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मध्य प्रदेश : जेब में ब्रा-पैंटी, स्कूटी पर घूम-घूम महिलाओं को छेड़ता था इजहार खान, पुलिस ने किया गिरफ्तार

   भोपाल में महिलाओं से छेड़खानी करने वाले इजहार खान की स्कूटी से बरामद हुई ब्रा और पैंटी (चित्र साभार- न्यूज़ 24)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने मंगलवार (26 नवंबर, 2024) को लड़कियों से छेड़खानी करने वाले इजहार खान को गिरफ्तार किया है। इजहार खान पिछले एक महीने से शहर में कई महिलाओं को छेड़ चुका था। पुलिस ने इजहार खान की स्कूटी को भी सीज कर दिया है। स्कूटी की डिग्गी और इजहार की जेब से महिलाओं के कई अंडरगारमेंट्स बरामद हुए हैं। अब पुलिस अंडरगारमेंट्स इकट्ठा करने की वजह की पड़ताल कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला भोपाल के चूनाभट्टी इलाके का है। यहाँ के यशोदा विहार में रहने वाली कई महिलाएँ एक स्कूटी वाले की छेड़खानी से काफी दिनों से परेशान थीं। सोमवार (25 नवंबर) को 2 महिलाओं ने इस संबंध पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थीं।

इसी दिन शाम को एक और महिला ने अपने साथ हुई छेड़खानी पर शोर मचाया था। तब लोगों ने दौड़ा कर स्कूटी सवार एक व्यक्ति को पकड़ लिया था। बाद में उसको पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम इजहार खान बताया।

इजहार खान के अम्मी-अब्बा टीचर है। अम्मी-अब्बा ने दावा किया है कि उन्हें अपने बेटे की करतूत के बारे में कुछ पता ही नहीं था। इजहार ने अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने अपनी एक्टिवा स्कूटी के नंबर प्लेट पर कागज चिपका रखा था। स्कूटी की जाँच की गई तो उसकी डिग्गी के अंदर महिलाओं के कई अंडरगारमेंट्स (ब्रा-पैंटी) बरामद हुई।

इजहार खान ने पुलिस के आगे सोमवार को हुई दोनों छेड़खानी की वारदातों में अपने ही होने की बात कबूल कर ली। पुलिस उसके द्वारा की गई अन्य हरकतों की भी जाँच में जुटी है। पता चला है कि इजहार खान पीड़िताओं को धमकाता भी था। प्रथम दृष्टया पुलिस ने इजहार को साइको अपराधी माना है। वह पूछे जा रहे सवालों के भी उलटे-सीधे जवाब दे रहा है।

केरल : काम था महिला क्रिकेटरों को कोचिंग देना, करने लगा यौन शोषण: नग्न तस्वीरें खींचकर कहता था- ये चयन के लिए जरूरी है

महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न करने वाला केरल क्रिकेट एसोसिएशन का कोच मनु पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार (चित्र साभार- onmanorama.com)
‘केरल क्रिकेट एसोशिएशन’ (KCA) के पूर्व कोच पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। आरोपित का नाम मनु है जिसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मनु पर महिला खिलाड़ियों की नग्न तस्वीरें खींचने और प्रशिक्षण के दौरान उनसे छेड़खानी करने का आरोप है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और रविवार (7 जुलाई, 2024) को KCA को नोटिस जारी कर के स्पष्टीकरण माँगा है। फिलहाल आरोपित को गिरफ्तार कर के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार(7 जुलाई) को केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 10 साल से अधिक समय तक कोच रहे मनु ने कई नाबालिग खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया था। उसने क्रिकेट टीम में चयन के लिए जरूरी बता कर कई नाबालिग लड़कियों की नग्न तस्वीरें खींची थीं। उस पर तमिलनाडु के तेनकासी ले जा कर महिला खिलाडियों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप है। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर मनु पर केस दर्ज कर लिया गया था।

