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दिल्ली : ‘जन्नत जाने के लिए हिंदू महिला को बनाना होगा मुसलमान’: फहीम ने ‘साहिल’ बन किया दलित युवती का बलात्कार

                             दलित हिन्दू महिला का बलात्कार (फोटो साभार: न्यूज 18 और भारत समाचार)
दिल्ली के बटला हाउस इलाके में एक 23 वर्षीय दलित युवती के साथ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि लड़की का कहना है कि आरोपित जेल से भी उसे धमकियाँ भेज रहे हैं।

दलित-दलित चिल्लाकर हिन्दुओं को गुमराह करने वाले नेता और उनकी पार्टियां कहाँ हैं? उनके "शांतिदूत" ने हिन्दू दलित का बलात्कार ही नहीं इस्लाम कबूल करवा दिया। सबकी बोलती बंद है। सबको फ़िक्र खा रही है अपने वोट बैंक की। हाँ, अगर स्थिति विपरीत होती, दिल्ली बीजेपी सरकार के खिलाफ सडकों पर हल्ला हो रहा होता।      

पीड़िता के अनुसार साल 2021 में सोशल मीडिया पर उसकी मुलाकात ‘साहिल’ नाम के एक युवक से हुई थी। युवक ने खुद को एक अमीर हिंदू परिवार से बताया और शादी का झाँसा देकर उसे 2022 में बाटला हाउस बुलवा लिया। यहाँ लड़की को पता चला कि युवक का असली नाम साहिल नहीं, बल्कि फहीम है।

बाटला हाउस में लड़की के साथ फहीम ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर गैंगरेप किया, उसकी वीडियो बनाई और बाद में उसी का इस्तेमाल करके वो उसे ब्लैकमेल करने लगे। लड़की को मेरठ ले जाया गया।

फहीम ने उसे कहा- “मैं अपने आपराधिक रिकॉर्ड की वजह से वह हज के लिए भारत से बाहर नहीं जा सकता, इसलिए मुझे जन्नत में जाने के लिए एक हिंदू महिला से निकाह करनी होगी और उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल करवाना होगा।”

इसके बाद उसका निकाह हुआ, उसका नाम आयशा रखा गया। धीरे-धीरे सामने आया कि फहीम का परिवार तो अवैध हथियारों की तस्करी धंधे से जुड़ा है।

रिपोर्ट्स बताती है कि लड़की ने ये भी बताया है कि आरोपित का परिवार उसे डराने के लिए उसे खून से सराबोर मीट लाकर देते थे, उस पर जानवरों का मांस फेंका जाता था और उसे पकाने का दबाव दिया जाता था। इसके अलावा उसकी बेटी को छत से लटकाकर फेंकने की धमकी भी दी जाती थी। पीड़िता ने तस्लीम मौलवी नाम के एक अन्य आरोपित पर भी प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता ने बताया कि वो इन सबसे तंग आकर आत्महत्या करने जा रही थी, लेकिन फिर किसी ने उसे रोककर उसका संपर्क एक एनजीओ से कराया। इसके बाद ही उसने मामले में शिकायत दी। जानकारी के मुताबिक, साल 2025 में मुख्य आरोपित फहीम को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके पास से पीड़िता के अश्लील वीडियो वाला मोबाइल जब्त हुआ।

हालाँकि, युवती का अब भी आरोप है कि फहीम ने उसे जेल के अंदर से भी उससे संपर्क किया और उसे दुबई के नंबर से जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। पुलिस ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए अपनी जाँच को शुरू कर दिया है।

80 साल की हिंदू महिला से रेप, आँखें निकालने की कोशिश… फिरकापरस्त मीडिया ने नहीं बताया कि दरिंदा ‘छोटू आलम’ है, पर हेडलाइन में होली ठूँसना नहीं भूली

