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ब्रिटेन के ग्रूमिंग गैंग की हैवानियत खोल रहे एलन मस्क : मुँह में ठूंसी गेंद, Anal गैंगरेप के लिए 13 साल की बच्ची पर 5-6 मर्दों को छोड़ा: चश्मदीदों को जिंदा जलाने की दी जाती थी धमकी

                                               ग्रूमिंग गैंग की हैवानियत (फोटो साभार: bbc)
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग के खिलाफ इन दिनों मुखर होकर बोलने वाले एलन मस्क ने हाल में ग्रूमिंग गैंग की दरिंदगी को बताने के लिए कुछ घटनाओं की डिटेल को साझा किया है। इस क्रम में एक 13 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत की डिटेल भी है।

एलन मस्क के ट्वीट में एक इस्लामी कट्टरपंथी मोहम्मद करार के कुकर्मों का जिक्र है जिसने एक 13 साल की बच्ची को एनल गैंग रेप के लिए तैयार किया था और बाद में 5 से 6 लोग उसपर टूट पड़े। इस दौरान बच्ची के गुदाद्वार को फैलाने के लिए पंप तक का इस्तेमाल किया और उसके बाद एक टाइम तो ऐसा भी आया कि चार-चार मर्दों ने उसके भीतर एक साथ लिंग डाला हुआ था।। वो दर्द से चिल्लाए न इसलिए उसके मुँह में लाल रंग की गेंद डाल दी गई थी।

इतना ही नहीं, मोहम्मद करार ने सिर्फ दूसरों से उसका गैंगरेप नहीं कराया बल्कि खुद भी उसका रेप किया। ये सब उसी समय हुआ जब वो 13 साल की पूरी भी नहीं हुई थी। उसके साथ न केवल ओरल सेक्स किया गया बल्कि वेजाइनल सेक्स भी किया गया।

एलन मस्क द्वारा साझा किया गया ये स्क्रीनशॉट www.judiciary.uk पर मौजूद लीगल दस्तावेज का है जिसमें ग्रूमिंग गैग के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार ग्रूमिंग गैंग से जुड़े इस्लामी कट्टरपंथी चश्मदीदों को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी देते थे, उन्हें बंदूक दिखाकर डराया धमकाया जाता था। ग्रूमिंग गैंग चश्मदीदों को ये कहकर चुप कराते थे कि अगर उन्होंने किसी को कुछ भी कहा था उनके साथ भी वही होगा तो पीड़िताओं के साथ हो रहा है यानी कई मर्द मिलकर रेप करेंगे। बता दें कि साल 2019 में इसी मोहम्मद करार को इसके 2 भाइयों सहित कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मौजूदा दस्तावेज ये भी बताते हैं कि कैसे ग्रूमिंग गैंग को पुलिस ने संरक्षण दिया हुआ था। दो ऐसे मामले थे जहाँ लड़कियों के पिता को उनकी बेटियों के बारे में पता भी चला और वो उन्हें बचाने भी गए, लेकिन हुआ क्या? जिस जगह पहुँचकर पुलिस को पिता की मदद करनी चाहिए थी, उन्हीं जगहों पर पहुँचकर पुलिस ने लाचार पिता को अरेस्ट कर लिया और आरोपितों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एलन मस्क ऐसे केसों को आधार बनाकर कहते हैं कि सोचकर देखिए कि आप पिता हैं और बेटी को गैंगरेप और हत्या से बचाने के लिए कहीं पहुँचे हैं, लेकिन पुलिस ने उलटा आपको ही गिरफ्तार कर लिया।

अवलोकन करें:-

ग्रूमिंग गैंग : ‘बड़े हिप्स और भारी ब्रेस्ट हो तो 13 साल की लड़की से भी कर लो सेक्स’: समझें छोटी बच्

ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग

ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग की समस्या आज की नहीं है। सालों से इस गैंग का शिकार हुई पीड़िताओं की कहानी लोगों को चौंकाती रही है। इस गैंग का कनेक्शन सीधा पाकिस्तान के इस्लामी कट्टरपंथियों से था जो चुन-चुन कर छोटी उम्र की गोरी और गैर मुस्लिम लड़कियों को अपना शिकार बनाते, फिर उनका शोषण करते, उनसे अप्राकृतिक रूप से बलात्कार करते, उनकी तस्करी करते और उन्हें हिंसक धमकियाँ देते थे। 2013 के बाद इस गैंग के बारे में दुनिया को पता चला और फिर एक टास्कफोर्स बनी जिसने पिछले वर्ष तक 550 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया था और 4000 से अधिक पीड़ितों की पहचान की थी।

‘रेप करना है तो गेट बंद करके कर लो… सबको मत दिखाओ’: बुरहान और मोहम्मद की लड़ाई में हजारों बच्चियाँ-औरतें शिकार, खतरे में पूरा सूडान

 

            सूडान में 40 लाख महिलाओं-लड़कियों पर रेप का खतरा (फोटो साभार: Human Rights Watch)
“तुम मेरे साथ रेप करने वाले हो, प्लीज दरवाजा बंद कर लो, दूसरे सैनिकों को मत देखने दो।”

