भारत में मुस्लिम नेता का प्रधानमंत्री बनना बहुत मुश्किल : कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद

भारत के मुसलमानों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने बड़ा बयान दिया है। आजाद का कहना है कि किसी युवा मुस्लिम नेता के लिए देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देखना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, “निकट भविष्य में मैं ऐसा होते हुए नहीं देख रहा हूँ।”

आज़ाद ने कोई हैरान करने वाली बात नहीं कही है। क्योकि कांग्रेस ने भी कभी किसी मुसलमान को प्रधानमंत्री नहीं बनाया। जबकि चर्चा है कि जवाहर लाल नेहरू के दादा मुग़ल में दिल्ली का कोतवाल थे, जो ब्रिटिश सरकार से अपनी जान बचाने के लिए मुसलमान से हिन्दू बने थे, इतना ही नहीं इंदिरा गाँधी ने फ़िरोज़ से निकाह कर इस्लाम कबूल कर मैमुना बेगम बनी, लेकिन हिन्दुओं को भ्रमित करने के राजनीतिक जीवन में हिन्दू नाम ही प्रचलित रखा। इंदिरा गाँधी से लेकर राहुल और प्रियंका तक नेहरू की समाधी पर पहुँच जाते हैं, लेकिन फ़िरोज़ जहांगीर की कब्र पर कभी सजदा करने नहीं जाते। 23 फरवरी 2006 में लिखे लेख "The story of two Lals--Motilal & Jawaharlal" का अवलोकन करने नीचे दिए लिंक को क्लिक करें। 

अगर परिवार अपने दादा के कदमों पर चल रहा होता, कांग्रेस की इतनी दुर्गति नहीं होती। आज फ़िरोज़ की आत्मा भी रो रही होगी कि उनके वंशज किस तरह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। घोटालों को लेकर संसद में अपने ससुर को नहीं बख्शते थे, उनके संसद में बोलने के खड़े होते ही नेहरू को पसीने आने लगते थे। कांग्रेस तो क्या किसी भी पार्टी में फ़िरोज़ जैसा निर्भीक सांसद देखने अथवा सुनने को नहीं मिला। 
हिंदुस्तान टाइम्स अखबार को दिए एक इंटरव्यू में आजाद ने कहा, “मैं निकट भविष्य में इसका अनुमान नहीं लगाता, शायद कुछ दशक बाद।” हाल ही राज्यसभा से रिटायर होने वाले कांग्रेस नेता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक होने वाला भाषण और उनके लिए किए गए तारीफों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वह अब जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।

हालाँकि, इसी से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हाँ मैं भाजपा में शामिल होऊँगा अगर कश्मीर की वादियों में काले बर्फ गिरेंगे। यानी स्पष्ट रूप उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया।

राज्यसभा से उनकी विदाई के वक्त कई नेताओं ने उनको पीएम के रूप में देखने की बात कही थी, लेकिन आजाद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एक मुस्लिम नेता के लिए पीएम बनना काफी मुश्किल है।

इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता ने राज्‍यसभा में अपने विदाई भाषण में यह भी कहा था, “अगर दुनिया में किसी भी मुस्लिम को गर्व महसूस करना चाहिए, तो यह भारतीय मुस्लिम होना चाहिए।”

खुद के भारतीय मुस्लिम होने पर फक्र करते हुए आजाद ने कहा था कि वह एक ऐसा सौभाग्यशाली भारतीय मुस्लिम हैं जो कभी पाकिस्तान नहीं गया। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर दुनिया में मुस्लिमों को अपने देश पर गर्व करने की बात आएगी तो वो भारतीय मुस्लिम होंगे जो सबसे ज्यादा गौरवान्वित महसूस करेंगे।

किसी मुस्लिम नेता के पीएम बनने की महत्वाकांक्षा को मुश्किल करार देने वाले गुलाम नबी आजाद ने 2018 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक कार्यक्रम में कहा था कि उनकी ही पार्टी के हिन्दू नेता अब उन्हें प्रचार में बुलाने से हिचकते हैं।

गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस और उसके मुस्लिम एजेंडे का भंडाफोड़ करते हुए कहा था कि कांग्रेस के ऐसे काफी कम हिन्दू उम्मीदवार हैं, जो उन्हें प्रचार के लिए बुलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “पहले 99 फीसदी हिन्दू कैंडिडेट मुझे मुस्लिम वोटों को पाने के मकसद से चुनाव प्रचार में बुलाते थे। अब यह आँकड़ा 40 फीसदी ही रह गया है क्योंकि उन्हें मेरे जाने से हिन्दू वोटों के खोने का डर है।”

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The Story of Two Lals--Motilal & Jawaharlal

उन्होंने अपने बीते दिनों के बारे में बताया कि यह वह भारत था, जहाँ उन्होंने 1979 में महाराष्ट्र से 95% हिन्दू मतदाताओं वाले वोटबैंक में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनके अनुसार, “मेरे खिलाफ जनता पार्टी का हिन्दू उम्मीदवार था, लेकिन मैं फिर भी जीता।”

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