                                                   बुजुर्ग महिला का शोषण, मीडिया छिपाने में जुटा
बिहार के गोपालगंज जिले में 80 साल की दलित महिला से रेप का मामला सामने आया है। घटना 14 मार्च 2025 की है। बुजुर्ग महिला अपने गेहूँ के खेतों में घास काटने गई थी। उसी समय ‘छोटे आलम’ नाम का आरोपित वहाँ आया और महिला को दबोचकर रेप किया। उसके बाद उसने बुजुर्ग की आँखें निकालने की भी कोशिश की और उसे आखिर में मरा हुआ समझकर वहाँ से फरार हो गया।

जानकारी के मुताबिक, पूरी घटना 14 मार्च शाम करीब 4:30 बजे की है। इस संबंध में महिला के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि महिला अधमरी अवस्था में एक गाँव की लड़की को मिली थी। उसी ने पीड़िता के बारे में सबको बताया और आखिर में महिला को घर लाया गया, फिर डॉक्टर बुलवाकर प्राथमिक इलाज हुआ।

पीड़ित बुजुर्ग की हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि उन्हें होश 19 घंटे बाद जाकर आया। उन्होंने चेत अवस्था में जब सबको आपबीती बताई तो सब हैरान रह गए। वहीं उनका लड़का घटना के बाद सैयद अली के घर गया, मगर वहाँ- सैयद अली, बबुद्दीन, शहाबुद्दीन, सद्दाम, हशमत और जुम्मादीन ने उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया।

इस दौरान उन्हें गालियाँ भी दी गईं- “सा%$, चम@$ सियार, हमारे दरवाजे पर आकर शिकायत करने आ गया…. भागो, नहीं तो यहीं चम@$ सियार, माद$^$ जान से मार देंगे।”

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित के अलावा चार उसके परिजनों के विरुद्ध भी केस को दर्ज किया है। बैकुंठपुर थाने के एसएचओ का कहना है कि इस मामले में अब तक एक गिरफ्तारी हो गई है जबकि मुख्य आरोपित अब भी फरार है।

वहीं आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, सदर एसडीपीओ अभय कुमार रंजन ने बताया कि पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया है और मेडिकल रिपोर्ट में रेप की बात सामने नहीं आई है। हालाँकि शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है। अधिकारी ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपित गिरफ्तार हो चुका है।

मीडिया ने छिपाया आरोपित का नाम

बिहार की इस घटना को कई मीडिया संस्थानों ने कवर किया, लेकिन कुछ ने बहुत चालाकी से अपनी रिपोर्ट में आरोपित का नाम छिपा लिया। इसमें टाइम्स ऑफ इंडिया, ईटीवी भारत और द ऑब्जर्वर पोस्ट जैसे संस्थान शामिल हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया वाली रिपोर्ट में मुस्लिम आरोपित का नाम छिपाकर इसे एक होली पर हुई हिंसा और रेप की घटना की तरह प्रदर्शित किया गया।
रिपोर्ट में लिखा गया। 14 मार्च को होली पर गोपालगंज जिले में एक 80 साल की दलित महिला के साथ कथिततौर पर रेप हुई। हेडलाइन दी गई- होली पर बुजुर्ग महिला के साथ रेप।
इसी प्रकार ईटीवी भारत में भी ऐसे ही दिखाया गया कि दलित महिला के साथ होली पर रेप हुआ और उसकी आँख निकालने की कोशिश हुई। हालाँकि यहाँ भी मुस्लिम आरोपित का नाम छिपाया गया।
इसके बाद इस्लामी नैरेटिव को बढ़-चढ़कर आगे बढ़ाने वाला ‘ऑब्जर्वर पोस्ट’ भी इस घटना के नाम पर होली त्योहार को बदनाम करते देखा गया। उसने ये तो बताया कि दलित परिवार को गालियाँ दी गईं, लेकिन ये गालियाँ किसने दी, ये नहीं बताया गया।
अजीब बात ये है कि जब शिकायत में पूरी तरह आरोपित का नाम बताया गया है तो फिर आखिर क्यों इन मीडिया संस्थानों ने अपनी खबरों से आरोपित को नाम छिपाया और पाठकों को ये दिखाया कि होली पर दलित के साथ अत्याचार हुआ। खैर, ऑब्जर्वर पोस्ट और टाइम्स ऑफ इंडिया में ऐसे भ्रामक हेडलाइन दिखना कोई हैरान करने वाला भी नहीं है। पूर्व में कई ऐसे मामले हुए हैं जब आरोपित की पहचान छिपाते हुए इन मीडिया हैंडल्स पर रिपोर्ट प्रकाशित हुई।

