आमिर खान ने विज्ञापन में सड़क पर पटाखे न फोड़ने की नसीहत दी, BJP सांसद बोले- जुम्मे की नमाज़ पर भी बोलो

जब भी हिन्दू त्यौहार होली, दीपावली, करवा चौथ आदि के आते ही हिन्दू विरोधी अपने बिलों से बाहर आकर विधवा विलाप करने आ जाते हैं। अगर यही विधवा विलाप इनके त्यौहारों पर शुरू होने पर गंगा-जमुनी तहजीब का रोना रोने लगेगें। हिन्दू त्यौहारों पर जहर उगलने वालों के विरुद्ध समस्त हिन्दुओं को एकजुट होकर सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए। 

CEAT टायर बनाने वाली कंपनी है। इसके एक विज्ञापन को लेकर विवाद हो गया है। इस विज्ञापन में एक्टर आमिर खान लोगों को सड़कों पर पटाखे नहीं फोड़ने की सलाह दे रहे हैं। इस विज्ञापन को लेकर बीजेपी के सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने तंज कसा है। केंद्र सरकार में मंत्री रहे हेगड़े ने इस विज्ञापन से हिंदुओं में असंतोष का दावा किया है। साथ ही नमाज के दौरान सड़कों को जाम करने और मस्जिदों पर लाउडस्पीकर का मुद्दा भी उठाया है। 

क्या है विज्ञापन में?

विज्ञापन की शुरुआत आमिर खान से होती है। वह दोनों हाथों में पटाखे लिए हुए कहते हैं अनार बम, सुतली बम, चकरघिन्नी. आज हमारी टीम छक्के छुड़ाती है तो हम भी पटाखे छुड़ाएंगे, लेकिन कहां? सोसायटी के अंदर, रोड गाड़ी चलाने के लिए है, पटाखे जलाने के लिए नहीं। फिर उनके साथ के लोग इस बात पर हां में हां मिलाते हैं। पीछे से आवाज आती है- एक दिन हम ऐसे ही समझदार होंगे, इसके बाद आमिर खान समेत कुछ लोग सड़क पर पटाखे जलाते दिखते हैं।  उन्हें देखकर एक कार वाला ब्रेक लगाता है और सीएट पर स्विच होने की बात वाली लाइन आती है। 

बीजेपी सांसद ने लेटर में क्या लिखा?

कर्नाटक में उत्तर कन्नड़ सीट से BJP के सांसद हैं अनंत कुमार हेगड़े ने आमिर खान के इस विज्ञापन को लेकर तंज कसा है। उन्होंने सिएट कंपनी के एमडी और CEO अनंत वर्धन गोयनका को पत्र लिखा है। इसमें BJP सांसद ने विज्ञापन को अच्छा संदेश देने वाला बताया है। साथ ही ये भी कहा कि नमाज के नाम पर सड़कों को अवरुद्ध न करने और मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर से आने वाली तेज आवाज को लेकर भी विज्ञापन जारी करना चाहिए। हिंदुओं के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए हिंदुओं की भावना का सम्मान करने की बात भी कही है। 

अनंत कुमार हेगड़े ने लेटर में लिखा,

आपकी कंपनी का हालिया विज्ञापन जिसमें आमिर खान लोगों को सड़कों पर पटाखे नहीं फोड़ने की सलाह दे रहे हैं, एक बहुत अच्छा संदेश दे रहा है, सार्वजनिक मुद्दों पर आपकी चिंता के लिए तालियां बजनी चाहिए। इस संबंध में मैं आपसे सड़कों पर लोगों के सामने आने वाली एक और समस्या का समाधान करने का अनुरोध करता हूँ। 

शुक्रवार और अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों के दिन नमाज के नाम पर मुस्लिमों द्वारा सड़कें जाम कर दी जाती हैं, यह कई भारतीय शहरों में एक बहुत ही सामान्य दृश्य है, जहां मुसलमान व्यस्त सड़कों को जाम कर देते हैं, नमाज अदा करते हैं, उस समय एम्बुलेंस और दमकल जैसे वाहन भी यातायात में फंस जाते हैं, जिससे गंभीर नुकसान होता है। 

14 अक्टूबर को लिखे इस पत्र में बीजेपी सांसद ने मस्जिदों से ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया उन्होंने सीएट के सीईओ को आगे लिखा,

आपको ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा भी अपने विज्ञापन के जरिए उठाना चाहिए। हर दिन, हमारे देश में मस्जिदों पर लगे माइक से अज़ान दिए जाने की तेज़ आवाज़ निकलती है। ये ध्वनि निर्धारित सीमा से ज्यादा होती है। शुक्रवार को इसका समय और भी बढ़ जाता है।  यह विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों, आराम करने वालों, विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वालों और पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए बड़ी असुविधा पैदा करता है। इससे पीड़ित लोगों की लिस्ट बहुत लंबी है,  यहां केवल कुछ का ही उल्लेख किया गया है। 

अनंत कुमार हेगड़े लेटर में आगे सीएट के सीईओ को लिखते हैं कि,

चूंकि आप आम जनता के सामने आने वाली समस्याओं के प्रति बहुत उत्सुक और संवेदनशील हैं। आप भी हिंदू समुदाय से हैं। मुझे यकीन है कि आप सदियों से हिंदुओं के साथ किए गए भेदभाव को महसूस कर सकते हैं। आजकल एक “हिंदू विरोधी अभिनेताओं” का समूह हमेशा हिंदू भावनाओं को आहत करता है, जबकि वे कभी भी अपने समुदाय के गलत कामों को उजागर करने की कोशिश नहीं करते हैं। 

हेगड़े ने लिखा है कि मैं आपसे इस विशेष घटना पर गौर करने का अनुरोध करता हूं, जहां आपकी कंपनी के विज्ञापन से हिंदुओं में अशांति पैदा हुई है। उम्मीद है कि भविष्य में आपका संगठन हिंदू भावनाओं का सम्मान करेगा और उसे चोट नहीं पहुंचाएगा। प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी तरह से। 

सोशल मीडिया पर नाराजगी

बीजेपी सांसद अनंत कुमार हेगड़े के लेटर पर खबर लिखे जाने तक सीएट कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया था। हालांकि सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमा रहा है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर बने उस विज्ञापन को डाल रहे हैं जिसमें इस विज्ञापन को कॉपी किया गया है और मुसलमानों से कहा जा रहा है कि मटन, चिकन की बिरयानी चाहिए तो नमाज घर में पढ़नी होगी। मस्जिद में पढ़नी होगी, रोड पर नहीं, रोड गाड़ियां चलाने के लिए है, नमाज पढ़ने के लिए नहीं।  वहीं कुछ लोग उन कंपनियों के बहिष्कार तक की बात कर रहे हैं जिनका विज्ञापन आमिर खान करते हैं। 

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