Showing posts with label #Shraddha. Show all posts
Showing posts with label #Shraddha. Show all posts

श्रद्धा के आंतों का बना दिया ‘कीमा’


आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) मुंबई के एक होटल में शेफ की नौकरी कर चुका है। इस दौरान उसने मुर्गा और बकरा काटने की ट्रेनिंग ली थी। मीडिया रिपोर्टों में जो तथ्य सामने आ रहे हैं उससे लगता है कि अपने इस ‘हुनर’ का इस्तेमाल उसने दिल्ली में श्रद्धा वाकर (Shraddha Walker) की हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने में भरपूर किया। कथित तौर पर 27 साल की श्रद्धा के आंतों का उसने कीमा बना दिया था।

अब चर्चा यह भी हो रही है कि दिल्ली और केंद्र सरकारों को इसके ही नहीं बल्कि इसके पूरे परिवार के बैंक खाते, और किन-किन संस्थानों और रसूकदारों की भी जाँच होनी चाहिए। आफताब ने अब तक कितनी लड़कियों का यौन शोषण किया है। 2014 में मोदी सरकार आने के बहुत पहले से ही भारत में love jehad पर कार्यवाही की मांग चल रही है। बाकायदा लड़की की उम्र, जाति और धर्म के नाम से उनकी कीमत भी प्रकाशित होती रहती थी। इतना ही नहीं, अपने जाल में फांसने तक का खर्चा भी दिया जाता है। इसलिए ऐसे मामलों की गंभीर जाँच जरुरी है और अगर मोदी सरकार के राज में इसकी गंभीरता से जाँच नहीं हुई तो कभी नहीं हो सकती। यही वजह है कि बैंक खातों की जाँच की मांग हो रही है। 

द प्रिंट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सबसे पहले आफताब ने आंतों को ही फेंका था। रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शव को छोटे-छोटे हिस्सों में काट फ्रिज में स्टोर किया गया। शव के टुकड़ों के साथ आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स भी रखी थी। शव के टुकड़े करने के लिए उसने एक फुट लंबी आरी का इस्तेमाल किया था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार श्रद्धा की हत्या के बाद भी आफताब सामान्य जीवन जी रहा था। उसने कई महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाए। इस हत्या के बाद डेटिंग एप के जरिए संपर्क में आई एक लड़की को भी वह दिल्ली के महरौली की उस फ्लैट में लेकर आया था, जिसमें श्रद्धा के शव के कटे हुए टुकड़े रखे थे।

उसने हत्या करने के बाद श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए थे। इन्हें वह करीब 18 दिनों तक एक-एक कर फेंकता रहा। श्रद्धा के कटे सिर को वह रोज देखता था। शव के टुकड़ों को आफताब काली पन्नी में रखकर ठिकाने लगाता था।

ताजा जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपित ने श्रद्धा के क़त्ल के दौरान बिखरे खून की सफाई के लिए केमिकल गूगल पर सर्च किया था। इन केमिकल को मँगवा लेने के बाद उसने श्रद्धा की लाश बाथरूम में रख दी थी। बाद में उसने लाश के छोटे-छोटे पीस काटे और उसे फ्रिज में रखा। बाद में उसने केमिकल से बाकायदा फर्श और फ्रिज को धोया। आफ़ताब उसी कमरे में सोता भी था, जहाँ उसने श्रद्धा की लाश को काट कर रखा था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक आफ़ताब श्रद्धा की लाश के साथ कुल 22 दिनों तक रहा था। सबसे पहले उसने श्रद्धा के हाथों को काटा था फिर पैरों को। इसके बाद उसने बाकी अंग भी काटे। कटे हुए अंगों को वो फ्रिज में रखने से पहले बोरिक एसिड से धोता था। जिस फ्रिज के एक हिस्से में उसने श्रद्धा की लाश रखी थी, उसी फ्रिज के दूसरे हिस्से में वो बिस्किट, दूध, मक्खन और कोल्डड्रिंक आदि रखता था।

कहा जा रहा 18 मई 2022 को श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफ़ताब 10 जून तक उसका इंस्टाग्राम चला रहा था। ऐसा करने के पीछे उसका मकसद श्रद्धा को जिन्दा दिखाना था। इस दौरान वो आने वाले मैसेजों का श्रद्धा बनकर जवाब भी देता था। श्रद्धा की लाश को ठिकाने लगाने के बाद आफताब ने फ़्लैट चेंज कर लिया था।

दलित श्रद्धा के 35 टुकड़े करने वाले आफताब के मजहब पर क्यों डाला जा रहा पर्दा?

