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योगी के राज में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी का कलावा काटा गया, वायरल वीडियो पर बोर्ड ने लिया संज्ञान: कहा- पुलिसकर्मी पर करेंगे कठोर कार्रवाई

                                अभ्यर्थी का कलावा काटता पुलिसकर्मी (वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर एक पुलिसकर्मी द्वारा अभ्यर्थी का कलावा काटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बोर्ड ऐक्शन में आ गया है। वायरल वीडियो पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने संज्ञान लिया है और कलावा काटने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई करने की बात कही है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वाराणसी में एक पुलिसकर्मी परीक्षा केंद्र के बाहर एक युवक का कलावा काटता हुआ नजर आ रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और लोग सवाल उठाने लगे की क्या कलावे की मदद से भी नकल की जा सकती है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर कार्रवाई करने की माँग की।

UPPRPB ने एक यूजर द्वारा शेयर की गई इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा, “अभ्यर्थियों के धार्मिक चिन्हों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि नहीं काटने के निर्देश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा समस्त अधिकारियों को पूर्व से ही दिए गए हैं।” UPPRPB ने आगे लिखा, “सोशल मीडिया पर वायरल वाराणसी के प्रकरण में एक पुलिसकर्मी द्वारा उसका उल्लंघन किया गया है। इस उल्लंघन के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए पुलिस आयुक्त वाराणसी को पत्र लिखा गया है।”

इसके अलावा बोर्ड ने X पर परीक्षा नियंत्रक का एक बयान भी जारी किया है। इसमें कहा गया है, “UPPRPB की परीक्षाओ के दौरान अभ्यर्थियों की चेकिंग के संबंध में निरंतर यह निर्देश दिए जाते हैं कि किसी भी अभ्यर्थी द्वारा धारण किए गए धार्मिक सांस्कृतिक चिन्हों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि को न तो हटवाया जाएगा ना ही उतारने का प्रयास किया जाएगा।”

परीक्षा नियंत्रक ने आगे कहा, “ऐसे प्रकरणों का संज्ञान में आना दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। इस संदर्भ में दोषी कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो।”

मध्य प्रदेश : अब्बू ने किया गाय का रेप, हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार: बैतूल का मामला


मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दामजीपुरा गाँव में अब्बू नाम के युवक ने गाय के साथ रेप किया। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपित अब्बू हिरासत में ले लिया है।

इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (1 फरवरी 2026) की सुबह करीब 10 बजे से ही गाँव में बवाल शुरू हो गया। वीडियो सामने आते ही आक्रोशित लोगों की भीड़ ने सबसे पहले आरोपित अब्बू की दुकान में आग लगा दी।

इसके बाद पास की अन्य दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई और आगजनी की घटनाएँ हुईं। उपद्रव के दौरान टायर पंक्चर, इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल और टेलरिंग जैसी कई दुकानों को नुकसान पहुँचा है। कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। घटना की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई और आसपास के जिलों से भी लोग दामजीपुरा पहुँचने लगे।

हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। भैंसदेही, चिचोली और मोहदा थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल भी भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गाँव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

माँ दुर्गा को बताया ‘मू*ने वाली देवी’, देवी काली को कहा- ‘डरावना’: पुलिस ने अर्चना बौद्ध को पकड़ा, भीम कथावाचन के नाम पर कैसे फैला रही थी हिंदू घृणा

                    (साभार: यूट्यूब @Archana Singh Buddh Hathras, Gautam Studio Gyanpurwa)

खुद को भीम कथा वाचक बताने वाली अर्चना सिंह बौद्ध कथा के मंच से हिंदुओं के खिलाफ नफरत का पाठ पढ़ाकर वैचारिक जहर परोस रही है। अर्चना सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वह भगवान हनुमान, भगवान गणेश, माँ दुर्गा और माँ काली को लेकर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियाँ करती नजर आ रही है।

इस वायरल वीडियो में वह माँ दुर्गा के आठ हाथ, भगवान गणेश के सिर, माँ काली के रुप और भगवान हनुमान के चेहरे का ना केवल मखौल उड़ा रही है बल्कि वह लोगों से कह रही है कि इससे अच्छा तो घर में हीरो-हीरोइन की फोटो लगाओ। हिंदू आस्था को नीचा दिखाकर सस्ती तालियाँ बटोरने की कोशिश कर रही अर्चना का यह वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहाँ मलखानपुर गाँव में अंबेडकर पार्क में भीम कथा का आयोजन किया गया था।

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। संगठनों का कहना है कि इस तरह के बयान सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले हैं और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो के आधार पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रसूलाबाद कोतवाली पहुँचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम का आयोजन गुलाब राम नामक व्यक्ति द्वारा कराया गया था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और कथावाचक अर्चना सिंह बौद्ध और कार्यक्रम आयोजक गुलाब राम को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन से ली गई थी लेकिन कथा के दौरान तय की गई मर्यादाओं और शर्तों का कथित तौर पर पालन नहीं किया गया। हालाँकि, सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि उसे जमानत भी दे दी गई है।

काली किसी बच्चे के सामने आ जाए तो एक महिने तक उसका बुखार ना उतरे: अर्चना सिंह बौद्ध

वायरल वीडियो में वह कह रही है, “आठ हाथ हैं दुर्गा महारानी के, हमें तो यहीं नहीं पता है भईया आठ हाथ वाली देवी पैदा हुई होंगी तो कैसे पैदा हुईं होंगी। जिस समय दुर्गा महारानी की मम्मी ने उनको जनम दिया होगा, पता नहीं उनके प्राण कहा रहें होंगे? पता नहीं कौन सा हॉस्पिटल बना है, उस हॉस्पिटल में आठ हाथ वाली देवी का जन्म हुआ होगा। इनके अम्मा-दादा तक का पता नहीं है कि इनके अम्मा-दादा हैं कौन? अगर आठ हाथ वाली देवी तुम्हारे घर में पैदा हो जाए फिर तुम्हें कैसी लगेगी?”
वीडियो में वह आगे कहती है, “तुम लोगों को तो दो हाथ वाले पैदा हों तो दो-दो महिना उठती नहीं, अरे आठ-आठ हाथ वाली देवी मईया कैसे पैदा हुईं होंगी? दिमाग लगाओ तुमलोग अपना, अगर आठ हाथ वाली देवी, ऐसी लड़की तुम्हारे घर में आ जाए तो अच्छी लगेगी? अच्छी नहीं लगेगी ना तो फिर इनकी अपने घर में फोटो और इनकी पूजा भी नहीं करनी चाहिए आप लोगों को। अब हनुमान की कोई सूरत है? हनुमान का मुँह कैसा है? अगर हनुमान जैसा संतान तुम्हारे घर में मिल जाए तो तुम्हें कैसी लगेगी वो संतान? ऐसा गलफुल्ला जैसा हो जाए तुम्हारे घर में तो तुम्हें वो बेटा कैसा लगेगा, अच्छा लगेगा? अच्छा लगेगा आपको हनुमान जैसा लड़का नहीं अच्छा लगेगा ना।”
माँ काली पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए वह कह रही है, “काली मईया का तो रूप ही ऐसा है कि बच्चे को बुखार इतनी जोर का आएगा कि एक महीने तक बुखार नहीं जाएगा उसका है ना? और आप ऐसी काली मईया की पूजा करती हो…अरे अच्छे लोगों का अपने घर में फोटो लगाओ, बाबा साहब का लगाओ, बड़े सुंदर थे बाबा साहब।”

