हाथरस पर मदारियों की तरह तमाशा करने वाले राजस्थान पर क्यों खामोश हैं? क्या राजस्थान की बेटियों का कोई सम्मान नहीं?
देशभर में बवाल मचने और कांग्रेस की कार्यशैली के कठघरे में आने के बाद ही कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने अलवर की निर्भया की अधूरी आवाज सुनी है। अधूरी इसलिए कि उन्नाव की रेप पीड़िता पर यूपी में सियासत करने वाली प्रियंका ने अलवर की निर्भया के पास जाने का नैतिक साहस भी नहीं किया। प्रियंका वाड्रा ने कथित रूप से बस फोन पर ही निर्भया के पिता के बातचीत की। उत्तर प्रदेश में जरा सी बात पर ट्वीट कर देने वाली प्रियंका ने राजस्थान की निर्भया पर कोई ट्वीट भी नहीं किया।
दलित की बेटी भी देश की बेटी है। pic.twitter.com/CdbWkCwePP
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 3, 2021
जो इस लड़की के साथ हुआ गलत हुआ और न्याय जरूर मिलना चाहिये
— Neha Chowdhry🇮🇳 (CSK💛) (@chowdhryneha78) August 3, 2021
लेकिन सुकन्या देवी भी किसी की बेटी थी देश की बेटी थी उसको कब न्याय मिलेगा पप्पू गिरपडे़ बेल पर बाहर घूमने वाले टैक्स चोर।
प्रियंका ने अलवर की निर्भया के पास जाने की जरूरत नहीं समझीये बेटियां किसी दूसरे ग्रह की नहीं है.....
— सुनीत भार्गव 🇮🇳 (@bhargav_sonu72) August 3, 2021
ये भी इसी देश की बेटी है......
मगर तुम @RahulGandhi आवाज नहीं उठाओगें.....!!
यहां कुछ एजेंडा सैट किया होगा 100 % .....!! pic.twitter.com/EeNK7IFfOZ
यूपी कांग्रेस के सहप्रभारी और राजस्थान के जहाजपुर से विधायक धीरज गुर्जर ने ट्विट करके दावा किया है कि प्रियंका गांधी की अलवर गैंगरेप पीडि़ता के पिता से मोबाइल फोन पर बातचीत हुई है। धीरज गुर्जर ने लिखा- अलवर में जो घटना घटी है, वो नाकाबिले बर्दाश्त है। पीड़िता के पिता को प्रियंका गांधी ने किसी भी सहायता के लिए सीधा सम्पर्क करने के लिए कहा है।
अलवर में जो घटना घटी है वो नाक़ाबिले बर्दाश्त हैं,पीड़िता के पिता जी से @priyankagandhi जी की फ़ोन पर बात हुई है,
— Dheeraj Gurjar (@dgurjarofficial) January 14, 2022
उन्हें हर तरह से मदद का भरोसा दिलाने के साथ ही किसी भी प्रकार की सहायता के लिये सीधा सम्पर्क करने के लिए कहा है।1_2
नौटंकी विशेषज्ञ रँगा बिल्ला आ जाएं । कोई नहीं रोकेगा
— Dhiraj Pathak धीरू (@DhirajP00497469) January 14, 2022
बड़ी मुश्किल से मुट्ठी भर लोग अन्याय के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठा पाते है ! अलवर गैंग रेप पीड़ित के लिये न्याय एवं अपराधियों को गिरफ़्तारी की माँग कर रही लड़कियों को अलवर कलेक्टर द्वारा धमकाना निंदनीय है ! अच्छा होता कि इनको धमकाने की बजाय अपराधियों को पकड़ने में मेहनत करे !