दिल्ली में श्रद्धा के कातिल आफताब के मुस्लिम की बजाए पारसी होने की अफवाह फैलाई जा रही (चित्र साभार: इंस्टाग्राम)
दिल्ली पुलिस ने शनिवार (12 नवंबर, 2022) को श्रद्धा नाम की दलित लड़की की हत्या और लाश के 35 टुकड़े करने के आरोप में आफ़ताब को गिरफ्तार किया है। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस खबर के वायरल होते ही सोशल मीडिया के एक खास वर्ग ने आफताब के मज़हब को छिपाने की कोशिश शुरू कर दी। उस समूह ने यह अफवाह उड़ानी शुरू कर दी कि श्रद्धा का कातिल आफताब मुस्लिम नहीं बल्कि पारसी है।

देश की समस्त हिन्दू लड़कियों को मोहब्बत करने पहले अपनी सहेलियों, माता-पिता अथवा भाई से जरूर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि पहले भी अनेक हिन्दू लड़कियों ने मुस्लिम धर्म और मुस्लिम लड़कियों ने हिन्दू धर्म में शादी की है, बहुत खुशहाली में जीवनलीला का आनंद लिया। लेकिन वह बिता हुआ कल है, वर्तमान में जिस अमीर खान को अपना हीरो मानती हो, उसका क्या कहना है कि "मेरी पत्नी हिन्दू होगी, लेकिन हिन्दू", इस बात की गहराई में जाने की जरुरत है। इस पर लेख भी प्रकाशित कर चूका हूँ। (नीचे दिए लिंक पर क्लिक करिए) आज के माहौल में और कल में बहुत अंतर आ गया है। हिन्दू महिला जगत को अपमानित करने का जो काम मुगलों ने वही काम आज love jehad के नाम पर किया जा रहा है। इतिहास कभी लिखा नहीं जाता, दोहराया जाता है। इन ठरकी जेहादियों के लिए हर महिला को रंग कुमारी और किरण देवी बनना होगा, जिन्होंने अकबर जैसे बादशाह को पैरों में सिर रगड़ने कर भीख मांगने को मजबूर कर दिया था। (नीचे दिए लिंक पर क्लिक करिये)

My wives may be Hindu but my kids will always follow only Islam: Aamir Khan

NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
My wives may be Hindu but my kids will always follow only Islam: Aamir Khan
Know more about Love Jihad O Hindu women, why do you fall prey into the 'Love Net' of the Muslims? Many Khans in Bollywood had married Hindu...

बादशाह अकबर की जूतों से क्यों हुई पिटाई?: कौन थी किरण देवी जिससे अय्याश अकबर ने ज़िंदगी की भीख मां

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
बादशाह अकबर की जूतों से क्यों हुई पिटाई?: कौन थी किरण देवी जिससे अय्याश अकबर ने ज़िंदगी की भीख मां

दूसरे, दलित जाति के नाम पर सियासत की दुकान चलाने वाले क्यों खामोश हैं? लड़का हिन्दू है या मुसलमान इतनी दरिंदगी करने वाला न हिन्दू है न मुसलमान, किसी भी सूरत में बचाव करना अति शर्मनाक होगा। दिल्ली पुलिस का साथ देना चाहिए। आपने देख रहे हैं कोई mob lynching और मोमबत्ती गैंग सब खामोश हैं, उनको डर है कहीं वोटबैंक न खिसक जाए। अगर स्थिति विपरीत होती, देखिए क्या पिकनिक बन रही होती।   

इस नैरेटिव को भी सेट किया जाने लगा कि आफ़ताब को इस्लाम मजहब से जुड़ा बता कर मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जो लोग इस अति गंभीर मसले को मुसलमान और पारसी के जाल में फंसा कर भटकाने की बात कर रहे हैं, नहीं भूलना चाहिए कि फिरोज खान जहांगीर एक पारसी मुसलमान थे, इंदिरा गाँधी से निकाह होने पर मैमुना बेगम बनाया गया था, लेकिन कब मैमुना इंदिरा बन गयी। फिरोज खान को दफनाया जाता है, लेकिन इंदिरा गाँधी को सनातनी रिवाज के अनुसार अग्नि के सुपुर्द किया जाता है। 

भ्रम फैलाने की कोशिश

‘मियाँ ज़ालिक (@XunizXan)’ नाम के हैंडल ने भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला को Quote करते हुए लिखा, “वो तेरी बिरादरी का है।” बता दें कि शहजाद पारसी समुदाय से ही आते हैं।
लगभग इसी प्रकार का कमेंट सईद मोहम्मद ने भी @Syed5056 नाम के हैंडल से किया है। उन्होंने लिखा, “लड़के का नाम आफ़ताब पूनावाला है जो पारसी है न कि मुस्लिम। इसे कुछ लोग हिन्दू-मुस्लिम का रंग दे रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है।”
एक अन्य यूजर मोहम्मद मीराज ने भी आफ़ताब के पारसी होने का दावा किया है।

