पंजाब के बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण प्रदर्शनकारियों को उनके रूट का पता चल गया और फ्लाईओवर पर भीड़ जुट गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी फिरोजपुर रैली को रद्द कर के वापस लौटना पड़ा। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लगातार बयान बदल रहे हैं। पहले उन्होंने बयान दिया कि रैली में 70,000 कुर्सी लगी थी, लेकिन 700 लोग ही आए। फिर उन्होंने इस घटना को ‘कुदरती’ करार दिया। कांग्रेस नेता इस घटना पर जश्न मना रहे।
कांग्रेस पार्टी द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे अनुभवी प्रशासक को हटा कर मुख्यमंत्री बनाए गए चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी प्रकार की सेंध या चूक की बात नकारते हुए कह दिया कि अंतिम समय में योजना बदल दी गई थी। इसके बाद अपने बयान में उन्होंने कहा कि देर रात तक वो खुद पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। वहीं उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सीएम चन्नी के बयान के विरोधाभास में माना कि सचमुच सुरक्षा में चूक हुई है।
Punjab CM Channi has tied himself in knots.
— Amit Malviya (@amitmalviya) January 5, 2022
First he said 700 people turned up for the rally… Then he said it was kudarti, later he said he was trying to ensure no blockade till 3am…
The CS and DGP are part of PM’s cavalcade but in this case, they weren’t…
Lies and more lies. pic.twitter.com/g8EnyWVj5I
यह महाभारत जीतना है तो कृष्णा बन जाईये मोदी जीl ईन गिरे हुए लोगों से नैतिकता की उम्मीद छोड़ दीजियेl सहनशीलता की सीमा पार हो चुकी हैl
— Nathuram Sangwa (@nrsangwa) January 6, 2022
नैतिकता की धरा पर महाभारत का युद्ध नहीं लड़ा जा सकता, वरना अभिमन्यू यू ही चक्रव्यूह में फंसता रहेगा।#BharatStandsWithModiJi
जो आज पंजाब में हुआ उसका आधा भी किसी और दल के नेता के साथ यूपी में हो जाता तो ट्विटर पर कुछ लोग बवाल कर देते।वही लोग आज के मामले को तरह तरह के मोड़ देने में लगे हैं। अद्भुत है। अरे एक व्यक्ति का नहीं कर सकते तो एक पद का तो सम्मान करो कम से कम🙏 अब ट्रोल आर्मी काम पर लग जाएगी😊🙏
— richa anirudh (@richaanirudh) January 5, 2022
राजनीति में नफ़रत किस हद तक ज़हरीली हो सकती है, आज पंजाब सरकार ने दिखा दिया. प्रधानमंत्री @narendramodi की सुरक्षा से समझौता, देश के साथ एक भद्दा मज़ाक़ और एक अक्षम्य अपराध है, पर जिसके सर पे स्वयं महाकाल का हाथ हो, उसका कोई क्या बिगाड़ सकता है. #BharatStandsWithModi pic.twitter.com/ASYsuR7hBd
— Manoj Muntashir (@manojmuntashir) January 5, 2022
Congress Ke Logo Punjab Ko Badnam Mat Karo ..#BharatStandsWithModiJi pic.twitter.com/jmnXM0BX86
— Raju Srivastava (@iRajuSrivastava) January 5, 2022
To hell with propriety, the President of India should dismiss CHANNI’s Government only to send the signal that you can’t mess with the security of the Prime Minister of India no matter how much you detest him and / or his politics. It’s the office you are playing with!
