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पंजाब :केजरीवाल ने शुरू किए मुख्यमंत्री भगवंत मान के पर कतरने, स्वाति मालीवाल के आरोपी बिभव कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी; आतिशी के शपथ समारोह में भी नहीं बुलाया

                                                                                                                                   साभार 
दिल्ली के शराब घोटाले में जेल से जमानत पर रिहा हुए अरविंद केजरीवाल अब नए खेल में जुट गए हैं। केजरीवाल की कभी पहली पसंद नहीं रहे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वे पर कतरने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा उनके जेल में रहते जिस बिभव कुमार ने आप नेता स्वाति मालीवाल से मारपीट की थी, उसको पुरस्कार स्वरूप प्रमोट करने की तैयारी केजरीवाल ने कर ली है। दरअसल, वो एक तीर से दो निशाने साधने की फिराक में हैं। आप संयोजक केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री पर नजदीक से नजर रखने के लिए अपने दो खासमखास को मान के इर्द-गिर्द नियुक्त करने की फिराक में हैं। इनमें से एक बिभव कुमार हो सकते हैं। केजरीवाल और भगवंत मान के रिश्ते काफी समय से ठीक नहीं चल रहे हैं। खासकर केजरीवाल के जेल जाने, लोकसभा चुनाव के लिए फंड न मिल पाने और लोकसभा चुनाव में पंजाब में आप के खराब प्रदर्शन ने इन दोनों के रिश्तों में और कड़वाहट घोल दी है।

भगवंत को हटाना पंजाब से केजरीवाल पार्टी पर उल्टा पड़ने की संभावनाएं की जा रही है। यह भी संभावनाएं की जा रही है कि भगवंत केजरीवाल के खालिस्तान सम्बन्धों को बेनकाब कर केजरीवाल को मुसीबत में डाल सकते हैं। क्योकि पंजाब में केजरीवाल सरकार ही आतंकवादियों के समर्थन से बनी है। 

आप की राज्यसभा सांसद मालीवाल को केजरीवाल के करीबी ने कूटा था
पहले बात स्वाति मालीवाल की। इसी साल 13 मई को यह जानकारी आई कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार ने सीएम आवास पर आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापक सदस्यों में से एक और वर्तमान में आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की। यह सवाल तभी से दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है कि आखिर इस शर्मनाक घटना के पीछे कारण क्या रहा होगा? मारपीट और अपमानित करने वाली यह घटना इसलिए और जटिल लगी, क्योंकि बिभव कुमार तो केजरीवाल के एनजीओ के दिनों से ही करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। दूसरी ओर स्वाति मालीवाल का भी उस सेटअप में लंबे समय तक अपना कद रहा। बाद में वो राज्यसभा सांसद बनी। मालीवाल की एफआईआर में रोंगटे खड़े कर देने वाले विवरण हैं कि कैसे बिभव कुमार ने उनकी छाती, पेट पर निर्ममता से पिटाई की।

केजरीवाल ने अपने वकील को राज्यसभा में भेजने के लिए चली चालें
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मालीवाल द्वारा आप के राज्यसभा सांसद के रूप में पद छोड़ने के लिए पूर्व-मसौदा त्याग पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के कारण केजरीवाल के करीबी सहयोगी ने उन पर हमला किया। दरअसल, पार्टी नेतृत्व यानि केजरीवाल जेल से ही खेल करने में व्यस्त थे। वो मालीवाल की सीट को एक वरिष्ठ वकील को देना चाहते थे, जो अदालतों में उनके मुकदमे देख रहे हैं। मालीवाल को दिल्ली से आप के राज्यसभा सदस्य के रूप में चुना गया था। उनके पद छोड़ने पर राज्यसभा सीट के लिए होने वाले उप-चुनाव (अगर ऐसी स्थिति बनी तो) के लिए आप जिसे भी टिकट देगी, उसका जीतना लगभग तय है। जब केजरीवाल को (आबकारी नीति मामले में) गिरफ्तार किया गया, तो मालीवाल विदेश में थीं।

स्वाति मालीवाल से मारपीट का बिभव को ईनाम देना चाहते हैं केजरीवाल
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल एक तरह से स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोपी बिभव कुमार को प्रमोशन देने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिभव कुमार को पंजाब सरकार में अहम पद देने की तैयारी हो चुकी है। उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान का चीफ एडवाइजर या फिर ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) बनाने की इंटरनल प्रोसेस लगभग पूरी हो चुकी है। दरअसल, बिभव कुमार, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद लोगों में से एक हैं। केजरीवाल के घर स्वाति मालीवाल से बदसलूकी के आरोप में बिभव जेल गए थे। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी। उनका ये कदम केजरीवाल के पक्ष में गया। उन्हें दिल्ली सरकार में पीए रखने पर सवाल उठते और विपक्ष को मौका मिल जाता। इसलिए केजरीवाल ने उन्हें पंजाब में बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है।

केजरीवाल की आंख-कान है बिभव और पार्टी के फाउंडर मेंबर भी
बिभव की नियुक्ति से दो मकसद पूरे होंगे। पहला बिभव कुमार को दोबारा बड़ी जिम्मेदारी मिल जाएगी और दूसरा उनके जरिए सीएम भगवंत मान पर कंट्रोल किया जा सकेगा। बिभव कुमार पार्टी के फाउंडर मेंबर्स में से एक हैं। केजरीवाल के आंख कान की तरह हमेशा एक्टिव रहते थे। स्वाति मालीवाल केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिभव जब तक आरोपी हैं, तब तक वे दिल्ली के CM हाउस नहीं जा सकते। इसके अलावा PA के पद पर उनकी बहाली नहीं की जा सकती है। बिभव पद पर रहें या न रहें, केजरीवाल के आंख-कान बने रहेंगे। अब केजरीवाल भी मुख्यमंत्री नहीं हैं। बिभव सिर्फ केजरीवाल के पीए ही नहीं थे, बल्कि वे विधायकों और काउंसलर्स को सीधे निर्देश देते थे। अब पंजाब में वे यही काम करेंगे।

आतिशी के शपथ ग्रहण समारोह में भगवंत मान को नहीं मिला न्योता

अब बात पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की। केजरीवाल और मान के बीच मतभेद की खबरें आए दिन राजनीतिक हलकों में तैरने लगी हैं। हालांकि भगवंत मान सीएम के रूप में केजरीवाल की पहली पसंद कभी थे ही नहीं। दूसरी पसंद का राज्य में स्कोप नहीं था। इसलिए सीएम की कुर्सी भगवंत मान को सौंपने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। केजरीवाल के जेल जाने, लोकसभा चुनाव के लिए फंड न मिल पाने और लोकसभा चुनाव में पंजाब में आप के खराब प्रदर्शन ने इन दोनों के रिश्तों में और कड़वाहट घोल दी है। अब अरविंद केजरीवाल, सीएम भगवंत मान की ताकत कम करने में जुटे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इसका असर दिखने भी लगा है। आतिशी के शपथ ग्रहण समारोह से भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं पहुंचे थे। उम्मीद की जा रही थी कि केजरीवाल उन्हें बुलाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भगवंत मान को न्योता तक न देना केजरीवाल का कड़ा मैसेज था। दरअसल, केजरीवाल और पार्टी के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी का असर पंजाब में नहीं दिखा। गिरफ्तारी पर वहां न तो कोई बड़ा विरोध-प्रदर्शन हुआ, ना ही दिल्ली में विरोध जताने के लिए नेताओं का कोई बड़ा जत्था पहुंचा। लोकसभा चुनाव में पंजाब सरकार से फंड के तौर पर पार्टी को कोई खास मदद नहीं मिली।