— Siddharth_Fagna_गुर्जर= रामगढ़ (@Ramesh_Fagna3) January 15, 2022
राहुल गांधी का दोगलापन देखिए, राजस्थान, महाराष्ट्र, बंगाल में दलित बेटियों से रेप मामले में साध लेते हैं चुप्पी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी महिलाओं खासकर दलित महिलाओं को इंसाफ दिलाने में भी भेदभाव करते हैं। गैर-कांग्रेसी राज्यों में किसी दलित की बेटी के साथ उत्पीड़न और अन्याय होने से राहुल गांधी का दलित प्रेम जाग उठता है। दलित की बेटी भी देश की बेटी दिखाई देने लगती है। दिल्ली में एक 9 साल की दलित मासूम बच्ची के साथ रेप और हत्या के मामले में राहुल गांधी ने ट्वीट किया और इसे हाथरस की घटना से जोड़ दिया। लेकिन उन्हें राजस्थान दिखाई नहीं दिया, जहां देश में सबसे अधिक बलात्कार की घटनाएं होती हैं।
इंसान इतना भी कैसे स्वेदनसिल हो सकता है।
— गोपाल सनातनी (@GopalSa22721269) January 13, 2022
भगवान बुद्धि देना , राजनीति बहुत बुरी हो गई है। pic.twitter.com/ryP1sy2Ytq
ये रमेश क्या कह रहा है पप्पू pic.twitter.com/9EXi2Ymi1l
— मनोज कुमार भारद्वाज (@ManojKB0017) January 13, 2022
True political representation! Well done Team!!! We have to win now 💯 pic.twitter.com/fxgqpDhjPz
— The Raga Times (@RagaTimes) January 13, 2022
— Dilip Singh Rao 🇮🇳 (@Dileep4BJP) January 13, 2022
कांग्रेसी महिलाएं भी बैशर्म हो गयी है मंदबुद्धि की हां में हां मिलाती है इनको राजस्थान दिखाई नही देता यहां महिलाओं के साथ बलात्कार अत्याचार रोज हो रहे हैं नकली गांधी परिवार कुछ भी नहीं बोलता है शर्म करो कांगियो#कांग्रेस_पर_थूकता_है_भारत pic.twitter.com/kIOiy1uuQ5
— Chander Ghalot (@cpghalot_bjp) January 13, 2022
ये उन्नाव है,❓❓ pic.twitter.com/AVSplDPQRv
— 🚩किरण सिन्हा🇮🇳 सनातनी🚩 (@KiranSi27813888) January 13, 2022
धीरज गुर्जर कह रहे नाकाबिले बर्दाश्त, पुलिस कह रही रेप नहीं
अलवर की निर्भया के मामले में हैरतअंगेज तथ्य यह है कि जबकि यूपी कांग्रेस के सह प्रभारी धीरज गुर्जर घटना को नाकाबिले बर्दाश्त बता रहे हैं, तभी गहलोत सरकार के आला अधिकारी यह साबित करने की कोशिशों में लगे हैं कि अलवर में गैंगरेप जैसी कोई वारदात हुई ही नहीं। तिजारा फाटक पुलिया पर लहुलूहान मिली नाबालिग से गैंगरेप मामले में अलवर पुलिस ने चौंकाने वाला दावा किया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने अब रेप होने से ही इनकार किया है।— क्वीन आँफ झाँसी🚩अतुल्य भारत (@sr7696) January 13, 2022
एसपी ने कहा, मेडिकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बालिका के प्राइवेट पार्ट्स में इंजरी है। इसी से काफी ज्यादा खून बहा। रेप होने जैसे फैक्ट्स सामने नहीं आए हैं। ऐसा मेडिकल एक्सपर्ट, फोरेंसिक एक्सपर्ट, टेक्निकल फैक्ट्स के आधार पर बताया गया है। राज्य सरकार ने गैंगरेप कांड पर पर्दा डालने के लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में जांच और अनुसंधान के लिए अलग से टीम अलवर भेजी है। ताकि इस उच्च स्तरीय टीम की रिपोर्ट पर कहा जा सके कि अलवर में गैंगरेप हुआ ही नहीं है। यह कोशिश इसलिए, क्योंकि अलवर की निर्भया मामले से गहलोत सरकार की देशभर में किरकिरी हुई है।
पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि 11 जनवरी की शाम करीब 7: 31 बजे बालिका पुलिया पर चढ़ती नजर आ रही है। उसके साथ कोई संदिग्ध नजर नहीं आ रहा है, लेकिन 10 मिनट बाद बालिका लहूलुहान मिली। अब हमारी जांच इन्हीं 10 से 15 मिनट पर केंद्रित है। आखिर उन 10 मिनट में बालिका के साथ क्या हुआ है, इसकी जांच जारी है। उस समय पुल पर से निकले वाहनों की जांच कर रहे हैं।
पुलिस एसपी के दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल भी यही है कि यदि रेप नहीं हुआ तो मूक-बधिर नाबालिग के प्राइवेट पार्ट में इतनी घातक चोट कैसे लगी ? वह कैसे इतनी लहूलुहान हुई कि सड़क पर दो फीट तक खून फैला ? यदि यह मान लें कि पुलिया पर हादसा हुआ तो दिव्यांग के शरीर पर सिवाए प्राइवेट पार्ट के कहीं और चोट क्यों नहीं आई ? फिर जब अंतिम 15 मिनट की कहानी अनसुलझी है तो उन्होंने कैसे मान लिया कि इस अवधि में रेप तो नहीं हुआ ? इसकी जांच जारी है कि पुलिया पर बालिका के साथ क्या हुआ ? लेकिन सरकार पर हो रही थू-थू रोकने के लिए तत्काल अधूरी जांच में ही रेप न होने की घोषणा कर दी गई।
प्रियंका गांधी को यह अच्छी तरह मालूम है कि राजस्थान में बलात्कारी कानून-व्यवस्था से बेखौफ हैं। इसीलिए राजस्थान रेप के मामलों में देशभर में नंबर-वन है। कांग्रेस शासित राजस्थान को नंबर वन का शर्मनाक तमगा मिलने के बाद भी यहां रेप कम नहीं हो रहे हैं। प्रियंका गांधी की जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान में 2020 में गहलोत सरकार के दौरान 5310 लड़कियों की अस्मत लुटी थी। कांग्रेस हाईकमान से लेकर राजस्थान सरकार तक किसी ने भी रेप रोकने की दिशा में कदम उठाना तो दूर, बढ़ते बलात्कार के मामलों पर चिंता तक नहीं जताई।
उत्तर प्रदेश में जरूर प्रियंका गांधी को रेप पीड़िताएं नजर आती हैं। इस पर उन्नाव में रेप से लेकर अब तक सियासत जारी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की अपनी पहली लिस्ट में उन्नाव सीट से उन्नाव बलात्कार पीड़िता की मां को टिकट देकर प्रियंका क्या साबित करना चाहती हैं कि कांग्रेस रेप-विक्टिम के साथ है….राजस्थान में ऐसा लगता है कि कांग्रेस ऐसे गुनरगारों के ही साथ है। अव्वल तो सरकार प्रदेश में बलात्कार रोक ही नहीं पा रही। दूसरे, बलात्कारियों को सजा दिलाने में, चालान पेश करने में पुलिस की लापरवाही साफ नजर आती है। पॉक्सो एक्ट में एक साल में फैसला देने की बाध्यता के बावजूद राजस्थान में पॉक्सो के सात हजार मामले न्याय की बाट जोह रहे हैं। कुछ जिलों में तो पुलिस की लचर जांच के चलते ऐसे मामले 5-6 साल से पैंडिंग चल रहे हैं।
कांग्रेस की महासचिव को ध्यान से सुनना चाहिए कि राजस्थान में एक साल में ही बलात्कार के 1027 मामले पिछले साल की तुलना में बढ़ गए हैं। वर्ष 2021 में राजस्थान में 6337 केस दर्ज हुए हैं। सरकार की तरह पुलिस अधिकारी भी बेशर्मी से कहते हैं कि राजस्थान में केस इसलिए बढ़े क्योंकि यहां पर मामला दर्ज होता है। जबकि हकीकत यही है कि निर्भया मामले के बाद से केस दर्ज करने की गंभीरता पर राज्य ने दिखाई है, सिर्फ राजस्थान ने नहीं। निर्भया केस की बात चल निकली है तो बता दें कि खाकी वर्दी का कोई भय न रह जाने के कारण अलवर में मूक-बधिर नाबालिग बच्ची से निर्भया जैसा ही कांड हो गया।
