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मालीवाल का दावा- केजरीवाल ने पंजाब में बनाया शीशमहल 2.0, AAP प्रमुख के समर्थन में आया नूपुर शर्मा को विवादित बनाने वाला कुख्यात जेहादी Alt News का जुबैर

 स्वाती मालीवाल (बाएँ), केजरीवाल (बीच में), मुहम्मद जुबैर (दाएँ), (साभार : livetrends, lallantop, Timesnow)
अपनी छोटी सी कार और छोटा सा घर दिखाकर कि मैं इसी कार में चलूंगा, मैं इसी घर में रहूंगा अब वह शीशमहल से कम की बात ही नहीं करता, क्योंकि अब उसे हराम का खाने  की आदत पड़ गई है, उसे भी पता है ऐसा कोई कानून नहीं है कि इस पर कोई कानूनी कार्यवाही हो सके, पहले दिल्ली को लूटा अब पंजाब को यह सब आपिये मिल कर लूट रहे है, दिल्ली में यमुना सफाई के नाम पर अरबों रुपए खा गया उससे हर राज्य में चुनाव लड़ प्रधानमंत्री बनने के सपने पहले दिन से देख रहा हैं। लेकिन इसी की राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल जिसकी दिल्ली के शीश महल में पिटाई की थी, तभी से वह केजरीवाल के लिए सिर दर्द बन बेनकाब कर इसी का नहीं बल्कि पूरी आम आदमी पार्टी का राजनीतिक जीवन समाप्त करने में पीछे नहीं हट रही। केजरीवाल और इसकी पार्टी भूल गयी कि औरत का इन्तेक़ाम बहुत खतरनाक होता है।  

राजनीति और सोशल मीडिया का रिश्ता हमेशा दिलचस्प रहा है। यहाँ बहसें मिनटों में ट्रेंड बन जाती हैं। कुछ ऐसा ही इन दिनों देखने को मिला राज्यसभा सांसद स्वाती मालिवाल और Alt News के सह-संस्थापक मुहम्मद जुबैर के बीच, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कथित ‘शीशमहल 2.0’ को लेकर दोनों के बीच X (पहले ट्विटर) पर जुबानी जंग छिड़ गई। यह विवाद दिल्ली से लेकर पंजाब और चंडीगढ़ की सियासत तक चर्चा का विषय बन गया है।

‘दिल्ली से भी शानदार शीशमहल 2.0’: स्वाति मालीवाल

 विवाद की शुरुआत 31 अक्टूबर को हुई, जब स्वाति मालीवाल ने दावा किया कि दिल्ली का ‘शीशमहल’ खाली करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने अब पंजाब में ‘दिल्ली से भी शानदार शीशमहल’ तैयार करवा लिया है। मालीवाल ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ के सेक्टर-2 में मुख्यमंत्री कोटे की 2 एकड़ जमीन पर बनी एक आलीशान 7-स्टार सरकारी कोठी केजरीवाल को मिल गई है।

स्वाती मालीवाल ने सीधे तौर पर पंजाब सरकार पर एक व्यक्ति (केजरीवाल) की सेवा में लगने का आरोप लगाया। स्वाती मालीवाल ने यह भी कहा कि केजरीवाल अंबाला जाने के लिए इसी घर के सामने से सरकारी हेलीकॉप्टर में बैठे और फिर पंजाब सरकार का प्राइवेट जेट उन्हें पार्टी के काम से गुजरात ले गया। मालीवाल के इन दावों ने तुरंत ही सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया।

दावे झूठे और तस्वीर पुरानी: जुबैर का पलटवार

वहीं, केजरीवाल के बचाव में उतरे खुद को ‘फैक्ट चेकर’ बताने वाले मोहम्मद जुबैर। जुबैर ने मालीवाल के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि जिस बिल्डिंग का स्क्रीनशॉट दिखाया जा रहा है, वह हरियाणा के कृषि मंत्री के दफ्तर के बगल में है।
प्रोपेगेंडा फैलाने वाले फैक्ट चेकर जुबैर ने गूगल इमेजेज़ का हवाला देते हुए कहा कि यह बिल्डिंग अभी नहीं बनी है, बल्कि 2013 से 2024 तक यानी सालों से वहीं मौजूद है। इसके साथ ही, जुबैर ने मालीवाल के 2 एकड़ जमीन के आँकड़े पर भी सवाल उठाकर कहा कि बिल्डिंग के सामने की खाली जमीन अधिकतम 20,000 वर्ग फुट हो सकती है, न कि 2 एकड़।

‘झूठा प्रचार’ और ‘सच का पर्दाफाश’: मालीवाल का जवाबी हमला

फैक्ट चेकर जुबैर के पलटवार के बाद, 1 नवंबर 2025 को स्वाति मालीवाल ने जुबैर को ‘थाकथित फैक्ट चेकर’ कहते हुए जवाबी हमला किया और ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के आर्टिक्ल की एक तस्वीर साझा की, जिसमें केजरीवाल के शीशमहल के बारे में लिखा हुआ है।
स्वाती मालीवाल ने लिखा, “अरविंद केजरीवाल जी के चंडीगढ़ के शीश महल पर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की ये रिपोर्ट पढ़ें। कोठी को केजरीवाल जी के लिए तैयार करने के लिए अक्टूबर महीने में युद्ध स्तर पर सरकार ने काम करवाया, केजरीवाल जी इस घर में रहते भी हैं और मीटिंग भी लेते हैं। CM का कैंप ऑफिस कोठी नंबर 43 में है। ये आलीशान कोठी नंबर 50 केजरीवाल जी के लिए है।” इन दावों के साथ ही, मालीवाल ने केजरीवाल को खुली चुनौती दी और कहा, “हिम्मत है तो ये बताओ इस शीश महल में कितना खर्च हुआ है। इस घर को एक दिन के लिए जनता और मीडिया के लिए खोलो।”
मालीवाल ने जुबैर पर ओवरटाइम काम करके यह साबित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया कि केजरीवाल द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा आलीशान बंगला ‘कोई रैंडम बिल्डिंग’ है। स्वाती मालीवाल ने जुबैर के ट्वीट को ‘झूठा प्रचार’ यानि फेक प्रोपेगेंडा करार दिया और उसे अपना ट्वीट डिलीट करने और बिना रिसर्च के पोस्ट करने के लिए माफी माँगने को कहा।

स्वाती मालिवाल के और आरोप

स्वाती मालिवाल यहीं नहीं रुकीं। स्वाती मालिवाल यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए कहा कि चंडीगढ़ में सिर्फ केजरीवाल ही नहीं, बल्कि मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के लिए भी आलीशान सरकारी बंगले तैयार किए गए हैं। स्वाती मालीवाल ने ट्वीट कर कहा, “चंडीगढ़ में शीशमहल सिर्फ केजरीवाल जी का नहीं है। मनीष सिसोदिया का बंगला नंबर 960, सेक्टर 39 और सत्येंद्र जैन का बंगला नंबर 926, सेक्टर 39 है। ये सब वही आलीशान कोठियाँ हैं जो अब दिल्ली के नेताओं को पंजाब सरकार ने रहने के लिए दी हैं। सरकारी संपत्ति पर इस तरह कब्जा अपराध है।”

बिना विधायक कैसे मिला केजरीवाल को ‘शीशमहल 2.0’: स्वाती मालीवाल

मालीवाल ने अपने एक बयान में पूछा कि केजरीवाल को यह आलीशान ‘शीशमहल 2.0’ किस हैसियत से दिया गया है, क्योंकि वह दिल्ली में विधायक भी नहीं हैं। स्वाती मालीवाल ने मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस बताए जाने के दावे को झूठ बताते हुए सवाल किया, “अगर यह कैंप ऑफिस है, तो यह जनता के लिए क्यों नहीं खुलता? यह अंदर से बंद क्यों रहता है? और पिछले चार सालों में यहाँ कितनी बैठकें हुई हैं?”
अंत में स्वाती मालीवाल ने इस घर पर हुए खर्च का खुलासा करने और इसे एक दिन के लिए जनता और मीडिया के लिए खोलने की चुनौती दी और दोहराया कि यह आलीशान बंगला अब पंजाब के सुपर सीएम अरविंद केजरीवाल का है।

आखिर क्या है ‘शीशमहल’ विवाद?