भगवंत मान की जगह दूसरे नेता को CM नियुक्त करने की खबरें
पंजाब में भगवंत मान की जगह दूसरे CM को नियुक्त करने की खबर भी मीडिया में आई। सोर्स बताते हैं कि ये खबर भी आम आदमी पार्टी की दिल्ली की सोशल मीडिया टीम के जरिए बेहद सुनियोजित तरीके से प्लान की गईं थीं। ये खबरें तब उड़वाई गईं, जब भगवंत मान बीमारी के कारण हॉस्पिटल में एडमिट थे। केजरीवाल और मान के बीच मतभेद इससे भी जगजाहिर होते हैं कि एक साल में भगवंत मान के दो करीबी अधिकारियों की आप के दबाव में विदाई कर दी गई। भगवंत मान के OSD और उनके खास लोगों में से एक ओंकार सिंह को 23 अगस्त, 2024 को हटा दिया गया। ओंकार सिंह, भगवंत मान के बेहद करीबी माने जाते हैं। मान की सीट धुरी में वे बहुत एक्टिव थे। मान के CM बनने बाद उनकी सीट का सारा काम ओंकार के जिम्मे ही था। इसी तरह जनसंपर्क विभाग में ओएसडी रहे मंजीत सिंह सिद्धू को 2023 में हटाया गया था। वे भगवंत मान के बेहद करीबी बताए जाते हैं। हालांकि, मंजीत सिंह सिद्धू को केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ही हटा दिया गया था। कहा जाता है कि सिद्धू भी दिल्ली के मुखिया और उनकी टीम को खटकते थे। इसके अलावा भी CM भगवंत मान के स्टाफ में लगातार बदलाव हो रहे हैं। इन्हीं दो पदों पर बिभव कुमार और विजय नायर बैठेंगे। इससे पंजाब की हर बात दिल्ली तक पहुंचती रहेगी।

विजय नायर को पंजाब के सीएम की टीम में संभालेंगे नई जिम्मेदारी!
केजरीवाल ने भगवंत मान पर लगाम कसनी शुरू कर दी है। इसके लिए दिल्ली से दो खास लोगों को बड़ी जिम्मेदारी देकर पंजाब भेजने की तैयारी है। इनमें एक तो बिभव कुमार हैं और दूसरा चौंकाने वाला नाम है विजय नायर का। नायर यूं तो पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के करीबी हैं। लेकिन उनका नाम भी दिल्ली शराब घोटाले में शामिल हैं और वे 23 महीने जेल की हवा भी खा आए हैं। मनीष सिसोदिया की ओर से विजय नायर का नाम पंजाब में खास पोजिशन के लिए प्रपोज किया गया था। ये प्रपोजल मंजूर भी कर लिया गया है। विजय नायर जेल जाने से पहले आम आदमी पार्टी में कम्युनिकेशन हेड थे। फिलहाल उनके पास कोई पद या जिम्मेदारी नहीं है। विजय नायर को 27 सितंबर, 2022 को दिल्ली शराब घोटाला केस में गिरफ्तार किया गया। इस केस में ये पहली गिरफ्तारी थी। जांच एजेंसी के हाथ शराब घोटाले की सबसे पहली कहानी नायर के जरिए ही सामने आई।

फंड रेजर और इवेंट मैनेजर रहे, दिल्ली चुनाव में मिलेगी मदद
विजय नायर AAP से 2014-15 से जुड़े हुए हैं। तब उनका प्रोफाइल सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट, फंड रेजर और पार्टी के लिए इवेंट मैनेजर का था। 2019 में नायर का प्रोफाइल बदला और उन्हें कैंपेनिंग का जिम्मा दिया गया। विजय नायर ने ठीक काम किया तो 2020 में उनका प्रमोशन हो गया। इसके बाद वे एडवाइजर के तौर पर भी पार्टी में स्थापित हो गए। पॉलिसी मैटर, चुनाव प्रचार और घोषणा पत्र में भी उनका दखल शुरू हो गया। अब दिल्ली में विधानसभा चुनाव को 3-4 महीने ही बचे हैं। ऐसे में विजय नायर पंजाब में अहम पद पर रहते हुए फंड रेजर, इलेक्शन स्ट्रैटजिस्ट और सोशल मीडिया कैंपेनिंग का मोर्चा संभालेंगे। दिल्ली में फरवरी तक विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। पार्टी के बड़े नेता कई महीनों तक जेल में रहे। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने चुनौती है कि वो एंटी इनकम्बेंसी खत्म करे, जो बेहद मुश्किल है। इसके अलावा चुनाव में फंड की जरूरत भी होगी। ऐसे में बिभव कुमार और विजय नायर को पंजाब भेजना पार्टी के लिए अहम हो जाता है।

स्वाति मालीवाल की पिटाई के बाद बिभव कुमार के साथ मौजूद थे केजरीवाल, दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खुलासा: संजय सिंह और आतिशी के बयान बदलने को लेकर भी जाँच


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपने पूर्व सचिव बिभव कुमार के साथ राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर हमले के बाद मौजूद थे। यह जानकारी दिल्ली पुलिस की चार्जशीट से निकल कर आई है। बिभव कुमार ने दिल्ली मुख्यमंत्री आवास में AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर हमला किया था।

आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच करके पता लगा रही है कि क्या स्वाति मालीवाल पर हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। दिल्ली पुलिस ने मामले के सभी एंगल को जाँचते हुए हाई कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बताया गया है कि जब बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल को पीट दिया, उसके बाद CM केजरीवाल भी घटनास्थल पर आ गए। चार्जशीट में बिभव पर स्वाति मालीवाल को 7-8 चांटे मारने का आरोप लगा है।

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद AAP नेताओं ने अपने बयान बदले। दिल्ली पुलिस ने कहा कि AAP राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने पहले बिभव कुमार की निंदा की लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान अपने पुराने बयान को नहीं दोहराया और बिभव कुमार को बचाने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस इसी कारण से इस मामले में बड़ी साजिश का एंगल तलाश रही है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि जहाँ मारपीट हुई, वहाँ के कुछ CCTV फुटेज मीडिया में जानबूझ कर लीक किए गए। दिल्ली पुलिस ने इसी के साथ उस ऑटो ड्राईवर का बयान भी इस घटना के विषय में लिया है, जिसने मारपीट के बाद स्वाति मालीवाल को CM आवास से उनके घर तक पहुँचाया था।

इससे पहले बिभव कुमार के CM आवास में मौजूद होने को लेकर कोर्ट ने भी प्रश्न उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने बिभव कुमार की इस मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि एक गुंडे की CM आवास में क्या जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वाति मालीवाल पर हमले को लेकर बिभव कुमार से शर्म करने को कहा था और जमानत याचिका ठुकरा दी थी।

बिभव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने 13 मई, 2024 को CM केजरीवाल से मिलने आई AAP की राज्यसभा सांसद से मारपीट की। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि उन पर बिभव कुमार ने हमला किया और उनको जमीन पर गिरा कर मारा। स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनकी पिटाई के दौरान CM केजरीवाल के आवास में मौजूद लोगों ने उनकी मदद नहीं की।

दिल्ली : स्वाति मालीवाल से बदसलूकी पर 500 पन्नों की चार्जशीट, दिल्ली पुलिस ने बताया- बिभव कुमार पर केस चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य; 100 लोगों से पूछताछ, 50 गवाह…

 

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले के दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में आरोपित बिभव कुमार के खिलाफ 500 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। अभी तक आई जानकारी के अनुसार, 100 लोगों से पूछताछ के बाद इस चार्जशीट में 50 लोगों के बयान जोड़े गए हैं जिन्हें गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

गवाहों की लिस्ट में घटना के दौरान मुख्यमंत्री आवास में मौजूद दिल्ली पुलिस के सुरक्षा यूनिट के पुलिसकर्मियों, जाँच से जुड़े पुलिसकर्मी, मालीवाल की मेडिकल जाँच करने वाले एम्स के डाक्टरों व अन्य शामिल हैं। आरोप पत्र में पुलिस ने दावा किया है कि कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। बिभव के ऊपर सबूतों से छेड़छाड़, फोन फॉर्मेट करने, पासवर्ड छिपाने, सीसीटीवी फुटेज मिटाने आदि का आरोप लगा है।

जानकारी के मुताबिक ये चार्जशीट मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गौरव गोयल की अदालत में दाखिल की गई, जिन्होंने बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत को 30 जुलाई तक बढ़ाया था। बिभव कुमार इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए और अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि 30 जुलाई को बिभव को फिजिकली वहाँ प्रेसेंट होना होगा।

सुनवाई के दौरान अदालत को अभियोजन पक्ष ने बताया कि पुलिस ने आरोपित के खिलाफ चार्जशीट में आईपीसी की धारा 201 (अपराध के साक्ष्य को गायब करना), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 341 (गलत तरीके से रोकना), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना), 354 बी (महिला का वस्त्र हरण करने के इरादे से उसके खिलाफ बल प्रयोग), 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (किसी भी शब्द, हाव-भाव या वस्तु का उपयोग करके महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना) को जोड़ा है।