झारखंड : दलित महिला के मुँह में कपड़ा ठूँसा, पेड़ से बाँधा, फाड़ डाले कपड़े, बेहोश होने तक पीटा…

                                                                                                                 चित्र साभार- झारखंड पुलिस
झारखंड के गिरडीह में एक दलित महिला को पेड़ से बाँध कर पीटने का मामला सामने आया है। पिटाई के बाद पीड़िता के कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना के पीछे की वजह अवैध संबंधों को बताया जा रहा है। पीड़िता ने आरोपितों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अब तक 4 गिरफ्तारियाँ की गईं हैं जिसमें 2 महिलाएँ भी शामिल हैं। घटना बुधवार (26 जुलाई, 2023) रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला गिरडीह जिले के थाना क्षेत्र सरिया का है। यहाँ के कोबडिया टोला इलाके में रहने वाली दलित समुदाय की एक महिला को बुधवार रात एक कॉल आई। फोन करने वाले ने महिला को घर से बाहर बुलाया। जब महिला घर से बाहर निकली तो उसे बाइक पर बैठे 2 युवक दिखाई पड़े। दोनों ने महिला का अपहरण कर लिया। आरोप है कि दोनों बाइक सवार पीड़िता को अपने साथ जंगल ले गए। जंगल पीड़िता के घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर था। यहाँ कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे जिसमें महिलाएँ भी शामिल थीं।

पीड़िता का आरोप है कि जंगल में उसे पेड़ से बाँध कर मुँह में कपड़ा ठूँस दिया गया। इसके बाद पीड़िता को बेरहमी से पीटा गया। पिटाई के दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए गए। अधिक चोट लगने की वजह से जब पीड़िता बेहोश हो गई तो आरोपित उसे जंगल में ही पेड़ से बँधा छोड़ आए। सुबह ग्रामीणों को किसी घायल महिला के निर्वस्त्र पेड़ से बँधे होने की जानकारी मिली तो वो मौके पर पहुँचे। महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई।

पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयान में आरोपितों के नाम भी बताए हैं। इस बयान के आधार पर अब तक विकास कुमार सोनार, श्रवण सोनार, रेखा देवी और मुन्नी देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का अवैध संबंध दूसरे गाँव के एक युवक के साथ था। इस रिश्ते के दोनों ही परिवार के लोग विरोध कर रहे थे। मामले को पहले समझा-बुझा कर निबटाने का प्रयास किया गया। हालाँकि, जब इस से बात नहीं बनी तो एक पक्ष के लोगों ने पीड़िता के साथ अमानवीयता की।

दलित श्रद्धा के 35 टुकड़े करने वाले आफताब के मजहब पर क्यों डाला जा रहा पर्दा?

दिल्ली में श्रद्धा के कातिल आफताब के मुस्लिम की बजाए पारसी होने की अफवाह फैलाई जा रही (चित्र साभार: इंस्टाग्राम)
दिल्ली पुलिस ने शनिवार (12 नवंबर, 2022) को श्रद्धा नाम की दलित लड़की की हत्या और लाश के 35 टुकड़े करने के आरोप में आफ़ताब को गिरफ्तार किया है। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस खबर के वायरल होते ही सोशल मीडिया के एक खास वर्ग ने आफताब के मज़हब को छिपाने की कोशिश शुरू कर दी। उस समूह ने यह अफवाह उड़ानी शुरू कर दी कि श्रद्धा का कातिल आफताब मुस्लिम नहीं बल्कि पारसी है।