“तुम मेरी बहन हो, तुम अरबी लड़की हो, तुम सुरक्षित हो… मैं तेरे साथ सोना चाहता हूँ। अपने बेडरूम में ले चलो।”

ऊपर दो अलग-अलग महिलाओं की आपबीती है। दोनों महिलाएँ सूडान की हैं। ऐसी आपबीती सिर्फ दो पीड़ित तक सीमित नहीं है बल्कि हजारों महिलाओं-बच्चियों की है। जिन लोगों ने इनके साथ रेप-गैंगरेप किया है, वो अरबी लड़ाके या सैनिक हैं। जिन पर यह सब बीत रही है, वो भी अरब से पैदा हुए मजहब इस्लाम को ही मानने वाले हैं। यह सब इतने व्यापक स्तर पर हो रहा है कि सूडान एक देश के तौर पर खत्म भी हो सकता है, ऐसा संयुक्त राष्ट्र का मानना है।

सूडान में जो मार-काट मची है, यह महीनों से चली आ रही। शुरुआती लड़ाई में एक पक्ष दूसरे पक्ष को मार रहा था, मर रहा था। कुछ ही दिनों के बाद लड़ने वाले ‘मर्दों’ ने इसका दायरा बढ़ा लिया है – महिलाएँ और बच्चियों का शिकार किया जाने लगा। सूडान में जिनके साथ यह हैवानियत हो रही, उनमें से कुछ ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की टीम को अपनी-अपनी आपबीती बताई है। भयावह रेप-गैंगरेप से गुजरने के बावजूद सिर्फ कुछ पीड़ित ही आपबीती सुना पा रहे। एक मानवाधिकार शोधार्थी ने इसके पीछे की वजह बताया – सूडान का इस्लामी समाज और इनकी रूढ़िवादी सोच। इस शोधार्थी ने बताया:

“यहाँ एक रूढ़िवादी मुस्लिम समुदाय है। ये महिलाओं के शरीर को कितनी ‘शुद्ध’, कितनी ‘स्वच्छ’ के नजरिये से देखते हैं। विपक्षी लड़ाकू सेना के लोग यौन हिंसा को एक हथियार के तौर पर देखते हैं, इसलिए नस्लीय हो या मजहबी, महिलाओं के साथ रेप करके वो पीड़ित पक्ष को दिखाना चाहते हैं कि तुम्हारी महिलाओं का स्थान सबसे निचले पायदान पर है।”

सूडान में रेप किनके साथ, कैसी पाशविकता

सबसे ऊपर 2 रेप पीड़िता की जो आपबीती है, वही सबसे भयावह है, ऐसा नहीं है। मीडिया रिपोर्ट में जितनी भी घटनाएँ सामने आई हैं, वो ऊपर से कम भयावह नहीं है।
  • एक महिला और उनकी 3 बेटियों का बलात्कार किया गया, एक ही जगह पर, सबको एक-दूसरे के सामने।
  • 2 बच्चियों का रेप उनके पिता के सामने किया गया। इनमें एक की मौत आंतरिक रक्तस्राव से हो गई। दूसरी बच गई लेकिन पिता की मौत सदमे के कारण हो गई।
  • 15 साल की एक बच्ची के सामने उनके माँ-पिता को मार दिया गया। फिर 5 लोगों ने उसके और उसके एक दोस्त के साथ गैंग-रेप किया। गैंगरेप के बाद उस दोस्त को भी गोली मार दी गई।
  • एक महिला को उसके पूरे परिवार को मारने की धमकी दी गई, उसकी बेटी को सेक्स-गुलाम बनाने के लिए कहा गया। सबको बचाने के लिए उस महिला ‘हार’ मानते हुए खुद का बलात्कार करवाया।
  • 25 साल की एक मानवाधिकार कार्यकर्ता महिला के घर पर हमला किया गया, उसके छोटे भाई को मार डाला, बाप-बहन को घायल किया, 15 साल की छोटी बहन को अगवा कर लिया। मानवाधिकार कार्यकर्ता को कहा गया कि आकर अपना बलात्कार करवाओ, तब छोटी बहन को रिहा करेंगे। ‘हार’ मान कर अपनी बहन को बचाने के लिए वो खुद अपना गैंग-रेप करवाने अरबी लड़ाकों के पास गईं।
  • 24 साल की एक महिला का रेप उसके ही घर में किया गया, उसकी माँ से बस कुछ फीट की दूरी पर।
  • 19 साल की एक लड़की के सामने उसकी माँ को गोली मार दी गई। अफरा-तफरी में उसके 5 छोटे भाई-बहन बिछड़ गए। फिर इसके साथ 3 दिनों तक 4 लोगों के द्वारा गैंग-रेप किया गया।
  • अपने-अपने स्कूल/कॉलेज की टॉपर 3 लड़कियों का गैंगरेप सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि ये तीनों अरबी लोगों से अलग मसालित (Masalit) समुदाय से आते हैं।
  • 19 साल की एक लड़की का 4 लोगों ने 3 दिन तक गैंगरेप किया।
  • एक महिला का बलात्कार उसके पूरे परिवार के सामने किया गया।
  • 28 साल की एक मानवाधिकार कार्यकर्ता महिला को उसके घर से उठा लिया गया, घंटों तक उसका गैंगरेप किया गया।
  • एक वीडियो में सैनिक की वर्दी पहने लोग हवा में गोली चला रहे थे, कुछ निगरानी कर रहे और बाकी बचे खुलेआम रेप कर रहे थे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार सूडान की 40 लाख महिलाओं और लड़कियों पर यौन हिंसा और बलात्कार का खतरा है। अरबी प्रभुत्व वाला पैरामिलिट्री समूह और अरबी बंदूकधारी लोग मसालित (Masalit) समुदाय की महिलाओं-लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। मसालित समुदाय के लोग सामान्यतः गहरे रंग के होते हैं। इस्लाम में जाति-रंग-लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है, इन वहशी घटनाओं से यह भ्रम भी टूटता है।
रेप के बाद महिलाएँ किस मानसिक तनाव से जीती हैं, वो एक पीड़ित की आपबीती से समझ सकते हैं। उसने अपने मासिक धर्म को लेकर कहा: “रेप के 4 दिन के बाद मुझे पीरियड आए। हर महीने आने वाला पीरियड दर्द के साथ आता था, उस दिन जो पीरियड आया, वो सबसे बड़ी राहत लेकर आया था।”
रेप के कारण गर्भवती होना पीड़ित महिलाओं या लड़कियों के लिए अभिशाप कैसे है, इसे 24 साल की रेप पीड़िता की आपबीती से समझा जा सकता है। इनका गैंग-रेप इनकी माँ के सामने किया गया। फिर मार कर भगा दिया गया। मेडिकल फैसिलिटी के अभाव में इन्होंने 2 महीने गुजार दिए। तब जाकर इनको पता चला कि वो गर्भवती हैं। अब इन्होंने रोते हुए बताया कि ऐसा बच्चा इनको नहीं चाहिए।