भगवान गणेश का मजाक उड़ाते हुए हीरो-हीरोइन की फोटो लगाने की कही बात

अर्चना बौद्ध की यह घटिया बातें यहीं नहीं रुकी, वह आगे भगवान गणेश का भी मजाक उड़ाती है और कहती है, “अब गणेश भगवान हैं हमे तो यहीं समझ में नहीं आता कि गणेश भगवान आधे इंसान हैं और आधे जानवर हैं अब हमे यहीं नहीं पल्ले पड़ता है कि देखो हाथी का बच्चा भले छोटा हो लेकिन गर्दन उसकी छोटे पर भी मोटी होती है? अब गणेश की गर्दन और हाथी की गर्दन कैसे मैच खाई होगी?”
आगे कहती है, “इंसान की गर्दन तो इतनी सी होती है चार इंची की और गणेश भगवान के ऊपर का जो सर है वो हाथी का लगा है। अब हाथी का बच्चा भी तुम समझ लो तो गर्दन उसकी मोटी होती, लेकिन गणेश भगवान से कैसे मैच खा गया हाथी का सर? सोचने वाली बात है ना। अब हाथी का सर है और पेट इंसान का है अब हमें यहीं नहीं समझ आता है कि वो भोजन कौन सा करते होंगे हाथी वाला करते होंगे या इंसान वाला भोजन खाते होंगे? इन देवी-देवताओं की ना सूरत है, ना अकल है ना शक्ल है, इनसे अच्छा तो आप हीरो-हीरोइन की फोटो लगा लो ताकि अच्छे-अच्छे बच्चे तो पैदा हों।”

कौन है अर्चना सिंह बौद्ध?

अर्चना सिंह हाथरस की रहने वाली है। उसके वीडियोज यूट्यूब पर कई चैनल्स ने अपलोड किए है। हालाँकि, उसका अपना भी एक चैनल है जिसका नाम ‘Archana Singh Buddh Hathras’ है। इस चैनल पर उसके ऐसे ही कुल 554 वीडियोज अपलोड हैं। उसके करीब 4,000 सब्सक्राइबर्स हैं। उसका यह चैनल 25 सितंबर 2019 से चल रहा है।
इसके अलावा एक और चैनल है, जिससे उसके वीडियो शेयर किए गए हैं। इस चैनल का नाम ‘Gautam Studio Gyanpurwa’ है। इस पर अर्चना के अलावा ज्ञानसिंह बौद्ध कासगंज नाम के एक व्यक्ति का भी वीडियो शेयर किया गया है।
वीडियो में वह कह रहा है, “पूड़ी-कचौरी करे गोलगुला और करो गुलभत्ता और पथरा पूज के आई ढोकरिया, ओन्हें चाट गए कुत्ता।” इस वीडियो के थंबनेल में माँ काली की फोटो है, जिसके सामने एक कुत्ते को उन्हें चाटते हुए दिखाया गया है।
इस चैनल पर अर्चना का एक और वीडियो भी है, जिसके थंबनेल में लिखा है, ‘मूतादेवी का अविष्कार’ और नीचे लिखा है ‘कैसे मू**ने वाली देवी का जन्म हुआ।’ वीडियो मे वह माँ दुर्गा के बारे में उल्टी-सीधी बातें कर रही है।

महिषासुर को बताया राजा, माँ दुर्गा को बताया राक्षस की पत्नी

इस लड़की का इसी तरह का एक वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड है। इस वीडियो में वह कह रही है, “हमारा एक राजा हुआ यादव वंश में, जिनका नाम था महिषासुर राजा। जो हमारे समाज के लोग नौ दुर्गा मनाया करते हैं, आखिर ये नौ दुर्गा क्यों मनाया जाता है? कौन थी वो नौ दुर्गा? क्योंकि हमारी माताओं बहनों जो बिहार का राजा था बड़ा वीर बलवान, यादव समाज में जन्मा महिषासुर महाराज।”

वह कहती है, “महिषासुर राजा जब पहाड़ों से कूदा करते थे तो ऐसा लगता था, जमीन चटक जाती थी, ऐसा बल था उनके अंदर। इन मनुवादी लोगों को अच्छा नहीं लगा, इनलोगों को हमारे राजाओं का राज-पाठ अच्छा नहीं लगा तो इनलोगों ने क्या काम किया? ब्राह्मण समाज ने लड़की थी, जिसका नाम था दुर्गा। दुर्गा की शादी, इन्होंने सुंदर-सुंदर लड़कियाँ हमारे राजाओं-पुरखों को लाकर दी, हमारे राजा-पुरखे उन सुंदर-सुंदर लड़कियों में मस्त हो गए लेकिन ये नहीं पता था हमारे राजाओं को कि हमारे साथ में दुर्घटना भी घट सकती है।”

महिषासुर को माँ दुर्गा ने शराब पिलाकर मारा: अर्चना सिंह बौद्ध

वीडियो में वह आगे कहती है, “अपनी लड़की ब्राह्मण लोगों ने महाराज महिषासुर के साथ में शादी कर दी और उस लड़की से कहा देखो हम तुम्हारी शादी कर रहे हैं, लेकिन तुम्हें वहाँ घर नहीं पालना है तुम्हें पानी नहीं पीना है जब तक वो राजा मर ना जाए। दुर्गा की जब शादी महिषासुर के साथ हुई, यादव वंश का राजा था महिषासुर। महिषासुर महाराज के साथ में शादी होने के बाद ये मनुवादी विदेश से शराब बनाकर के लेते आए।”

उसने कहा, “जब शराब बनाकर लेते आए, वो अपनी लड़कियों को शराब दे दी बनाकर के और कहा कि इसे भगवान का प्रसाद बताकर के तुम्हें पिलाना होगा तो महिषासुर से वो लड़की दुर्गा बोली कि ये देखिए ये हमारे यहाँ भगवानों का प्रसाद है। ये प्रसाद तो पी लीजिए तो तुम्हें भगवान की तरफ से आराम मिलेगा। दुर्गा ने उसे इतना नशा करा दिया कि राजा को होश नहीं रहने दिया। एक दिन हाथों में तलवार उठाकर के राजा महिषासुर का बेहोशी में कत्ल कर दिया। कत्ल करने के बाद मेरे धम्मबंधुओं उससे पहले दुर्गा ने क्या काम किया था?”