दरिंदों ने एक बेजुबान नाबालिग के साथ गैंगरेप कर अलवर में फ्लाईओवर पर फेंक दिया। हैवानों ने नाबालिग मूक बधिर के साथ गैंगरेप किया। वहशी यहीं रुके। उन्होंने बच्ची को किसी नुकीली चीज से मारा और जख्मी कर दिया। मूक बधिर होने की वजह से मासूम चिल्ला भी नहीं सकी। आरोपी उसे गाड़ी में लेकर घूमते रहे, लेकिन खून बंद नहीं होने पर एक फ्लाईओवर पर छोड़कर भाग गए। पीड़िता तिजारा पुलिया पर करीब एक घंटे पड़ी रही। 2 फीट सड़क खून से लाल हो गई। खून से लथपथ नाबालिग को कुछ राहगीरों ने देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली। रात करीब 9 बजे जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉ के.के. मीणा ने नाबालिग को अर्द्धमूर्छित हालत में देखा था।
डॉ केके मीणा ने बताया कि नाबालिग को शुरुआत में देखकर लगा कि वह मानसिक रूप से कमजोर हो सकती है। लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। थोड़ी बहुत मुंह से आवाज करती, लेकिन बोल नहीं पा रही थी। तब लगा कि यह मूक बधिर है। फिर रात करीब 11 बजे नाबालिग के मां व मामा अस्पताल आ गए। तब पता लगा नाबालिग की उम्र करीब 16 साल है। मूक बधिर है। शाम करीब 4 बजे घर से निकल गई थी। उसके बाद पता नहीं चला कि किसी के साथ आई या उसका अपहरण करके लाया गया। डॉ केके मीणा ने बताया कि नाबालिग का बहुत अधिक खून बह चुका था। असल में उसके प्राइवेट पार्ट में काफी बड़ा कट लगा हुआ था। किसी नुकीली चीज से ये जख्म किया गया। इसी कारण उसका काफी खून बह गया है।
राजस्थान में एक बार फिर दिल्ली के निर्भया कांड की तरह एक 15 साल की मंदबुद्धि लड़की के साथ रेप और दरिंदगी हुई है। अज्ञात बदमाशों ने पीड़िता के साथ हैवानियत के बाद उसे अलवर शहर की तिजारा पुलिया पर पटक दिया। वहां बेहोशी की हालत में मिली लड़की की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। उसे तत्काल सरकारी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। रेप के बाद उसके प्राइवेट पार्ट्स पर बेरहमी से चोट पहुंचाई गई थीं। गहरे जख्मों के चलते ब्लडिंग नहीं रुकती देख चिकित्सकों ने उसे अलवर से जयपुर रेफर करना पड़ा।
असल में यह निर्भया जैसा ही बड़ा मामला है। जिसके विरोध में जनता उतरने लगी है। अलवर शहर में शाम को पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया गया। आमजन का कहना है कि दरिंदों को फांसी पर लटकाना चाहिए। इस घटना का पूरे प्रदेश में विरोध होने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी ट्विट कर कहा है कि प्रदेश में बेटियां आए दिन दरिंदों की हवस का शिकार हो रही हैं। लेकिन सरकार शून्य हो गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में देश में नम्बर वन बन चुके राजस्थान को शोषण मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।
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