राज्य मानवाधिकार आयोग ने इन आरोपों की पुष्टि के लिए एक पैनल का भी गठन कर लिया। मनु पर केस दर्ज होने के बाद 5 लड़कियाँ सामने आई हैं। इन्होंने मनु के खिलाफ अपने बयान दर्ज करवाए हैं। आखिरकार पुलिस ने 2 दिन पहले मनु को पॉक्सो एक्ट के तहत तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार कर लिया है। उसको रिमांड पर ले कर पूछताछ भी की गई। आखिरकार आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आयोग ने KCA को भी तलब किया। KCA ने आयोग को बताया है कि उनको इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी।

मनु फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में है। इधर केरल क्रिकेट एसोशिएसन (KCA) ने पीड़िताओं को हर सम्भव मदद का भरोसा दिया है। मनु पर पूर्व में भी एक महिला खिलाड़ी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। हालाँकि, बाद में लड़की अपने बयान से मुकर गई थी।

Delhi Commission for Women में 6 महीने से सैलरी नहीं, बजट 30% घटाया: महिलाओं की दुश्मन क्यों है AAP सरकार?: स्वाति मालीवाल का सवाल


दिल्ली महिला आयोग लगभग निष्क्रिय हो चुका है। दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष पद पिछले 6 माह से खाली है। एससी सदस्य का पद 1.6 साल से खाली है। 2 सदस्य भी कम हैं। दिल्ली महिला आयोग का बजट करीब 30 प्रतिशत कम कर दिया गया है। कर्मचारियों को 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। दिल्ली सरकार ने रेप पीड़ितों के लिए बनी हेल्पलाइन 181 को भी बंद कर दिया है। ये सब जानकारी दी है दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 4 पन्नों की चिट्ठी लिखी है और केजरीवाल से अपील की है कि उनकी सरकार महिलाओं से दुश्मनी न निकाले।

दिल्ली महिला आयोग पहली संस्था नहीं जहाँ कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है। जो सरकार सफाई कर्मचारियों, अध्यापकों और लेक्चरर का वेतन रोक सकती है, उस सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है। कोई नया समाचार नहीं। 

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने ‘रेप कैपिटल’ जैसे बदनामी वाले टैग लगे ‘दिल्ली’ को सेफ बनाए रखने के लिए अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है। स्वाति मालीवाल ने वो चिट्ठी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “जब से मैंने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया है, तबसे दिल्ली सरकार के मंत्रियों और अफ़सरों ने आयोग के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। पिछले 6 महीने से किसी को सैलरी नहीं दी गई है, बजट 28.5 प्रतिशत कम कर दिया है, 181 हेल्पलाइन वापस ले ली गई है और अध्यक्ष और 2 मेम्बर की पोस्ट भरने के लिए कोई कार्य नहीं किया गया है। दलित मेम्बर की पोस्ट 1.5 साल से ख़ाली पड़ी है! मेरे जाते ही हर संभव कोशिश की जा रही है महिला आयोग को फिर से एक कमज़ोर संस्थान बनाने की। महिलाओं से दिल्ली सरकार क्यों दुश्मनी निकाल रही है? मैंने अरविंद केजरीवाल जी को पत्र लिखके उनसे जवाब माँगा है!”

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और अब राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने ANI से कहा, “आठ साल में दिल्ली महिला आयोग ने 1,70,000 मामलों की सुनवाई की, लेकिन जब से मैंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, पूरी दिल्ली सरकार दिल्ली महिला आयोग को बंद करने पर अड़ी हुई है। दिल्ली सरकार ने छह महीने से दिल्ली महिला आयोग के लिए एक रुपया भी फंड के तौर पर जारी नहीं किया है।”

स्वाति ने आगे कहा, “हम यह भी देख रहे हैं कि दिल्ली सरकार ने इस साल के लिए दिल्ली महिला आयोग के बजट में 30% की कटौती की है। दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष का पद अभी भी खाली है और छह महीने हो गए हैं…दो अन्य पद भी खाली हैं…दिल्ली सरकार ने 181 हेल्पलाइन बंद कर दी है। यह शर्मनाक है कि रेप कैपिटल माने जाने वाले राज्य की 181 हेल्पलाइन बंद कर दी गई है…मैंने सीएम अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है कि वे ऐसा कैसे कर सकते हैं…जिस राज्य का महिला आयोग सक्षम नहीं है, वहाँ की महिलाओं की सुरक्षा कैसे हो सकती है?…मेरा मानना ​​है कि सरकार नहीं चाहती कि महिलाएँ सक्षम हों। मुझे लगता है कि सरकार को सवाल उठाने वाली महिलाओं से दिक्कत है…”