‘शीशमहल विवाद’ की जड़ें असल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली स्थित सरकारी आवास (6, फ्लैग स्टाफ रोड) के रेनोवेशन पर हुए भारी-भरकम खर्च से जुड़ी हैं। विपक्ष ने उस समय यह गंभीर आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार ने इस सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण और रेनोवेशन पर 45 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि खर्च की, जिसके चलते इस आवास को तंज कसते हुए ‘शीशमहल’ का नाम दिया गया।
यह विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। दिल्ली का वह पुराना आवास खाली होने के बाद, अब पंजाब सरकार द्वारा केजरीवाल को चंडीगढ़ में एक और आलीशान सरकारी बंगला दिए जाने के आरोपों ने एक नए विवाद को जन्म दिया है। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने इस नए बंगले को ‘शीशमहल 2.0’ का नाम दिया है, और यहीं से जुबानी जंग शुरू हुई है। यह पूरा मामला सिर्फ एक बंगले का नहीं है, बल्कि यह सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और सार्वजनिक जीवन में नैतिकता के मानकों पर बड़े सवाल खड़े करता है।

पंजाब :केजरीवाल ने शुरू किए मुख्यमंत्री भगवंत मान के पर कतरने, स्वाति मालीवाल के आरोपी बिभव कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी; आतिशी के शपथ समारोह में भी नहीं बुलाया

                                                                                                                                   साभार 
दिल्ली के शराब घोटाले में जेल से जमानत पर रिहा हुए अरविंद केजरीवाल अब नए खेल में जुट गए हैं। केजरीवाल की कभी पहली पसंद नहीं रहे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वे पर कतरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा उनके जेल में रहते जिस बिभव कुमार ने आप नेता स्वाति मालीवाल से मारपीट की थी, उसको पुरस्कार स्वरूप प्रमोट करने की तैयारी केजरीवाल ने कर ली है। दरअसल, वो एक तीर से दो निशाने साधने की फिराक में हैं। आप संयोजक केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री पर नजदीक से नजर रखने के लिए अपने दो खासमखास को मान के इर्द-गिर्द नियुक्त करने की फिराक में हैं। इनमें से एक बिभव कुमार हो सकते हैं। केजरीवाल और भगवंत मान के रिश्ते काफी समय से ठीक नहीं चल रहे हैं। खासकर केजरीवाल के जेल जाने, लोकसभा चुनाव के लिए फंड न मिल पाने और लोकसभा चुनाव में पंजाब में आप के खराब प्रदर्शन ने इन दोनों के रिश्तों में और कड़वाहट घोल दी है।

भगवंत को हटाना पंजाब से केजरीवाल पार्टी पर उल्टा पड़ने की संभावनाएं की जा रही है। यह भी संभावनाएं की जा रही है कि भगवंत केजरीवाल के खालिस्तान सम्बन्धों को बेनकाब कर केजरीवाल को मुसीबत में डाल सकते हैं। क्योकि पंजाब में केजरीवाल सरकार ही आतंकवादियों के समर्थन से बनी है। 

आप की राज्यसभा सांसद मालीवाल को केजरीवाल के करीबी ने कूटा था
पहले बात स्वाति मालीवाल की। इसी साल 13 मई को यह जानकारी आई कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार ने सीएम आवास पर आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापक सदस्यों में से एक और वर्तमान में आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की। यह सवाल तभी से दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है कि आखिर इस शर्मनाक घटना के पीछे कारण क्या रहा होगा? मारपीट और अपमानित करने वाली यह घटना इसलिए और जटिल लगी, क्योंकि बिभव कुमार तो केजरीवाल के एनजीओ के दिनों से ही करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। दूसरी ओर स्वाति मालीवाल का भी उस सेटअप में लंबे समय तक अपना कद रहा। बाद में वो राज्यसभा सांसद बनी। मालीवाल की एफआईआर में रोंगटे खड़े कर देने वाले विवरण हैं कि कैसे बिभव कुमार ने उनकी छाती, पेट पर निर्ममता से पिटाई की।

केजरीवाल ने अपने वकील को राज्यसभा में भेजने के लिए चली चालें
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मालीवाल द्वारा आप के राज्यसभा सांसद के रूप में पद छोड़ने के लिए पूर्व-मसौदा त्याग पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के कारण केजरीवाल के करीबी सहयोगी ने उन पर हमला किया। दरअसल, पार्टी नेतृत्व यानि केजरीवाल जेल से ही खेल करने में व्यस्त थे। वो मालीवाल की सीट को एक वरिष्ठ वकील को देना चाहते थे, जो अदालतों में उनके मुकदमे देख रहे हैं। मालीवाल को दिल्ली से आप के राज्यसभा सदस्य के रूप में चुना गया था। उनके पद छोड़ने पर राज्यसभा सीट के लिए होने वाले उप-चुनाव (अगर ऐसी स्थिति बनी तो) के लिए आप जिसे भी टिकट देगी, उसका जीतना लगभग तय है। जब केजरीवाल को (आबकारी नीति मामले में) गिरफ्तार किया गया, तो मालीवाल विदेश में थीं।

स्वाति मालीवाल से मारपीट का बिभव को ईनाम देना चाहते हैं केजरीवाल
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल एक तरह से स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोपी बिभव कुमार को प्रमोशन देने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिभव कुमार को पंजाब सरकार में अहम पद देने की तैयारी हो चुकी है। उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान का चीफ एडवाइजर या फिर ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) बनाने की इंटरनल प्रोसेस लगभग पूरी हो चुकी है। दरअसल, बिभव कुमार, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद लोगों में से एक हैं। केजरीवाल के घर स्वाति मालीवाल से बदसलूकी के आरोप में बिभव जेल गए थे। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी। उनका ये कदम केजरीवाल के पक्ष में गया। उन्हें दिल्ली सरकार में पीए रखने पर सवाल उठते और विपक्ष को मौका मिल जाता। इसलिए केजरीवाल ने उन्हें पंजाब में बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है।

केजरीवाल की आंख-कान है बिभव और पार्टी के फाउंडर मेंबर भी
बिभव की नियुक्ति से दो मकसद पूरे होंगे। पहला बिभव कुमार को दोबारा बड़ी जिम्मेदारी मिल जाएगी और दूसरा उनके जरिए सीएम भगवंत मान पर कंट्रोल किया जा सकेगा। बिभव कुमार पार्टी के फाउंडर मेंबर्स में से एक हैं। केजरीवाल के आंख कान की तरह हमेशा एक्टिव रहते थे। स्वाति मालीवाल केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिभव जब तक आरोपी हैं, तब तक वे दिल्ली के CM हाउस नहीं जा सकते। इसके अलावा PA के पद पर उनकी बहाली नहीं की जा सकती है। बिभव पद पर रहें या न रहें, केजरीवाल के आंख-कान बने रहेंगे। अब केजरीवाल भी मुख्यमंत्री नहीं हैं। बिभव सिर्फ केजरीवाल के पीए ही नहीं थे, बल्कि वे विधायकों और काउंसलर्स को सीधे निर्देश देते थे। अब पंजाब में वे यही काम करेंगे।

आतिशी के शपथ ग्रहण समारोह में भगवंत मान को नहीं मिला न्योता

अब बात पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की। केजरीवाल और मान के बीच मतभेद की खबरें आए दिन राजनीतिक हलकों में तैरने लगी हैं। हालांकि भगवंत मान सीएम के रूप में केजरीवाल की पहली पसंद कभी थे ही नहीं। दूसरी पसंद का राज्य में स्कोप नहीं था। इसलिए सीएम की कुर्सी भगवंत मान को सौंपने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। केजरीवाल के जेल जाने, लोकसभा चुनाव के लिए फंड न मिल पाने और लोकसभा चुनाव में पंजाब में आप के खराब प्रदर्शन ने इन दोनों के रिश्तों में और कड़वाहट घोल दी है। अब अरविंद केजरीवाल, सीएम भगवंत मान की ताकत कम करने में जुटे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इसका असर दिखने भी लगा है। आतिशी के शपथ ग्रहण समारोह से भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं पहुंचे थे। उम्मीद की जा रही थी कि केजरीवाल उन्हें बुलाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भगवंत मान को न्योता तक न देना केजरीवाल का कड़ा मैसेज था। दरअसल, केजरीवाल और पार्टी के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी का असर पंजाब में नहीं दिखा। गिरफ्तारी पर वहां न तो कोई बड़ा विरोध-प्रदर्शन हुआ, ना ही दिल्ली में विरोध जताने के लिए नेताओं का कोई बड़ा जत्था पहुंचा। लोकसभा चुनाव में पंजाब सरकार से फंड के तौर पर पार्टी को कोई खास मदद नहीं मिली।

भगवंत मान की जगह दूसरे नेता को CM नियुक्त करने की खबरें
पंजाब में भगवंत मान की जगह दूसरे CM को नियुक्त करने की खबर भी मीडिया में आई। सोर्स बताते हैं कि ये खबर भी आम आदमी पार्टी की दिल्ली की सोशल मीडिया टीम के जरिए बेहद सुनियोजित तरीके से प्लान की गईं थीं। ये खबरें तब उड़वाई गईं, जब भगवंत मान बीमारी के कारण हॉस्पिटल में एडमिट थे। केजरीवाल और मान के बीच मतभेद इससे भी जगजाहिर होते हैं कि एक साल में भगवंत मान के दो करीबी अधिकारियों की आप के दबाव में विदाई कर दी गई। भगवंत मान के OSD और उनके खास लोगों में से एक ओंकार सिंह को 23 अगस्त, 2024 को हटा दिया गया। ओंकार सिंह, भगवंत मान के बेहद करीबी माने जाते हैं। मान की सीट धुरी में वे बहुत एक्टिव थे। मान के CM बनने बाद उनकी सीट का सारा काम ओंकार के जिम्मे ही था। इसी तरह जनसंपर्क विभाग में ओएसडी रहे मंजीत सिंह सिद्धू को 2023 में हटाया गया था। वे भगवंत मान के बेहद करीबी बताए जाते हैं। हालांकि, मंजीत सिंह सिद्धू को केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ही हटा दिया गया था। कहा जाता है कि सिद्धू भी दिल्ली के मुखिया और उनकी टीम को खटकते थे। इसके अलावा भी CM भगवंत मान के स्टाफ में लगातार बदलाव हो रहे हैं। इन्हीं दो पदों पर बिभव कुमार और विजय नायर बैठेंगे। इससे पंजाब की हर बात दिल्ली तक पहुंचती रहेगी।