स्वाति मालीवाल मारपीट केस

उल्लेखनीय है कि 13 मई को सीएम आवास पर स्वाति मालीवाल से बदसलूकी करने का आरोप बिभव कुमार पर लगा था। स्वाति ने सामने आकर बताया था कि बिभव ने उन्हें छाती, पेट और कमर पर मारा था। इसके बाद बिभव को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और पूरे मामले में जाँच हुई थी। इस बीच बिभव ने कई बार बेल की गुहार लगाई। हालाँकि कोर्ट ने सबूतों को मिटाने और गवाहों को प्रभावित करने वाले बिंदु पर गौर करते हुए बेल खारिज कर दी। पहली याचिका ट्रायल कोर्ट में 27 मई को खारिज हुई। फिर 7 जून को और आखिरी वाली 12 जुलाई को।

हाई कोर्ट पहुँचे विभव कुमार कहा: ‘मेरी गिरफ्तारी अवैध, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ हो जाँच’ : माँगा मुआवजा; सुनीता केजरीवाल के खिलाफ भी कोर्ट में वीडियो बनाने पर PIL

The News चैनल के अनुसार कोर्ट में अरविन्द केजरीवल की चल रही कार्यवाही का वीडियो बनाने के विरुद्ध PIL फाइल की गयी है, किसी अन्य चैनल से इस समाचार की पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन अगर इस चैनल की माने तो मुसीबत केवल अरविन्द ही नहीं परिवार और पार्टी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

   

दूसरी ओर बिभव कुमार जिस दलील को लेकर हाई कोर्ट पहुंचा है, उसमे और केजरीवाल की दलीलों में बहुत समानताएं है। दोनों अपनी गिरफ़्तारी को अवैध बता रहे हैं। दोनों ही सबूतों और बयानों में नाम शामिल होने को गलत बता रहे हैं। दोनों ही अपने मोबाइल का पासवर्ड नहीं बता रहे।   

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रहे विभव कुमार ने बुधवार (29 मई 2024) को दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ गुहार लगाई है। विभव ने गिरफ्तारी को पूरी तरह से 
‘अवैध’ बताया है। खबरों की मानें तो कुमार ने इस संबंध में एक रिट याचिका डाली है, जिसमें उन्होंने माँग की है कि उनकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया जाए, उन्हें इस अवैध गिरफ्तारी का मुआवजा मिले और जिसने उनके खिलाफ कार्रवाई की है उनपर एक्शन लिया जाए।

कुमार के खिलाफ दिल्ली राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोप हैं। मालीवाल ने पुलिस के बयान और अपने कई इंटरव्यू में बताया है कि कुमार ने सीएम आवास में उनसे साथ बदसलूकी की और उन्हें खूब मारा-पीटा।

मालीवाल के आरोपों के अनुसार, कुमार ने मालीवाल के साथ गाली-गलौच की। उन्हें इस तरह मारा की उनका सिर जाकर सेंटर टेबल से अड़ा। फिर उन्हें उठाया गया जिसमें उनके कुर्ते के बटन तक खुल गए। स्वाति बताती हैं कि इस घटना के दौरान वो खूब चिल्लाईं लेकिन कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

इस मामले में फिलहाल विभव न्यायिक हिरासत में है। कल उनकी हिरासत कोर्ट ने तीन दिन के लिए और बढ़ा दी है। उन्होंने पहले तीस हजारी कोर्ट में बेल की माँग की थी। हालाँकि कोर्ट ने स्वाति मालीवाल और दिल्ली पुलिस का पक्ष सुनने के बाद उन्हें बेल देने से मना कर दिया था।

स्वाति इस सुनवाई के दौरान रोने भी लगी थीं। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि अगर विभव को रिहाई दी गई तो उनकी जान के लिए और उनके परिवार के लिए वो खतरा हो सकता है।


निकाले जाएँ CM केजरीवाल के कॉल रिकॉर्ड्स : NCW का आदेश; विभव कुमार की जमानत याचिका ख़ारिज, सुनवाई में YouTuber ध्रुव राठी का भी जिक्र

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के PA रहे विभव कुमार की जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी है। जस्टिस सुशिल अनुज त्यागी ने ये फैसला सुनाया। 18 मई, 2024 को विभव कुमार को गिरफ्तार किया गया था और उसे 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था। 24 मई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आरोप है कि उसने स्वाति मालीवाल के पेट, छाती, पाँव और प्राइवेट पार्ट पर प्रहार किया।

वहीं दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि इस घटना का वीडियो फुटेज CCTV से गायब है। पुलिस ने आशंका जताई है कि इसके पीछे कुछ तकनीकी कारण भी हो सकता है, वहीं ये जानबूझकर किया गया भी हो सकता है। दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया गया कि विभव कुमार को अरविंद केजरीवाल के PA के पद से हटाए जाने के बावजूद CM आवास में सब उससे आदेश ले रहे थे, ये दिखाता है कि वो प्रभावशाली है। वहीं स्वाति मालीवाल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जान से मार डालने और बलात्कार की धमकियाँ मिल रही हैं।

उन्होंने बताया कि ध्रुव राठी द्वारा इस घटना पर वीडियो बनाने के बाद ये सब हो रहा है। स्वाति मालीवाल का कहना है कि अगर विभव कुमार बाहर आता है तो उन्हें और उनके परिवार को खतरा है। इस फैसले के बाद विभव कुमार अब दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करेगा। AAP ने अपने एक बयान में ये जानकारी दी है। उधर NCW (राष्ट्रीय महिला आयोग) ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में जुड़े लोगों के कॉल रिकार्ड्स निकालने को कहा है।

दिल्ली के CM और AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल के कॉल रिकॉर्ड्स भी खँगाले जाएँगे। संस्था ने कहा कि ये सूचना मिली है कि स्वाति मालीवाल के CM आवास पहुँचते ही विभव कुमार को फोन कॉल कर के बुलाया गया, ऐसे में ये पता लगाया जाना ज़रूरी है कि किसके आदेश पर ऐसा हुआ। पुलिस कमिश्नर को NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पत्र भेजा है। साथ ही स्वाति मालीवाल को धमकी देने वालों के खिलाफ 3 दिन के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा गया है।

केजरीवाल के PA विभव कुमार को नहीं मिली राहत, दिल्ली की कोर्ट ने 28 मई तक भेजा जेल


स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में आरोपित विभव कुमार को पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह फैसला दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सुनाया है। अब विभव 28 मई तक जेल में रहेंगे।

मई 14 को संजय सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बिभव द्वारा स्वाति मालीवाल के साथ की बदसलूकी का संज्ञान लिया है और कार्यवाही करने की बात कही है। लेकिन अगले ही दिन तीनों बिभव,अरविन्द और संजय एक साथ लखनऊ में दिखाई दिए। ये थी कार्यवाही। फिर अपने PA बिभव के पक्ष में धरना और प्रदर्शन करते हैं। आखिर ये ढोंग क्यों?  

सुनवाई के दौरान कोर्ट में विभव के वकील ने एकबार फिर इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल खड़ा किया। इसके अलावा ये भी कहा कि न्यायिक हिरासत या पुलिस हिरासत दोनों ही आरोपित की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं, किसी भी चीज की माँग उचित होनी चाहिए।

इस सुनवाई के दौरान विभव ने कोर्ट में एक एप्लीकेशन में डाली जिसमें माँग थी कि जाँच के दौरान जो भी डीवीआर मिले हैं उन्हें संरक्षित किया जाए और रिकॉर्ड पर रखा जाए। हालाँकि पब्लिक प्रोजिक्यूटर ने इस एप्लीकेशन का विरोध किया और कहा कि ये बात कहने के लिए ये मंच नहीं है। इस माँग को खारिज किया जाए।

वहीं कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस ने कहा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार उन्होंने विभव कुमार के परिवार के सदस्यों और वकील को विभव से मिलने की अनुमति दी थी।

इससे पहले खबर आई थी विभव कुमार पुलिस हिरासत में थे जहाँ कहा जा रहा था कि वो जाँच में सहयोग नहीं कर रहे । इसके अलावा उनके ऊपर अपना फोन फॉर्मेट करने का भी आरोप लगा था। पुलिस ने उनके घर से बरामद सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है।

