बच्ची की हत्या में 3 नाबालिग और एक वयस्क गिरफ्तार (साभार: @nagaonpolice)
जब से बच्चों के हाथ में मोबाइल आया है, कोई न कोई अनहोनी सुनने को मिल रही है। वक़्त-बेवक़्त गली-कूचों में बच्चों का झुण्ड देखा जा सकता है। इस ओर माँ-बाप को सतर्क रहने की जरुरत है कि बच्चा मोबाइल लेकर इतनी देर कहाँ है?
असम के नौगाँव के कलियाबोर में 6 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई। हत्या करने के आरोपित भी तीन बच्चे हैं जिनकी उम्र 8 से 11 साल के बीच है। तीनों पोर्न एडिक्ट बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इन्होंने पोर्न देखने से इनकार करने पर बच्ची की हत्या की।
नौगाँव पुलिस ने इस घटना की जानकारी ट्विटर पर दी है। पुलिस के अनुसार मिस्सा, कलियाबोर क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम में 6 वर्ष की बच्ची की हत्या कर दी गई। इस केस को 24 घंटे में सुलझा लिया गया है। हत्या में 3 नाबालिग और एक वयस्क को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार वयस्क उस 11 साल के आरोपित का पिता है जिसके मोबाइल पर बच्चे पोर्न देख रहे थे।
Unfortunate murder of 6 yr old girl at Missa, Kaliabor solved within 24 Hrs. 3 Juveniles, 1 adult arrested. Accused aged between 8 and 11 are porn addicts capable of conspiracy and gruesome execution of a dastardly crime.
— Nagaon Police (@nagaonpolice) October 20, 2021
Seems it's time for introspection and Social Intervention. pic.twitter.com/y4B7iW1ubF
The suggestion is noted and would be worked on @NalinSKohli ji.
— GP Singh (@gpsinghips) October 21, 2021
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार तीनों आरोपित बच्ची के घर के पास ही रहते थे। ये सभी अक्सर मोबाइल पर अश्लील क्लिप देखा करते थे। घटना के दिन इन सभी ने बच्ची को लालच दे कर खदान पर बुलाया था। बाद में इन सभी ने बच्ची को अश्लील क्लिप मोबाइल में दिखाने की जिद की। जब बच्ची नहीं मानी तो उन्होंने पत्थरों से उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद इन सभी ने शव वहीं एक शौचालय में छिपा दिया।
बाद में सभी आरोपित घर आ गए और उन्होंने इस घटना के बारे में किसी को भी नहीं बताया। लेकिन पुलिस की जाँच में आख़िरकार ये सभी पकड़े गए। बच्ची का शव 19 अक्टूबर 2021 को पत्थर की खदान के शौचालय में मिला था। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपित अन्य अपराधों की साजिश रचने और उनको अंजाम देने में भी सक्षम हैं। पुलिस ने इस कृत्य को आत्ममंथन और सामाजिक हस्तक्षेप का विषय भी बताया है।
Family/Social intervention & institutional guidance to the kids could have saved these 4 young lives. 1 Lost Life, 3 Lost for Life. It can happen with anyone of us or anyone around us
— Anand Mishra, IPS (@anandmishraips) October 20, 2021
If our upcoming generations fail on socio-moral standards, Responsibility lies greatly upon us! https://t.co/KqjjKQTnwh
Most of our focus on our kids is limited to their career and while that is important it makes us ignorant of our own kids, what they may be going through or observing changes in their behaviour. Learning and being taught Pro active parenting has become a burning need of our time
— Smriti Sharma Haloi (@Smritiscape) October 21, 2021
Huge respect for you @anandmishraips sir , but your recent interview about the juvenile case, wasn’t acceptable . Criminal mind of an 11 years old? Kids today are very difficult,tough to handle but.
— Prachi Harlalka (@PrachiHarlalka1) October 23, 2021
Porn /drug addiction is a major issue,
needs to be tackled patiently & maturely
नौगाँव जिले के पुलिस अधीक्षक आनंद मिश्रा ने भी घटना पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। ट्वीट कर उन्होंने लिखा है, “परिवार और सामाजिक हस्तक्षेप के साथ संस्थागत मार्गदर्शन 4 युवा जीवन को बचा सकता था। यह हम में से किसी के भी साथ कहीं भी हो सकता है। यदि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ सामाजिक-नैतिक मूल्यों पर फेल होती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी हमारी ही होगी।”
इसी प्रकार का एक मामले इसी साल अगस्त में मुंबई से सामने आया था। इस मामले में 16 साल की बहन ने अपने 13 वर्षीय भाई को पोर्न वीडियो दिखा जबरन सेक्स करने के लिए मजबूर किया था। इसका खुलासा तब हुआ था जब लड़की 5 महीने की गर्भवती पाई गई। लड़की ने बताया था कि उसने अपने छोटे भाई पर यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला था, जिसकी वजह से वो गर्भवती हुई।
अवलोकन करें:-
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोरी को पोर्न वीडियो देखने की लत थी। वह अपने छोटे भाई के साथ सोफे पर सोती थी। इस बीच वह 13 साल के भाई को अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो दिखाती थी। इसके बाद वह अपने भाई से उसके साथ सेक्स करने को कहती थी।
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