आफ़ताब ने ही खुद को बताया था मुस्लिम

अक्सर ये देखने को मिलता है कि मुस्लिम समुदाय के लोग आरोपित के अपने मज़हब और पीड़ित के हिन्दू होने के मौकों पर मामले को उलझाने का प्रयास करते हैं। जबकि, सच्चाई इस से थोड़ा अलग होती है। आफ़ताब की ही साल 2014 में की गई एक पोस्ट में उसने खुद के मुस्लिम होने की बात कबूली है। आफताब का इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल ‘@thehungrychokro’ नाम से है। 
इंस्टाग्राम पर ‘@zloymom’ नाम के हैंडल ने साल 2014 में आफताब का मज़हब पूछा था। उस पोस्ट के जवाब में भी आफताब ने खुद को मुस्लिम बताया था।
                                                 चित्र साभार- आफताब के इंस्टाग्राम कमेंट
ऊपर दिए तमाम सबूतों से जाहिर है कि श्रद्धा का कातिल आफताब इस्लाम मजहब का है। इसके अतिरिक्त मृतका के पिता द्वारा पुलिस में दर्ज FIR में भी आरोपित को मुस्लिम मज़हब का बताया गया है।
साल 2019 में मुंबई के कॉल सेंटर में एक साथ काम करने के दौरान आफ़ताब और श्रद्धा लिव इन रिलेशन में रहना शुरू कर दिए थे। बाद में श्रद्धा ने आफताब पर शादी का दबाव बनाया। हालंकि इसके लिए मृतका के परिजन तैयार नहीं थे। बाद में सबको छोड़ कर श्रद्धा आफताब के साथ दिल्ली में रहने चली आई। यहाँ आफताब ने 18 मई 2022 को श्रद्धा का गला दबा कर मार डाला और लाश के 35 टुकड़े कर के 18 दिनों में ठिकाने लगा दिया। नवम्बर 2022 में श्रद्धा के पिता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

दिल्ली : आफताब ने श्रद्धा के किए 35 टुकड़े: 18 दिन तक फेंकता रहा बॉडी पार्ट्स, मुंबई में हुई पहचान-दिल्ली में लाकर मारा


श्रद्धा की आफताब अमीन पूनावाला से मुंबई में जान-पहचान हुई। फिर एक दिन आफताब ने दिल्ली में श्रद्धा को गला दबाकर मार डाला। उसके शव के 35 टुकड़े किए। 18 दिन तक रात के करीब 2 बजे वह घर से निकल श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स दिल्ली में इधर-उधर फेंकता रहा। श्रद्धा की हत्या के करीब छह महीने बाद यह खुलासा हुआ है। 12 नवंबर 2022 को आफताब की गिरफ्तार हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रद्धा मूल रूप से महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाली थी। आफताब से उसकी मुलाकात मुंबई में हुई थी। दोनों मलाड के एक कॉल सेंटर में साथ काम करते थे। जान-पहचान कुछ समय बाद प्यार में बदल गई। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। जब श्रद्धा ने शादी का दबाव बनाया तो शुरुआत में आफताब ने टालमटोल की। आखिर में उसे जान से ही मार डाला।

बताया जा रहा है कि शादी का दबाव बढ़ने पर आफताब दिल्ली आया। फिर बहाने से श्रद्धा को बुलाया। यहाँ पर भी दोनों साथ रहने लगे। पुलिस पूछताछ में आफ़ताब ने बताया कि 18 मई 2022 को उसका शादी को लेकर श्रद्धा से काफी झगड़ा हुआ था। इसी दौरान उसने गुस्से में श्रद्धा को गला दबाकर मार डाला। बाद में सबूत छिपाने के लिए उसके शव के 35 टुकड़े किए और उसे दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया।

इस बीच महाराष्ट्र में मौजूद श्रद्धा के 59 वर्षीय पिता मदान वाकर ने लंबे समय से बेटी से सम्पर्क न होने पर उसकी खोजबीन शुरू की। वे बेटी बताए गए फ्लैट के पते पर पहुँचे तो वहाँ ताला लगा मिला। आखिरकार 8 नवम्बर 2022 को उन्होंने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने अपनी जाँच के केंद्र में आफ़ताब को रखकर खोजबीन शुरू की। आरोपित का नंबर सर्विलांस पर लगा कर शनिवार को उसे खोज निकाला।

पुलिस पूछताछ में आफताब ने अपना गुनाह कबूल किया। अब पुलिस आफताब से हुई पूछताछ के आधार पर मृतका श्रद्धा के शव के हिस्से तलाशने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि अभी तक पुलिस कुछ हड्डियों को बरामद कर पाई है। रिपोर्ट के अनुसार हत्या के बाद 18 दिनों तक आफताब रोज रात के करीब 2 बजे घर से निकलता था। श्रद्धा के शव के टुकड़ों को जंगलों के फेंक आता था ताकि जानवर उसे खा लें।