स्‍वाति मालीवाल ने पूछा है कि महिलाओं से दिल्ली सरकार क्यों दुश्मनी निकाल रही है? उन्होंने पत्र में लिखा है, “बहुत दुख हो रहा है कि जिस सिस्‍टम को इतना कष्‍ट झेलकर 2015 से लेकर अब तक बनाया उसे दिल्‍ली सरकार खत्‍म कर रही है। मेरे 8 साल के कार्यकाल में महिलाओं और बच्‍चों की ओर से कमीशन में आई 1.7 लाख शिकायतों को हैंडल किया। 2016 से आयोग की 181 हेल्‍पलाइन पर 41 लाख से ज्‍यादा कॉल्‍स दर्ज की गई हैं। इस हेल्‍पलाइन को 45 काउंसिलर्स की मदद से बेहतर ढंग से चलाया गया. राजधानी से उससे बाहर 2500 से ज्‍यादा रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाए।”

स्वाति मालीवाल ने कहा, “स्‍वाति ने लैटर में आयोग की रेप क्राइसिस सेल में भर्ती किए गए वकीलों द्वारा दिल्‍ली की हर एक अदालत में की गई रेप पीड़‍ितों की मदद का हवाला दिया। इसके अलावा क्राइसिस इंटरवेंशन सेंटर की मदद से 60 हजार से ज्‍यादा सेक्‍सुअल असॉल्‍ट सर्वाइवर्स की मदद का आंकड़ा पेश किया।”

स्‍वाति ने लिखा कि दिल्‍ली सरकार की ओर से दिल्‍ली महिला आयोग के साथ किए जा रहे बर्ताव की वजह से करीब 674 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। आयोग में बहुत सारी ऐसी सर्वाइवर्स को भर्ती किया गया था जो अपने परिवार में खुद कमाकर घर चलाती हैं, लेकिन सैलरी न मिलने से इनके परिवारों पर भरण पोषण का संकट आ गया है। यहाँ तक कि वे अपने बच्‍चों को स्‍कूलों से निकाल रही हैं, उन्‍हें बीमारियों में भी इलाज नहीं दिलवा पा रही हैं। आरसीसी के लॉयर्स ने दिल्‍ली हाईकोर्ट में रुकी हुई सैलरीज को लेकर याचिका दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 9 मई 2024 को वेतन जारी करने का आदेश भी जारी किया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 30 मई को फिर से हाईकोर्ट ने सैलरी देने का आदेश दिया लेकिन अभी तक डब्‍ल्‍यूसीडी की ओर से इसे बहाल किया जाना बाकी है। इस पर तत्‍काल कदम उठाने की जरूरत है।

स्वाति मालीवाल लंबे समय तक दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेज दिया। कुछ समय पहले स्वाति मालीवाल के साथ अरविंद केजरीवाल के घर में कथित तौर पर मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल के अहम सहयोगी विभव कुमार पर मारपीट का आरोप लगा। विभव को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया।

बेंगलुरु : युवक के मोबाइल में मिली उसकी पूर्व गर्लफ्रेंड की 13000+ नंगी तस्वीरें/वीडियो

                                                                                                                           प्रतीकात्मक चित्र
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक लड़की उस समय हैरान रह गई, जब उसने अपनी 13000 से अधिक नग्न तस्वीरें अपने पूर्व बॉयफ्रेंड के मोबाइल में देखी। आरोपित के मोबाइल में पीड़िता के अलावा कुछ अन्य लड़कियों की भी आपत्तिजनक चित्र थे। पीड़िता एक कॉल सेंटर में नौकरी करती है। गुरुवार (23 नवंबर 2023) को इस मामले की शिकायत पुलिस में की गई है। आरोपित को गिरफ्तार करके पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मामला बेंगलुरु के बेलंदूर इलाके का है। यहाँ 22 वर्षीया एक लड़की BPO में जॉब करती है। काम करने के दौरान लड़की की जान पहचान आदित्य संतोष नाम के एक युवक से होती है। आदित्य भी इसी BPO में कस्टमर सर्विस एजेंट के तौर पर पिछले 5 महीने से काम करता है। दोनों लगभग 4 महीने तक एक दूसरे के साथ रिलेशनशिप में रहे। इस दौरान आदित्य ने कुछ प्राइवेट पलों की तस्वीरें खींच ली और उसके वीडियो भी बना डाले। कुछ दिनों पहले पीड़िता ने अपने संबंध आदित्य संतोष से तोड़ लिए थे।