देश की समस्त हिन्दू लड़कियों को मोहब्बत करने पहले अपनी सहेलियों, माता-पिता अथवा भाई से जरूर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि पहले भी अनेक हिन्दू लड़कियों ने मुस्लिम धर्म और मुस्लिम लड़कियों ने हिन्दू धर्म में शादी की है, बहुत खुशहाली में जीवनलीला का आनंद लिया। लेकिन वह बिता हुआ कल है, वर्तमान में जिस अमीर खान को अपना हीरो मानती हो, उसका क्या कहना है कि "मेरी पत्नी हिन्दू होगी, लेकिन हिन्दू", इस बात की गहराई में जाने की जरुरत है। इस पर लेख भी प्रकाशित कर चूका हूँ। (नीचे दिए लिंक पर क्लिक करिए) आज के माहौल में और कल में बहुत अंतर आ गया है। हिन्दू महिला जगत को अपमानित करने का जो काम मुगलों ने वही काम आज love jehad के नाम पर किया जा रहा है। इतिहास कभी लिखा नहीं जाता, दोहराया जाता है। इन ठरकी जेहादियों के लिए हर महिला को रंग कुमारी और किरण देवी बनना होगा, जिन्होंने अकबर जैसे बादशाह को पैरों में सिर रगड़ने कर भीख मांगने को मजबूर कर दिया था। (नीचे दिए लिंक पर क्लिक करिये)

My wives may be Hindu but my kids will always follow only Islam: Aamir Khan

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My wives may be Hindu but my kids will always follow only Islam: Aamir Khan
Know more about Love Jihad O Hindu women, why do you fall prey into the 'Love Net' of the Muslims? Many Khans in Bollywood had married Hindu...

बादशाह अकबर की जूतों से क्यों हुई पिटाई?: कौन थी किरण देवी जिससे अय्याश अकबर ने ज़िंदगी की भीख मां

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बादशाह अकबर की जूतों से क्यों हुई पिटाई?: कौन थी किरण देवी जिससे अय्याश अकबर ने ज़िंदगी की भीख मां

दूसरे, दलित जाति के नाम पर सियासत की दुकान चलाने वाले क्यों खामोश हैं? लड़का हिन्दू है या मुसलमान इतनी दरिंदगी करने वाला न हिन्दू है न मुसलमान, किसी भी सूरत में बचाव करना अति शर्मनाक होगा। दिल्ली पुलिस का साथ देना चाहिए। आपने देख रहे हैं कोई mob lynching और मोमबत्ती गैंग सब खामोश हैं, उनको डर है कहीं वोटबैंक न खिसक जाए। अगर स्थिति विपरीत होती, देखिए क्या पिकनिक बन रही होती।   

इस नैरेटिव को भी सेट किया जाने लगा कि आफ़ताब को इस्लाम मजहब से जुड़ा बता कर मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जो लोग इस अति गंभीर मसले को मुसलमान और पारसी के जाल में फंसा कर भटकाने की बात कर रहे हैं, नहीं भूलना चाहिए कि फिरोज खान जहांगीर एक पारसी मुसलमान थे, इंदिरा गाँधी से निकाह होने पर मैमुना बेगम बनाया गया था, लेकिन कब मैमुना इंदिरा बन गयी। फिरोज खान को दफनाया जाता है, लेकिन इंदिरा गाँधी को सनातनी रिवाज के अनुसार अग्नि के सुपुर्द किया जाता है। 

भ्रम फैलाने की कोशिश

‘मियाँ ज़ालिक (@XunizXan)’ नाम के हैंडल ने भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला को Quote करते हुए लिखा, “वो तेरी बिरादरी का है।” बता दें कि शहजाद पारसी समुदाय से ही आते हैं।
लगभग इसी प्रकार का कमेंट सईद मोहम्मद ने भी @Syed5056 नाम के हैंडल से किया है। उन्होंने लिखा, “लड़के का नाम आफ़ताब पूनावाला है जो पारसी है न कि मुस्लिम। इसे कुछ लोग हिन्दू-मुस्लिम का रंग दे रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है।”
एक अन्य यूजर मोहम्मद मीराज ने भी आफ़ताब के पारसी होने का दावा किया है।