विजय नायर को पंजाब के सीएम की टीम में संभालेंगे नई जिम्मेदारी!
केजरीवाल ने भगवंत मान पर लगाम कसनी शुरू कर दी है। इसके लिए दिल्ली से दो खास लोगों को बड़ी जिम्मेदारी देकर पंजाब भेजने की तैयारी है। इनमें एक तो बिभव कुमार हैं और दूसरा चौंकाने वाला नाम है विजय नायर का। नायर यूं तो पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के करीबी हैं। लेकिन उनका नाम भी दिल्ली शराब घोटाले में शामिल हैं और वे 23 महीने जेल की हवा भी खा आए हैं। मनीष सिसोदिया की ओर से विजय नायर का नाम पंजाब में खास पोजिशन के लिए प्रपोज किया गया था। ये प्रपोजल मंजूर भी कर लिया गया है। विजय नायर जेल जाने से पहले आम आदमी पार्टी में कम्युनिकेशन हेड थे। फिलहाल उनके पास कोई पद या जिम्मेदारी नहीं है। विजय नायर को 27 सितंबर, 2022 को दिल्ली शराब घोटाला केस में गिरफ्तार किया गया। इस केस में ये पहली गिरफ्तारी थी। जांच एजेंसी के हाथ शराब घोटाले की सबसे पहली कहानी नायर के जरिए ही सामने आई।

फंड रेजर और इवेंट मैनेजर रहे, दिल्ली चुनाव में मिलेगी मदद
विजय नायर AAP से 2014-15 से जुड़े हुए हैं। तब उनका प्रोफाइल सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट, फंड रेजर और पार्टी के लिए इवेंट मैनेजर का था। 2019 में नायर का प्रोफाइल बदला और उन्हें कैंपेनिंग का जिम्मा दिया गया। विजय नायर ने ठीक काम किया तो 2020 में उनका प्रमोशन हो गया। इसके बाद वे एडवाइजर के तौर पर भी पार्टी में स्थापित हो गए। पॉलिसी मैटर, चुनाव प्रचार और घोषणा पत्र में भी उनका दखल शुरू हो गया। अब दिल्ली में विधानसभा चुनाव को 3-4 महीने ही बचे हैं। ऐसे में विजय नायर पंजाब में अहम पद पर रहते हुए फंड रेजर, इलेक्शन स्ट्रैटजिस्ट और सोशल मीडिया कैंपेनिंग का मोर्चा संभालेंगे। दिल्ली में फरवरी तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। पार्टी के बड़े नेता कई महीनों तक जेल में रहे। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने चुनौती है कि वो एंटी इनकम्बेंसी खत्म करे, जो बेहद मुश्किल है। इसके अलावा चुनाव में फंड की जरूरत भी होगी। ऐसे में बिभव कुमार और विजय नायर को पंजाब भेजना पार्टी के लिए अहम हो जाता है।

दिल्ली : स्वाति मालीवाल से बदसलूकी पर 500 पन्नों की चार्जशीट, दिल्ली पुलिस ने बताया- बिभव कुमार पर केस चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य; 100 लोगों से पूछताछ, 50 गवाह…

 

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले के दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में आरोपित बिभव कुमार के खिलाफ 500 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। अभी तक आई जानकारी के अनुसार, 100 लोगों से पूछताछ के बाद इस चार्जशीट में 50 लोगों के बयान जोड़े गए हैं जिन्हें गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

गवाहों की लिस्ट में घटना के दौरान मुख्यमंत्री आवास में मौजूद दिल्ली पुलिस के सुरक्षा यूनिट के पुलिसकर्मियों, जाँच से जुड़े पुलिसकर्मी, मालीवाल की मेडिकल जाँच करने वाले एम्स के डाक्टरों व अन्य शामिल हैं। आरोप पत्र में पुलिस ने दावा किया है कि कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। बिभव के ऊपर सबूतों से छेड़छाड़, फोन फॉर्मेट करने, पासवर्ड छिपाने, सीसीटीवी फुटेज मिटाने आदि का आरोप लगा है।

जानकारी के मुताबिक ये चार्जशीट मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव गोयल की अदालत में दाखिल की गई, जिन्होंने बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत को 30 जुलाई तक बढ़ाया था। बिभव कुमार इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए और अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि 30 जुलाई को बिभव को फिजिकली वहाँ प्रेसेंट होना होगा।

सुनवाई के दौरान अदालत को अभियोजन पक्ष ने बताया कि पुलिस ने आरोपित के खिलाफ चार्जशीट में आईपीसी की धारा 201 (अपराध के साक्ष्य को गायब करना), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 341 (गलत तरीके से रोकना), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना), 354 बी (महिला का वस्त्र हरण करने के इरादे से उसके खिलाफ बल प्रयोग), 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (किसी भी शब्द, हाव-भाव या वस्तु का उपयोग करके महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना) को जोड़ा है।

स्वाति मालीवाल मारपीट केस

उल्लेखनीय है कि 13 मई को सीएम आवास पर स्वाति मालीवाल से बदसलूकी करने का आरोप बिभव कुमार पर लगा था। स्वाति ने सामने आकर बताया था कि बिभव ने उन्हें छाती, पेट और कमर पर मारा था। इसके बाद बिभव को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और पूरे मामले में जाँच हुई थी। इस बीच बिभव ने कई बार बेल की गुहार लगाई। हालाँकि कोर्ट ने सबूतों को मिटाने और गवाहों को प्रभावित करने वाले बिंदु पर गौर करते हुए बेल खारिज कर दी। पहली याचिका ट्रायल कोर्ट में 27 मई को खारिज हुई। फिर 7 जून को और आखिरी वाली 12 जुलाई को।

Delhi Commission for Women में 6 महीने से सैलरी नहीं, बजट 30% घटाया: महिलाओं की दुश्मन क्यों है AAP सरकार?: स्वाति मालीवाल का सवाल


दिल्ली महिला आयोग लगभग निष्क्रिय हो चुका है। दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष पद पिछले 6 माह से खाली है। एससी सदस्य का पद 1.6 साल से खाली है। 2 सदस्य भी कम हैं। दिल्ली महिला आयोग का बजट करीब 30 प्रतिशत कम कर दिया गया है। कर्मचारियों को 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। दिल्ली सरकार ने रेप पीड़ितों के लिए बनी हेल्पलाइन 181 को भी बंद कर दिया है। ये सब जानकारी दी है दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 4 पन्नों की चिट्ठी लिखी है और केजरीवाल से अपील की है कि उनकी सरकार महिलाओं से दुश्मनी न निकाले।

दिल्ली महिला आयोग पहली संस्था नहीं जहाँ कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है। जो सरकार सफाई कर्मचारियों, अध्यापकों और लेक्चरर का वेतन रोक सकती है, उस सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है। कोई नया समाचार नहीं। 

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने ‘रेप कैपिटल’ जैसे बदनामी वाले टैग लगे ‘दिल्ली’ को सेफ बनाए रखने के लिए अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है। स्वाति मालीवाल ने वो चिट्ठी सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “जब से मैंने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया है, तबसे दिल्ली सरकार के मंत्रियों और अफ़सरों ने आयोग के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। पिछले 6 महीने से किसी को सैलरी नहीं दी गई है, बजट 28.5 प्रतिशत कम कर दिया है, 181 हेल्पलाइन वापस ले ली गई है और अध्यक्ष और 2 मेम्बर की पोस्ट भरने के लिए कोई कार्य नहीं किया गया है। दलित मेम्बर की पोस्ट 1.5 साल से ख़ाली पड़ी है! मेरे जाते ही हर संभव कोशिश की जा रही है महिला आयोग को फिर से एक कमज़ोर संस्थान बनाने की। महिलाओं से दिल्ली सरकार क्यों दुश्मनी निकाल रही है? मैंने अरविंद केजरीवाल जी को पत्र लिखके उनसे जवाब माँगा है!”