जब ‘विदेशियों’ के साथ रेप, तब चुप था समाज

सुडान में जब गृहयुद्ध शुरू हुआ, तो उस समय ‘विदेशी महिला’ के साथ रेप की खबरें सामने आईं। लोगों ने इसको लेकर कानाफूसी की, चटखारे लिए। यह खबर लेकिन न तो मीडिया में उछली, न ही सामाजिक चेतना जगा पाई। क्यों? क्योंकि तब इसी देश के लोग और महिलाएँ आपस में बात कर रहे थे कि रेप या गैंगरेप सूडानी लड़कियों के साथ नहीं हो रहे, वो लोग सुरक्षित हैं।
जल्द ही इन सबका भ्रम टूट गया। सूडानी महिलाएँ, लड़कियों, बच्चियों तक को भी नहीं बख्शा गया। 50 साल से ऊपर तक की महिलाओं को भी शिकार बनाया गया। हिंसा प्रभावित इलाकों से निकल कर महिलाओं के प्रति हिंसा अन्य इलाकों तक में फैल गई।
संयुक्त राष्ट्र के दर्जन भर से ज्यादा एक्सपर्ट सूडान में हो रहे रेप, गैंगरेप को लेकर बड़ी चिंता जता चुके हैं। इस चिंता की कई वजह है। सबसे बड़ी वजह है – सूडान की 97% सुन्नी मुस्लिमों की आबादी। जिनका रेप या गैंगरेप किया जा रहा, वो भी इस्लाम को मानने वाले… जो रेप या गैंगरेप कर रहे, वो सब भी मुस्लिम। मतलब मसला मजहबी नहीं है, बल्कि नस्ली है, समुदाय-संबंधी है। आपसी वर्चस्व की लड़ाई है। यूएन की टीम का मानना है कि यह नस्लीय नरसंहार की ओर जा रहा है।
15 अप्रैल 2023 से सूडान में एक तरह का गृहयुद्ध चल रहा है। 10000 से ज्यादा लोग अब तक मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार मौत के भय से 63 लाख लोग अपने-अपने घरों को छोड़ कर भाग गए हैं। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा, यौन शोषण, बलात्कार, गुलामी, तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति, जबरन शादी आदि की भी कई रिपोर्ट हैं। इनमें से कई मामले नस्लीय, जातीय और राजनीति से प्रेरित भी हैं। संयुक्त राष्ट्र की टीम ने अपील करते हुए कहा: “सूडान में हो रहे अत्याचारों और बड़े पैमाने पर होने वाली यौन हिंसा पर दुनिया को चिंतित होने की जरूरत, न कि आँखें मूंदने की।”
आखिर कौन हैं जो सूडान में लड़ रहे हैं? एक तरफ से लड़ने वाले हैं – सूडान आर्मी चीफ अब्देल फताह अल-बुरहान (Abdel Fattah al-Burhan) के समर्थक और लड़ाके। दूसरी तरफ हैं वहाँ की पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के कमांडर मोहम्मद हमदान दाग्लो के वफादार। मोहम्मद हमदान दाग्लो (Mohamed Hamdan Daglo) कभी आर्मी चीफ अब्देल फताह अल-बुरहान का डेप्यूटी भी रहा था।