बताया जा रहा है कि पीड़िता को डर था कि उसका पूर्व बॉयफ्रेंड कहीं उसकी पर्सनल तस्वीरों को वायरल न कर दे। वह आदित्य से अपनी तस्वीरें डिलीट करने के लिए कहने लगी। हालाँकि बार-बार निवेदन के बावजूद आदित्य ने तस्वीरें नहीं डिलीट की।

आखिरकार 20 नवंबर 2023 को पीड़िता ने खुद ही आदित्य का फोन तब ले लिया, जब वो अपनी सीट पर नहीं था। जैसे ही पीड़िता ने फोन को खोला, वो हैरान रह गई। आदित्य की फोन गैलरी में उसकी लगभग 13000 नग्न तस्वीरें मिलीं।

इसके बाद पीड़िता ने आदित्य की गैलरी को और अच्छे से खंगाला तो उसमें अपने अलावा कुछ अन्य लड़कियों की भी आपत्तिजनक तस्वीरें पाईं। फ़ौरन ही इस मामले की शिकायत लड़की ने अपने सीनियरों से की और बाकी स्टाफ को सावधान किया।

इसके बाद कॉल सेंटर की लीगल हेड ने आदित्य संतोष के खिलाफ पुलिस की साइबर शाखा में तहरीर दी। कम्पनी ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि अगर संतोष ने उन तस्वीरों को वायरल कर दिया तो उनकी प्रतिष्ठा को काफी धक्का लगेगा। इस शिकायत पर पुलिस ने आदित्य संतोष को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की जाँच इस एंगल से भी की जा रही है कि कहीं आरोपित इन तस्वीरों के माध्यम से पीड़िताओं को ब्लैकमेल तो नहीं करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपित के फोन में मौजूद कुछ तस्वीरें एडिटेड हैं जबकि कुछ असली भी हैं।

उत्तर प्रदेश : ‘अम्बेडकर नगर में छात्रा का दुपट्टा खींचा गया, तुम आरती उतार रहे थे?’: योगी आदित्यनाथ ने SP को लगाई फटकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 सितंबर, 2023 को राज्य के विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस मीटिंग में उन्होंने पुलिसकर्मियों को कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत देते हुए हर शिकायत पर बारीकी और गंभीरता से जाँच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मीटिंग के दौरान ही अम्बेडकर नगर जिले में दुपट्टा खींचे जाने से हुई छात्रा की मौत का भी जिक्र आया। इस दौरान योगी ने वहाँ के SP को फटकार लगाई और कार्यशैली को जल्द से जल्द सुधारने के लिए कहा।

दरअसल 25 सितम्बर को मुख्यमंत्री योगी पूरे प्रदेश में विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक से ले कर थानेदार स्तर के अधिकारियों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान अम्बेडकरनगर में नाबालिग हिन्दू छात्रा की मौत का मुद्दा सबसे चर्चित विषय रहा। वहाँ के पुलिस अधीक्षक IPS अजीत कुमार सिन्हा से किसी सवाल-जवाब के दौरान योगी आदित्यनाथ नाराज हो गए। योगी ने SP से घटना के तुरंत बाद कड़ी कार्रवाई न करने की वजह पूछी तो वो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। तब मुख्यमंत्री ने कहा, “छात्रा का दुपट्टा खींचा गया। तुम अपराधियों की आरती उतार रहे थे क्या?”