स्वाति मालीवाल के इस पूरे मामले में एक ओर जहाँ दर्ज शिकायत के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है तो वहीं स्वाति मालीवाल का एक इंटरव्यू सामने आया था। उन्होंने ANI पॉडकास्ट पर स्मिता प्रकाश को कहा था, “अगर मेरी राज्यसभा सीट उनको वापस चाहिए थी, तो अगर प्यार से माँगते तो मैं जान भी दे देती, राज्यसभा सीट तो बहुत छोटी चीज है।”

उन्होंने कहा था, “मैंने कभी भी पद की लालसा नहीं दिखाई, मैं 2006 में तब जुड़ी थी जब कोई किसी को जानता नहीं था। मैंने जमीन से जुड़ कर काम किया है। 2006 से 2012 तक सारे ऑपरेशन चलाए हैं। मैं 3-4 लोगों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति थी।”

AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई, 2024 को दिल्ली CM के आधिकारिक आवास पर मारपीट हुई थी। उनके साथ यह मारपीट दिल्ली CM केजरीवाल के पूर्व PS विभव कुमार ने की थी। इस घटना को लेकर स्वाति मालीवाल ने FIR भी दर्ज करवाई थी। उन्होंने एफआईआर में कई आरोप लगाए थे जिसके बाद पुलिस ने विभव को गिरफ्तार किया। पहले विभव को पुलिस हिरासत में भेजा गया और न्यायिक हिरासत में।

‘उसके बारे में गंदी बातें करो, उसकी पर्सनल फोटो लीक करो’: स्वाति मालीवाल ने खोला AAP का गेम; केजरीवाल का नार्को टेस्ट करे दिल्ली पुलिस : जयहिंद मालीवाल का पूर्व पति; वीडियो

एक कहावत है कि जब सियार की मौत आती है शहर की तरफ भागता है, यानि हमज़ुल्फ़ रही स्वाति मालीवाल के साथ मारपिटाई कर अरविन्द केजरीवाल ने भिड़ के छत्ते को छेड़ दिया है। अरविन्द केजरीवाल और स्वाति मालीवाल की लड़ाई कहाँ तक जाएगी और इसका आम आदमी पार्टी के पतन में कितना योगदान होगा, भविष्य के गर्भ में छिपा है। सोशल मीडिया पर चर्चा है भी है कि मालीवाल ने आतिशी मर्लेना को कहा है कि 'तुम बच्ची हो....अगर मैंने मुंह खोला केजरीवाल अपनी फॅमिली में भी मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा...' आप से जुडी शाज़िया इल्मी ने भी एक चैनल को इंटरव्यू में केजरीवाल को 'शौक़ीन' बताया, यानि ये आग बहुत दूर तक जाने वाली है। ईमानदार केजरीवाल का नकाब बहुत जल्दी उठने वाला है।   

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से बदसलूकी मामले में जहाँ दिल्ली पुलिस विभव कुमार को मुंबई से वापस दिल्ली ले आई है, तो वहीं उनकी एक हरकत की वजह से आम आदमी पार्टी को रोज शर्मंसार होना पड़ रहा है। स्वाति मालीवाल ने हालिया पोस्ट में दावा किया है कि पार्टी के अन्य बड़े नेताओं पर प्रेशर बनाया जा रहा है कि वो लोग स्वाति के खिलाफ बोलें, उनकी निजी तस्वीरें लीक करें और उनके फर्जी स्टिंग ऑपरेशन करके लाएँ।

स्वाति ट्वीट में लिखती हैं– “कल पार्टी के एक बड़े नेता का फोन आया। उसने बताया कैसे सब पर बहुत ज़्यादा दबाव है, स्वाति के ख़िलाफ़ गंदी बातें बोलनी हैं, उसकी पर्सनल फ़ोटोज़ लीक करके उसे तोड़ना है। ये बोला जा रहा है कि जो उसको सपोर्ट करेगा उसको पार्टी से निकाल देंगे। किसी को PC करने की और किसी को ट्वीट्स करने की ड्यूटी मिली है। किसी की ड्यूटी है अमेरीका में बैठे वॉलंटियर्स को फ़ोन करके मेरे ख़िलाफ़ कुछ निकलवाने को कहा गया है। आरोपित के कुछ करीबी बीट रिपोर्टर्स की ड्यूटी है कुछ फ़र्ज़ी स्टिंग ऑपरेशन बनाकर लाओ।”

अपने ट्वीट में स्वाति ने यह बात पार्टी के बड़े नेता के हवाले से बताई है। उन्होंने अपने ट्वीट में आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “तुम हजारों की फौज को खड़ी कर दो। अकेले सामना करूँगी क्यों सच मेरे साथ है।” मालीवाल ने साफ इशारा कर दिया है कि खेल की शुरुआत करो, अंजाम तक मै पहुँचाऊँगी। यानि खेल बहुत खतरनाक होने वाला। जो चुनाव ख़त्म होने या परिणाम आने के बाद अपने चरम पर पहुंचता प्रतीत होता है। 

दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति ने पोस्ट में यह भी कहा है कि उन्हें ऐसे नेताओं से कोई नाराजगी नहीं लेकिन आरोपित बहुत शक्तिशाली आदमी है। बड़े से बड़ा नेता भी उससे डरता है। किसी की हिम्मत नहीं उसके ख़िलाफ़ स्टैंड ले पाए। ऐसे में स्वाति के मुताबिक वो किसी से उम्मीद भी नहीं करती कि कोई उनके लिए खड़ा होगा। लेकिन उन्हें दुख इस बात का लगा कि दिल्ली की महिला मंत्री कैसे हंसते मुस्कुराते पार्टी की एक पुरानी महिला साथी का चरित्र हरण किया। स्वाति कहती हैं, “मैंने अपनी स्वाभिमान की लड़ाई शुरू की है, इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई लड़ती रहूँगी। इस लड़ाई में मैं पूरी तरह अकेली हूँ पर हार नहीं मानूँगी!”

सोशल मीडिया पर वायरल 
स्वाति मालीवाल का एक ट्वीट 
दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट के आरोप में 23 मई तक पुलिस हिरासत में लिए गए अरविंद केजरीवाल के पूर्व पीए को मुंबई से वापस दिल्ली ले आया गया। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि दिल्ली पुलिस बुधवार (22 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए रहे विभव कुमार को मुंबई से वापस ले आई है। उन्हें वहाँ एक दिन पहले उनके आईफोन के डेटा की खोज के लिए ले जाया गया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री निवास पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट के आरोप में 23 मई तक पुलिस हिरासत में लिए गए अरविंद केजरीवाल के पूर्व पीए को मुंबई से वापस दिल्ली ले आया गया। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि दिल्ली पुलिस बुधवार (22 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए रहे विभव कुमार को मुंबई से वापस ले आई है। उन्हें वहाँ एक दिन पहले उनके आईफोन के डेटा की खोज के लिए ले जाया गया था।

बताया जा रहा है कि विभव ने गिरफ्तारी से पहले अपने फोन को फॉर्मेट कर दिया था और डेटा किसी और को ट्रांसफर कर दिया था। पुलिस फिलहाल सारे एंगल पर पड़ताल कर रही है। विभव के फोन, लैपटॉप और केजरीवाल के घर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। कल यानी 23 मई को उसकी हिरासत खत्म हो रही है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 18 मई को विभव की 7 दिन की कस्टडी माँगी थी, लेकिन उन्हें 5 दिन की ही रिमांड मिली। उनके ऊपर दिल्ली की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी करने का आरोप है।

विभव कुमार को लेकर मुंबई गई दिल्ली पुलिस, स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट के बाद यहीं फॉर्मेट किया था फोन: जाँच के लिए SIT का गठन

