पंजाब कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान, सुनील जाखड़ ने बोला हरीश रावत पर हमला

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद से पंजाब कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। हालाँकि अगले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज (सितंबर 20, 2021) आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण ले ली है। वहीं इस कार्यक्रम से पहले सियासी बयानबाजी शुरू रही।

कहते है न बोया पेड़ बबूल का आम कहां से होए, जो पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा खुद मुख्यमंत्री बनने के चक्कर में प्रदेश के कद्दावर नेता कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में शान से कांग्रेस की सरकार चला रहे थे, के विरुद्ध बिगुल बजाकर अमरिंदर की सरकार नहीं गिराई, बल्कि कांग्रेस को हो हाशिए पर ला दिया है। जिसे देख लगता है कि कांग्रेस में बुद्धिजीवियों का अभाव हो गया है या फिर वह केवल नाममात्र के लिए पार्टी में हैं। 

पार्टी ने केंद्र में रिमोट प्रधानमंत्री बनाकर भी कुछ नहीं सीखा। ठीक वही स्थिति पंजाब में भी हो गयी है, जब अगला चुनाव सिद्धू के नाम पर लड़ा जाएगा, फिर चरणजीत सिंह मुख्यमंत्री जरूर बन गए हैं, लेकिन रिमोट नवजोत के हाथ रहेगा, यानि चरणजीत की अभी से बेइज्जती। अगला चुनाव जीत गए सिद्धू की बल्ले-बल्ले, हार गए तो चरणजीत के सर बदनामी।   

पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने साफ किया है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में नवजोत सिंह सिद्धू के चेहरे को आगे रखते हुए चुनाव लड़ा जाएगा। इधर, कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने हरीश रावत के बयान पर आपत्ति जताई है।

कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत पर हमला बोला है, उल्लेखनीय है कि हरीश रावत ने कहा था चेहरा तो सिद्धू होंगे, जाखड़ ने इसे गलत करार देते हुए कहा कि ‘यह मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करने वाला है.

कांग्रेस आलाकमान द्वारा चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाये जानें के बाद ऐसा लग रहा था कि अब घमासान खत्म हो जाएगा। सीएम तय हो गया है, एक घंटे बाद शपथ ग्रहण समारोह होना है, लेकिन असली घमासान अब शुरू हुआ है..

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत चन्नी के शपथ ग्रहण के दिन, हरीश रावत का यह कथन कि “चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे”, चौंकाने वाला है। यह मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करने वाला है..

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने रविवार को कहा कि ‘राज्य में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, जो राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बहुत लोकप्रिय हैं.

अगर हरीश रावत के बयान को देखा जाय तो चरणजीत सिंह चन्नी नाम के मुख्यमंत्री होंगे, क्योंकि जब चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा तो सारे फैसले भी वही लेंगे। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि चरणजीत सिंह चन्नी इस अपमान को बर्दाश्त करते हैं या इस्तीफ़ा दे देंगे?

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