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और अब राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने ANI से कहा, “आठ साल में दिल्ली महिला आयोग ने 1,70,000 मामलों की सुनवाई की, लेकिन जब से मैंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, पूरी दिल्ली सरकार दिल्ली महिला आयोग को बंद करने पर अड़ी हुई है। दिल्ली सरकार ने छह महीने से दिल्ली महिला आयोग के लिए एक रुपया भी फंड के तौर पर जारी नहीं किया है।”

स्वाति ने आगे कहा, “हम यह भी देख रहे हैं कि दिल्ली सरकार ने इस साल के लिए दिल्ली महिला आयोग के बजट में 30% की कटौती की है। दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष का पद अभी भी खाली है और छह महीने हो गए हैं…दो अन्य पद भी खाली हैं…दिल्ली सरकार ने 181 हेल्पलाइन बंद कर दी है। यह शर्मनाक है कि रेप कैपिटल माने जाने वाले राज्य की 181 हेल्पलाइन बंद कर दी गई है…मैंने सीएम अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है कि वे ऐसा कैसे कर सकते हैं…जिस राज्य का महिला आयोग सक्षम नहीं है, वहाँ की महिलाओं की सुरक्षा कैसे हो सकती है?…मेरा मानना ​​है कि सरकार नहीं चाहती कि महिलाएँ सक्षम हों। मुझे लगता है कि सरकार को सवाल उठाने वाली महिलाओं से दिक्कत है…”

स्‍वाति मालीवाल ने पूछा है कि महिलाओं से दिल्ली सरकार क्यों दुश्मनी निकाल रही है? उन्होंने पत्र में लिखा है, “बहुत दुख हो रहा है कि जिस सिस्‍टम को इतना कष्‍ट झेलकर 2015 से लेकर अब तक बनाया उसे दिल्‍ली सरकार खत्‍म कर रही है। मेरे 8 साल के कार्यकाल में महिलाओं और बच्‍चों की ओर से कमीशन में आई 1.7 लाख शिकायतों को हैंडल किया। 2016 से आयोग की 181 हेल्‍पलाइन पर 41 लाख से ज्‍यादा कॉल्‍स दर्ज की गई हैं। इस हेल्‍पलाइन को 45 काउंसिलर्स की मदद से बेहतर ढंग से चलाया गया. राजधानी से उससे बाहर 2500 से ज्‍यादा रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाए।”

स्वाति मालीवाल ने कहा, “स्‍वाति ने लैटर में आयोग की रेप क्राइसिस सेल में भर्ती किए गए वकीलों द्वारा दिल्‍ली की हर एक अदालत में की गई रेप पीड़‍ितों की मदद का हवाला दिया। इसके अलावा क्राइसिस इंटरवेंशन सेंटर की मदद से 60 हजार से ज्‍यादा सेक्‍सुअल असॉल्‍ट सर्वाइवर्स की मदद का आंकड़ा पेश किया।”

स्‍वाति ने लिखा कि दिल्‍ली सरकार की ओर से दिल्‍ली महिला आयोग के साथ किए जा रहे बर्ताव की वजह से करीब 674 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। आयोग में बहुत सारी ऐसी सर्वाइवर्स को भर्ती किया गया था जो अपने परिवार में खुद कमाकर घर चलाती हैं, लेकिन सैलरी न मिलने से इनके परिवारों पर भरण पोषण का संकट आ गया है। यहाँ तक कि वे अपने बच्‍चों को स्‍कूलों से निकाल रही हैं, उन्‍हें बीमारियों में भी इलाज नहीं दिलवा पा रही हैं। आरसीसी के लॉयर्स ने दिल्‍ली हाईकोर्ट में रुकी हुई सैलरीज को लेकर याचिका दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 9 मई 2024 को वेतन जारी करने का आदेश भी जारी किया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 30 मई को फिर से हाईकोर्ट ने सैलरी देने का आदेश दिया लेकिन अभी तक डब्‍ल्‍यूसीडी की ओर से इसे बहाल किया जाना बाकी है। इस पर तत्‍काल कदम उठाने की जरूरत है।

स्वाति मालीवाल लंबे समय तक दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रही हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेज दिया। कुछ समय पहले स्वाति मालीवाल के साथ अरविंद केजरीवाल के घर में कथित तौर पर मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल के अहम सहयोगी विभव कुमार पर मारपीट का आरोप लगा। विभव को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया।

“नटवरलाल चालू माल केजरीवाल” पर भगत सिंह से संबंध जोड़ने के लिए “बैन” लगाए अदालत; मनमोहन सिंह भी मोदी पर बरसे और मोदी के “ध्यान” को अखिलेश ने कह दिया भाजपा की जीत निश्चित है

 सुभाष चन्द्र

केजरीवाल को अब “नटवरलाल” के साथ साथ “चालू माल” भी कहना उचित होगा। ये बार बार अपने को शहीद भगत सिंह का चेला कहता फिरता है और अब किसी वकील को कोर्ट में याचिका दायर कर मांग करनी चाहिए कि इस मक्कार को शहीद भगत सिंह से अपना किसी भी तरह का संबंध जोड़ने से रोक लगनी चाहिए 

शहीद भगत सिंह का लेशमात्र अंश भी केजरीवाल में मौजूद नहीं है भगत सिंह ने कभी किसी  विदेशी ताकत से देश के खिलाफ, उन्होंने कभी शराब को बढ़ावा नहीं दिया, वो किसी तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं रहे, जिन सावरकर को केजरीवाल गाली देता है, उनका भगत सिंह आदर करते थे फिर कैसे अपने को शहीद भगत सिंह का चेला कह सकता है यह नालायक वो तो देश के लिए फांसी पर लटक गए, उन्होंने कभी नहीं कहा कि असेंबली में बम उन्होंने नहीं फेंका जबकि केजरीवाल ढोल पीट रहा है कि कोई घोटाला हुआ ही नहीं जी और जेल जाने से बचने के लिए नए नए प्रपंच रच रहा है

ये “चालू माल” घर में बुला कर स्वाति मालीवाल की अपने PA विभव कुमार से पिटाई करवाता है और पंजाब में इसका मंत्री बलकार सिंह नौकरी के लिए परेशान लड़की से वीडियो काल कर उसके सामने Sexual actions करता है लेकिन केजरीवाल न स्वाति के बारे में कुछ बोलता है और न बलकार सिंह की हरकत पर शहीद भगत सिंह के चेले ऐसे नहीं होते हैं और  इसलिए केजरीवाल पर अपने को भगत सिंह का चेला कहने पर रोक लगनी चाहिए

लेखक 
चर्चित YouTuber 
केजरीवाल में भगत सिंह पिन पॉइंट भी कोई लक्षण नहीं। भगत सिंह एवं अन्य स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा अपने दल में शामिल किसी भी महिला का यौनाचार करने की बजाए उन्हें अपनी माँ, बहन या भाभी की तरह इज्जत दी जाती थी, जबकि केजरीवाल की पार्टी में मालीवाल ही नहीं कोली आदि कई महिलाओं का यौन शोषण किया गया।   

केजरीवाल ने कल एक ही राग फिर अलापा है कि मोदी की तानाशाही और गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ने के लिए 10 बार भी जेल जाना पड़े तो जाऊंगा जबकि एक से दूसरी बार जाने में ही पैंट गीली हो रही है ये कह रहा है, मुझे चुनाव से दूर रखने के लिए भाजपा ने जेल भेजा था जबकि शराब घोटाले में जेल तुझे भेजा कोर्ट ने और छोड़ा भी कोर्ट ने 

कल तक केजरीवाल मोदी से पूछ रहा था कि आपके रिटायर होने के बाद कौन प्रधानमंत्री बनेगा और आज भागवत जी से पूछ रहा है कि क्या मोदी को RSS वाले भगवान मानते हैं भाई तू पागल हो रहा है, हमें पता है और इसलिए पहले अपना उत्तराधिकारी चुन ले क्योंकि तेरी गद्दी बस अब कुर्बान होने का समय आ गया

मनमोहन सिंह ने कहा है मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पद की गरिमा गिराई है मनमोहन सिंह जी आप जब 10 वर्ष सत्ता में रह कर “चुप” रहे तो अब भी रह लेते जो ऐसी गिरी हुई बात कर रहे हो उस मोदी के लिए जिसने देश का डंका पूरे विश्व में बजा दिया जबकि आपको तो अमेरिका में नवाज़ शरीफ ने बूढ़ी औरत कह दिया था लेकिन मोदी ने आपके लिए नवाज़ शरीफ का बाजा बजा दिया था और आप उस मोदी के लिए ऐसा बोल रहे हो

अखिलेश यादव कह रहा है कि हार के डर से तपस्या करने चले गए मोदी जी मतलब मोदी की जीत पक्की है क्योंकि इसी तरह मोदी 2019 का चुनाव प्रचार ख़त्म होते ही केदारनाथ धाम चले गए थे तपस्या के लिए और 2014 के मुकाबले 20 सीट ज्यादा जीते थे, मतलब तब भी हार के डर से गए होंगे लेकिन जीत गए और अब हार के डर से गए हैं, तब भी जीत पक्की है

वैसे अखिलेश की जुबान जरूरत से ज्यादा चलती है। अखिलेश ने 8-9 जनवरी, 2022 को रामलला के दर्शनों के लिए जाना था जब मंदिर नहीं बना था तब 13 दिसंबर को नरेंद्र मोदी को सलाह देते हुए कहा था कि अंतिम दिनों में रहने के लिए काशी उत्तम जगह है मैंने तब जो लिखा था वह फिर लिख रहा हूँ कि अंतिम दिनों में रहने के लिए काशी सही जगह है या नहीं, इसे छोड़ कर इतना सोच लो कि भगवान् राम भी अंतिम समय में ही याद आते हैं रावण ने भी अंतिम समय में पुकारा था -"श्रीराम"