स्वाति मालीवाल से मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर मारपीट मामले में आरोपित पूर्व PS बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस मुंबई लेकर पहुँची है। दिल्ली पुलिस इस मामले में जाँच के लिए बिभव कुमार को हवाई रास्ते से लेकर पहुँची है। बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ऐसा सबूत जुटाने के लिए कर रही है। जो मारपीट का असली कारण जान सके। मारपीट का असली कारण वकील अभिषेक मनु सिंघवी को राज्य सभा पहुँचाने के स्वाति मालीवाल से इस्तीफे देने के जोर देने पर हो सकता है मालीवाल ने घोटालों पर मुंह खोलने की धमकी देने पर इतनी बेदर्दी से पीटा गया हो। क्योकि दोनों ही केजरीवाल के बहुत पुराने साथी है। दूसरे, मुंबई जाकर फोन फॉर्मेट क्यों किया? क्या मुंबई जाकर किसी और से भी मिला था, मिला था क्यों? मामला सिर्फ मार-पिटाई तक नहीं, बहुत गहरे तार दिख रहे हैं। शंका है तार घोटालों से जुड़े हों, अगर शंका सही निकली मालीवाल, राघव चड्ढा, आतिशी मर्लेना और सौरभ आदि भी लपेटे में आएंगी। वैसे तिहाड़ जाते समय आतिशी और सौरभ का नाम तो अरविन्द ने ही लिया था। लेकिन अब तक क्या कार्यवाही हुई सामने नहीं आयी।   

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम बिभव कुमार को मुंबई में उस जगह पर लेकर जाएगी जहाँ उन्होंने अपना फोन फॉर्मेट किया था। यह बात दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट को भी बताई है। बताया गया था कि बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी के बाद अपना फोन फॉर्मेट कर दिया था।

दिल्ली पुलिस इस प्रयास में है कि वह बिभव कुमार फॉर्मेटेड किए गए फोन से डाटा वापस निकाल सके। इसके लिए ही वह बिभव कुमार को मुंबई में उस जगह ले जा रही है जहाँ उन्होंने फोन से सारा डाटा उड़ा चुके हैं। बिभव कुमार अभी पुलिस की हिरासत में हैं।

पुलिस इस पूरी घटना के अधिक से अधिक सबूत जुटाने में लगी हुई है। बिभव कुमार को इस मामले में शुक्रवार (16 मई, 2024) को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए घटना का रीक्रिएशन भी CM आवास में करवाया था। इसमें बिभव कुमार को भी ले जाया गया था।

दिल्ली पुलिस ने लगभग 20 लोगों के बयान भी इस मामले में दर्ज किए गए हैं। दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिभव कुमार CM आवास पर घटना वाले दिन क्यों पहुँची थी। मामले में कई डिवाइस की फॉरेंसिक जाँच भी करवाई जाएगी।

मामले में जाँच के लिए एक SIT का भी गठन हुआ है, इसमें सिविल लाइन्स थाने के अधिकारी भी शामिल हैं। उनके पास ही स्वाति मालीवाल शिकायत लेकर सबसे पहले पहुँची थी और इसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। यह भी बताया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर CM केजरीवाल के परिवार के लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं।

AAP राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने 13 मई, 2024 को आरोप लगाया था कि उनके साथ CM आवास में केजरीवाल के पूर्व PS बिभव कुमार ने मारपीट की। इस मामले में बाद में मालीवाल ने दिल्ली पुलिस के पास FIR भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद से इस मामले में AAP और स्वाति मालीवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है।


CCTV फुटेज गायब, फोन फॉर्मेट: जाँच में सहयोग नहीं कर रहा विभव कुमार; क्या 3W(Wine, Wealth, Woman) केजरीवाल को ले डूबेगा?

किसी भी व्यक्ति के पतन में 3W(Wine, Wealth, Woman) का जरूर रोल होता है। जो अरविन्द केजरीवाल पर शत-प्रतिशत सटीक बैठती है। दौलत(wealth) हासिल करने के केजरीवाल ने क्या नहीं किया, केजरीवाल खुद जानते हैं; शराब(wine) घोटाले ने तिहाड़ पहुंचा दिया तो बाकि कसर स्वाति मालीवाल(woman) से पंगा लेना पूरा करने जा रहा है।    

स्वाति मालीवाल पिटाई मामले में बिभव की गिरफ्तारी से अरविंद केजरीवाल बौखलाए दिख रहे हैं। वो बीजेपी ऑफिस तक मार्च कर रहे हैं। मजे की बात है कि सारे निगम पार्षद, विधायक तक प्रदर्शन में नहीं पहुंचे। यानि पार्टी में ही मतभेद। वहीं, बिभव कुमार को कोर्ट ने 5 दिन की हिरासत में भेज दिया है, क्योंकि पुलिस ने बताया कि बिभव कुमार जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और वो मजबूत आदमी हैं। वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और चीजों को बदल सकते हैं। कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्वाति मालीवाल पर हुआ हमला भयावह था, इसमें उन्हें काफी नुकसान पहुँच सकता था। यही नहीं, पुलिस ने कहा है कि बिभव कुमार ने अपने फोन तक को फॉर्मेट कर दिया है, ताकि उसकी जानकारी पुलिस तक न पहुँचे।

केजरीवाल के मार्च पर स्वाति का तंज

बिभव कुमार को 5 दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेजे जाने के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी ऑफिस को घेरने के ऐलान के बाद स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी के जेल में बंद नेता मनीष सिसोदिया का नाम लेकर तंज कसा है।
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “किसी दौर में हम सब निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर निकलते थे, आज 12 साल बाद सड़क पर निकले हैं ऐसे आरोपी को बचाने के लिए, जिसने CCTV फुटेज गायब किए और फोन फॉर्मेट किया? काश इतना ज़ोर मनीष सिसोदिया जी के लिए लगाया होता… वह यहां होते तो शायद मेरे साथ इतना बुरा नहीं होता!”
इससे पहले, स्वाति मालीवाल को पीटने के मामले में पुलिस ने शनिवार को बिभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शनिवार देर शाम दाखिल की गई रिमांड अर्जी में कहा गया था यह एक गंभीर मामला है जिसमें बेरहमी से किया गया हमला घातक हो सकता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी बिभव कुमार शनिवार को घटनास्थल पर सबूत नष्ट करने के लिए गया था, तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अदालत में एक वीडियो पेश किया। जिसमें वह बिभव से पूछ रहे हैं कि उन्होंने राज्यसभा सांसद पर हमला क्यों किया, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहा। दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उपलब्ध कराया गया सीसीटीवी फुटेज खाली है और बिभव का जो फोन जब्त किया गया था, वह फॉर्मेट किया गया है, इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया।

साजिशों की भी हद होती है: स्वाति

इस मामले में स्वाति मालीवाल ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पहले मुझे बेरहमी से बिभव ने पीटा। थप्पड़ और लातें मारी। जब मैंने ख़ुद को छुड़ा के 112 कॉल करी, तो बाहर जाके सिक्योरिटी बुलायी और वीडियो बनाने लगा। मैं सिक्योरिटी को चीख चीख के बता रही थी की मुझे बहुत बेरहमी से बिभव ने पीटा है। वो पूरा लंबा हिस्सा वीडियो का एडिट कर दिया गया। सिर्फ़ 50 सेकंड रिलीज़ किए गये जब मैं सिक्योरिटी वालों को समझा समझा के खीज चुकी थी। अब फ़ोन फॉर्मेट करके पूरी वीडियो डिलीट कर दी ? सीसीटीवी की फुटेज भी ग़ायब! साज़िश की भी हद्द है!”
13 मई की सुबह स्वाति मालीवाल के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर मारपीट की गई। मारपीट उनके पीए बिभव कुमार ने की। इस मामले में 16 मई को आधिकारिक एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने 18 मई को बिभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने बिभव को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोप है कि बिभव ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी की है और अपना फोन भी फॉर्मेट कर दिया है। वो जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है।



केजरीवाल आरोपी बिभव की गिरफ़्तारी का असफल विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तो उधर दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री आवास से electronic devices जब्त


आज(मई 19) को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल अपने PA बिभव कुमार द्वारा एक महिला के साथ की गयी मारपीट के आरोप में  गिरफ्तार किये जाने पर उसके बचाव में बीजेपी मुख्य कार्यालय पर किया प्रदर्शन पूरी तरह से असफल हो गया। प्रदर्शनकारियों से अधिक मीडिया और पुलिस का जमावड़ा दिखाई दिया। केजरीवाल के कहने पर इतने भी कार्यकर्ता या समर्थक नहीं जुटे, जैसे अक्सर जमावड़ा देखा जाता था। अपने भाषण में अपने PA की गिरफ़्तारी किये जाने का विरोध तो किया लेकिन यह नहीं बताया कि उसकी गिरफ़्तारी किस संगीन आरोप में की गयी है?