हैदराबाद : गैंगरेप में AIMIM विधायक का बेटा शामिल

हैदराबाद नाबालिग रेप केस में भाजपा नेता का दावा
क्या आज राजनीतिक पार्टियां सफ़ेद पोश अपराधियों का अड्डा बन गयी हैं? शायद ही कोई पार्टी ऐसी होगी, जिसका कोई न कोई नेता किसी न किसी अपराध में लिप्त न हो। क्या सरकार ऐसा कोई कानून बनाएगी जो अन्य अपराधियों से अधिक नेता से  सम्बंधित व्यक्ति द्वारा अपराध किए जाने पर उस नेता के किसी चुनाव के  लड़ने पर पाबन्दी लगा दी जाए? 
हैदराबाद के जुबली हिल्स में नाबालिग से गैंगरेप केस में AIMIM विधायक के बेटे के बचने के रास्ते अब बंद होते जा रहे हैं। खबर है कि एक वीडियो के जरिए भाजपा नेता ने ये साबित किया है कि इस केस में शहर के विधायक के बेटे का हाथ है। इस बीच रविवार (5 जून 2022) को पुलिस ने इस केस में तीसरे नाबालिग आरोपित को गिरफ्तार किया है और कई टीमें अब भी आरोपित ओमेर खान की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

डेक्कन क्रॉनिकल ने अपनी रिपोर्ट में बेहद विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया कि भाजपा विधायक एम रघुनंनदन राव ने शनिवार (4 जून 2022) को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक के बेटे की वीडियो प्रशासन को दिखाई। इस वीडियो में विधायक के बेटे द्वारा नाबालिग को छूने और चूमने का कृत्य कर पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन करते हुए साफ देखा जा सकता है। रिपोर्ट में ये भी दावा है कि जाँच अधिकारियों ने शुरू में विधायक के बेटे के साथ चैट की थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने ये भी दावा किया था कि विधायक का बेटा इनोवा गाड़ी में नहीं था। हालाँकि 28 मई को वो मर्सीडीज बेंज में था इस बात में अब कोई संदेह नहीं रह गया है।

नाबालिग रेप केस में भाजपा नेता रघुनंदन राव ने शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईएमआईएम विधायक के बेटे का नाम लेकर सवाल किया था कि आखिर पुलिस कोई एक्शन क्यों नहीं ले रही। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि वह पीड़ित नाबालिग से भी पूछताछ करके और आरोपितों के नाम निकलवा रहे हैं। अगर पीड़िता और किसी के नाम बताती है तो मामले में एक्शन लिया जाएगा।

17 साल की पीड़िता 28 मई को एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदरबाद जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है एक वीडियो में देख सकते हैं कि पीड़िता एक पब के बाहर संदिग्ध आरोपितों के साथ खड़ी दिखाई है। रिपोर्टस की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे। घटना की जानकारी होने के बाद लड़की के पिता ने इस संबंध में शिकायत दी थी और पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धार 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया था।

राजस्थान : कांग्रेस शासन में दलित महिला को बंदूक के बल पर दबंगों ने निर्वस्त्र कर पति-बच्चों के सामने किया गैंगरेप

                                                प्रतीकात्मक 
उत्तर प्रदेश के हाथरस पर भाजपा सरकार को बदनाम करने वाले कांग्रेस सरकार में हो रहे बलात्कारों पर क्यों खामोश बैठे हैं? क्या कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं? हैरानी इस बात पर हो रही है, कि विपक्ष यानि भाजपा भी खामोश है? 

राजस्थान के धौलपुर (Dholpur, Rajasthan) जिले में एक दलित महिला को उसके पति और बच्चों के सामने निर्वस्त्र कर गैंगरेप करने की घटना सामने आई है। घटना को अंजाम देने के बाद लगभग आधा दर्जन आरोपितों ने पीड़ितों के साथ मारपीट की और वहाँ से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घटना धौलपुर जिले के कंचनपुर थाना क्षेत्र का है। 26 वर्षीया पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि मंगलवार (15 मार्च) की शाम को वह पति और बच्चों के साथ फसल काटकर खेत से घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में गाँव के करीब आधा दर्जन लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और हथियार दिखाकर मारपीट करने लगे।

पीड़िता का कहना है कि आरोपितों ने उसके पति के साथ मारपीट की। इस दौरान उसके पति के सिर पर कट्टे के बट से वार किया। उसके बाद आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और कट्टे का भय दिखाकर उसे निर्वस्त्र किया और बच्चों के सामने ही गैंगरेप किया। इस दौरान उसके बच्चे ये सब देख चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन आरोपितों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने पीड़ित परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी की और फिर फरार हो गए।

