताया कि 2-3 हजार रुपए तो आराम से मिल जा रहे हैं। उसने कहा, “हमें और क्या चाहिए? हम तो भाजपा के ही बढ़िया आदमी हैं, लेकिन यहाँ रुपए कमाने आ गए हैं। हमारे यहाँ योगीजी बैठे हैं, जो अच्छा कार्य कर रहे।” उक्त प्रदर्शनकारी ने कहा कि यहाँ कई लोग हैं जो पैसे के लिए आए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़े स्तर पर कूच की तैयारी की जा रही है। मुजफ्फरनगर महापंचायत के बाद फिर से किसानों को गोलबंद किया जा रहा है। दर्शन पाल ने सीमा पर इंटरनेट सेवा शुरू न किए जाने पर अलग से प्रदर्शन की धमकी दी है। सांसद संजय सिंह ने भी महापंचायत में मंच साझा किया। महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर उपवास की भी योजना है।
उधर महाराष्ट्र में समाजसेवी अन्ना हजारे ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी से मुलाकात के बाद किसानों की विभिन्न माँगों को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं करने का निर्णय लिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार को महाराष्ट्र में अपने गाँव रालेगाँव सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। अब उन्होंने कहा है कि वो सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों से संतुष्ट हैं।

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