पार्टी में भी स्वाति मालीवाल के साथ हुई मारपीट को लेकर बहुत मतभेद हैं। अब तो जनता में भी सुप्रीम कोर्ट की उस पीठ पर गुस्सा है जिन्होंने ने महिला विरोधी केजरीवाल को जमानत दी। केजरीवाल उस दरिंदे के बचाव में प्रदर्शन कर रहा है जिसने उस महिला की माहवारी की बात को भी नज़रअंदाज़ कर पेट के नीचे पैरों से वार किया। ये आदमी या इसकी पार्टी महिलाओं को क्या सुरक्षा देगी? मालीवाल पार्टी की पहली महिला नहीं, जिस पर जानवरों की तरह पैरों से मारा गया। इस हादसे ने कोली जैसे कई मुद्दे ताजा कर दिए। जिसका केजरीवाल पार्टी को भारी नुकसान हो सकता है। 

मई 18 को बिभव द्वारा पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले मुख्यमंत्री आवास में लगे CCTV से सारे सबूत नष्ट करने का भी आरोप लग गया है। सम्भव है अगर CCTV से सबूत नष्ट नहीं किये होते, अरविन्द और पत्नी सुनीता भी इस षड़यंत्र में कानून की लपेट में होते। इसने तो तय है कि बिना बॉस की आज्ञा के कोई PA अथवा कर्मचारी ऐसा नहीं कर सकता। उधर केजरीवाल प्रदर्शन कर रहे थे दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री आवास से electronic devices अपने कब्जे के कर रही थी। 

प्रदर्शन के दौरान स्वाति मालीवाल ने कहा कि कुछ साल पहले 'दामिनी' के आरोपियों को सजा दिलवाने प्रदर्शन किया और आज आरोपी के बचाव में।

 

स्वाति मालीवाल से हुई बदसलूकी के मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल ने बीजेपी के खिलाफ सड़क पर मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है। आम आदमी पार्टी पहले ही इस मामले को बीजेपी द्वारा सीएम को फंसाने के लिए रची गई साजिश और स्वाति को इस साजिश का मोहरा करार दे चुकी है। अब सीएम ने भी इसके खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। शनिवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वह रविवार दोपहर 12 बजे अपने सभी सांसदों, विधायकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ डीडीयू मार्ग स्थित बीजेपी हेडक्वॉर्टर पहुंचेंगे। उन्होंने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दी है कि आपको जितने लोगों को गिरफ्तार करना है, कर लेना। सीएम खुद भी गिरफ्तारी दे सकते हैं। तय समय पर केजरीवाल आप दफ्तर से बीजेपी दफ्तर गए लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली और प्रदर्शन को वहीं रोकना पड़ा।

अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के तमाम नेताओं के साथ पार्टी मुख्यालय से बीजेपी दफ्तर की ओर मार्च कर रहे हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी भारी सुरक्षा का इंतजाम किया है।

केजरीवाल ने कहा, बीजेपी आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहती है। आप को कुचलने का इरादा बनाया जा रहा है। इन लोगों ने इसके लिए ऑपरेशन झाड़ू शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत आम आदमी पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। चुनाव के बाद हमारी पार्टी के बैंक अकाउंट खाली किए जाएंगे और हमारे दफ्तर को खाली कराया जाएगा। उनको लगता है कि वो इस तरह पार्टी को खत्म कर देंगे। लेकिन ये 140 करोड़ लोगों के सपने की पार्टी है।

 शराब नीति घोटाले को फर्जी बताया। उन्होंने कहा आज तक शराब घोटाले में एक रुपया भी निकला है। ये लोग कहते हैं 100 करोड़ का घोटाला हुआ, तो घोटाले का रुपया कहां उड़ गया। एक दम फर्जी मामले में इन लोगों ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में डाल रखा है।

इन्होंने मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और मुझे गिरफ्तार कर लिया। कल इन्होंने मेरे पीए को भी गिरफ्तार कर लिया। आज हम सभी बीजेपी ऑफिस जा रहे हैं, हमें एक साथ ही गिरफ्तार कर लो।

केजरीवाल ने कहा कि हम लोग यहां से बीजेपी दफ्तर तक जाएंगे। मैं आगे रहूंगा आप सब साथ रहना। जहां तक जाने देंगे हम जाएंगे, अगर रास्ते में रोकेंगे, तो वहीं सड़क पर बैठ जाएंगे। हम आधे घंटे बैठेंगे, अगर ये लोग हमें गिरफ्तार नहीं करते तो ये उनकी हार होगी।

अरविंद केजरीवाल चाहते थे ‘कम्प्रोमाइज’, सोनी को जहर खाकर देनी पड़ी थी जान: अब स्वाति मालीवाल पर भी वही नीचता दिखा रही AAP और उसके पोषित पत्रकार; राज्य सभापति भी खामोश, क्यों?

                                    मोदी के खिलाफ पटपट बोलने वाला केजरीवाल अब खामोश क्यों?
साली तेरी औकात क्या है? नीच औरत, हड्डी पसली तोड़ देंगे तेरी…तू हमारी बात नहीं मानेगी…ऐसी जगह गाड़ेंगे किसी को पता भी नही चलेगा, तुझे तो हम लोग सबक सिखाएँगे…
एक के बाद एक झापड़ मारते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल के पीए बिभव कुमार ने ये बात महिला सांसद स्वाति मालीवाल को कही थीं।

स्वाति की गलती इतनी थी कि वो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास में सवाल-जवाब करने चली गईं थीं।

यही बात मुख्यमंत्री के वफादार बिभव कुमार को नागवार गुजरी।

उसने कमरे में घुसकर पहले महिला सांसद को झापड़ मारे फिर गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा।

सांसद बिभव के इस बर्ताव को देख हैरान रह गईं। उन्होंने फौरव उसे चुप होने को कहा।

बिभव कैसे शांत होता… दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल का सबसे खास वही तो है। उस पर सत्ता का खुमार आम राजनेताओं से ज्यादा है। 

उसने महिला सांसद के पद की परवाह किए बिना, उन्हें पूरे जोर लगाकर झापड़ मारे।

सांसद चिल्लाती रहीं। उन्हें लगा शायद अरविंद केजरीवाल उन्हें बचाने आएँगे, नहीं तो सुनीता केजरीवाल तो रोकने आएँगीं ही… या परिवार कोई सदस्य, नहीं तो कोई सुरक्षाकर्मी…।

मगर हुआ क्या? कुछ नहीं। बिभव अपनी हैवानियत दिखाता रहा। गालियाँ देता रहा। सांसद चीखतीं रहीं।

जब उनके दर्द की आवाज पूरे आवास में गूँजने के बाद भी वहाँ कोई नहीं पहुँचा तो उन्होंने खुद के बचाव में बिभव को धक्का दिया।

ये धक्का बिभव को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था। इससे वो और बिदका और उसने जमीन पर गिरी सांसद की जानबूझकर शर्ट खींची।

देखते ही देखते शर्ट के बटन टूट गए, सांसद बार-बार कहती रहीं कि वो ये सब न करें।

मगर बिभव एक बार भी शांत नहीं हुआ। उसने स्वाति को ऐसे मारा कि उनका सिर जाकर सेंटर टेबल पर लड़ा।

वो धड़ाम से गिरीं। बिभव ने उनके पेट पर, पेट के नीचे, छाती पर ताबड़तोजड मारना जारी रखा।

सांसद चिल्लातीं रहीं- मेरे पीरिड्यस चल रहे हैं मुझे मत मारो, बहुत दर्द हो रहा है… लेकिन इतना सब सुनने की बजाय बिभव और जोर से मार रहा था।