मामले की जाँच कर रहे सैपऊ के पुलिस उपाधीक्षक विजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की ओर से दी गई रिपोर्ट पर नामजद आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और संगीन धाराओं में के दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का पर्चा बयान लेकर मेडिकल कराया जाएगा। आरोपितों की तलाश जारी है।

The Kashmir Files : ‘दोबारा शुरू हो कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार की जाँच’: राष्ट्रपति को पहुँची याचिका

                            कश्मीरी पंडित अपने ही देश में शरणार्थी जैसा जीवन व्यतीत कर रहे हैं
‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म ने हिंसा और पलायन के शिकार कश्मीरी हिंदुओं का मामला उठाकर मामले को मुख्यधारा के बहस में ला दिया है। अब इस पूरे मामले की जाँच नए सिरे की कराने की माँग की जा रही है।

दिल्ली के वकील विनीत जिंदल ने साल 1990 में हुए कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार की दोबारा जाँच के लिए रामनाथ कोविंद (Ram Nath kovind) के पास याचिका भेजी है। अपनी याचिका में जिंदल ने इस पूरे नरसंहार की जाँच एसआईटी (SIT) कराने की माँग की है।

सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता जिंदल ने अपनी याचिका में कहा कि उस साल कश्मीर में हिंदुओं का बड़े पैमाने पर नरसंहार हुआ। इस हत्याकांड के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने कश्मीरी पंडितों को न्याय का भरोसा दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि इस नरसंहार को लेकर 215 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन मामलों की जाँच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की थी, लेकिन वह आतंकवादियों को दंडित करने के लिए कोई उपाय करने में विफल रही।

जिंदल ने कहा कि अगर सिखों के नरसंहार के 33 साल बाद केस को ओपन किया जा सकता है और उसकी दोबारा जाँच हो सकती है तो 27 साल पहले कश्मीरी पंडितों के साथ हुई हिंसा के केस को खोला जा सकता है और इसकी दोबारा जाँच कराई जा सकती है। अधिवक्ता ने कहा कि यह एक भयानक घटना थी जब कश्मीरी पंडितों के साथ सामूहिक बलात्कार, हत्या, अपहरण ने उन्हें हमेशा के लिए सदमे में धकेल दिया।

वहीं, भरत गुप्ता नाम के एक यूजर ने ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि इस मामले वह स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करे। उन्होंने लिखा, “मैं भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से अपील करता हूँ कि वे 1990 में कश्मीर घाटी में हुए हिंदू नरसंहार का स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपितों की पहचान का आदेश दें। इतने सारे सबूतों के बीच नूरेमबर्ग ट्रायल की तरह आदेश देना उनका कर्तव्य है।”

इसका जवाब देतेे हुए कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा, “अगला कदम यह होना चाहिए। क्या कोई कानूनी विशेषज्ञ सलाह दे सकता है कि इस मसले को हम कैसे आगे बढ़ा सकते हैं?” इस पर सुप्रीम कोर्ट में वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने रास्ता बताया। उपाध्याय ने कहा, “पीड़ितों को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से NIA जाँच की सिफारिश करने का अनुरोध करना चाहिए। अगर उपराज्यपाल सिफारिश नहीं करते हैं तो पीड़ितों को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। यदि जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय याचिका को खारिज करता है तो मैं उच्चतम न्यायालय में उपलब्ध हूँ।”

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जब जगमोहन ने कर दिया था जुमे पर कश्मीर में इस्लामी फतह की प्लानिंग को नेस्तनाबूद : वो तारीख जिसक

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जब जगमोहन ने कर दिया था जुमे पर कश्मीर में इस्लामी फतह की प्लानिंग को नेस्तनाबूद : वो तारीख जिसक

कश्मीर फाइल्स रिलीज होने के बाद से चर्चा में है। यह फिल्म 7 दिन में 100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर चुकी है।

बिहार : पोर्न देखकर 10-12 साल के 6 बच्चों ने 8 साल की 2 बच्चियों से किया रेप

बिहार के शेखपुरा से एक मामला सामने आया है, जहाँ 6 बच्चों ने मिल कर एक बच्ची का गैंगरेप किया। बताया जा रहा है कि बच्चों ने पोर्न वीडियो देखने के बाद इस कांड को अंजाम दिया। ये घटना बरबीघा थाना क्षेत्र के एक गाँव की है। 6 नाबालिग लड़कों ने मिल कर दो नाबालिग बच्चियों के साथ गंगरेज की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद बच्चियों को 3 रुपए देकर कहा कि जो भी हुआ, इसके बारे में किसी को कुछ भी मत बताना।

घटना की सूचना मिलने के बाद बरबीघा थाना क्षेत्र की पुलिस ने छापेमारी शुरू की। इस अपराध में शामिल दो बच्चों को पुलिस ने पकड़ लिया है। 4 लड़के अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। गैंगरेप करने से पहले ये बच्चे साथ मिल कर मोबाइल फोन पर पोर्न वीडियोज देख रहे थे। पीड़िता की दादी ने इस मामले में बरबीघा थाना क्षेत्र में FIR दर्ज करवाई है। थानाध्यक्ष एवं पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ये शाम के 5-6 बजे की घटना है।

