पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 23 जनवरी 2022 को विपक्षी दलों को खुली धमकी दी। इमरान खान ने कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो वह और भी ज्यादा खतरनाक हो जाएँगे। इसके साथ ही खान ने विपक्ष की कोई भी बात मानने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) द्वारा 23 मार्च को आयोजित होने वाले लॉन्ग मार्च को लेकर प्रधानमंत्री जवाब दे रहे थे।
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट द्वारा 23 मार्च को जुलूस निकालने की योजना पर पूछे गए सवाल के जवाब में इमरान खान ने कहा कि यह कदम विफल हो जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर मैं सड़कों पर आ गया तो आप (विपक्ष) सबको छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी।”
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट एक गठबंधन है, जिसमें करीब एक दर्जन पार्टियाँ हैं। इस गठबंधन को राजनीति में पाकिस्तानी सेना की दखलअंदाजी और चुनाव में ‘गड़बड़ी’ कर इमरान खान को ‘कठपुतली’ प्रधानमंत्री बनाने के खिलाफ गठित किया गया था। इस गठबंधन का कहना है कि राजनीति में सेना की दखल कम होनी चाहिए। पीडीएम का आरोप है कि इमरान खान सेना के हाथों की कठपुतली हैं जिन्हें इलेक्शन में गड़बड़ी करके जितवाया गया था।
PDM के अध्यक्ष और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजली के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान ने ऐलान किया है कि विपक्षी पार्टियाँ 23 मार्च को इस्लामाबाद में लंबा मार्च निकालेंगी। उन्होंने इमरान की सरकार को ‘अक्षम और नाजायज’ कहा और बोले कि इससे पाकिस्तान को छुटकारा दिलाया जाएगा।
नवाज शरीफ वापस नहीं आएँगे, उन्हें पैसों से प्यार – इमरान खान
PM #ImranKhan calling his Nation
— Arzoo Kazmi 🇵🇰 ✒🖋 (@Arzookazmi30) January 23, 2022
Ghatiya Loog 😜😜#BhejaFry pic.twitter.com/0sgQzUcs2S
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