माँ दुर्गा और महिषासुर के बेटे ने किए दुर्गा के नौ टुकड़े

वह कह रही है, “कत्ल करने के बाद दुर्गा ने महाराजा महिषासुर को मारने के बाद ये महिषासुर की गर्भवती हो गई थी, इसके बाद इसको एक लड़का पैदा हुआ, उसी लड़के का नाम था लांगुरिया। बड़े होने के बाद वो लड़का पूछने लगा कि माँ आज तक तुमने मेरे पिता का नाम नहीं बताया, मेरे पिता कहाँ हैं? तो दुर्गा बताया नहीं करती थी। एक दिन वो लड़का पीछे पड़ गया, आज मेरे पिता जी का पता बताओ।”

अर्चना आगे कहती है, “दुर्गा ने बताया कि तेरे पिता को मैंने मार दिया, जब मारने की खबर सुनी तो उसी लड़के ने हाथों में तलवार उठाकर के दुर्गा के नौ टुकड़े नौ दिशा में जब फेंक दिए, नौ टुकड़े कर के फेंके तब भी मनुवादी लोगों ने अपनी लड़की का पीछा नहीं छोड़ा, तब भी उन नौ टुकड़ों को इकट्ठा कर के नौ नाम दे दिए और कहा इसकी पूजा करो। उसे कहा गया नौ दुर्गा। उसकी हमारी माता-बहनें नौ दुर्गा कह कर पूजा करती हैं यानी तुम्हारे पुरखों का कत्ल किया गया और आप लोगों से उनकी पूजा करवाई गई।”

हिंदुओं के त्यौहार ना मनाने के लिए भड़काया

वीडियो में वह लोगों को भड़काते हुए कहती है, “मेरे समाज के लोगों आप जितने हिंदूवादी सनातनी त्यौहार करते हैं वो हमारे त्यौहार नहीं हैं याद रखना जो जो त्यौहार आता है, उसमें कोई ना कोई तुम्हारे राजाओं-पुरखों का कोई ना कोई रहस्य जरूर छिपा हुआ है। हमारे राजाओं को छल-कपट से मारने का काम किया। धीरे-धीरे इनलोगों ने हमारे दस राजा मार दिए गए, दस राजा मारने के बाद इन लोगों ने भारत पर कब्जा किया।”
वह सबको बताते हुए कहती है, “भारत भूमि बौद्धों की धरती थी, यहाँ हमारे राजा-पुरखों का राज रहा हमेशा और कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था लेकिन हमारी माताओं-बहनों 85% ज्यादा है, 15% कम है लेकिन भारत देश में शासन सत्ता किसका होना चाहिए 15% का होना चाहिए, लेकिन अभी किसका सत्ता चल रहा है? ये लोग ताक में है कि संविधान को खत्म कर दिया जाए। लोगों के दिल में संविधान चुभता है, जैसे काँटा पैर में चुभता है।”

मणिपुर हिंसा पर गीत गाते सत्ता चलाने वालों को कहा दुष्ट

इसी तरह मणिपुर हिंसा को लेकर भी उसका एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड है, जिसमें वह मणिपुर हिंसा का दोष उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी दे रही है और कह रही कि इन दुष्टों को धूल चटाना होगा। इस वीडियो में वो गाना गा रही है, “आग लगी है भारत में और सत्ता सो रही दिल्ली में, चप्पा-चप्पा राख हुआ है जाकर देखो मणिपुर में।” इस वीडियो के थंबनेल में प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की फोटो लगी हुई है।

अर्चना ने सरोज सरगम से सीखा माँ दुर्गा का अपमान करना?

गौरतलब है कि इससे पहले मिर्जापुर पुलिस ने माँ दुर्गा पर आपत्तिजनक गाने के मामले में मुख्य आरोपित गायिका सरोज सरगम और उनके पति राममिलन बिंद को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी लोगों के भारी विरोध और सोशल मीडिया पर उठी माँगों के बाद की गई थी। सरोज सरगम ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने माँ दुर्गा के लिए वै$% और रं₹$ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश था। वह भी अर्चना की तरह ही हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काऊ और अभद्र टिप्पणी कर के पैसे बटोर रही थी। दरअसल इन लोगों का एक उद्देश्य तो ये होता है कि ये लोगों के अंदर से भगवान के प्रति आस्था को खत्म कर सकें और दूसरा उद्देश्य होता है पैसे कमाना, वो भी इस तरह की ओछी हरकतें कर के, क्योंकि ऐसे थंबनेल से ये लोगों को मजबूर करते है कि लोग इनके वीडियो को ओपन करें।

AXIS बैंक के विज्ञापन में नवरात्रि की धूम के बीच अचानक टपके सांता क्लॉज, फिर वही ‘हिंदू त्योहारों को निशाना बनाकर ‘सेक्युलरिज्म’ का पाठ

    एक्सिस बैंक के विज्ञापन में हिंदू त्योहार नवरात्रि और दीवाली के बीच सांता क्लॉड को दिखाया (साभार: Axis Bank)

हिंदू त्योहार दीवाली के मौके पर एक्सिस बैंक (Axis Bank) ने अपना नया विज्ञापन कैंपेन ‘दिल से ओपन सेलिब्रेशन 2025’ लॉन्च किया है। हैरानी की बात यह है कि इस विज्ञापन में दीवाली की रोशनी और नवरात्रि की धूम के बीच अचानक सांता क्लॉज टपक पड़ते हैं।

जाहिर है, यह वही सांता है जो आमतौर पर क्रिसमस का प्रतीक है। इन्हीं सांता को हिंदू त्योहारों के बीच लाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि त्यौहार सबका है और उत्सव धर्म की सीमाओं से परे होना चाहिए। यानि वही हिन्दू त्योहारों पर सेक्युलरिज्म का भाषण।

इस विज्ञापन की वीडियो में दिखाया गया कि नवरात्रि के अवसर पर ‘गरबा डांस’ चल रहा होता है तभी अचानक सांता क्लॉज की एंट्री हो जाती है। इस विज्ञापन से एक्सिस बैंक ने अपने ऑफर्स प्रोमोट करने की कोशिश की है, जो नवरात्रि से लेकर दीवाली और फिर क्रिसमस तक चलेंगे।

हिंदू त्योहारों को निशाना बनाकर ‘सेक्युलरिज्म’ का पाठ

एक्सिस बैंक ने हिंदू त्योहारों पर सेक्युलरिज्म का वही पुराना पाठ पढ़ाने की कोशिश की है, जो पहले भी कई ब्रांड्स और कंपनियाँ दे चुकी है। यानि हिंदू त्योहार को निशाना बनाकर नीचा दिखाने का यह पहला मामला नहीं है। साल 2020 में ज्वैलरी ब्रांड ‘तनिष्क’ ने दीवाली पर लव जिहाद को प्रमोट करते विज्ञापन बनाया था।

