देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। केंद्र द्वारा पारित कृषि कानूनों के मसले पर 5 फरवरी, 2021 को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कहा कि भारत सरकार लगातार किसानों से बात करने में लगी हुई है। दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। लेकिन सिर्फ कांग्रेस है जो खून से खेती कर सकती है।
जैसाकि सर्वविदित है कि प्रारम्भ से ही कहा जा रहा था कि किसान आंदोलन खालिस्तानियों और अराजक तत्वों के हाथ की कठपुतली बना हुआ है, जो 26 जनवरी को जो हुआ वह तो शर्मनाक था ही, उससे पूर्व जो नारेबाजी हुई क्या कोई किसान ऐसे नारा लगा सकता है? किसान आंदोलन में दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों में आरोपितों को जेल से रिहा करने की मांग करने का क्या मेल? इंदिरा को ठोका मोदी तेरे को भी ठोकेंगे आदि नारों को जब लगाया जा रहा क्यों नहीं इसका विरोध किया गया? फिर एक तरफ कहा जा रहा है कि जिसने जिन लोगों ने लाल किला पर झंडा फहराया वो उपद्रवी थे, और जब पुलिस उनको आज तक गिरफ्तार कर रही है क्यों उनको रिहा करने की मांग हो रही है?
राकेश टिकैत अपने उस मंच से "खालिस्तान" #मुर्दाबाद का नारा लगा दे पता तो चले कितना बड़ा देश भक्त है?
— राष्ट्रवादी, अंकित मिश्रा 🚩 (@ankit2444) February 5, 2021
Speech by Mo Dhaliwal, founder and director of Skyrocket - a comms agency in Vancouver. That is his day job. He also runs Poetic Justice Foundation which created the toolkit. https://t.co/jaCe3x7hr1
— Naomi Canton (@naomi2009) February 5, 2021
#AnchorChat: 'किसान आंदोलन' या "खून की खेती"! इस मुद्दे पर पूछिये रोहित सरदाना से सवाल। #ExtensionStudio #Dangal | @SardanaRohit https://t.co/Xe7xQifP9o
— AajTak (@aajtak) February 5, 2021
दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। खून से खेती सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी खून से खेती नहीं कर सकतीः राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर pic.twitter.com/e2L8cAXuop
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 5, 2021
1984 yad he na???
— Nick Patel (@NickPat98826237) February 5, 2021
— Social Tamasha (@SocialTamasha) February 5, 2021
किसान आंदोलन को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने वाले विपक्षी पार्टियों पर आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर राज्यसभा में जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा, “दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। खून से खेती सिर्फ कॉन्ग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी खून से खेती नहीं कर सकती।”
पंजाब में मौजूद कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के कानून में किसान को जेल भेजने का प्रावधान रखनेवाले जब किसान के लिए आंसू बहाने का नाटक करते हैं तो सिर्फ यही कहा जा सकता है कि 'गजबे है' pic.twitter.com/I4sAP9jatp
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) February 5, 2021
राकेश टिकैत का झूठ सामने आया। ना तो नन्द किशोर गूजर ना ही बीजेपी का कोई विधायक 300 लोगों को लेकर राकेश को पीटा था और मीडिया के सामने रोकर जाटों को मोबिलाइज करने की कोशिश की। 7 फरवरी को दादरी के पास कृषि कानून के समर्थन में 10 लाख किसानों का रैली होगा। pic.twitter.com/NjFBIikNr1
— P.N.Rai (@PNRai1) February 5, 2021
केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “हमने किसान संगठनों के साथ 12 दौर की वार्ता की, उनके विरुद्ध कुछ नहीं कहा और बार-बार यही कहा है कि आप क्या बदलाव चाहते हैं वो हमें बता दीजिए। भारत सरकार कानूनों में किसी भी संशोधन के लिए तैयार है इसके मायने ये नहीं लगाए जाने चाहिए कि कृषि कानूनों में कोई गलती है। पूरे एक राज्य में लोग गलतफहमी का शिकार हैं। किसानों को इस बात के लिए बरगलाया गया है कि ये कानून आपकी जमीन ले जाएँगे।”
Farmers are being misled that others would occupy their land if these laws are implemented. Let me know if there is a single provision in Contract Farming law which allows any trader to snatch away the land of any farmer: Union Agriculture Minister NS Tomar
— ANI (@ANI) February 5, 2021
वहीं मोदी सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानून को काला कानून बताने वाले विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “मैं प्रतिपक्ष का धन्यवाद करना चाहूँगा कि उन्होंने किसान आंदोलन पर चिंता की और आंदोलन के लिए सरकार को जो कोसना आवश्यक था उसमें भी कंजूसी नहीं की और कानूनों को जोर देकर काले कानून कहा। मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि कानून में काला क्या है?”
विपक्ष बताता क्यूँ नहीं क़ानून में गलत
— सम्राटसिंह 🇮🇳🇮🇳 (@smrat59228) February 5, 2021
क्या है.काला क़ानून कह देने से काला
नहीं हो जाता. उनके लिए ट्रिपल तलाक
धारा 370-CAA सब काला ही है हम भी
काले हैं तो क्या गोरी सोनिया उनके बच्चे
हमको देश में रहनें नहीं देंगी.
Absolutely correct. Thank god we have @narendramodi https://t.co/Ug7YhEJD97
— Paresh Rawal (@SirPareshRawal) February 5, 2021
कृषि मंत्री बोले कि नए एक्ट के तहत किसान अपने सामान को कहीं भी बेच सकेगा। यदि एपीएमसी के बाहर कोई ट्रेड होता है, तो किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा। केंद्र सरकार का एक्ट राज्य सरकार के टैक्स को समाप्त करता है, मगर राज्य सरकार का कानून टैक्स देने की बात करता है। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो टैक्स लेना चाह रहा है, आंदोलन उनके खिलाफ होना चाहिए मगर यहाँ उल्टी गंगा बह रही है।
किसान की आमदनी दोगुनी हो इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 6,000 रुपये का योगदान दिया। आज हम ये कह सकते हैं कि दस करोड़ 75 लाख किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपये डीबीटी से उनके अकाउंट में भेजने का काम किया हैः केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर pic.twitter.com/7J98Xh66Uj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 5, 2021
कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “कुछ लोग मनरेगा को गड्ढों वाली योजना कहते थे। जब तक आपकी सरकार थी उसमें गड्ढे खोदने का ही काम होता था। लेकिन मुझे ये कहते हुए प्रसन्नता और गर्व है कि इस योजना की शुरुआत आपने की लेकिन इसे परिमार्जित हमने किया।”
उन्होंने कहा, “कई बार विपक्ष की तरफ से ये बात सामने आती है कि आप कहते हैं कि सब मोदी जी की सरकार ने किया है पिछली सरकारों ने तो कुछ भी नहीं किया। मैं इस मामले में ये कहना चाहता हूँ कि इस प्रकार का आरोप लगाना उचित नहीं है। मोदी जी ने सेंट्रल हॉल में अपने पहले भाषण में और 15 अगस्त को भी उन्होंने कहा था कि मेरे पूर्व जितनी भी सरकारे थी उन सबका योगदान देश के विकास में अपने-अपने समय पर रहा है।”
मोदी सरकार के कामों को लेकर राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गाँव, गरीब और किसान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले कल में भी रहेगी। किसान की आमदनी दोगुनी हो इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के माध्यम से 6,000 रुपए का योगदान दिया। आज हम ये कह सकते हैं कि दस करोड़ 75 लाख किसानों को 1,15,000 करोड़ रुपए डीबीटी से उनके अकाउंट में भेजने का काम किया है।”
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