लगभग 3 घंटे 10 मिनट चली इस मीटिंग में थाना प्रभारी, डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी भी मौजूद थे। एक-एक थानाक्षेत्र में हुए कामों की बारीकी से निगरानी हुई। इस दौरान प्रदेश में अच्छा काम करने वाले टॉप 10 सर्किल और फिसड्डी रहे 10 सर्किलों का भी आंकड़ा रखा गया। लापरवाह अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमें बर्खास्तगी की कार्रवाई करने पर मजबूर मत कीजिए।” इस दौरान अधिकारियों को महिला विरुद्ध अपराधों पर तत्काल एक्शन लेने के आदेश दिए गए।

                                                                            DSP रैंकिंग

इस मीटिंग में फील्ड पुलिसिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर खासा जोर दिया गया। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि वो जिले में महिला थाने की प्रभारी के अतिरिक्त कम से कम 1 अन्य थाने का प्रभार किसी महिला अधिकारी को सौंपें। बढ़ रहे साइबर अपराधों की समस्या को देखते हुए CM योगी ने बताया कि हर जिले में न सिर्फ साइबर थाने खोल दिए गए हैं बल्कि सभी थानों में साइबर डेस्क का भी गठन कर दिया गया है। बैठक में साफ कहा गया कि सभी थाने इस समय शासन की सीधी निगरानी में हैं और किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में शुक्रवार (15 सितंबर, 2023) को स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा की बाइक से कुचल कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने शाहबाज़, अरबाज़ और फैज़ल को गिरफ्तार किया है।

झारखंड : दलित महिला के मुँह में कपड़ा ठूँसा, पेड़ से बाँधा, फाड़ डाले कपड़े, बेहोश होने तक पीटा…

                                                                                                                 चित्र साभार- झारखंड पुलिस
झारखंड के गिरडीह में एक दलित महिला को पेड़ से बाँध कर पीटने का मामला सामने आया है। पिटाई के बाद पीड़िता के कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना के पीछे की वजह अवैध संबंधों को बताया जा रहा है। पीड़िता ने आरोपितों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अब तक 4 गिरफ्तारियाँ की गईं हैं जिसमें 2 महिलाएँ भी शामिल हैं। घटना बुधवार (26 जुलाई, 2023) रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला गिरडीह जिले के थाना क्षेत्र सरिया का है। यहाँ के कोबडिया टोला इलाके में रहने वाली दलित समुदाय की एक महिला को बुधवार रात एक कॉल आई। फोन करने वाले ने महिला को घर से बाहर बुलाया। जब महिला घर से बाहर निकली तो उसे बाइक पर बैठे 2 युवक दिखाई पड़े। दोनों ने महिला का अपहरण कर लिया। आरोप है कि दोनों बाइक सवार पीड़िता को अपने साथ जंगल ले गए। जंगल पीड़िता के घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर था। यहाँ कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे जिसमें महिलाएँ भी शामिल थीं।

पीड़िता का आरोप है कि जंगल में उसे पेड़ से बाँध कर मुँह में कपड़ा ठूँस दिया गया। इसके बाद पीड़िता को बेरहमी से पीटा गया। पिटाई के दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए गए। अधिक चोट लगने की वजह से जब पीड़िता बेहोश हो गई तो आरोपित उसे जंगल में ही पेड़ से बँधा छोड़ आए। सुबह ग्रामीणों को किसी घायल महिला के निर्वस्त्र पेड़ से बँधे होने की जानकारी मिली तो वो मौके पर पहुँचे। महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई।

पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयान में आरोपितों के नाम भी बताए हैं। इस बयान के आधार पर अब तक विकास कुमार सोनार, श्रवण सोनार, रेखा देवी और मुन्नी देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का अवैध संबंध दूसरे गाँव के एक युवक के साथ था। इस रिश्ते के दोनों ही परिवार के लोग विरोध कर रहे थे। मामले को पहले समझा-बुझा कर निबटाने का प्रयास किया गया। हालाँकि, जब इस से बात नहीं बनी तो एक पक्ष के लोगों ने पीड़िता के साथ अमानवीयता की।

ABP न्यूज+स्वाति मालीवाल की ‘नीयत’ पर उठे सवाल, अमित शाह और दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की थी साजिश