इस विज्ञापन में एक हिंदू बहू को उसकी मुस्लिम सास के साथ मिलकर गोद भराई का जश्न मनाते हुए दिखाया गया था। यह वही सेकुलर प्रोपेगेंडा है, जिसके बाद हिंदू लड़कियाँ फ्रिज और सूटकेस में मिलती हैं।

ऐसे कई ब्रांड्स और कंपनियाँ हौ जो सेकुलर विज्ञापन के नाम पर हिंदुओं का अपमान करते हैं। इसमें सभी धर्मों को एक बताते हुए हिंदुओं को कट्टर और असहिष्णु दिखाया जाता है। वहीं मुस्लिम को ‘पीड़ित’ और शांतिप्रिय दिखाते हैं और यह सब केवल हिंदू त्योहारों को निशाना बनाकर किया जाता है।

गौर करने वाली बात यह भी है कि रमजान या ईद के विज्ञापन आते हैं तो उनमें किसी और धर्म का प्रतीक या त्योहार नहीं घुसाया जाता। क्रिसमस के विज्ञापन में कभी दीवाली की झलक नहीं मिलती। लेकिन दीवाली और नवरात्रि जैसे हिंदू त्योहारों पर अक्सर बड़ी-बड़ी कंपनियाँ सेक्युलरिज्म का झंडा लेकर आ धमकती हैं।

एक्सिस बैंक का यह विज्ञापन भी उसी सोच का हिस्सा लगता है, जहाँ हिंदू त्योहारों को किसी न किसी बहाने ‘सभी के’ त्योहार में बदलने की कोशिश की जाती है। यह एक सोची-समझी मार्केटिंग रणनीति है, जिसमें कंपनियाँ जानबूझकर हिंदू पर्वों पर ही ‘सेक्युलरिज्म’ का पाठ पढ़ाती हैं।

सोशल मीडिया पर एक्सिस बैंक के ‘ईसाई करण’ का विरोध

एक्सिस बैंक के इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया में बवाल मचा हुआ है। एक्सिस बैंक पर ईसाई करण को लेकर विरोध हो रहा है। नेटिजन्स एक्सिस बैंक से विज्ञापन हटाने की माँग कर रहे हैं। ट्विटर/एक्स पर बैंक को बॉयकाट करने का हैशटैग ट्रेंड भी चल रहा है।

एक्सिस बैंक के विज्ञापन पर एक्स यूजर The Jaipur Dialogues ने लिखा, “एक्सिस बैंक सांता क्लॉज के साथ नवरात्रि मना रहा है। यह हिंदू त्योहार को नीचा दिखाने की चरम सीमा है। एक्सिस बैंक इस विज्ञापन को तुरंत वापस ले वरना बहिष्कार का सामना करे। एक्सिस बैंक को सबक सिखाना जरूरी है।”

एक्स पर Treeni ने लिखा, “नवरात्रि का ईसाई करण? एक्सिस बैंक नवरात्रि के दौरान सांता क्लॉज को उपहार बाँटते हुए दिखाकर हिंदू धर्म का मजाक उड़ा रहा है और आने वाले सभी हिंदू त्योहारों में भी ऐसा ही करने की योजना बना रहा है!”

एक्स यूजर अभय प्रताप सिंह ने लिखा, “Axis Bank ने किया नवरात्रि का ईसाई करण आख़िर हिंदू त्योहारों के साथ ही ऐसा खिलवाड़ क्यों होता है? क्या ईद के एड में सेंटा क्लॉज केपी दिखा सकते हैं? क्या क्रिसमस के एड में इस्लामिक प्रतीकों को दिखा सकते हैं? फिर नवरात्रि के एड में सेंटा क्लॉज क्यों?”

अदवाएता नाम की एक्स यूजर ने लिखा, “मैं अपनी बीमा योजना की जाँच करवाती हूँ, तुम्हारी बेवकूफी के चलते अपना खाता बंद करवाऊँगी। पागल आदमी.. इस bugger का हमारे नवरात्रि से क्या संबंध है??”

रितु प्रिया नाम की एक्स यूजर ने लिखा, “ये क्या मजाक है?? थोड़ा दिन में रहना सीखो, हमारे पर्व त्यौहार पर अपनी रोटी सेंकने की कोशिश न करें।”

‘बह@$द, तुम आओ सा$, लतखोरी ठीक कर दूँगा’: बिहार के जिस जंगलराज ने सत्येंद्र दुबे को मार डाला, अब उसी जंगलराज की ‘पैदाइश’ पप्पू यादव का NHAI अधिकारी को धमकाने का ऑडियो वायरल

        पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (बाएँ), मृतक सत्येंद्र दुबे की प्रोफाइल (फोटो साभार : Aajtak & indiatimes)
क्या आपको राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के इंजीनियर सत्येंद्र दुबे याद हैं। दुबे की हत्या इसलिए कर दी गई थी, क्योंकि वो बिहार में सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर काफी सख्त थे। अब एक ऑडियो सामने आया है जिसमें में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव NHAI के ही एक अधिकारी को धमकाते हुए सुनाई दे रहे हैं।

इस वीडियो में पप्पू यादव NHAI अधिकारी पर एक एंबुलेंस ड्राइवर को नौकरी पर रखने का दवाब डाल रहे हैं। पप्पू यादव अधिकारी को धमकती देते हुए कहते की 2 मिनट में ‘लतखोरी’ खत्म कर दूँगा। जब अधिकारी उनके सासंद होने का हवाला देते हुए मर्यादित तरीके से बात करने की गुजारिश करते हैं, तब भी सासंद का लहजा नहीं बदलता है। वे अपने लोगों से इस अधिकारी के घर के बारे में पूछते हुए सुनाई देते है।

पप्पू यादव के वायरल ऑडियो में क्या हैं।

इस वायरल ऑडियों की पुष्टि ऑपइंडिया नहीं करता है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह ऑडियों कब का है। इसमें पप्पू यादव NHAI अधिकारी को धमकाते हुए सुनाई देते हैं। फोन पर आते ही पप्पू यादव कहते है शेखर जी पप्पू यादव… NHAI अधिकारी जब कहते हैं, ‘हाँ’, तब पप्पू यादव कहते हैं कि इतना लूज मत होईये, हाँ… टाइट रहिए। फिर पप्पू यादव NHAI अधिकारी को कहते हैं एंबुलेंस में ड्राइवर थे मनीष को रख लो यार। जब अधिकारी कहते हैं कि हमारे अंदर का चीज नहीं है, तब पप्पू यादव भड़क जाते हैं और गुस्सा करते हुए कहते ‘जो है उसको रखो’।

