मोदी की सुरक्षा में चूक पर कांग्रेसी ने पूछा- 'हाउ इज द जोश'; ‘700 जान ले ज्ञान देने आया था, पंजाब ने पॉवर दिखा दिया’

                             इमरान प्रतापगढ़ी, परगट सिंह, पुण्य प्रसून बाजपेयी और संजुक्ता बासु (बाएँ से दाएँ)
पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरक्षा में चूक सामने आने के बाद उन्हें बठिंडा से वापस लौटना पड़ा। लिबरल गिरोह के कुछ पत्रकारों के साथ-साथ कांग्रेस के कई नेता भी इसका जश्न मना रहे हैं। जहाँ भाजपा ने इस घटना को ‘कांग्रेस का खूनी इरादा’ बताया है, वहीं फिरोजपुर के एसएसपी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर जिस तरह से इस घटना को लेकर कुछ गिरोह विशेष के लोग जश्न मना रहे, लगता नहीं कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीवित देखना चाहते हैं।

लिबरल पत्रकारों के साथ-साथ कांग्रेस के जश्न मनाने पर हैरान होने की कोई बात नहीं, क्योकि कहावत है कि बुझता दीया टिम-टिमाता है। दूसरे, भागवत गीता में भी स्पष्ट लिखा है, "विनाश काले विपरीत बुद्धि"; तीसरे, अभी कुछ ही समय पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने एक वार्ता में टीवी पर कहा था "कांग्रेस को कांग्रेस ही हराएगी", इन सब बातों को देखते हुए यही निष्कर्ष निकलता है कि कांग्रेस ने खुद ही अपने पांव में कुल्हाड़ी दे मारी है। इस घटना का प्रभाव केवल पंजाब ही नहीं पुरे भारत में दिखेगा। अब जनता भी बता रही है कि जो पार्टी प्रधानमंत्री की नहीं देश की क्या होगी? 

सबसे पहले कांग्रेस नेता गौरव पांधी के बयान को ले लीजिए। कांग्रेस के ‘डिजिटल कम्युनिकेशन एंड सोशल मीडिया’ सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गौरव पांधी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पंजाब का पॉवर! कल से ही पंजाब की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को रोक कर रखा हुआ था। मोदी को अपनी रैली रद्द कर के दिल्ली लौटना पड़ा। पंजाब विरोधी मोदी, वापस जाओ।” उनका बयान भड़काऊ होने के साथ-साथ आपत्तिजनक भी है।

उन्होंने ये भी लिखा कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत नहीं है। वहीं कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कुख्यात ‘Rofl Gandhi 2.0’ नामक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “700 जान लेकर ज्ञान देने आया था। पंजाब, आपने बहुत अच्छा किया।” उसने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “कभी-कभी जनता का सामना भी करना चाहिए। वैसे भी अपने सुरक्षा कवच वाले SUV में बैठे 15-20 मिनट। सुरक्षा चूक तो तब होता है जब कोई गाड़ियों से कुचल दे और फिर भी छाती तान कर मंत्री बना रहे।”

वहीं यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV ने इसे ‘खाली कुर्सियों के कारण रद्द हुई रैली’ बताते हुए लिखा, “मोदी जी, हाउ इज द जोश?” वहीं कांग्रेस समर्थक पत्रकार संजुक्ता बासु ने दावा किया कि पीएम मोदी के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी को पता होना चाहिए कि नकार दिया जाना, कचरे में फेंक दिया जाना और पूजित न होना क्या होता है। उन्होंने ‘प्रेरणा देने के लिए’ पंजाब का धन्यवाद देते हुए लिखा कि पंजाब ने दिखा दिया है।

वहीं कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा, “अपनी पर आया किसान – उलटे पैर लौटे प्रधान”। इसी तरह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने लिखा, “प्रिय नड्डा जी, रैली रद्द होने का कारण ख़ाली कुर्सियाँ रहीं। यक़ीन न हो तो, देख लीजिए। और हाँ, बेतुकी बयानबाज़ी नहीं, किसान विरोधी मानसिकता का सच स्वीकार कीजिए और आत्म मंथन कीजिए। पंजाब के लोगों ने रैली से दूरी बनाकर अहंकारी सत्ता को आईना दिखा दिया है।”

इसी तरह जश्न में शामिल होते हुए पूर्व पत्रकार और अब YouTube से प्रोपेगंडा फैलाने वाले पुण्य प्रसून बाजपेयी ने लिखा, “पीएम की फ़िरोज़पुर रैली रद्द। वजह – 1. प्रदर्शनकारी 2. मौसम 3. ख़ाली कुर्सी”।

इसी तरह पंजाब के खेल मंत्री परगट सिंह ने लिखा, “आज पंजाब कांग्रेस ‘पंजाब विरोधी मोदी’ अभियान चला कर अपना विरोध दिखाएगा। ये पंजाब के मूड का प्रतिनिधित्व करेगा। ये दिखाएगा कि पंजाब के लोग उनसे नफरत करते हैं।” परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं और जालंधर केंट से विधायक हैं।

वहीं स्मृति ईरानी ने कई प्रश्नों का पंजाब सरकार से जवाब माँगते हुए कहा कि इस तरह की चूक इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वो लोग जानते हैं कि कांग्रेस को मोदी से नफरत हैं, लेकिन आज उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री को नुकसान पहुँचाना चाहा है। पंजाब के डीजीपी ने क्या जानबूझकर पीएम के सुरक्षा दस्ते से कहा कि जिस रास्ते से उन्हें जाना है वहाँ कोई गतिरोध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया था।

पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने माना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई है। जबकि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की बात से इनकार किया था। इस तरह पंजाब सरकार के दो सबसे बड़े नेताओं के बयानों में ही विरोधाभास नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बठिंडा से दिल्ली वापस लौट आए हैं और फिरोजपुर रैली रद्द कर दी गई है। कॉन्ग्रेस वाले इस सुरक्षा में सेंध का सोशल मीडिया पर जश्न मना रहे।

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‘रिपब्लिक भारत’ से बात करते हुए डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि पंजाब पुलिस और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी ‘विशेष सुरक्षा बल (SPG)’ की बैठकें हुई थीं, जिनमें ‘आसूचना ब्यूरो (IB)’ के लोग भी शामिल रहे थे। उन्होंने कहा कि उन बैठकों में कहीं भी राज्य के गृह मंत्री को नहीं प्रतिभागी बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के साथ भी बैठक होती रही। उन्होंने कहा कि रूट के साथ एक वैकल्पिक रूट भी लगना चाहिए था, जो नहीं हो पाया।

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