आप सोच सकते हैं क्या कि महिला सांसद के साथ बदसलूकी का ये पूरा वाकया देश की राजधानी यानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अपने आवास पर हुआ है। उस आवास पर जहाँ सिर्फ अरविंद केजरीवाल नहीं रहते, जो मान लिया जाए कि शायद उन तक स्वाति मालीवाल की आवाज नहीं पहुँचीं होगी इसलिए उन्होंने उनका बचाव नहीं किया… इसी आवास में केजरीवाल का परिवार भी रहता है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल भी रहती हैं जो अपने पति के जेल जाने पर एकदम मीडिया में आ प्रकट हुईं और सिर्फ केजरीवाल के संदेश ही जनता को नहीं दिए बल्कि उनके लिए इंडी गठबंधन की सभा करवाकर उसे संबोधित भी किया था… उस समय सुनीता केजरीवाल जितना दिल्ली की जनता को ये बताने में सक्रिय थीं कि केजरीवाल पूरे दिल्ली को अपना परिवार मानते हैं उस सक्रियता का एक फीसद भी वो इस मामले में नहीं दिखा रही हैं। न ही दिल्ली सीएम की पत्नी होने के नाते, न ही उस घर की निवासी होने के नाते और न ही महिला होने के नाते… सुनीता केजरीवाल इस मामले पर एकदम चुप हैं। उन्हें न तो इस मुद्दे पर सफाई देना जरूरी लग रहा है और ही स्वाति के समर्थन में उतरना।

केजरीवाल ने कवि विश्वास को बाहर निकाला, आनंद कुमार ने केजरीवाल का बचाव किया
केजरीवाल ने आनंद को बाहर निकाला, प्रशांत (भूषण)प्रदूषण ने केजरीवाल का बचाव किया
केजरीवाल ने प्रदूषण को बाहर निकाला, भकंदर(योगेंद्र) यादव ने केजरीवाल का बचाव किया
केजरीवाल ने भकंदर(योगेंद्र) को बाहर निकाला,कालुतोष(आशुतोष) ने बचाव किया
केजरीवाल ने कालूतोष को बाहर निकाला, स्वाति(मालू) मालीवाल ने बचाव किया
-अब स्वाति को बाहर निकाला गया, आतिशी मार्लेना आदि इसका बचाव कर रही हैं।
यह चक्र चलता रहेगा क्योंकि 
केजरीवाल किसी का दोस्त नहीं हैं।

स्वाति मालीवाल मुद्दे पर मीडिया गिरोह चुप

शर्मनाक बात ये है कि इस मुद्दे पर सिर्फ अरविंद केजरीवाल का और उस घर में मौजूद लोगों का दोहरा रवैया नहीं सामने आया। विपक्ष का भी असली चेहरा उजागर हुआ और साथ ही पूरे मीडिया गिरोह का। सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ उठने वाला एक बिंदु पाकर जो विपक्ष हमेशा बवाल करता है उसका इस मुद्दे पर कहना है कि ये आम आदमी पार्टी का अपना मामला है वो इस पर कुछ नहीं बोलेंगे।
यूपी में अखिलेश यादव इस मुद्दे को मीडिया के आगे स्पष्ट तौर पर गैर जरूरी कहते हैं। खुद को दिल्ली में इंडी ब्लॉक का हिस्सा बताने वाली महिला सीएम भी इस मुद्दे पर चुप हैं। इसके अलावा उन मीडियाकर्मियों में इस मुद्दे को लेकर एकदम चुप्पी है जिन्हें मोदी विरोधी खबरें आते ही वीडियो बनाने में, आर्टिकल लिखने में खासा दिलचस्पी होती हैं। ऐसे ‘निष्पक्ष’ पत्रकारों के लिए आज ये मुद्दा निजी राय छोड़िए, जनता को दिखाने लायक नहीं है।
ज्यादा वक्त नहीं बीता जब पूरे गिरोह ने मोदी के परिवार पर सवाल उठाकर अपनी नीचता का प्रमाण दिया था। उस समय ऐसे दिखाया गया था कि जो व्यक्ति परिवार नहीं चला सकता वो देश क्या चलाएगा….। इस प्रोपगेंडे का जवाब ‘मोदी का परिवार’ ट्रेंड शुरू होने पर मिला। पर, अब इन सवालों को आज की स्थिति से जोड़कर सोचिए तो पता चलेगा कि अगर परिवार वाले राजनेता इतने संवेदनशील होते हैं कि इतनी बड़ी घटना पर उन्हें चुप रहना उचित लगता है, तो इससे बढ़िया तो मोदी ही हैं। कम से कम रेवन्ना मामले में उन्होंने खुलकर विरोध तो किया था… लेकिन यहाँ क्या हो रहा है?
दिल्ली के सीएम केजरीवाल, उनकी पत्नी, उनके घर में मौजूद अन्य लोग सब इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। हो सकता है कि किसी मुद्दे पर बोलना न बोलना किसी व्यक्ति विशेष का अपना अधिकार होता हो…लेकिन क्या सीएम होते हुए ऐसी चुप्पी रखना उचित है। अरविंद केजरीवाल पूरी दिल्ली को अपना परिवार बताते हैं। यहाँ की महिलाओं और लड़कियों को अपनी माताएँ-बहनें कहते हैं। क्या इस श्रेणी में स्वाति मालीवाल नहीं आतीं…। उनके लिए आवाज उठाना सीएम का फर्ज नहीं है।

बिभव के लिए माहौल बना रहे AAP समर्थक

ये चुप्पी तब देखने को मिल रही है जब AAP के मंच से संजय सिंह आकर खुद इस घटना की पुष्टि कर चुके हैं और आरोपित पर कार्रवाई की बात भी। लेकिन, कार्रवाई तो दूर सीएम केजरीवाल और संजय सिंह बिभव कुमार को अपने साथ लेकर जगह-जगह घूम रहे हैं। मामले में एफआईआर होने के बाद, सारी डिटेल सामने आने के बाद भी सच्चाई पर कोई जिक्र नहीं हो रहा है। उलटा दो ट्रेंड सोशल मीडिया पर शुरू करवाए जा चुके हैं जिसमें से एक में इस बीच आप समर्थक एक वीडियो शेयर करके स्वाति पर प्रश्न खड़ा कर रहे हैं कि उनके इल्जाम झूठे सकते हैं क्योंकि वो खुद स्टाफ को धमका रही हैं। वहीं दूसरे में बिभव कुमार को बचाने के लिए संवेदनाएँ बटोरी जा रही हैं।
एक ही किस्म का संदेश लिखकर अलग-अलग अकॉउंट हैंडल से शेयर हो रहा है। कोई अपने अकॉउंट पर कहता है कि बिभव तो बहुत शांत, सरल, सहज स्वभाव वाले हैं। तो कोई कह रहा है कि बिभव गुस्सा कर ही नहीं सकते हैं। इन पोस्टों का पूरा सार यही है कि पाठकों के मन में एक ये छाप छोड़ दी जाए कि बिभव ऐसा कर ही नहीं सकता और जो स्वाति मालीवाल आरोप लगा रही हैं वो उन्हें हजम नहीं हो रहा।
वहीं दूसरी ओर बिभव की हकीकत निकालने में वो वीडियो में शेयर हो रही है जिसमें कभी कुमार विश्वास ने बिभव कुमार के बारे में बताया था थे कि पहले पत्रकार थे। बाद में ये अरविंद केजरीवाल का पीए इसलिए बना क्योंकि ये विरोधियों के चरित्र हत्या करने का काम अच्छे से काम करता था, उनके खिलाफ ट्वीट करवाता था, परिवारों के बारे में गंदी बातें फैलाता था। धीरे-धीरे ये केजरीवाल के करीबी बन गए। एक तरह राजदान।
अब हकीकत क्या है? ये पुलिस छानबीन में सामने आ ही जाएगा। अगर स्वाति के इल्जाम सच्चे हैं तो भी अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठेंगे और अगर उनका बिभव कुमार निर्दोष है तो भी सवाल उठेंगे कि इतने दिन तक उन्होंने इस मुद्दे की सच्चाई लगाकर लोगों को सच बताने के प्रयास क्यों नहीं किए। फिलहाल स्वाति मालीवाल द्वारा दायर करवाई गई एफआईआर आम जनता के लिए बेहद हैरान करने वाली और डराने वाली है जो सवाल छोड़ती हैं कि जब महिलाएँ सीएम आवास में सुरक्षित नहीं हैं तो कहाँ होंगी।
ऐसा पहली बार नहीं है कि पार्टी से जुड़ी महिलाओं के साथ बदसलूकी मामले में सीएम केजरीवाल का ऐसा गैर जिम्मेदाराना रवैया देखने को मिला हो। इससे पहले साल 2016 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता ने सुसाइड की थी।
बाद में पता चला था कि पार्टी का कार्यकर्ता उनका यौन उत्पीड़न करता था। उन्होंने इसकी शिकायत केजरीवाल से भी की थी लेकिन उन्होंने कार्रवाई की जगह कहा कि वो इस मामले में समझौता कर लें। वहीं पुलिस ने भी कोई एक्शन नहीं लिया। बाद में अंजाम ये हुआ कि सोनी ने अपना जीवन जहर खाकर खत्म कर लिया।