निकाले जाएँ CM केजरीवाल के कॉल रिकॉर्ड्स : NCW का आदेश; विभव कुमार की जमानत याचिका ख़ारिज, सुनवाई में YouTuber ध्रुव राठी का भी जिक्र

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के PA रहे विभव कुमार की जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी है। जस्टिस सुशिल अनुज त्यागी ने ये फैसला सुनाया। 18 मई, 2024 को विभव कुमार को गिरफ्तार किया गया था और उसे 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था। 24 मई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आरोप है कि उसने स्वाति मालीवाल के पेट, छाती, पाँव और प्राइवेट पार्ट पर प्रहार किया।

वहीं दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि इस घटना का वीडियो फुटेज CCTV से गायब है। पुलिस ने आशंका जताई है कि इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण भी हो सकता है, वहीं ये जानबूझकर किया गया भी हो सकता है। दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया गया कि विभव कुमार को अरविंद केजरीवाल के PA के पद से हटाए जाने के बावजूद CM आवास में सब उससे आदेश ले रहे थे, ये दिखाता है कि वो प्रभावशाली है। वहीं स्वाति मालीवाल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जान से मार डालने और बलात्कार की धमकियाँ मिल रही हैं।

उन्होंने बताया कि ध्रुव राठी द्वारा इस घटना पर वीडियो बनाने के बाद ये सब हो रहा है। स्वाति मालीवाल का कहना है कि अगर विभव कुमार बाहर आता है तो उन्हें और उनके परिवार को खतरा है। इस फैसले के बाद विभव कुमार अब दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करेगा। AAP ने अपने एक बयान में ये जानकारी दी है। उधर NCW (राष्ट्रीय महिला आयोग) ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में जुड़े लोगों के कॉल रिकार्ड्स निकालने को कहा है।

दिल्ली के CM और AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल के कॉल रिकॉर्ड्स भी खँगाले जाएँगे। संस्था ने कहा कि ये सूचना मिली है कि स्वाति मालीवाल के CM आवास पहुँचते ही विभव कुमार को फोन कॉल कर के बुलाया गया, ऐसे में ये पता लगाया जाना ज़रूरी है कि किसके आदेश पर ऐसा हुआ। पुलिस कमिश्नर को NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पत्र भेजा है। साथ ही स्वाति मालीवाल को धमकी देने वालों के खिलाफ 3 दिन के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा गया है।

केजरीवाल के PA विभव कुमार को नहीं मिली राहत, दिल्ली की कोर्ट ने 28 मई तक भेजा जेल


स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में आरोपित विभव कुमार को पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह फैसला दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सुनाया है। अब विभव 28 मई तक जेल में रहेंगे।

मई 14 को संजय सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बिभव द्वारा स्वाति मालीवाल के साथ की बदसलूकी का संज्ञान लिया है और कार्यवाही करने की बात कही है। लेकिन अगले ही दिन तीनों बिभव,अरविन्द और संजय एक साथ लखनऊ में दिखाई दिए। ये थी कार्यवाही। फिर अपने PA बिभव के पक्ष में धरना और प्रदर्शन करते हैं। आखिर ये ढोंग क्यों?  

सुनवाई के दौरान कोर्ट में विभव के वकील ने एकबार फिर इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल खड़ा किया। इसके अलावा ये भी कहा कि न्यायिक हिरासत या पुलिस हिरासत दोनों ही आरोपित की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं, किसी भी चीज की माँग उचित होनी चाहिए।

इस सुनवाई के दौरान विभव ने कोर्ट में एक एप्लीकेशन में डाली जिसमें माँग थी कि जाँच के दौरान जो भी डीवीआर मिले हैं उन्हें संरक्षित किया जाए और रिकॉर्ड पर रखा जाए। हालाँकि पब्लिक प्रोजिक्यूटर ने इस एप्लीकेशन का विरोध किया और कहा कि ये बात कहने के लिए ये मंच नहीं है। इस माँग को खारिज किया जाए।

वहीं कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस ने कहा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार उन्होंने विभव कुमार के परिवार के सदस्यों और वकील को विभव से मिलने की अनुमति दी थी।

इससे पहले खबर आई थी विभव कुमार पुलिस हिरासत में थे जहाँ कहा जा रहा था कि वो जाँच में सहयोग नहीं कर रहे । इसके अलावा उनके ऊपर अपना फोन फॉर्मेट करने का भी आरोप लगा था। पुलिस ने उनके घर से बरामद सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है।

स्वाति मालीवाल के इस पूरे मामले में एक ओर जहाँ दर्ज शिकायत के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है तो वहीं स्वाति मालीवाल का एक इंटरव्यू सामने आया था। उन्होंने ANI पॉडकास्ट पर स्मिता प्रकाश को कहा था, “अगर मेरी राज्यसभा सीट उनको वापस चाहिए थी, तो अगर प्यार से माँगते तो मैं जान भी दे देती, राज्यसभा सीट तो बहुत छोटी चीज है।”

उन्होंने कहा था, “मैंने कभी भी पद की लालसा नहीं दिखाई, मैं 2006 में तब जुड़ी थी जब कोई किसी को जानता नहीं था। मैंने जमीन से जुड़ कर काम किया है। 2006 से 2012 तक सारे ऑपरेशन चलाए हैं। मैं 3-4 लोगों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति थी।”

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई, 2024 को दिल्ली CM के आधिकारिक आवास पर मारपीट हुई थी। उनके साथ यह मारपीट दिल्ली CM केजरीवाल के पूर्व PS विभव कुमार ने की थी। इस घटना को लेकर स्वाति मालीवाल ने FIR भी दर्ज करवाई थी। उन्होंने एफआईआर में कई आरोप लगाए थे जिसके बाद पुलिस ने विभव को गिरफ्तार किया। पहले विभव को पुलिस हिरासत में भेजा गया और न्यायिक हिरासत में।

‘प्यार से माँगते तो जान दे देती, अब किसी कीमत पर नहीं दूँगी इस्तीफा’: स्वाति मालीवाल; जब जमीन हड़पने के लिए बाप बहन को अपने पिता की पत्नी लिखवा दे, बेटे केजरीवाल द्वारा नौटंकियां करना कोई नयी बात नहीं

                                    साभार: वन इंडिया 
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा है कि उनसे अगर प्यार से राज्यसभा सीट से इस्तीफा देने को कहा जाता तो वह छोड़ देतीं। उन्होंने अब किसी भी हाल में राज्यसभा से इस्तीफा देने से मना कर दिया है। उन्होंने अपने साथ हुई मारपीट और चरित्र हनन के पीछे का कारण यही बताया है।

स्वाति मालीवाल और अरविन्द केजरीवाल के बीच छिड़ी जंग सांप और छछूंदर की लड़ाई बन गयी है या यह भी कह सकते हैं अब केजरीवाल के लिए आगे कुआँ पीछे खाई वाली स्थिति बन गयी है। मालीवाल के पूर्व पति जयहिंद ने तो दिल्ली पुलिस से अरविन्द केजरीवाल के narco test करवाने की बात बोल दी। दूसरे यह कि बात बात पर नाटक करना केजरीवाल के संस्कारों में है। जिसका बाप अपनी बहन को माँ लिखवाकर अपनी बहन की जमीन हड़प ले, इससे दर्दनाक क्या हो सकता है? इससे ज्यादा शर्मनाक किस्सा नहीं मिल सकता। जब खून में ही छल-कपट हो ईमानदार कैसे हो सकता है, सोंचने की बात है। फिर जब केजरीवाल interim bail पर घर पहुंचे तब इसके माँ-बाप बिना किसी सहारे के चल रहे थे और अब पूछताछ के हाथ पकड़ कर बाहर लाया जा रहा है। यानि जब माँ-बाप ही ऐसा नाटक कर रहे हों, बेटा करे कोई हैरानी की बात नहीं। परिवार ही गोलीबाज़ है। देखिए वीडियो   

 

किसी ख़ास वकील के लिए राज्यसभा सीट खाली करने को लेकर स्वाति मालीवाल ने ANI पॉडकास्ट पर स्मिता प्रकाश से बताया, “अगर मेरी राज्यसभा सीट उनको वापस चाहिए थी, तो अगर प्यार से माँगते तो मैं जान भी दे देती, राज्यसभा सीट तो बहुत छोटी चीज है।”

जिस खास वकील के लिए राज्यसभा सीट खाली करने की बात कही जा रही है, मीडिया रिपोर्ट्स में वह अभिषेक मनु सिंघवी बताए गए हैं। वह हाल ही में हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा चुनाव हार गए थे। वह दिल्ली शराब घोटाला मामले में अरविन्द केजरीवाल के वकील हैं।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने कभी भी पद की लालसा नहीं दिखाई, मैं 2006 में तब जुड़ी थी जब कोई किसी को जानता नहीं था। मैंने जमीन से जुड़ कर काम किया है। 2006 से 2012 तक सारे ऑपरेशन चलाए हैं। मैं 3-4 लोगों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति थी।”