आफ़ताब ने ही खुद को बताया था मुस्लिम

अक्सर ये देखने को मिलता है कि मुस्लिम समुदाय के लोग आरोपित के अपने मज़हब और पीड़ित के हिन्दू होने के मौकों पर मामले को उलझाने का प्रयास करते हैं। जबकि, सच्चाई इस से थोड़ा अलग होती है। आफ़ताब की ही साल 2014 में की गई एक पोस्ट में उसने खुद के मुस्लिम होने की बात कबूली है। आफताब का इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल ‘@thehungrychokro’ नाम से है। 
इंस्टाग्राम पर ‘@zloymom’ नाम के हैंडल ने साल 2014 में आफताब का मज़हब पूछा था। उस पोस्ट के जवाब में भी आफताब ने खुद को मुस्लिम बताया था।
                                                 चित्र साभार- आफताब के इंस्टाग्राम कमेंट
ऊपर दिए तमाम सबूतों से जाहिर है कि श्रद्धा का कातिल आफताब इस्लाम मजहब का है। इसके अतिरिक्त मृतका के पिता द्वारा पुलिस में दर्ज FIR में भी आरोपित को मुस्लिम मज़हब का बताया गया है।
साल 2019 में मुंबई के कॉल सेंटर में एक साथ काम करने के दौरान आफ़ताब और श्रद्धा लिव इन रिलेशन में रहना शुरू कर दिए थे। बाद में श्रद्धा ने आफताब पर शादी का दबाव बनाया। हालंकि इसके लिए मृतका के परिजन तैयार नहीं थे। बाद में सबको छोड़ कर श्रद्धा आफताब के साथ दिल्ली में रहने चली आई। यहाँ आफताब ने 18 मई 2022 को श्रद्धा का गला दबा कर मार डाला और लाश के 35 टुकड़े कर के 18 दिनों में ठिकाने लगा दिया। नवम्बर 2022 में श्रद्धा के पिता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

राजस्थान : कांग्रेस शासन में दलित महिला को बंदूक के बल पर दबंगों ने निर्वस्त्र कर पति-बच्चों के सामने किया गैंगरेप

                                                प्रतीकात्मक 
उत्तर प्रदेश के हाथरस पर भाजपा सरकार को बदनाम करने वाले कांग्रेस सरकार में हो रहे बलात्कारों पर क्यों खामोश बैठे हैं? क्या कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं? हैरानी इस बात पर हो रही है, कि विपक्ष यानि भाजपा भी खामोश है? 

राजस्थान के धौलपुर (Dholpur, Rajasthan) जिले में एक दलित महिला को उसके पति और बच्चों के सामने निर्वस्त्र कर गैंगरेप करने की घटना सामने आई है। घटना को अंजाम देने के बाद लगभग आधा दर्जन आरोपितों ने पीड़ितों के साथ मारपीट की और वहाँ से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घटना धौलपुर जिले के कंचनपुर थाना क्षेत्र का है। 26 वर्षीया पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि मंगलवार (15 मार्च) की शाम को वह पति और बच्चों के साथ फसल काटकर खेत से घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में गाँव के करीब आधा दर्जन लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और हथियार दिखाकर मारपीट करने लगे।

पीड़िता का कहना है कि आरोपितों ने उसके पति के साथ मारपीट की। इस दौरान उसके पति के सिर पर कट्टे के बट से वार किया। उसके बाद आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और कट्टे का भय दिखाकर उसे निर्वस्त्र किया और बच्चों के सामने ही गैंगरेप किया। इस दौरान उसके बच्चे ये सब देख चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन आरोपितों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने पीड़ित परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी की और फिर फरार हो गए।

मामले की जाँच कर रहे सैपऊ के पुलिस उपाधीक्षक विजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की ओर से दी गई रिपोर्ट पर नामजद आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और संगीन धाराओं में के दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का पर्चा बयान लेकर मेडिकल कराया जाएगा। आरोपितों की तलाश जारी है।