केजरीवाल के घर से विभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने उठाया: स्वाति मालीवाल की आई मेडिकल रिपोर्ट, आँख-चेहरा-पैर में चोट

आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए विभव कुमार को हिरासत में ले लिया है। उधर, पार्टी का कहना है कि विभव ने स्वाति के साथ मारपीट नहीं की, बल्कि उन्होंने विभव को धमकी दी है। इसको AAP ने वीडियो भी जारी किया है। हालाँकि, स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट दूसरी ही कहानी कह रही है।

दिल्ली पुलिस की एक टीम शनिवार (18 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुँची। इस टीम में एडिशनल DCP और ACP भी मौजूद हैं। सीएम हाउस पहुँचकर दिल्ली पुलिस ने विभव कुमार को भी हिरासत में लिया। स्वाति मालीवाल की शिकायत पर पुलिस शुक्रवार (17 मई 2024) को घटना का सीन रिक्रिएट करने के लिए पुलिस मालीवाल को लेकर सीएम हाउस पहुँची थी।

उधर, दिल्ली एम्स के ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल के बाद आए रिपोर्ट में स्वाति मालीवाल की आँख, चेहरे और पैर में चोट की पुष्टि हुई है। उनके बाएँ पैर और दाहिनी आँख के नीचे चोट के निशान मिले हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाति मालीवाल के शरीर में कुल चार जगह चोट के निशान मिले हैं। जब वह मेडिकल कराने के लिए अस्पताल पहुँची थीं तो उन्होंने बताया उनके सिर में भी चोट लगी है।

उधर आम आदमी पार्टी का अलग ही दावा है। आम आदमी पार्टी लगातार वीडियो जारी कर ही है और कह रही है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए विभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट नहीं है। उनका दावा है कि स्वाति मालीवाल ने विभव कुमार के साथ बदतमीजी की और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को धमकाया। वीडियो में सुरक्षाकर्मी को मालीवाल को लेकर बाहर निकलते दिख रहे हैंं।

ज्वलंत प्रश्न है कि मालीवाल द्वारा FIR दर्ज करने और दिल्ली पुलिस के हरकत आने के बाद वीडियो क्यों आया, जबकि संजय सिंह द्वारा बिभव द्वारा मालीवाल के साथ की गयी अभद्रता की पुष्टि की जा चुकी है। आखिर सच्चाई से क्यों छुपाया जा रहा है? चर्चा यह भी है कि मालीवाल द्वारा केजरीवाल ने वकील अभिषेक मनु सिंघवी के लिए राज्य सभा सीट छोड़ने से मना करने के बाद संजय को राज्य सभा छोड़ने के लिए बोला था, लेकिन उसने बाहर आकर बीच चौराहे पर आकर रायता ही फैला दिया। इसलिए ऐसे में इन वीडियो की कोई कीमत नहीं। क्योकि सारा खेला वकील को राज्य सभा भेजने के लिए हुआ है। दूसरे, चर्चा यह भी है कि यह वीडियो पुलिस ने इसलिए बनाया है कि मामला संगीन होने पर पुलिस आयुक्त ने पूछताछ की तो यह वीडियो दिखाकर अपना बचाव कर सके। और जब पुलिस कोई वीडियो बनाएगी पूरा बनाएगी अधूरा नहीं। इसका मतलब है सम्पादित वीडियो चलाया जा रहा है।   

दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज का कहना है, “जब कोई महिला इस तरह के आरोप लगाती है तो लगता है कि उनकी बातों में सच्चाई होगी। हमें भी स्वाति मालीवाल जी के मामले में यही लगा था, लेकिन जब कल सीएम आवास के Drawing Room का वीडियो समाने आया, उसमें कुछ अलग ही दिख रहा है।”

भारद्वाज ने आगे कहा, “Video में स्वाति जी दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को ही धमकाते हुए दिख रही हैं। वह जो मारपीट और कपड़े फाड़े जाने का आरोप लगा रही हैं, उस वीडियो में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा। वह तो आराम से बैठी हुई हैं। BJP की ACB ने स्वाति जी पर केस किया हुआ है और उसमें अभी फ़ैसला आना बाक़ी है। BJP के वरिष्ठ नेता भी स्वाति जी के सम्पर्क में हैं।”

स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। मालीवाल का आरोप है कि सीएम आवास पर उनके साथ मारपीट की गई। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि विभव कुमार पर उनके पेट, छाती और मुँह पर घूँसा और पैरों से मारा। इसके कारण उन्हें चलने में परेशानी हो रही थी।


क्यों 'हिटमैन' को बचाया जा रहा है जिसने पीरियड्स में नीचे लातें मारी?

एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। कुछ मीडिया संस्थानों ने भी इसे जारी किया है। कहा जा रहा है कि यह वीडियो 13 मई, 2024 का है जिस दिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास में AAP महिला सांसद स्वाति मालीवाल बिभव कुमार पर है।

IANS द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में कुछ सुरक्षाकर्मी दिखते हैं और एक महिला की आवाज सुनाई पड़ती है। इस वीडियो में सुरक्षाकर्मी उसे बाहर चलने को कहते हैं। महिला 112 पर फ़ोन करने की बात भी कहती है। महिला उन पर इस बात के लिए जोर डालती है कि पुलिस को अंदर आने दिया जाए। सुरक्षाकर्मी उसे बताते हैं कि पुलिस उस परिसर के भीतर नहीं आएगी।

महिला इन सुरक्षाकर्मियों को उनकी नौकरी खाने की बात करती है। इस दौरान सुरक्षाकर्मी लगातार उससे बाहर चलने को कहते हैं। महिला इस दौरान बाहर ना जाने पर अड़ जाती है। एक सुरक्षाकर्मी कहता इस दौरान कहता है कि आप पढ़े लिखे लोग हैं आपके साथ ऐसा नहीं होगा। वीडियो कुल 52 सेकंड का है। वीडियो में एक महिला किसी को गंजा भी कहती है।

बताया जा रहा है कि वीडियो में बात कर रही महिला स्वाति मालीवाल हैं और यह वीडियो उनके साथ CM आवास पर हुई मारपीट की घटना के बाद का है। एक अन्य वीडियो भी टाइम्स नाउ ने जारी किया है जिसमें मारपीट के बाद स्वाति मालीवाल के सोफे पर बैठने की बात कही जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस इन वीडियो का संज्ञान लेगी।

स्वाति मालीवाल ने इन वीडियो के ऊपर एक ट्वीट करके जवाब दिया है। उन्होंने लिखा है, “हर बार की तरह इस बार भी इस राजनीतिक हिटमैन ने ख़ुद को बचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। अपने लोगों से ट्वीट्स करवा के, आधी बिना संदर्भ की वीडियो चलाके इसे लगता है ये इस अपराध को अंजाम देके ख़ुद को बचा लेगा।”

आगे उन्होंने लिखा, “कोई किसी को पीटते हुए वीडियो बनाता है भला? घर के अंदर की और कमरे की CCTV फ़ुटेज की जाँच होते ही सत्य सबके सामने होगा। जिस हद तक गिर सकता है गिर जा, भगवान सब देख रहा है। एक ना एक दिन सब की सच्चाई दुनिया के सामने आएगी।”

स्वाति मालीवाल ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को एक FIR भी दर्ज करवाई है। इस FIR में उन्होंने कहा है कि 13 मई, 2024 को वह CM केजरीवाल से मिलने के लिए उनके घर में प्रतीक्षा कर रहीं थी। इसी दौरान उनके पूर्व निजी सचिव बिभव कुमार वहाँ आए और उनके साथ मारपीट चालू कर दी।

स्वाति मालीवाल ने बताया कि उन्हें 7-8 थप्पड़ मारे गए, उनकी शर्ट खोल दी गई, उनको सोफे से खींचा गया और जमीन पर गिराकर लातों से मारा गया। उनका मेडिकल भी करवाया गया है। स्वाति मालीवाल की FIR के आधार पर दिल्ली पुलिस बिभव कुमार की तलाश कर रही है।