— SUHEL SETH (@Suhelseth) January 5, 2022
टीवी चैनल कांग्रेस नेताओं के बयान के आधार पर कह रहे हैं कि 70000 के लिए कुर्सियाँ और 700 आए, इसलिए @narendramodi लौट गए। यह वीडियो रैली स्थल पर मौजूद मेरे एक ग़ैर भाजपाई साथी ने भेजा, बिना संपादन के जस का तस डाल रहा हूँ। #FactsMatter मुझसे कहा-पंजाब में मोदी का साथ देना पड़ेगा pic.twitter.com/IIjQEx0lBv
— हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi (@MediaHarshVT) January 5, 2022
कांग्रेस नेता दोपहर से ही खाली कुर्सियों की तस्वीरें शेयर कर-कर के दावा कर रहे हैं कि इसी वजह से पीएम मोदी की रैली रद्द हुई है। जबकि भाजपा नेताओं ने तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर के दिखा दिया कि सुबह से ही लोग प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जुटे हुए थे और कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ थी। भाजपा के आईटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने कहा कि CS और DGP को प्रधानमंत्री के काफिले के साथ होना चाहिए, लेकिन इस बार ये दोनों ही गायब थे।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का भी कहना है कि कुछ कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने के कारण उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है और इसीलिए वो पीएम मोदी को रिसीव करने नहीं जा सके। उन्होंने पंजाब सरकार पर लगातार झूठ बोलने के आरोप लगाए। इसी तरह मीडिया में पहले खबर आई कि फिरोजपुर के SSP को निलंबित किया गया है, लेकिन सीएम चन्नी ने फिर इसका खंडन कर दिया। अब वो स्वीकार कर रहे हैं कि पीएम मोदी के रूट में प्रदर्शनकारियों के होने का उन्हें पता था।
प्रधानमंत्री को कहीं जाना हो तो पहले उस रूट के रिहर्सल किया जाता है, जो इस बार भी हुआ था। इससे ये दावा गलत साबित हो जाता है कि अंतिम समय में योजना बदलने से दिक्कत हुई। वीडियो में ये भी सामने आया है कि पंजाब पुलिस उन प्रदर्शनकारियों के साथ चाय की चुस्की ले रही थी, जिन्होंने प्रधानमंत्री के काफिले को 20 मिनट तक रोके रखा। जिस जगह ये घटना हुई, वो पाकिस्तान की सीमा से 30 किलोमीटर की दूरी पर ही है। वहाँ से अक्सर बम बरामद होते रहते हैं।
Punjab Police under Congress govt were drinking tea with Protestors who stalled PM Cavalcade instead of Clearing PM's route putting the Highest Protectee of India at Risk pic.twitter.com/I1K3Pedlq8
— MeghUpdates🚨™ (@MeghBulletin) January 5, 2022
We will keep on crying, even after getting 303 seats, huge mandate, still we will keep on crying.
— Julius Sunil Nair 🚩🇮🇳🚩 (@Julius692021) January 5, 2022
result of too much simping since farmers protest , shaheen bagh etc etc 😐
— Ragnor Gupta (@newshourhalla) January 5, 2022
Any kind of violence-infact that’s what they were looking for ..they want blood on roads.. like how they wanted it to happen For farmer protest..
— KSL (@ulirs3) January 5, 2022
मीडिया के सामने ही प्रदर्शनकारी ये स्वीकार करते हुए दिख रहे हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री के रूट का पूरा पता था। सवाल ये है कि जब ये जानकारी सिर्फ पंजाब पुलिस को ही थी, फिर कहाँ से प्रदर्शनकारियों को सारी बातें लीक हुई? प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने कई बसों को तबाह कर दिया और भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा वहाँ कमजोर हो गई थी और कुछ भी हो सकता था। इन सबका दोषी कौन?
So-called ‘protestor’ says they knew PM Modi would be passing this way.
— Kanchan Gupta 🇮🇳 (@KanchanGupta) January 5, 2022
Since #PunjabPolice alone knew of route, this video answers key questions:
1. Who leaked secret info?
2. Why protestors were allowed to come in dangerously close proximity to PM?pic.twitter.com/h4aXAMHDl3
Complete failure of law and order in Punjab, CM and HM Punjab, in particular. When you cannot provide smooth passage to the Prime Minister of the country and that too just 10km from the Pakistan border, you have no right to stay in office and should quit!
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) January 5, 2022
देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हो जाती है और बहाना ये बनाते हैं कि रैली में भीड़ नहीं थी… अरे तो आप प्रदर्शनकारियों को हटा देते, पीएम को रैली स्थल तक पहुँचने देते..सच दिख जाता न.
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) January 5, 2022
आपके 10,000 सुरक्षाकर्मी एक रूट नहीं क्लीयर कर पाए.. ये स्वस्थ राजनीति नहीं कहलाती
इससे ज़्यादा शर्म की बात नहीं हो सकती कि PM @narendramodi को अगर ये कहना पड़ जाए कि मैं भटिंडा एयरपोर्ट तक ज़िंदा लौट पाया. जितने भी लोग इसके लिए ज़िम्मेदार और दोषी हैं उनके ख़िलाफ़ सख़्त एक्शन होना चाहिए.
— Chitra Tripathi (@chitraaum) January 5, 2022
राजनीति अपनी जगह,मगर PM की सुरक्षा से खिलवाड़ कत्तई बर्दाश्त नहीं. pic.twitter.com/2rZgKHk4An
अवलोकन करें:-
वहीं ‘भारतीय किसान संघ (क्रांतिकारी)’ नामक संगठन ने पीएम मोदी के काफिले को रोकने रखने की जिम्मेदारी ली है। पियारेना गाँव के पास ये घटना हुई थी। BKU (क्रांतिकारी) के महासचिव बलदेव जीरा का कहना है कि उन्होंने ‘अभिमानी’ मोदी को सबक सिखाया है। ये संगठन वामपंथी है और ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ का हिस्सा भी। 2009 में यूनियन के अध्यक्ष सुरजीत फूल माओवादियों से सम्बन्ध रखने के कारण UAPA के तहत गिरफ्तार भी हुए थे। 31 दिसंबर, 2021 को ही किसान संगठनों ने बरनाला में बैठक कर के इस दौरे को बाधित करने की साजिश रच ली थी।
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