उसी समय इन दोस्तों ने साथ बैठ कर मोबाइल फोन पर पोर्न वीडियोज देखा। इसके बाद उन्होंने वास्तविक जीवन में भी इसी तरह की हरकत को दोहराने की सोची। वहाँ से कुछ ही दूर एक खेत है, जहाँ दो लड़कियाँ साग तोड़ रही थीं। आरोपितों ने दोनों लड़कियों को वहाँ से उठा लिया और उनके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। बारी-बारी से सबने रेप किया। घटना में शामिल सभी आरोपित बच्चों की उम्र 10-12 साल के आसपास है।

दोनों पीड़ित बच्चियों की उम्र 8 साल बताई गई है। सोमवार (7 मार्च, 2022) देर शाम पुलिस ने मामला दर्ज किया। दोनों पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए शेखपुरा शहर भेजा गया है, जबकि आरोपित बच्चों को अदालत में पेश किया गया है। गैंगरेप के बाद जब दोनों बच्चियाँ रोने लगी थीं तो एक लड़की के हाथ में आरोपितों ने 3 रुपए पकड़ा कर किसी को कुछ न बताने के लिए कहा। जब लड़कियाँ रोते-रोते घर गईं तो परिजनों को ये बात पता चली। फिर पूरे गाँव में ये बात फ़ैल गई।

देशभर में अलवर के जिस गैंगरेप पर हो रहा है बवाल, गहलोत सरकार बोली कि उस निर्भया से रेप हुआ ही नहीं…!!

हाथरस पर मदारियों की तरह तमाशा करने वाले राजस्थान पर क्यों खामोश हैं? क्या राजस्थान की बेटियों का कोई सम्मान नहीं? 
देशभर में बवाल मचने और कांग्रेस की कार्यशैली के कठघरे में आने के बाद ही कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने अलवर की निर्भया की अधूरी आवाज सुनी है। अधूरी इसलिए कि उन्नाव की रेप पीड़िता पर यूपी में सियासत करने वाली प्रियंका ने अलवर की निर्भया के पास जाने का नैतिक साहस भी नहीं किया। प्रियंका वाड्रा ने कथित रूप से बस फोन पर ही निर्भया के पिता के बातचीत की। उत्तर प्रदेश में जरा सी बात पर ट्वीट कर देने वाली प्रियंका ने राजस्थान की निर्भया पर कोई ट्वीट भी नहीं किया।

प्रियंका ने अलवर की निर्भया के पास जाने की जरूरत नहीं समझी

यूपी कांग्रेस के सहप्रभारी और राजस्थान के जहाजपुर से विधायक धीरज गुर्जर ने ट्विट करके दावा किया है कि प्रियंका गांधी की अलवर गैंगरेप पीडि़ता के पिता से मोबाइल फोन पर बातचीत हुई है। धीरज गुर्जर ने लिखा- अलवर में जो घटना घटी है, वो नाकाबिले बर्दाश्त है। पीड़िता के पिता को प्रियंका गांधी ने किसी भी सहायता के लिए सीधा सम्पर्क करने के लिए कहा है।

राहुल गांधी का दोगलापन देखिए, राजस्थान, महाराष्ट्र, बंगाल में दलित बेटियों से रेप मामले में साध लेते हैं चुप्पी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी महिलाओं खासकर दलित महिलाओं को इंसाफ दिलाने में भी भेदभाव करते हैं। गैर-कांग्रेसी राज्यों में किसी दलित की बेटी के साथ उत्पीड़न और अन्याय होने से राहुल गांधी का दलित प्रेम जाग उठता है। दलित की बेटी भी देश की बेटी दिखाई देने लगती है। दिल्ली में एक 9 साल की दलित मासूम बच्ची के साथ रेप और हत्या के मामले में राहुल गांधी ने ट्वीट किया और इसे हाथरस की घटना से जोड़ दिया। लेकिन उन्हें राजस्थान दिखाई नहीं दिया, जहां देश में सबसे अधिक बलात्कार की घटनाएं होती हैं।