कंझावला से लेकर संगम विहार किस्सा वही, महिला और कार, घसीटना, आरोपी शराब पीये हुए और दिल्ली पुलिस नदारद! क्या है ये सब? दिल्ली से लेकर कश्मीर और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, क्या ये सब किसी साज़िश के तहत हो रहा है, या फिर चुनाव आते देख अपनी नाकामियों को छुपाकर, सुर्ख़ियों में रहने के लिए केजरीवाल की वही घिनौनी हरकत? क्या इस गंभीर समस्या पर सोंचना नहीं चाहिए? क्योकि ऐसे में मुख्य प्रश्न यह है कि 1. स्वाति मालीवाल के सुरक्षा कर्मी कहाँ थे? 2. स्वाति ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा होते हुए, तुरंत पुलिस को सूचित क्यों नहीं किया? 3. वीडियो बनाने वाले ने महिला की रक्षा के लिए पुलिस को क्यों नहीं सूचित किया? 4. ABPNews ने महिला आयोग की अध्यक्षा द्वारा कई घंटे बीत जाने के बाद क्यों शोर मचाया? 5. पुलिस को आरोपी से पार्टी से किसी तरह के सम्बन्ध पर भी छानबीन करनी चाहिए? 6. सोशल मीडिया पर स्वाति के विषय में आ रहे मुद्दों की भी जाँच करनी चाहिए। ये केजरीवाल गैंग है, कोई भी खेल खेला जा सकता है। 7. पुलिस को इस फाइल को खुला रखना होगा, कभी भी कोई राज सामने आ सकता है। आदि आदि प्रश्न बहुत हैं, स्वाति मालीवाल और ABPNews आसानी से बच नहीं सकते। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कंझावला केस की तरह इस केस पर भी गिद्ध निगाह से असलियत सामने आने पर दोषी अथवा दोषियों को सख्त से सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए। माना, दिल्ली पुलिस नकारा है, एक नहीं लाखों कमियां हैं, लेकिन इस तरह बदनाम नहीं करना चाहिए, जबकि पीड़ित एक संवैधानिक पद पर है। 

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने 19 जनवरी 2023 को बताया था कि नशे में धुत कार वाले ने उन्हें 15 मीटर तक घसीटा। भगवान ने उन्हें बचा लिया, नहीं तो उनका हाल भी अंजलि जैसा होता। इसका वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल ने एबीपी न्यूज के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

बीजेपी नेता शाजिया इल्मी ने 20 जनवरी 2023 को अपने ट्विटर हैंडल पर सिलसिलेवार कई वीडियो शेयर कर स्वाति मालीवाल, आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज चैनल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा, “एबीपी न्यूज और स्वाति मालीवाल ने साथ मिल कर एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसका मकसद सिर्फ दिल्ली पुलिस को बदनाम करना था। क्यों कोई निजी चैनल एक राजनीतिक पार्टी के साथ मिलकर एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ दिल्ली पुलिस के खिलाफ ऐसा षड्यंत्र करेगी?”

वीडियो में उन्होंने कहा है, “जिस तरह से आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज ने स्वाति मालीवाल की मदद से एक स्टिंग ऑपरेशन किया, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका मकसद केवल दिल्ली पुलिस को बदनाम करना है। लेकिन दिल्ली पुलिस की सर्तकता के चलते उनका ये षड्यंत्र पूरी तरह से विफल हो गया है। अब सोचने वाली बात यह है कि क्यों कोई चैनल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए या कोई पार्टी अपनी राजनीति चमकाने के लिए महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को इस्तेमाल करेगी। नैतिकता के तकाजे पर बहुत ही गंभीर सवाल खड़े होते हैं।”

शाजिया इल्मी के अलावा दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना ने भी स्वाति मालीवाल की मंशा पर सवाल उठाया और पूछा कि आखिरकार महिला आयोग की अध्यक्ष 14 घंटे तक चुप क्यों रहीं? घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस का मनोबल गिराने के लिए इस मुद्दे को तूल दिया गया। दिल्ली के विपक्षी दल भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि वायरल वीडियो से पता चलता है कि मालीवाल ने कार से चाबी निकालने की कोशिश की थी।

हरीश खुराना ने टाइम्स नाउ न्यूज चैनल को बताया, “सब लोग सोशल मीडिया पर देख रहे हैं कि किस तरह से झूठा प्रपंच रचते हुए आप खुद रात के 2 से 2.30 बजे के बीच लोगों की कार की चाबियाँ निकाल रही हैं। मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूँ कि आप जिस तरह से दिल्ली, दिल्ली वालों और दिल्ली पुलिस का मोरल डाउन कर रही हैं, वह निंदनीय है। आप 14 घंटे तक चुप क्यों रहीं?”