उन्होंने अब राज्यसभा सीट से इस्तीफ़ा देने को लेकर साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, “मुझे सांसद पद की कोई लालसा नहीं है, ये मुझे प्यार से बोलते तो मैं हर हाल में इस्तीफा दे देती, मुझे कोई समस्या नहीं। मैं किसी पद में नहीं बंधी। जिस तरीके से इन्होने मुझे मारा पीटा है, अब मैं किसी भी हाल में इस्तीफा नहीं दूँगी। मुझे बताया गया है कि इसी वजह से मेरा चरित्र हनन हो रहा है, मेरी बेइज्जती की जा रही है। मैं अब सांसद के तौर पर मेहनत करुँगी और एक आदर्श सांसद कैसा होता है, बन कर दिखाऊँगी।”

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई, 2024 को दिल्ली CM के आधिकारिक आवास पर मारपीट हुई थी। उनके साथ यह मारपीट दिल्ली CM केजरीवाल के पूर्व PS विभव कुमार ने की थी। इस घटना को लेकर स्वाति मालीवाल ने FIR भी दर्ज करवाई थी।उन्होंने FIR में बताया था कि विभव कुमार ने उन्हें गालियाँ दी थी।

विभव ने उनसे कहा, “तू कैसे हमारी बात नहीं मानेगी? कैसे नहीं मानेगी? साली तेरी औकात क्या है कि हमको ना करदे। समझती क्या है खुद को नीच औरत। तुझको हम सबक सिखाएँगे।” उन्हें जमीन पर घसीटा गया था और उनकी शर्ट भी खोली गई थी। इसके अलावा उन्हें लातों से मारा गया। इसके बाद उन्हें CM आवास से बाहर कर दिया गया था। उनकी मेडिकल रिपोर्ट में चेहरे के अंदर चोट लगने की बात की पुष्टि हुई थी।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दर्ज FIR के आधार पर विभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। अब दिल्ली पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।


‘उसके बारे में गंदी बातें करो, उसकी पर्सनल फोटो लीक करो’: स्वाति मालीवाल ने खोला AAP का गेम; केजरीवाल का नार्को टेस्ट करे दिल्ली पुलिस : जयहिंद मालीवाल का पूर्व पति; वीडियो

एक कहावत है कि जब सियार की मौत आती है शहर की तरफ भागता है, यानि हमज़ुल्फ़ रही स्वाति मालीवाल के साथ मारपिटाई कर अरविन्द केजरीवाल ने भिड़ के छत्ते को छेड़ दिया है। अरविन्द केजरीवाल और स्वाति मालीवाल की लड़ाई कहाँ तक जाएगी और इसका आम आदमी पार्टी के पतन में कितना योगदान होगा, भविष्य के गर्भ में छिपा है। सोशल मीडिया पर चर्चा है भी है कि मालीवाल ने आतिशी मर्लेना को कहा है कि 'तुम बच्ची हो....अगर मैंने मुंह खोला केजरीवाल अपनी फॅमिली में भी मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा...' आप से जुडी शाज़िया इल्मी ने भी एक चैनल को इंटरव्यू में केजरीवाल को 'शौक़ीन' बताया, यानि ये आग बहुत दूर तक जाने वाली है। ईमानदार केजरीवाल का नकाब बहुत जल्दी उठने वाला है।   

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से बदसलूकी मामले में जहाँ दिल्ली पुलिस विभव कुमार को मुंबई से वापस दिल्ली ले आई है, तो वहीं उनकी एक हरकत की वजह से आम आदमी पार्टी को रोज शर्मंसार होना पड़ रहा है। स्वाति मालीवाल ने हालिया पोस्ट में दावा किया है कि पार्टी के अन्य बड़े नेताओं पर प्रेशर बनाया जा रहा है कि वो लोग स्वाति के खिलाफ बोलें, उनकी निजी तस्वीरें लीक करें और उनके फर्जी स्टिंग ऑपरेशन करके लाएँ।

स्वाति ट्वीट में लिखती हैं– “कल पार्टी के एक बड़े नेता का फोन आया। उसने बताया कैसे सब पर बहुत ज़्यादा दबाव है, स्वाति के ख़िलाफ़ गंदी बातें बोलनी हैं, उसकी पर्सनल फ़ोटोज़ लीक करके उसे तोड़ना है। ये बोला जा रहा है कि जो उसको सपोर्ट करेगा उसको पार्टी से निकाल देंगे। किसी को PC करने की और किसी को ट्वीट्स करने की ड्यूटी मिली है। किसी की ड्यूटी है अमेरीका में बैठे वॉलंटियर्स को फ़ोन करके मेरे ख़िलाफ़ कुछ निकलवाने को कहा गया है। आरोपित के कुछ करीबी बीट रिपोर्टर्स की ड्यूटी है कुछ फ़र्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन बनाकर लाओ।”

अपने ट्वीट में स्वाति ने यह बात पार्टी के बड़े नेता के हवाले से बताई है। उन्होंने अपने ट्वीट में आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “तुम हजारों की फौज को खड़ी कर दो। अकेले सामना करूँगी क्यों सच मेरे साथ है।” मालीवाल ने साफ इशारा कर दिया है कि खेल की शुरुआत करो, अंजाम तक मै पहुँचाऊँगी। यानि खेल बहुत खतरनाक होने वाला। जो चुनाव ख़त्म होने या परिणाम आने के बाद अपने चरम पर पहुंचता प्रतीत होता है। 

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति ने पोस्ट में यह भी कहा है कि उन्हें ऐसे नेताओं से कोई नाराजगी नहीं लेकिन आरोपित बहुत शक्तिशाली आदमी है। बड़े से बड़ा नेता भी उससे डरता है। किसी की हिम्मत नहीं उसके ख़िलाफ़ स्टैंड ले पाए। ऐसे में स्वाति के मुताबिक वो किसी से उम्मीद भी नहीं करती कि कोई उनके लिए खड़ा होगा। लेकिन उन्हें दुख इस बात का लगा कि दिल्ली की महिला मंत्री कैसे हंसते मुस्कुराते पार्टी की एक पुरानी महिला साथी का चरित्र हरण किया। स्वाति कहती हैं, “मैंने अपनी स्वाभिमान की लड़ाई शुरू की है, इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई लड़ती रहूँगी। इस लड़ाई में मैं पूरी तरह अकेली हूँ पर हार नहीं मानूँगी!”

सोशल मीडिया पर वायरल 
स्वाति मालीवाल का एक ट्वीट 
दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट के आरोप में 23 मई तक पुलिस हिरासत में लिए गए अरविंद केजरीवाल के पूर्व पीए को मुंबई से वापस दिल्ली ले आया गया। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि दिल्ली पुलिस बुधवार (22 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए रहे विभव कुमार को मुंबई से वापस ले आई है। उन्हें वहाँ एक दिन पहले उनके आईफोन के डेटा की खोज के लिए ले जाया गया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट के आरोप में 23 मई तक पुलिस हिरासत में लिए गए अरविंद केजरीवाल के पूर्व पीए को मुंबई से वापस दिल्ली ले आया गया। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि दिल्ली पुलिस बुधवार (22 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए रहे विभव कुमार को मुंबई से वापस ले आई है। उन्हें वहाँ एक दिन पहले उनके आईफोन के डेटा की खोज के लिए ले जाया गया था।

बताया जा रहा है कि विभव ने गिरफ्तारी से पहले अपने फोन को फॉर्मेट कर दिया था और डेटा किसी और को ट्रांसफर कर दिया था। पुलिस फिलहाल सारे एंगल पर पड़ताल कर रही है। विभव के फोन, लैपटॉप और केजरीवाल के घर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। कल यानी 23 मई को उसकी हिरासत खत्म हो रही है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 18 मई को विभव की 7 दिन की कस्टडी माँगी थी, लेकिन उन्हें 5 दिन की ही रिमांड मिली। उनके ऊपर दिल्ली की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी करने का आरोप है।

निर्भया की माँ ने केजरीवाल की चुप्पी पर उठाए सवाल; ‘खुद को दिल्ली का भाई-बेटा बताने वाला मुख्यमंत्री आवास में स्वाति मालीवाल से दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई’ नहीं होने पर चुप क्यों?