 धीरज गुर्जर कह रहे नाकाबिले बर्दाश्त, पुलिस कह रही रेप नहीं

अलवर की निर्भया के मामले में हैरतअंगेज तथ्य यह है कि जबकि यूपी कांग्रेस के सह प्रभारी धीरज गुर्जर घटना को नाकाबिले बर्दाश्त बता रहे हैं, तभी गहलोत सरकार के आला अधिकारी यह साबित करने की कोशिशों में लगे हैं कि अलवर में गैंगरेप जैसी कोई वारदात हुई ही नहीं। तिजारा फाटक पुलिया पर लहुलूहान मिली नाबालिग से गैंगरेप मामले में अलवर पुलिस ने चौंकाने वाला दावा किया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने अब रेप होने से ही इनकार किया है।
अधूरी जांच में दावा, दिव्यांग के प्राइवेट पार्ट में इंजरी से बहा खून
एसपी ने कहा, मेडिकल एक्सपर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बालिका के प्राइवेट पार्ट्स में इंजरी है। इसी से काफी ज्यादा खून बहा। रेप होने जैसे फैक्ट्स सामने नहीं आए हैं। ऐसा मेडिकल एक्सपर्ट, फोरेंसिक एक्सपर्ट, टेक्निकल फैक्ट्स के आधार पर बताया गया है। राज्य सरकार ने गैंगरेप कांड पर पर्दा डालने के लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में जांच और अनुसंधान के लिए अलग से टीम अलवर भेजी है। ताकि इस उच्च स्तरीय टीम की रिपोर्ट पर कहा जा सके कि अलवर में गैंगरेप हुआ ही नहीं है। यह कोशिश इसलिए, क्योंकि अलवर की निर्भया मामले से गहलोत सरकार की देशभर में किरकिरी हुई है।
उन 15 मिनट में बालिका के साथ क्या हुआ, जांच जारी
पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि 11 जनवरी की शाम करीब 7: 31 बजे बालिका पुलिया पर चढ़ती नजर आ रही है। उसके साथ कोई संदिग्ध नजर नहीं आ रहा है, लेकिन 10 मिनट बाद बालिका लहूलुहान मिली। अब हमारी जांच इन्हीं 10 से 15 मिनट पर केंद्रित है। आखिर उन 10 मिनट में बालिका के साथ क्या हुआ है, इसकी जांच जारी है। उस समय पुल पर से निकले वाहनों की जांच कर रहे हैं।
नाबालिग के प्राइवेट पार्ट में इतनी घातक चोट कैसे लगी ?
पुलिस एसपी के दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल भी यही है कि यदि रेप नहीं हुआ तो मूक-बधिर नाबालिग के प्राइवेट पार्ट में इतनी घातक चोट कैसे लगी ? वह कैसे इतनी लहूलुहान हुई कि सड़क पर दो फीट तक खून फैला ? यदि यह मान लें कि पुलिया पर हादसा हुआ तो दिव्यांग के शरीर पर सिवाए प्राइवेट पार्ट के कहीं और चोट क्यों नहीं आई ? फिर जब अंतिम 15 मिनट की कहानी अनसुलझी है तो उन्होंने कैसे मान लिया कि इस अवधि में रेप तो नहीं हुआ ? इसकी जांच जारी है कि पुलिया पर बालिका के साथ क्या हुआ ? लेकिन सरकार पर हो रही थू-थू रोकने के लिए तत्काल अधूरी जांच में ही रेप न होने की घोषणा कर दी गई।
कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका वाड्रा जिस समय उन्नाव बलात्कार पीड़िता की मां को विधानसभा चुनाव की टिकट बांट कर सियासत कर रही थीं, कमोबेश उसी समय उन्हीं की पार्टी की राजस्थान सरकार में एक नाबालिग अपनी मूक आवाज से चीख-चीख कर पुकार रही थी कि मैं भी लड़की हूं, मुझे भी लड़ने का मौका दो….लेकिन प्रियंका को न तो उस मासूम की आवाज सुनने की फुर्सत है, जिसके साथ दरिंदों ने ‘निर्भया’ जैसा खौफनाक सुलूक किया। न ही प्रियंका के पास राजस्थान में लगातार बढ़ रही बलात्कार की वारदातों के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जवाब-तलब करने का वक्त है और न हिम्मत है।
गहलोत राज में बलात्कारी बेखौफ, एक साल में 1072 रेप केस बढ़े
प्रियंका गांधी को यह अच्छी तरह मालूम है कि राजस्थान में बलात्कारी कानून-व्यवस्था से बेखौफ हैं। इसीलिए राजस्थान रेप के मामलों में देशभर में नंबर-वन है। कांग्रेस शासित राजस्थान को नंबर वन का शर्मनाक तमगा मिलने के बाद भी यहां रेप कम नहीं हो रहे हैं। प्रियंका गांधी की जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान में 2020 में गहलोत सरकार के दौरान 5310 लड़कियों की अस्मत लुटी थी। कांग्रेस हाईकमान से लेकर राजस्थान सरकार तक किसी ने भी रेप रोकने की दिशा में कदम उठाना तो दूर, बढ़ते बलात्कार के मामलों पर चिंता तक नहीं जताई।
राजस्थान रेप के मामले में नंबर-वन है और प्रियंका की बोलती बंद है