इसके बाद अधिकारी सासंद से कहते हैं कि ‘हम कहाँ से रखें’। आग बबूला हुए पप्पू यादव अधिकारी से पूछते हैं कि ‘अभी कहाँ हो’। अधिकारी जवाब देते हैं कि ‘दिल्ली में हैं’। पप्पू यादव अधिकारी से कहते हैं कि ‘लतखोरी’ और जो ‘पैसा इधर-उधर करते हो’ 2 मिनट में खत्म हो जाएगी। इसके बाद पप्पू यादव अपने आसपास खड़े लोगों से पूछते हैं ‘घर कहाँ है इस साले का’। पीछे खड़े लोग बताते हैं कि पूर्णिया में है हॉस्पिटल में हैं। पप्पू यादव पूछते हैं ‘हॉस्पिटल में क्या काम करता है’।

पप्पू यादव इसके बाद अधिकारी से पूछते है ‘कब आ रहे हैं इधर’। अधिकारी जवाब देते हुए कहते हैं ‘हम काहें आप को बोले’। पप्पू यादव 2 से 3 बार कहते हैं कि ‘तुम्हारा दिमाग खराब है क्या’। और अधिकारी उन्हें याद दिलाते हैं कि ‘आप सांसद है, तहजीब से बात कीजिए’। फिर पप्पू यादव गाली देते हुए बोलते है ‘बह@$द तुम्हारा दिमाग खराब है क्या’, तुम आओ सा$, तुम्हारा इलाज करवाकर सही करते हैं। लेकिन फिर भी अधिकारी कहते रहते हैं कि ‘आप सांसद है तमीज में बात कीजिए।’ इतने में पीछे से आवाज आती है कि ‘आने दो इसको’। पप्पू यादव और NHAI अधिकारी का ऑडियो क्लिप भी आप सुन सकते हैं।

क्या था सतेंद्र दुबे मामला?

इस ऑडियो के वायरल होने के बाद, कई लोगों को सत्येंद्र दुबे की याद आई। सत्येंद्र दुबे एक ईमानदार इंजीनियर थे जो NHAI के तहत काम कर रहे थे। सत्येंद्र दुबे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ PMO को पत्र लिखा था। पर वो गलती कर बैठे, पत्र में अपना नाम लिख दिया। सरकार की तरफ से उनकी पहचान उजागर कर दी। और फिर हुआ वही, जो बिहार के ‘जंगलराज’ में अक्सर होता था। बिहार के गया में सर्किट हाउस में 27 नवंबर 2003 को सत्येंद्र दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस घटना ने देश भर में इंजीनियरों के बीच डर पैदा कर दिया था कि ईमानदारी से काम करने पर उन्हें भी इसी तरह का अंजाम भुगतना पड़ सकता है। हालाँकि, इस मामले में मुख्य आरोपित उदय मल्लाह को पकड़ा गया, लेकिन सत्येंद्र दुबे के भाई का मानना है कि असली अपराधी अभी भी बाहर हैं और सीबीआई ने इस मामले को ठीक से नहीं सुलझाया।

पप्पू यादव खुद को कांग्रेस का बताते हैं और हाल ही में उन्होंने तेजस्वी यादव को जननायक बताया है। बिहार में जंगलराज अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है। इनकी सरकार बनने के बाद क्या ही होगा। 90 से 2015 का दौर देखकर समझ सकते हैं। खुद को ‘गरीबों का मसीहा’ के तौर पर प्रचार करते हुए पप्पू यादव जी, लालू यादव के उसी जंगलराज की उपज है।

हिंदुस्तान से ज्यादा इन्हें पाकिस्तान से प्यार है… यकीं ना हो खुद देख लीजिए यह Viral Video; पुलवामा हमले के विरोध में मुस्लिम क्षेत्रों में बंद को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं

पुलवामा हमले के विरोध में मुस्लिम क्षेत्रों में बंद को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं क्योकि मुस्लिम क्षेत्रों में हुआ बंद केवल इसलिए किया गया था ताकि निशाने पर न आ जाएं। अगर इतना ही दुःख था तो शोभायात्राओं पर हुई पत्थरबाज़ी करने और मुर्शिदाबाद में हिन्दुओं पर हुए जानलेवा हमलों पर क्यों खामोश रहे? इसका जवाब देना होगा। जबकि अप्रैल 25 को दिल्ली बंद के दौरान विकासपुरी जैसे हिन्दू बहुल खुले थे। क्या बंद के दौरान दुकाने खोलने वालों को गद्दार कहा जाए?

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोषों की जान ले ली। इस घटना में जीवित बचे कई पीड़ितों ने बताया कि आतंकी पुरुषों की पैंट खुलवाकर चेक कर रहे थे कि उनका खतना हुआ है या नहीं। जिनका खतना नहीं हुआ था, उनकी हत्या कर दी जा रही थी। अब शुरुआती जाँच में भी इसकी पुष्टि हो गई है। जहाँ कट्टर मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी स्वीकारा था कि मजहब पूछकर लोगों को मारा गया, वहीं सोशल मीडिया पर कई प्रपंची दावा का रहे थे कि मृतकों में एक मुस्लिम है, इसीलिए सारे पीड़ित व मृतकों के परिजन झूठ बोल रहे हैं।
26 शवों की प्रारंभिक जाँच करने वाली टीम ने पाया है कि इनमें से 20 पुरुषों के पैंट की चेन खुली हुई थी। साथ ही उनके पैंट आधे उतार लिए गए थे। इससे इसकी पुष्टि हो जाती है कि आतंकियों का इरादा हिन्दुओं को चिह्नित कर उन्हें निशाना बनाए जाने का था। भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और प्रशासन की टीम ने पाया है कि पुरुषों के पैंट कुछ इस तरह खोले गए थे कि किसी का अंडरवियर तो किसी का प्राइवेट पार्ट खुले में दिखाई दे रहा था। मृतकों के परिजन उन्हें इस अवस्था में देखकर सदमे में थे।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर देश भर में गुस्से का माहौल है। इस्लामी आतंकियों ने पहलगाम में 22 अप्रैल को नाम पूछकर 26 हिंदुओं की हत्या कर दी थी। इसको लेकर लोगों में पाकिस्तान को लेकर काफी गुस्सा है। हमले का विरोध करते हुए कुछ लोग सड़क पर पाकिस्तानी झंडे का स्टीकर चिपका रहे हैं। पाक झंडे को रोड पर चिपका देने से वहां से गुजरते वक्त लोग उस पर पैर रखकर चलते हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कुछ लोगों को इससे भी परेशानी हैं। सोशल मीडिया पर कर्नाटक का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर चिपकाए गए पाक झंडे के स्टीकर को कुछ मुस्लिम महिलाएं उखाड़ रही हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो-तीन मुस्लिम महिलाएं आती हैं और कहती है यह गलत है हमारा दिल दुखता है और वह पाकिस्तानी झंडे को सड़क से उखाड़ती हैं और अपने साथ लेकर चली जाती हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि हिंदुस्तान से ज्यादा इन्हें पाकिस्तान से प्यार है। भारत में रहने वाले समुदाय विशेष के पाक प्रेम को लेकर लोग तंज कस रहे हैं। आप भी देखिए लोग क्या कह रहे हैं…