अरविंद केजरीवाल, निर्भया की माँ  और स्वाति मालीवाल 
दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश के महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ दुर्व्यवहार के मामले में अब निर्भया की माँ का बयान आया है। याद दिला दें कि 2012 में दिल्ली की एक बस में निर्भया (बदला हुआ नाम) के सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया था। कई दिनों तक जूझने के बाद निर्भया की मौत हो गई थी। इस गैंगरेप की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर नए कानून बने।

निर्भया की माँ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पूरी दिल्ली के CM हैं और पूरी जनता का उन पर विश्वास है, ऐसे में उन्हें इस मामले को लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। निर्भया की माँ ने याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल खुद कहते हैं कि वो दिल्ली के भाई और बेटे हैं। उन्होंने कहा कि भाई और बेटे के नाते अरविंद केजरीवाल को इस पर बोलना चाहिए, जिसने भी गलत किया है उस पर कार्रवाई करते हुए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल का समर्थन करना चाहिए।

निर्भया की माँ ने याद दिलाया कि स्वाति मालीवाल ने 8-10 साल अरविंद केजरीवाल के साथ महिलाओं के लिए काम किया। निर्भया की माँ ने कहा कि स्वाति मालीवाल की वजह से कई महिलाओं को न्याय मिला। निर्भया की माँ ने कहा कि वो खुद कई बार स्वाति मालीवाल से मिल चुकी हैं और कई महिलाओं की मदद को लेकर उन्होंने केस दर्ज करवाए हैं। निर्भया की माँ ने कहा कि स्वाति मालीवाल को न्याय दिलाने के लिए अरविन्द केजरीवाल को एक्शन लेना चाहिए।

निर्भया की माँ ने याद दिलाया कि स्वाति मालीवाल ने 8-10 साल अरविंद केजरीवाल के साथ महिलाओं के लिए काम किया। निर्भया की माँ ने कहा कि स्वाति मालीवाल की वजह से कई महिलाओं को न्याय मिला। निर्भया की माँ ने कहा कि वो खुद कई बार स्वाति मालीवाल से मिल चुकी हैं और कई महिलाओं की मदद को लेकर उन्होंने केस दर्ज करवाए हैं। निर्भया की माँ ने कहा कि स्वाति मालीवाल को न्याय दिलाने के लिए अरविन्द केजरीवाल को एक्शन लेना चाहिए।


लो भाई अब केजरीवाल ने अपनी लुगाई को बना दिया “झांसी की रानी लक्ष्मीबाई”; दिमाग से पैदल “आप” कह रही है, मोदी केजरीवाल की हत्या की साजिश कर रहे हैं ; लेकिन नहीं बता रहे CCTV footage क्यों बर्बाद की?

सुभाष चन्द्र 

देश के दुश्मनों से निपटने के हमारी सेना है, लेकिन समाजसेवा का चोला ओढ़े दुश्मनों से जनता को ही निपटना होगा। सेवानिर्वित RAW अधिकारी RPN Singh के अनुसार अरविन्द केजरीवाल देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। 

लेकिन फ्री की रेवड़ियों से नेता बने भारत विरोधियों के हाथ की कठपुतली बना केजरीवाल कभी अपने को भगत सिंह कहता है, कभी सिसोदिया को भगत सिंह बना देता है और अब नई खोज की है कि अपनी बीवी सुनीता केजरीवाल को “झांसी की रानी लक्ष्मीबाई” कह दिया। क्या युद्ध लड़ा इस “लक्ष्मीबाई” ने? केजरीवाल ने बताया कि मेरी गैरमौजूदगी में उन्होंने सारी जिम्मेदारियां ली, जब मैं जेल में था तब वो मुझसे मिलने आती थी”।

आज की झांसी की रानी की ऐसी खूबी सुनकर स्वर्ग में बैठी महारानी लक्ष्मीबाई ने सिर पीट लिया होगा और ऐसा ही हाल शहीद भगत सिंह का हुआ होगा सिसोदिया और केजरीवाल में अपना थोपा हुआ चेहरा देख कर। 

आज़ादी का संग्राम लड़ने वाले कभी केजरीवाल गिरोह की तरह भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं रहे, उनका एक लक्ष्य रहा भारत माता को आज़ाद कराना और केजरीवाल का कांग्रेस की तरह  बड़ा लक्ष्य रहा देश को लूटकर खाना। सिसोदिया का हो, सत्येंद्र जैन का हो, संजय सिंह का हो या अपना ही केस हो, सबको झूठे बताता नहीं थकता केजरीवाल लेकिन हर कोर्ट इन सबको आरोपी मान कर चल रहा है।

लेखक 
चर्चित youtuber 
कल(मई 21) सिसोदिया के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि सिसोदिया का आचरण लोकतांत्रिक सिद्धांतों के साथ बड़ा विश्वासघात है। उसने सबूत नष्ट किये और कुछ सबूत कोर्ट में पेश करने में विफल हुए। और दोष देते हैं CBI और ED को ट्रायल शुरू होने की देरी के लिए जबकि उन्हें इस देरी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

इतना बड़ा नौटंकी है केजरीवाल की आप कल्पना नहीं कर सकते। केजरीवाल ने अपने को सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए कभी स्याही अपने पर फिकवाई, कभी थप्पड़ लगवाए अपने ही कार्यकर्ताओं से और कभी जूता फेकने का काम किया इसके लोगों ने। अब दिल्ली मेट्रो में इसके लिए कुछ संदेश लिखे गए है जिन्हें देख कर पता चलता है कि वो शरारत इसी के लोगों की हो सकती है।

उन संदेशो में लिखा था - 

“केजरीवाल दिल्ली छोड़ दीजिए कृपया! अन्यथा आप उन तीन थप्पड़ को याद कर लीजिए जो आपको पूर्व के चुनाव में लगे थे। अब असली मुक्का/थप्पड़ जल्द लगेगा, झंडेवालान में आज की बैठक है”। एक अन्य संदेश में लिखा गया -

“दिल्ली के मुख्यमंत्री हमें छोड़कर चले जाएं, हमें अब मुफ्त चीज़ों की जरूरत नहीं है, मुख्यमंत्री आवास पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं” आगे यह भी लिखा है -

“आपको सुझाव दिया जाता है कि निम्नलिखित बिंदुओं का पालन करें …. जल बोर्ड का पारदर्शी ऑडिट कराए और संबंधित व्यक्ति/नेताओं की जिम्मेदारी तय की जाए, शराब नीति पर अंतिम रूप से आपका क्या कहना है और आपकी पार्टी या आपके नेताओं को इसमें कुल कितनी रिश्वत मिली और राघव चड्ढा का  नेत्र उपचार एम्स या आपकी पसंद के किसी भारतीय अस्पताल में कराएं, आपसे यह उम्मीद की जाती है”।

अब इन संदेशों को लेकर “आप” पार्टी के नेताओं ने तुरंत शिगूफा छेड़ दिया कि PMO में केजरीवाल की हत्या की साजिश की जा रही है। जबकि इन संदेशों में कोई हत्या की साजिश से जुड़ी कोई बात नज़र नहीं आ रही। बल्कि इनको देख कर लग रहा है जैसे स्याही, थप्पड़, जूते अपने ही लोगों से चलवाता था केजरीवाल, ये भी उसके लोगों ने ही लिखा है।  इसे रोज मीडिया में रहने की गंदी आदत है लेकिन जेल में कुछ दिन ब्लैकआउट हो गया था।

ये केजरीवाल का पुराना ड्रामा है। 2016 में भी कहा था, मोदी मेरी हत्या कराना चाहते हैं और फिर 2019 में यही शब्द बोले - अब फिर 2024 में कह रहा है - बकने दो - ये चुनाव शायद केजरीवाल का आखिरी चुनाव न हो।

विभव कुमार को लेकर मुंबई गई दिल्ली पुलिस, स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के बाद यहीं फॉर्मेट किया था फोन: जाँच के लिए SIT का गठन

स्वाति मालीवाल से मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर मारपीट मामले में आरोपित पूर्व PS बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस मुंबई लेकर पहुँची है। दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच के लिए बिभव कुमार को हवाई रास्ते से लेकर पहुँची है। बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ऐसा सबूत जुटाने के लिए कर रही है। जो मारपीट का असली कारण जान सके। मारपीट का असली कारण वकील अभिषेक मनु सिंघवी को राज्य सभा पहुँचाने के स्वाति मालीवाल से इस्तीफे देने के जोर देने पर हो सकता है मालीवाल ने घोटालों पर मुंह खोलने की धमकी देने पर इतनी बेदर्दी से पीटा गया हो। क्योकि दोनों ही केजरीवाल के बहुत पुराने साथी है। दूसरे, मुंबई जाकर फोन फॉर्मेट क्यों किया? क्या मुंबई जाकर किसी और से भी मिला था, मिला था क्यों? मामला सिर्फ मार-पिटाई तक नहीं, बहुत गहरे तार दिख रहे हैं। शंका है तार घोटालों से जुड़े हों, अगर शंका सही निकली मालीवाल, राघव चड्ढा, आतिशी मर्लेना और सौरभ आदि भी लपेटे में आएंगी। वैसे तिहाड़ जाते समय आतिशी और सौरभ का नाम तो अरविन्द ने ही लिया था। लेकिन अब तक क्या कार्यवाही हुई सामने नहीं आयी।   

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम बिभव कुमार को मुंबई में उस जगह पर लेकर जाएगी जहाँ उन्होंने अपना फोन फॉर्मेट किया था। यह बात दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट को भी बताई है। बताया गया था कि बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी के बाद अपना फोन फॉर्मेट कर दिया था।