उत्तर प्रदेश में जरूर प्रियंका गांधी को रेप पीड़िताएं नजर आती हैं। इस पर उन्नाव में रेप से लेकर अब तक सियासत जारी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की अपनी पहली लिस्ट में उन्नाव सीट से उन्नाव बलात्कार पीड़िता की मां को टिकट देकर प्रियंका क्या साबित करना चाहती हैं कि कांग्रेस रेप-विक्टिम के साथ है….राजस्थान में ऐसा लगता है कि कांग्रेस ऐसे गुनरगारों के ही साथ है। अव्वल तो सरकार प्रदेश में बलात्कार रोक ही नहीं पा रही। दूसरे, बलात्कारियों को सजा दिलाने में, चालान पेश करने में पुलिस की लापरवाही साफ नजर आती है। पॉक्सो एक्ट में एक साल में फैसला देने की बाध्यता के बावजूद राजस्थान में पॉक्सो के सात हजार मामले न्याय की बाट जोह रहे हैं। कुछ जिलों में तो पुलिस की लचर जांच के चलते ऐसे मामले 5-6 साल से पैंडिंग चल रहे हैं।
अलवर की मूक-बधिर नाबालिग बच्ची से निर्भया जैसा ही कांड
कांग्रेस की महासचिव को ध्यान से सुनना चाहिए कि राजस्थान में एक साल में ही बलात्कार के 1027 मामले पिछले साल की तुलना में बढ़ गए हैं। वर्ष 2021 में राजस्थान में 6337 केस दर्ज हुए हैं। सरकार की तरह पुलिस अधिकारी भी बेशर्मी से कहते हैं कि राजस्थान में केस इसलिए बढ़े क्योंकि यहां पर मामला दर्ज होता है। जबकि हकीकत यही है कि निर्भया मामले के बाद से केस दर्ज करने की गंभीरता पर राज्य ने दिखाई है, सिर्फ राजस्थान ने नहीं। निर्भया केस की बात चल निकली है तो बता दें कि खाकी वर्दी का कोई भय न रह जाने के कारण अलवर में मूक-बधिर नाबालिग बच्ची से निर्भया जैसा ही कांड हो गया।
रेपिस्ट फ्लाईओवर पर पटक गए, सड़क खून से लाल हो गई
दरिंदों ने एक बेजुबान नाबालिग के साथ गैंगरेप कर अलवर में फ्लाईओवर पर फेंक दिया। हैवानों ने नाबालिग मूक बधिर के साथ गैंगरेप किया। वहशी यहीं रुके। उन्होंने बच्ची को किसी नुकीली चीज से मारा और जख्मी कर दिया। मूक बधिर होने की वजह से मासूम चिल्ला भी नहीं सकी। आरोपी उसे गाड़ी में लेकर घूमते रहे, लेकिन खून बंद नहीं होने पर एक फ्लाईओवर पर छोड़कर भाग गए। पीड़िता तिजारा पुलिया पर करीब एक घंटे पड़ी रही। 2 फीट सड़क खून से लाल हो गई। खून से लथपथ नाबालिग को कुछ राहगीरों ने देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली। रात करीब 9 बजे जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉ के.के. मीणा ने नाबालिग को अर्द्धमूर्छित हालत में देखा था।
मानसिक रूप से कमजोर रेप पीड़िता डर से बोल भी नहीं पा रही
डॉ केके मीणा ने बताया कि नाबालिग को शुरुआत में देखकर लगा कि वह मानसिक रूप से कमजोर हो सकती है। लेकिन वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। थोड़ी बहुत मुंह से आवाज करती, लेकिन बोल नहीं पा रही थी। तब लगा कि यह मूक बधिर है। फिर रात करीब 11 बजे नाबालिग के मां व मामा अस्पताल आ गए। तब पता लगा नाबालिग की उम्र करीब 16 साल है। मूक बधिर है। शाम करीब 4 बजे घर से निकल गई थी। उसके बाद पता नहीं चला कि किसी के साथ आई या उसका अपहरण करके लाया गया। डॉ केके मीणा ने बताया कि नाबालिग का बहुत अधिक खून बह चुका था। असल में उसके प्राइवेट पार्ट में काफी बड़ा कट लगा हुआ था। किसी नुकीली चीज से ये जख्म किया गया। इसी कारण उसका काफी खून बह गया है।
पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में काफी बड़ा कट लगा, अलवर से जयपुर रेफर
राजस्थान में एक बार फिर दिल्ली के निर्भया कांड की तरह एक 15 साल की मंदबुद्धि लड़की के साथ रेप और दरिंदगी हुई है। अज्ञात बदमाशों ने पीड़िता के साथ हैवानियत के बाद उसे अलवर शहर की तिजारा पुलिया पर पटक दिया। वहां बेहोशी की हालत में मिली लड़की की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। उसे तत्काल सरकारी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। रेप के बाद उसके प्राइवेट पार्ट्स पर बेरहमी से चोट पहुंचाई गई थीं। गहरे जख्मों के चलते ब्लडिंग नहीं रुकती देख चिकित्सकों ने उसे अलवर से जयपुर रेफर करना पड़ा।
यह बड़ा मामला, विरोध में जनता, दरिंदों को फांसी
असल में यह निर्भया जैसा ही बड़ा मामला है। जिसके विरोध में जनता उतरने लगी है। अलवर शहर में शाम को पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया गया। आमजन का कहना है कि दरिंदों को फांसी पर लटकाना चाहिए। इस घटना का पूरे प्रदेश में विरोध होने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी ट्विट कर कहा है कि प्रदेश में बेटियां आए दिन दरिंदों की हवस का शिकार हो रही हैं। लेकिन सरकार शून्य हो गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में देश में नम्बर वन बन चुके राजस्थान को शोषण मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।