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केजरीवाल के PA विभव कुमार को नहीं मिली राहत, दिल्ली की कोर्ट ने 28 मई तक भेजा जेल


स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में आरोपित विभव कुमार को पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह फैसला दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सुनाया है। अब विभव 28 मई तक जेल में रहेंगे।

मई 14 को संजय सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बिभव द्वारा स्वाति मालीवाल के साथ की बदसलूकी का संज्ञान लिया है और कार्यवाही करने की बात कही है। लेकिन अगले ही दिन तीनों बिभव,अरविन्द और संजय एक साथ लखनऊ में दिखाई दिए। ये थी कार्यवाही। फिर अपने PA बिभव के पक्ष में धरना और प्रदर्शन करते हैं। आखिर ये ढोंग क्यों?  

सुनवाई के दौरान कोर्ट में विभव के वकील ने एकबार फिर इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल खड़ा किया। इसके अलावा ये भी कहा कि न्यायिक हिरासत या पुलिस हिरासत दोनों ही आरोपित की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं, किसी भी चीज की माँग उचित होनी चाहिए।

इस सुनवाई के दौरान विभव ने कोर्ट में एक एप्लीकेशन में डाली जिसमें माँग थी कि जाँच के दौरान जो भी डीवीआर मिले हैं उन्हें संरक्षित किया जाए और रिकॉर्ड पर रखा जाए। हालाँकि पब्लिक प्रोजिक्यूटर ने इस एप्लीकेशन का विरोध किया और कहा कि ये बात कहने के लिए ये मंच नहीं है। इस माँग को खारिज किया जाए।

वहीं कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस ने कहा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार उन्होंने विभव कुमार के परिवार के सदस्यों और वकील को विभव से मिलने की अनुमति दी थी।

इससे पहले खबर आई थी विभव कुमार पुलिस हिरासत में थे जहाँ कहा जा रहा था कि वो जाँच में सहयोग नहीं कर रहे । इसके अलावा उनके ऊपर अपना फोन फॉर्मेट करने का भी आरोप लगा था। पुलिस ने उनके घर से बरामद सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है।

स्वाति मालीवाल के इस पूरे मामले में एक ओर जहाँ दर्ज शिकायत के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है तो वहीं स्वाति मालीवाल का एक इंटरव्यू सामने आया था। उन्होंने ANI पॉडकास्ट पर स्मिता प्रकाश को कहा था, “अगर मेरी राज्यसभा सीट उनको वापस चाहिए थी, तो अगर प्यार से माँगते तो मैं जान भी दे देती, राज्यसभा सीट तो बहुत छोटी चीज है।”

उन्होंने कहा था, “मैंने कभी भी पद की लालसा नहीं दिखाई, मैं 2006 में तब जुड़ी थी जब कोई किसी को जानता नहीं था। मैंने जमीन से जुड़ कर काम किया है। 2006 से 2012 तक सारे ऑपरेशन चलाए हैं। मैं 3-4 लोगों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति थी।”

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई, 2024 को दिल्ली CM के आधिकारिक आवास पर मारपीट हुई थी। उनके साथ यह मारपीट दिल्ली CM केजरीवाल के पूर्व PS विभव कुमार ने की थी। इस घटना को लेकर स्वाति मालीवाल ने FIR भी दर्ज करवाई थी। उन्होंने एफआईआर में कई आरोप लगाए थे जिसके बाद पुलिस ने विभव को गिरफ्तार किया। पहले विभव को पुलिस हिरासत में भेजा गया और न्यायिक हिरासत में।

विभव कुमार को लेकर मुंबई गई दिल्ली पुलिस, स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के बाद यहीं फॉर्मेट किया था फोन: जाँच के लिए SIT का गठन

स्वाति मालीवाल से मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर मारपीट मामले में आरोपित पूर्व PS बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस मुंबई लेकर पहुँची है। दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच के लिए बिभव कुमार को हवाई रास्ते से लेकर पहुँची है। बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ऐसा सबूत जुटाने के लिए कर रही है। जो मारपीट का असली कारण जान सके। मारपीट का असली कारण वकील अभिषेक मनु सिंघवी को राज्य सभा पहुँचाने के स्वाति मालीवाल से इस्तीफे देने के जोर देने पर हो सकता है मालीवाल ने घोटालों पर मुंह खोलने की धमकी देने पर इतनी बेदर्दी से पीटा गया हो। क्योकि दोनों ही केजरीवाल के बहुत पुराने साथी है। दूसरे, मुंबई जाकर फोन फॉर्मेट क्यों किया? क्या मुंबई जाकर किसी और से भी मिला था, मिला था क्यों? मामला सिर्फ मार-पिटाई तक नहीं, बहुत गहरे तार दिख रहे हैं। शंका है तार घोटालों से जुड़े हों, अगर शंका सही निकली मालीवाल, राघव चड्ढा, आतिशी मर्लेना और सौरभ आदि भी लपेटे में आएंगी। वैसे तिहाड़ जाते समय आतिशी और सौरभ का नाम तो अरविन्द ने ही लिया था। लेकिन अब तक क्या कार्यवाही हुई सामने नहीं आयी।   

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम बिभव कुमार को मुंबई में उस जगह पर लेकर जाएगी जहाँ उन्होंने अपना फोन फॉर्मेट किया था। यह बात दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट को भी बताई है। बताया गया था कि बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी के बाद अपना फोन फॉर्मेट कर दिया था।

दिल्ली पुलिस इस प्रयास में है कि वह बिभव कुमार फॉर्मेटेड किए गए फोन से डाटा वापस निकाल सके। इसके लिए ही वह बिभव कुमार को मुंबई में उस जगह ले जा रही है जहाँ उन्होंने फोन से सारा डाटा उड़ा चुके हैं। बिभव कुमार अभी पुलिस की हिरासत में हैं।

पुलिस इस पूरी घटना के अधिक से अधिक सबूत जुटाने में लगी हुई है। बिभव कुमार को इस मामले में शुक्रवार (16 मई, 2024) को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए घटना का रीक्रिएशन भी CM आवास में करवाया था। इसमें बिभव कुमार को भी ले जाया गया था।

दिल्ली पुलिस ने लगभग 20 लोगों के बयान भी इस मामले में दर्ज किए गए हैं। दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिभव कुमार CM आवास पर घटना वाले दिन क्यों पहुँची थी। मामले में कई डिवाइस की फॉरेंसिक जाँच भी करवाई जाएगी।

मामले में जाँच के लिए एक SIT का भी गठन हुआ है, इसमें सिविल लाइन्स थाने के अधिकारी भी शामिल हैं। उनके पास ही स्वाति मालीवाल शिकायत लेकर सबसे पहले पहुँची थी और इसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। यह भी बताया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर CM केजरीवाल के परिवार के लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं।

AAP राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने 13 मई, 2024 को आरोप लगाया था कि उनके साथ CM आवास में केजरीवाल के पूर्व PS बिभव कुमार ने मारपीट की। इस मामले में बाद में मालीवाल ने दिल्ली पुलिस के पास FIR भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद से इस मामले में AAP और स्वाति मालीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है।