बीजेपी दिल्ली ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “कल रात आम आदमी पार्टी और एबीपी न्यूज चैनल ने दिल्ली का मनोबल गिराने और पुलिस को बदनाम करने के लिए स्वाति मालीवाल के साथ मिलकर एक कथित स्टिंग ऑपरेशन किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने समय पर इस तरह त्वरित कार्रवाई की, जिससे इनके सारे मंसूबे ‘फेल’ हो गए।” पार्टी ने कहा है , “दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आम आदमी पार्टी, एबीपी न्यूज चैनल और स्वाति मालीवाल के गंदे षड्यंत्र और झूठे ऑपरेशन का पर्दाफाश हुआ और दोनों को मुँह की खानी पड़ी। आखिर दिल्ली पर इतना अविश्वास क्यों?”

इसके अलावा कई नेटिजन्स ने भी स्वाति मालीवाल की वीडियो पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जब कार रुकी, तो स्वाति मालीवाल उनसे बात करने के लिए आगे बढ़ीं। जब कार फिर से वापस आई, तो वह बात करने के लिए खुद ड्राइवर की तरफ गई। ड्राइवर ने कथित तौर पर गाड़ी का शीशा इसलिए बंद कर लिया था, क्योंकि स्वाति मालीवाल ने कार के अंदर अपना हाथ डाला था। इसके बाद कार आगे चली गई। हालाँकि, य​ह वीडियो उस वक्त रुक जाता है। इसमें स्वाति मालीवाल को कार से घसीटते हुए नहीं दिखाया गया है।

एबीपी न्यूज ने इस घटना पर अपनी रिपोर्ट में इस वीडियो को भी चलाया। चैनल रात में स्वाति मालीवाल के साथ था। चैनल ने कहा कि यह घटना एबीपी न्यूज के कैमरों में कैद हो गई थी। चैनल ने डीसीडब्ल्यू प्रमुख की रात की अन्य फुटेज भी दिखाई है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया है कि स्वाति मालीवाल को बीच सड़क पर ड्राइवर की तरफ जाने की क्या जरूरत थी और फिर उसने कार के अंदर हाथ क्यों डाला। ध्यान देने योग्य है कि हाईवे पर दूर से शूट किए गए वीडियो में स्वाति की आवाज असामान्य रूप से स्पष्ट और काफी तेज सुनाई दे रही है। शायद उन्होंने लैपेल माइक पहन रखा था, क्योंकि रात में एबीपी न्यूज की टीम उनके साथ थी।

वहीं, स्वाति मालीवाल ने दावा किया है कि ड्राइवर उन्हें कार में बैठने के लिए मजबूर कर रहा था। वीडियो में ड्राइवर की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। अजीब बात यह है कि जब ड्राइवर उन्हें छोड़ने के लिए कहता है, तो वह उससे बार बार पूछती रहती है कि वह उसे कहाँ छोड़ेगा। वह एक बार फिर ड्राइवर की तरफ बढ़ती है और वही सवाल पूछती है।

दूसरी ओर स्वाति मालीवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद पुलिस को फोन किया, जिसके बाद ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ का सदस्य होने को लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। जो लोग उनसे ड्राइवर की साइड जाने और कार के अंदर हाथ डालने के लिए सवाल कर रहे हैं, वह पीड़िता को शर्मसार करने वाला है।

आरोपित की पहचान संगम विहार निवासी हरीश चंद्र के रूप में हुई है, जिसे पुलिस में शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि 47 वर्षीय आरोपित नशे की हालत में था, जब उसने डीसीडब्ल्यू प्रमुख के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341, 354, और 509 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा आरोपित घटना में शामिल कार को भी जब्त कर लिया गया है।

DCP चंदन सिंह ने बताया कि हौज़ खास थाने से एक कॉल आया था कि एक महिला को एक कार वाले ने गलत इशारे किए और 10-15 मीटर तक घसीटा। जिस महिला के साथ बदसलूकी हुई है, वह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल है।