अमेरिका कैपिटल हिल के हमलावर : ‘नेशन ऑफ इस्लाम’ के नेता का समर्थक, मुहम्मद नाम रखने के लिए पेटिशन

वॉशिंगटन में अमेरिकी संसद (कैपिटल हिल) के बाहर भारतीय समयानुसार शुक्रवार देर रात हमला। हमलावर ने पहले कार से बैरिकेड को टक्कर मारी और फिर चाकू से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। एक पुलिस अफसर की मौत हो गई और एक अन्य जख्मी हैं। संदिग्ध हमलावर भी पुलिस की गोली लगने से मारा गया।

हमलावर की पहचान नोआह ग्रीन के रूप में हुई है। उसकी उम्र 25 वर्ष के करीब बताई जा रही। हमले का मकसद साफ नहीं है। पुलिस ने इसके आतंकी घटना होने से इनकार किया है। मारे गए पुलिस अफसर की पहचान विलियम एफ इवांस के तौर पर हुई है। वे कैपिटल पुलिस फोर्स में 18 साल से सेवा दे रहे थे।

कैपिटल पुलिस चीफ वाईडी पिटमैन ने एक बयान में कहा है कि डिपार्टमेंट के फर्स्ट रिस्पॉन्डर यूनिट में तैनात बिली हमले में जख्मी हो गए और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। दूसरे पुलिस अधिकारी की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। पिटमैन ने बताया कि बैरिकेड को टक्कर मारने के बाद हमलावर हाथ में चाकू लिए कार से बाहर निकला।

वाशिंगटन मेट्रोपोलिटन पुलिस डिपाटमेंर्ट के मुखिया राबॅर्ट जे कोंटी ने बताया कि जाँचकर्ताओं के सामने फिलहाल हमले का मकसद स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि यह हमला आतंकवाद से जुड़ा नहीं है। संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने इवांस को लोकतंत्र के लिए बलिदान होने वाला बताया। राष्ट्रपति जो बिडेन ने इवांस के सम्मान में ह्वाइट हाउस पर और पेलोसी ने कैपिटल हिल बिल्डिंग पर राष्ट्रध्वज को आधा झुकाने का आदेश दिया है।

कौन था हमलावर?

पिटमैन ने हमलावर की पहचान ग्रीन के तौर पर होने की पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया कि हमलावर का एजेंसियों के पास कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। लेकिन अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में पुलिस सूत्रों के हवाले से उसकी पहचान ग्रीन के तौर पर की गई है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार हमलावर ने फेसबुक पेज पर खुद को ‘नेशन ऑफ इस्लाम’ के लीडर लुइस फर्रखान (Louis Farrakhan) का समर्थक बताया था। यह पेज अब हटा लिया गया है। ग्रीन इंडियाना का रहने वाला था और कैपिटल पुलिस की गोली लगने से वह मारा गया। वह वेस्ट वर्जीनिया में पैदा हुआ था और 2019 में फाइनेंस की डिग्री के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया था। दिसंबर 2020 में उसने अपना नाम बदलकर नोआह जईम मुहम्मद रखने के लिए पेटिशन दी थी। लेकिन बीते मंगलवार(मार्च 30) को इसकी सुनवाई के वक्त इंडियाना पुलिस के सामने पेश होने में नाकाम रहा था।

फेसबुक पेज पर उसने फर्रखान और 1934 से 1975 तक नेशन ऑफ इस्लाम की अगुवाई करने वाले एलिजाह मुहम्मद (Elijah Muhammad) के भाषण और लेख शेयर कर रखे थे। फेसबुक पर उसने कोरोना महामारी के कारण अपने जीवन के संघर्षों को लेकर भी पोस्ट कर रखा था। 17 मार्च को उसने नेशन ऑफ इस्लाम के वर्जीनिया चैप्टर को दिए दान की तस्वीर पोस्ट की थी। साथ ही फर्रखान के एक भाषण का वीडियो पोस्ट किया था, जिसका शीर्षक ‘द डिवाइन डिस्ट्रक्शन ऑफ अमेरिका’ था। इसके बाद उसने अपने दोस्तों को इससे जुड़ने और फर्रखान तथा मुहम्मद के बारे में पढ़ने को प्रोत्साहित किया था।

कैपिटल हिल में इससे पहले 6 जनवरी को हुई हिंसा में दर्जनों घायल हो गए थे और 5 की मौत हो गई थी।

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