‘अगर हम लोग (मुस्लिम) खड़े हुए तो आप लोगों (हिंदुओं) को चलने का रास्ता नहीं मिलेगा’: हिजाब वाली ने वक्फ कानून पर धमकाया, देखिए Video

वक्फ संशोधन एक्ट-2025 के खिलाफ जितने भी लोग सड़क पर हैं क्या किसी ने अपने आकाओं से पूछा कि तुमने वक़्फ़ की कितनी जमीन पर कब्ज़ा कर रखा है? उस जमीन का कितना किराया देते हो और उसके पलटे कितने करोड़ हर महीने कमा रहे हो?    
वक्फ संशोधन एक्ट-2025 के खिलाफ एक मुस्लिम महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने चेतावनी दी कि अगर दुनिया भर के मुस्लिम एकजुट हो गए, तो हिंदुओं के पास खड़े होने की जमीन भी नहीं बचेगी।

हिजाब पहनी महिला ने कहा, “पूरी दुनिया में मुसलमान से ज्यादा तादात किसी की नहीं है। अगर हम लोग खड़े हुए, तो आप लोगों (हिंदुओं) को चलने का रास्ता नहीं मिलेगा इंसाल्लाहताला.. जितनी जल्दी हो सके, आप अपने वक्फ बिल को वापस लीजिए।”

वक्फ (संशोधन) एक्ट को अप्रैल 2025 में संसद ने पारित किया। यह एक्ट वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने और गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल करने जैसे सुधार लाता है। लेकिन कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम अधिकारों पर हमला बताया।

इस कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसा हो रही है। हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं। मंदिरों, हिंदुओं की संपत्तियों, वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है, तो घर में घुसकर पिता-बेटे की हत्या कर दी गई।

काफिला लेकर ‘साधना’ करने होशियारपुर पहुँचे अरविंद केजरीवाल, ‘VVIP विपश्यना’ पर AAP सांसद ने भी उठाया सवाल: कहा- पंजाब को ऐशो आराम का जरिया बनाया


आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो पंजाब के होशियारपुर का है। इस वीडियो में दिख रहा है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो ना तो कोई मंत्री हैं ना कहीं के विधायक, फिर भी उनके काफिले में दर्जनों लक्जरी कार और कमांडो साथ हैं। खुद को आम आदमी बताने वाले केजरीवाल के इसी दोहरापन पर लोग उनसे नाराज हैं। विपश्यना के लिए पंजाब पहुंचे केजरीवाल के काफिले पर दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उनके काफिले का नजारा देखने वाला था। उनके काफिले में पचास से अधिक गाड़ियां शामिल थीं, जिनमें से दो-दो करोड़ रुपए की लैंड क्रूजर शामिल थीं। इसके अलावा 100 से अधिक पुलिस कमांडो उनके साथ थे। यही नहीं, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी शामिल थीं और वह कहते हैं कि शांति लेने के लिए वहां गए हैं। मैं पूछता हूं कि यह कैसी शांति है, जिसके लिए पंजाब के लोगों के खजाने से लाखों रुपए उड़ाए जा रहे हैं।

केजरीवाल के काफिले पर तंज कसते हुए उनकी पूर्व सहयोगी स्वाति मालीवाल ने कहा कि सारी दुनिया को वीआईपी कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज ख़ुद डोनाल्ड ट्रंप से बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं।

पंजाब से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तो कहा कि रस्सी जल गई पर बल नहीं गया…!! यह काफिला देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि एक हारे हुए विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का है। आये है 10 दिन के लिए ध्यान लगाने, पर काफिला 10 किलोमीटर लम्बा! दिल्ली में हारते ही शांति ढूंढने पंजाब आ गए? अगर ध्यान लगाना था तो वीआईपी काफिला क्यों? क्या यह आम आदमी की तपस्या है यां महाराजाओं की राजशाही?

आम आदमी पार्टी नेता केजरीवाल ना तो सांसद हैं, ना मंत्री और न ही विधायक, फिर भी पंजाब सरकार उन्हें वीआईपी की तरह मानती है और उन्हें उसी तरह की सुरक्षा भी मुहैया कराती है। इस पर सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर केजरीवाल के काफिले का वीडियो शेयर पर तंज कस रहे हैं। इससे केजरीवाल के साथ पार्टी की भी किरकिरी हो रही है।

गुजरात : सूरत में ‘साधु’ बन भीख माँग रहा था सलमान एंड गैंग; पूछे संस्कृत के श्लोक तो देने लगे दुआ, बताया हिन्दुओं के सिर्फ एक भगवान का नाम

        भगवा वस्त्र में साधु वेश बना कर हिन्दुओं से भीख माँग रहा था सलमान (चित्र साभार- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)
गुजरात के सूरत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग भगवा वस्त्र पहनकर साधु वेश में भीख माँगते दिखाई दे रहे हैं। इन तीनों से वीडियो में कुछ लोग बहस कर रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि वो सभी हिन्दू साधु नहीं, बल्कि मुस्लिम हैं। ये सभी न तो ठीक से हिन्दू देवताओं का नाम बता सके और न ही किसी शास्त्र से कोई श्लोक सुना पाए।

यह वीडियो 43 सेकेंड का है, जो शनिवार (2 नवंबर 2024) को शेयर हुआ। वीडियो में दिख रहे तीनों भगवाधारियों ने लम्बी दाढ़ी रखी है। माथे पर त्रिपुण्ड लगा रखा है। वीडियो बना रहे व्यक्ति ने इन लोगों से श्लोक बोलने के लिए कहा तो जवाब मिला, “दुआ है हमारा दुआ।” जब सामने वाले ने पूछा कि उन्हें कितने भगवान के नाम आते हैं तो उन्होंने सिर्फ भोलेनाथ का नाम बताया।

वीडियो बना रहे व्यक्ति ने कहा कि क्या एक हिन्दू भगवान का नाम जानकर वो साधु बन गए हैं? तभी तीनों में से एक ने अपनी दाढ़ी पर हाथ फेर कर कहा कि वो खेल करने वाले मदारी हैं। पास खड़े एक व्यक्ति ने इन तीनों को रोहिंग्या बताया तो एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि उन तीनों में से एक का नाम सलमान है। कुछ ही देर में वहाँ भीड़ जमा हो गई।

भीड़ में से एक अन्य व्यक्ति ने तीनों से कोई श्लोक पूछा पर वो नहीं बता पाए। इनमें से एक व्यक्ति साधुओं में से एक का आईडी कार्ड चेक करता है तो उसका नाम सलमान लिखा मिलता है। वीडियो को शेयर करते हुए ज़ी 24 कलक ने कैप्शन में लिखा, “साधु के वेश में पकड़ा गया सलमान नाथ। सूरत में भीख माँग रहे एक साधु का आईडी कार्ड चेक करते हुए भंडा फूट गया।”