दिल्ली पुलिस इस प्रयास में है कि वह बिभव कुमार फॉर्मेटेड किए गए फोन से डाटा वापस निकाल सके। इसके लिए ही वह बिभव कुमार को मुंबई में उस जगह ले जा रही है जहाँ उन्होंने फोन से सारा डाटा उड़ा चुके हैं। बिभव कुमार अभी पुलिस की हिरासत में हैं।

पुलिस इस पूरी घटना के अधिक से अधिक सबूत जुटाने में लगी हुई है। बिभव कुमार को इस मामले में शुक्रवार (16 मई, 2024) को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए घटना का रीक्रिएशन भी CM आवास में करवाया था। इसमें बिभव कुमार को भी ले जाया गया था।

दिल्ली पुलिस ने लगभग 20 लोगों के बयान भी इस मामले में दर्ज किए गए हैं। दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिभव कुमार CM आवास पर घटना वाले दिन क्यों पहुँची थी। मामले में कई डिवाइस की फॉरेंसिक जाँच भी करवाई जाएगी।

मामले में जाँच के लिए एक SIT का भी गठन हुआ है, इसमें सिविल लाइन्स थाने के अधिकारी भी शामिल हैं। उनके पास ही स्वाति मालीवाल शिकायत लेकर सबसे पहले पहुँची थी और इसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। यह भी बताया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर CM केजरीवाल के परिवार के लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं।

AAP राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने 13 मई, 2024 को आरोप लगाया था कि उनके साथ CM आवास में केजरीवाल के पूर्व PS बिभव कुमार ने मारपीट की। इस मामले में बाद में मालीवाल ने दिल्ली पुलिस के पास FIR भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद से इस मामले में AAP और स्वाति मालीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है।


जेल गया केजरीवाल तो “शुगर” का ड्रामा चलता रहा, जेल से बाहर आया तो स्वाति मालीवाल का लफड़ा कर दिया; इस आदमी को किसी तरह चैन नहीं है ; आतिशी का मुख्यमंत्री बनने की .000000001 प्रतिशत भी सम्भावना नहीं।

सुभाष चन्द्र

मुख्यमंत्री आवास में सांसद स्वाति मालीवाल के जो वीभत्स घटना हुई है मीलॉर्ड ने संज्ञान क्यों नहीं लिया अब तक। मीलॉर्ड ने ही कहा था कि वह habutal offender नहीं है। केजरीवाल के आवास में रहते किसी महिला के साथ मारपिटाई क्यों हुई? वह तो सांसद थी, इतना शोर मच भी गया, पता नहीं कितनों का शोषण हो चुका है। मीलॉर्ड इस तानाशाह प्रवत्ति के केजरीवाल को उसी वक़्त पहचान जाना चाहिए था, बल्कि सवाल करना था कि "गिरफ़्तारी उचित है या अनुचित" जेल जाने से पहले इस्तीफा क्यों नहीं दिया, जैसे लालू प्रसाद, हेमंत सोरेन आदि ने दिया था?

केजरीवाल ने जेल जाते ही रामायण और महाभारत मांगी थी। 

क्या कुछ पढ़ा होगा दोनों ग्रंथो में, वो ही जानता है रामायण में कहीं नहीं  लिखा कि दूसरे के घर में फूट डाल दो लेकिन केजरीवाल ने जमानत पर आते ही अगले ही दिन मोदी, योगी और शाह के बीच झगड़ा कराने की कोशिश की

लेखक 
चर्चित यूटूबर 
केजरीवाल ने कहा - “मोदी चुनाव के बाद योगी को हटा देंगे और अगले साल रिटायर होकर अमित शाह को प्रधानमंत्री बना देंगे।"

जाहिर है जवाब तो भाजपा को देना ही था और दिया अमित शाह ने कि मोदी जी PM रहेंगे 2029 तक और उसके बाद भी वही नेता रहेंगे

ये अमित शाह का जवाब पसंद नहीं आया “आप” को और संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल की बात का जवाब देने के लिए मोदी जी को आगे आना चाहिए 

यानी हर बात का जवाब मोदी देंगे, केजरीवाल क्या तानाशाह है? मोदी के आगे क्या है उसकी हैसियत? लेकिन केजरीवाल के घर पर उसके पूर्व PA बिभव कुमार ने महिला आयोग की 9 साल तक रही पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की बुरी तरह पिटाई की रामायण क्या पढ़ी फिर रावण ने सीता जी को हाथ नहीं लगाया लेकिन केजरीवाल ने घर बुला कर अपनी ही एक महिला नेता को पिटवा दिया। क्या यह सफेदपोशी गुंडागर्दी नहीं? 

30 घंटे बाद संजय सिंह का मुंह खुला और उसने कहा कि स्वाति के साथ CM के घर पर बहुत बुरा हुआ और इसके लिए विभव कुमार पर पार्टी कार्रवाई करेगी लेकिन मार्केट में खबरे चलीं कि केजरीवाल से बिना पूछे संजय बोला था जिसके लिए केजरीवाल बहुत खफा था और उसकी CLASS ली

13 तारीख की स्वाति की पिटाई के बाद आतिशी मार्लेना 4 दिन सन्नाटे में थी, कहीं कोई बयान नहीं था लेकिन परसों  प्रकट होकर स्वाति episode को भाजपा की साजिश बता दिया, आतिशी ने तो यहां तक कह दिया कि स्वाति पूरी तरह झूठ बोल रही है, उसकी कोई पिटाई नहीं हुई, उसको कोई चोट नहीं लगी वो भाजपा की साजिश के तहत CM हाउस गई और विभव कुमार पर झूठे आरोप लगा दिए आतिशी की बातों से साबित होता है कि केजरीवाल ने संजय की class ली थी

हर बात का जवाब मोदी से मांगने वाला केजरीवाल इस घटना पर खामोश है, वो नहीं बोला 5 दिन से बस आज(मई 18) धमकी देते हुए बोला है कि वो कल 12 बजे अपने और विपक्षी नेताओं के साथ भाजपा HO जाएगा, जिसको चाहें गिरफ्तार कर लें। पंजाब तो क्या दिल्ली से ही  उसके सारे विधायक और निगम पार्षद तक नहीं पहुंचे। इस अति गंभीर मुद्दे पर अंदरखाने पार्टी में ही द्वन्द चल रहा है। जो मई 19 को प्रदर्शन में सामने आ गया है। अगर मीडिया और पुलिस का जमावड़ा हटा दिया जाए, असलियत सामने आ जाएगी। लेकिन इतना तय है आतिशी का मुख्यमंत्री बनने की .000000001 प्रतिशत भी सम्भावना नहीं। 

आतिशी एक महिला होते हुए अपनी ही पार्टी की महिला नेता पर लांछन लगा कर ठीक नहीं कर रही मैं किसी के संबंधों पर comment नही करता लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि स्वाति के 9 साल महिला आयोग की अध्यक्ष रहना बताता है कि वह आतिशी के मुकाबले केजरीवाल के ज्यादा निकट थी। बेशर्मी से आधे-अधूरे वीडियो मत दिखाओ। CCTV फुटेज क्यों ख़त्म किये? किसने किये और क्यों? मालीवाल की चीखें सुन अरविन्द और सुनीता क्यों नहीं आए उसको बचाने? क्या यह कांड दोनों की मौजूदगी में हुआ? तुम भी एक महिला हो, पूछना चाहिए। याद करो, अब तक कितनी महिलाओं को अपमानित किया जा चुका है। 

जब केजरीवाल ने स्वाति की परवाह नहीं की और उसके घर में विभव कुमार के हाथों स्वाति की पिटाई हो गई तो आतिशी की तो कोई औकात है ही नहीं कल आतिशी का भी नंबर लग सकता है जो केजरीवाल के खिलाफ जाएगा उसे वो नहीं छोड़ेगा केजरीवाल को पता है उसके बाद कौन कौन शीश महल में घुसना चाहता है और ऐसे लोगों में आतिशी का नाम सबसे ऊपर है स्वाति के लिए तो बहुत विरोध हुआ आतिशी के लिए कौन बोलेगा?

विभव कुमार कल(मई 18) केजरीवाल के घर से गिरफ्तार हुआ है यह सबसे बड़ी मूर्खता की केजरीवाल ने, भला एक आरोपी को कोई CM लेवल का नेता अपने घर में कैसे protection दे सकता है? यह तो अपराधी को संरक्षण देने वाली बात हो गई जो अपने आप में एक अपराध है 

केजरीवाल अब भी मोदी जी को धमकी देते हुए कह रहा है - “जेल का खेल न खेलें PM मोदी, मेरे PA को भी गिरफ्तार कर लिया, ये PM है या थानेदार”? केजरीवाल जी अब तो थोड़ी होश की पी लो, चारों खाने चित हो मगर अकड़ संभाल कर रखी, जो पेड़ झुकते नहीं, वो कट जाते हैं

अब देखना है कि 2 जून को यदि यह वापस जेल गया तो क्या नया ड्रामा करेगा या फिर शुगर शुगर खेलेगा!