एल्गार परिषद 2021 जुटान छोटा, जहर पूरा (साभार: Maktoob Media)
इस साल फिर से पुणे में एल्गार परिषद का कार्यक्रम हुआ और उसमें शर्जील उस्मानी, अरुंधति रॉय और प्रशांत कनौजिया सरीखे प्रोपेगेंडाधारी शामिल हुए। 2017 का एल्गार परिषद ‘अर्बन नक्सल’ और असामाजिक तत्वों की आड़ में हुई भीषण हिंसा का केंद्र बिंदु थी। लेकिन इस साल माहौल अलग था, सब कुछ बेहद गुपचुप तरीके से हुआ।
कार्यक्रम में इस बार भीड़ भले नहीं मौजूद थी, लेकिन मजाल है कि जहर की मात्रा में रत्ती भर कमी आई हो। सामाजिक-धार्मिक जहर इतना ज़्यादा हो गया कि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर ऐसे तमाम वीडियो मौजूद हैं जिसमें लिबरल जमात के सदस्य विवादित और हिन्दूफोबिक टिप्पणी करते हुए सुने जा सकते हैं।
Chk his thoughts abt Hindus..
— आलू बोंडा (@ek_aalu_bonda) January 30, 2021
"आज के हिंदुस्तान का हिंदू समाज पुरी तरह सड चूका है" pic.twitter.com/I1c2H6rfNc
— sandpaper smith (@cheecheenehru) January 30, 2021
What You Expect From Elgar Parishad : It's a Phony Event with Arundhati Roy as chief speaker ! pic.twitter.com/x7gs7pWPwX
— 𝙂𝙀𝙏 𝙍𝙄𝙂𝙃𝙏 💯 🚩 (@getrightfacts) January 30, 2021
ये रक्तविज है ।
— Ajay B Deohgar (@HeyILost) January 31, 2021
Padh likh k tassali se jhut bolne ki kala ko in se seekhe.
— vishal chaudhary (@vishalpa02) January 30, 2021
कठोर कानुनी कारवाई तो बनती ही है इसके खिलाफ.@Uppolice @CMOfficeUP
— Sarang Topare (@sarangtopare) January 30, 2021
उद्धो से उम्मीद कर रहे हो ??
— तेज प्रशासक समिति (@gek0o0X9xh3Aavp) January 31, 2021
एक नए नए खतना हुए मौलाना से 😜😜
शर्जील उस्मानी, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था और बाद में अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया था, ने कहा, “आज का हिंदू समाज पूरी तरीके से सड़ चुका है। अभी वजह नहीं चाहिए। मुसलमान हो मार देंगे…”। शर्जील ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के लिए कहा कि यूपी प्रशासन ने पिछले एक साल में प्रतिदिन 19 लोगों की हत्या की है। मरने वालों में सभी मुस्लिम या दलित थे।
She was at JNU in Feb 2020. Followed by anti-Hindu riots in Delhi. Now she's at "किसान आंदोलन". Any guesses what's in store? https://t.co/3jv6Up44Dv
— iMac_too (@iMac_too) January 12, 2021
And here comes गौमुत्र jibe. Also check how deftly opponent is dehumanised pic.twitter.com/QMavi4RHtk
— iMac_too (@iMac_too) January 30, 2021
Again this is weakness of Indian state that such people are roaming free, happily tom toming all over india and either instigating violence or glorifying it.
— Saurabh (@99thsaurabh) February 26, 2020
Life me kabhi bhalai ka kaam nahi kiya.
उस्मानी ने न्यूज़लौंड्री के लिए तमाम ख़बरें और लेख लिखे हैं लेकिन अपने दावों की पुष्टि करने के लिए साक्ष्य कभी नहीं पेश किए। इतनी बातों के बाद अरुंधति रॉय कैसे पीछे रहतीं, उन्होंने एनडीए सरकार को चुनने वाले भारतीय मतदाताओं की तुलना 6 जनवरी को कैपिटल हिल में उपद्रव करने वाली भीड़ से की।
How is this not incitement? pic.twitter.com/2hMyc0Cdfv
— Kraken Zero (@YearOfTheKraken) January 31, 2021
चश्मा उतार दो
— Vikramaditya Mishra (@Vikrama41672149) January 31, 2021
5 लाख कश्मीरी हिन्दू ओ की दुर्दशा मुल्लो ने की
हर शहर में मुल्लो ने बम फोड़ा
राममन्दिर को तोड़ कर मस्जिद बना दिया
हिन्दुओं के देश में हिन्दुओकोदोयम बना दिया।
देशकी10लाखवर्गकिमी जमीन मुस्लिम ने ले लिया।
पाक गये दलितों और वहाँके 23%हिन्दू को 0 कर दिया ।अब बोलो
इसके बाद अरुंधति रॉय ने हिन्दुओं का अपमान करने के लिए ‘गौमूत्र’ पर छिछला कटाक्ष किया, वही कटाक्ष जो पुलावामा हमले के आतंकवादियों ने किया था।
तमाम जहरीले वामपंथ ग्रसित चेहरों के बाद प्रशांत कनौजिया ने भाषण दिया/जहर उगला। उसने कहा, “जब तक ‘कश्मीरी भाइयों’ को न्याय नहीं मिलता, अख़लाक और पहलू खान को न्याय नहीं मिल जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जब तक 3 कृषि क़ानून वापस नहीं लिए जाते हैं तब तक आंदोलन चलेगा।”
इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए नफ़रत की नुमाइश करते हुए कनौजिया ने कहा कि जब तक वो RSS को जड़ से उखाड़ कर फेंक नहीं देते हैं तब उनका आंदोलन जारी रहेगा। अंत में उसने कहा कि ‘दबाव’ झेलने से बेहतर है कि दलित ‘सड़कों पर लड़ते हुए मर जाएँ’।
यह आयोजन ऐसे संवेदनशील वक्त में किया गया जब देश की राजधानी में प्रदर्शननुमा उपद्रव जारी है और खालिस्तानी भीड़ ने गणतंत्र दिवस जैसे अहम मौके पर लाल किले पर सिख झंडा फहराया था। इस कार्यक्रम में महज़ 500 लोग शामिल हुए थे और सुरक्षा का पर्याप्त प्रबंध किया गया था।

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