1 नवंबर को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में भी पुलिस ने गेरुआ वेश पहन कर साधु वेश में घूम रहे 3 मुस्लिमों को गिरफ्तार किया था। तब इन तीनों ने खुद को गोरखनाथ मठ से जुड़ा योगी बताया था। जब लोगों ने इनसे गंगाजल पीने को कहा तो इन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद लोगों ने इन्हें पुलिस को सौंप दिया।

अभी कुछ ही दिन पूर्व एक मुस्लिम महिला द्वारा मंदिर में पूजा करने पर कट्टरपंथियों ने कहा कि अगर गलती से की है तो तौबा कर ले। लेकिन साधु बन भीख रहे मुसलमानों पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? क्या ये कट्टरपंथियों के कहने पर हिन्दू क्षेत्रों की रेकिंग कर रहे थे? पुलिस द्वारा इनसे गहन पूछताछ करनी चाहिए। ये कोई षड़यंत्र जान पड़ता है।     

दलित अध्यक्ष खड़के का खुलेआम अपमान ; क्या सीताराम केसरी की तरह इस दलित को भी बाहर फेंका जाएगा? : अगर खड़के में आत्मसम्मान होता बिना देरी किए अध्यक्ष पद ही नहीं पार्टी भी छोड़ देनी चाहिए थी ; प्रियंका के नामाकंन के समय कांग्रेस ने दलित पार्टी अध्यक्ष को रखा दरवाजे के बाहर, देखिए वायरल वीडियो

लोगों की जाति पूछने वाले राहुल गाँधी के सामने पार्टी के दलित अध्यक्ष का अपमान बहुत ही निन्दनीय होने के साथ-साथ परिवार गुलामों द्वारा सोनिया गाँधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी ऑफिस से बाहर जब फेंका गया था जिसमे उनकी धोती भी खुल गयी थी। क्या दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़के का तो सीताराम केसरी से कहीं बेइज्जती हो गयी। जिसे अस्वीकार भी नहीं किया जा सकता। बरहाल, राहुल गाँधी ने विदेशी धरती पर आरक्षण ख़त्म करने की बात कही थी उसके लक्षण साफ सामने आ गए है। इतनी घोर बेइज्जती होने के बाद भी अगर खड़के अध्यक्ष नहीं छोड़ते तो इनसे बड़ा परिवार गुलाम कोई नहीं हो सकता। अगर खड़के में जरा भी आत्मसम्मान है तुरन्त अध्यक्ष पद ही नहीं पार्टी को छोड़ देना चाहिए।      
कांग्रेस में दलितों को कोई सम्मान नहीं है! संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर से लेकर कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पार्टी के रवैये को देखते हुए तो ऐसा ही लगता है। ताजा मामला कांग्रेस अध्यक्ष और दलित नेता मल्लिकार्जुन खरगे के साथ का है। आरोप लग रहा है कि कांग्रेस ने अपने दलित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपमानित किया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आप ये देख भी सकते हैं। मामला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के वायनाड से पर्चा भरने के समय का है। पर्चा भरने के समय डीएम दफ्तर में सिर्फ घर के यानी सिर्फ गांधी परिवार के लोग थे। डीएम दफ्तर में प्रियंका वाड्रा के साथ सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा, पुत्र रेहान राजीव वाड्रा दिख रहे हैं, जबकि पार्टी के दलित नेता खरगे कमरे के बाहर गेट से झांकते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं ति वायनाड से सांसद राहुल गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा के नामांकन के समय दलित अध्यक्ष खरगे कमरे के बाहर गेट से भीतर देखने की कोशिश कर रहे हैं। बाद में उन्हें भीतर ले जाया गया लेकिन तब तब दलित नेता के अपमान का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर कांग्रेस की किरकिरी हो रही है।

 


कश्मीर में कांग्रेस आई तो आतंकवाद बढ़ेगा : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे


सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष स्वीकार कर रहे हैं कि कांग्रेस आई तो कश्मीर में आतंकवाद बढ़ेगा। वीडियो में आप देख सकते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे बीमार हैं, दो लोग उन्हें पकड़ कर किसी तरह संभाले हुए हैं, लेकिन इस हालत में भी वो ये कबूलने से नहीं हिचकते कि कांग्रेस आई तो आतंकवाद बढ़ेगा।

लोग सोशल मीडिया पर खरगे के इस बयान को जमकर शेयर कर रहे हैं। आप भी देखिए किस तरह के कांग्रेस की किरकिरी हो रही है…

 

उत्तर प्रदेश : ‘आबादी बढ़ रही है मुसलमानों की, अब तुम्हारा राज खत्म होगा’: जो कार्यक्रम ‘संविधान’ के नाम पर उसमें सपा MLA महबूब अली ने ‘मजहब की ताकत’ का दिखाया खौफ

                                       अमरोहा से समाजवादी पार्टी विधायक महबूब अली
हिन्दू जातिवाद, महंगाई और बेरोजगारी के मकड़जाल में फंस अपना अनर्थ करने में तूला हुआ है, जबकि विपक्ष की छत्रसाये में मुसलमान अपनी आबादी बड़ा देश को गजवा-ए-हिन्द बनाने की ओर चल रहे हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक महबूब अली के बयान से अगर हिन्दुओं ने आंखें नहीं खोली, फिर इनसे बड़ा सूरदास और लालची मिलना मुश्किल है। 

अपने नेताओं की विवादित बयानबाजी से आए दिन चर्चा में चल रही समाजवादी पार्टी की बदनामी में एक और इजाफा हुआ है। यह इजाफा सपा के टिकट पर अमरोहा से जीत कर आए विधायक महबूब अली ने कराया है। महबूब अली ने संविधान के नाम पर एक सार्वजनिक मंच से मुस्लिमों की आबादी बढ़ने का हवाला देते हुए भाजपा को चेतावनी दी है। इस दौरान महबूब अली ने मुगल काल का भी जिक्र किया। सपा विधायक द्वारा रविवार (29 सितंबर 2024) को दिए गए इस भड़काऊ बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल हो रहे लगभग 1 मिनट के वीडियो में महबूब अली ने सबसे पहले मुस्लिमों का प्रतिशत बढ़ने की बात कही। इसी क्रम में उन्होंने कहा, “आने वाले वक्त में समझ लो, अब तुम्हारा राज खत्म हो जाएगा।” हाथ से इशारा करते हुए महबूब अली आगे बोले, “आबादी बढ़ रही है मुसलमानों की इतनी। आगे सत्ता में आना नहीं है।” अपनी रफ्तार में महबूब अली ने आगे कहा कि ये काम तो उन मुगलों के बस का भी नहीं है जो 850 साल तक हुकूमत कर के गए हैं।

महबूब अली ने दावा किया कि आज देश को गुमराह करके चलाया जा रहा है लेकिन हिंदुस्तान की आवाम जाग चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ इशारा करते हुए महबूब अली आगे बोले, “आने वाले 2027 के अंदर आप जाएँगे जरूर। और इंशाअल्लाह हम आएँगे जरूर।” महबूब अली की इस बयानबाजी पर मंच के साथ-साथ उनको सुन रही भीड़ ने भी तालियाँ बजाकर और शोर मचाकर समर्थन किया। इस वीडियो को शेयर करते हुए पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने लिखा, “उनका एजेंडा एकदम साफ है।”

महबूब अली ने यह विवादित बयान अमरोहा के पड़ोसी जिले बिजनौर में दिया है। रविवार (29 सितंबर) को वह बिजनौर में अपने समर्थकों सहित पहुँचे थे। “संविधान मानस्तंभ स्थापना’ के नाम पर हुआ ये कार्यक्रम शहर के रामलीला मैदान में आयोजित हुआ था। इस कार्यक्रम में मंच पर और श्रोताओ में हिन्दू समाज के भी कई लोग मौजूद थे। इन सभी में से किसी ने भी महबूब का विरोध नहीं किया। उलटे तालियाँ बजा कर उनका स्वागत किया गया।

उत्तर प्रदेश ; #Boycott Coca Cola : अयोध्या की कोका-कोला फैक्ट्री में हिंदू कर्मचारियों को कलावा काटने को किया मजबूर, Video वायरल

                अयोध्या स्थित कोका कोला की फैक्ट्री में हिन्दू स्टाफ का कलावा काटा (चित्र साभार- बिजनेस टुडे)
जब से समाजवादी पार्टी ने फैज़ाबाद लोकसभा जीती है, जिसमे अयोध्या भी आती है, तब से INDI गठबंधन भाजपा पर कीजड़ फेंक रही है कि अयोध्या ने भी बीजेपी को हरा दिया। लेकिन इसके आलावा अब अयोध्या के इस पावन क्षेत्र में हिन्दू विरोधी गतिविधियों का चलन शुरू हो रहा है, जिस ओर केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार को ही नहीं जनता को भी सचेत होने की जरुरत है।  
 

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित कोका-कोला की फैक्ट्री ‘अमृत बॉटलर्स’ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक सुरक्षा गार्ड पर फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू कर्मचारियों के कलावे काटने का आरोप लगाया जा रहा है।

यह मामला सोमवार (23 सितंबर 2024) को सामने आया और इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गार्ड कर्मचारियों के हाथों में बंधे कलावे काटते हुए नजर आ रहा है। इसके चलते फैक्ट्री प्रबंधन पर धार्मिक भावनाओं के अपमान का आरोप लग रहा है।

यह घटना अयोध्या जिले के थानाक्षेत्र पूरा कलंदर स्थित कोका-कोला की फैक्ट्री में घटी। वीडियो में दिखाया गया है कि कई कर्मचारियों के हाथों से गार्ड ने कलावे काट दिए। कलावा, जिसे हिंदू धर्म में धार्मिक पहचान और आस्था का प्रतीक माना जाता है, को काटे जाने से वहाँ के कर्मचारियों में रोष फैल गया। वीडियो में कर्मचारियों और गार्ड के बीच हुई बहस को भी देखा जा सकता है, जिसमें कर्मचारियों ने अपने धार्मिक अधिकारों के उल्लंघन की बात की है।

वहीं, वीडियो में कलावा काटते दिख रहे सिक्योरिटी गार्ड ने जवाब दिया कि “ऊपर से ऑर्डर आता है, जिसका वो पालन करता है।” इस बीच लोगों ने सुपरवाइजर को बुलाने की बात कही। सुपरवाइजर के आने के बावजूद समाधान नहीं निकला। वीडियो बनाने वाले एक व्यक्ति ने गुस्से में कहा, “जहाँ हिन्दू धर्म का अपमान हो रहा हो, वहाँ मुझे काम ही नहीं करना। मैं चंद पैसों के लिए अपना धर्म भ्रष्ट नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वे नौकरी छोड़ने को भी तैयार हैं लेकिन अपने धार्मिक प्रतीकों का अनादर नहीं सहेंगे।

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, फैक्ट्री प्रबंधन को सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा। फैक्ट्री के जनसंपर्क अधिकारी अर्जुन दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कलावा काटने का आदेश गुणवत्ता बनाए रखने के लिए दिया गया था। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है, ताकि उत्पाद में किसी प्रकार की अशुद्धि न आए।

अर्जुन दास के अनुसार, यदि कलावा या कोई धागा गलती से बोतल में चला जाता है, तो यह कम्पनी के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। फैक्ट्री के अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि इस वीडियो को वायरल कर संस्थान की बदनामी करने की कोशिश की गई है। अर्जुन दास का कहना है कि इस वीडियो के पीछे कुछ लोग हैं जो कंपनी की छवि को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि इस नियम के तहत कर्मचारियों को घड़ी, अंगूठी, और अन्य पहनावे भी हटाने पड़ते हैं। लेकिन कर्मचारियों का कहना था कि सिर्फ उन लोगों का सामान हटाया जाए जो सीधे तौर पर मशीनों के पास काम करते हैं, सभी कर्मचारियों पर यह नियम लागू करना उचित नहीं है।

विवाद बढ़ता देख फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा गार्ड को बर्खास्त कर दिया। फैक्ट्री के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सच्चिदानंद तिवारी ने कहा कि वे खुद सनातनी हैं और कंपनी में सभी धर्मों का पूरा सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह घटना गलतफहमी की वजह से बढ़ी है और इसका उद्देश्य किसी भी धर्म का अपमान नहीं था। फिलहाल, अब तक इस मामले में किसी प्रकार की पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है। 

पाकिस्तान : ‘पैगंबर मुहम्मद न लिखना जानते थे, न पढ़ना… कुरान लिखने में कई गलती हुई वो अब तक ठीक नहीं किया गया’: मौलाना का ही सिर माँग रहे मुस्लिम कट्टरपंथी

            मौलाना तारिक मसूद के खिलाफ कट्टर इस्लामी कर रहे 'सर तन से जुदा' की माँग (भीड़ प्रतीकात्मक)
पाकिस्तानी मौलाना तारिक मसूद पर इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद और कुरान के अपमान के आरोप लगे हैं। तारिक मसूद के एक बयान पर इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए हैं। वह मसूद के खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगा रहे हैं। तारिक मसूद के माफी माँगने के बाद भी मामला शांत नहीं हो रहा। मौलाना तारिक मसूद इससे पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुका है।

मौलाना तारिक मसूद का हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में मौलाना मसूद ने कथित तौर पर एक सभा में इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद की शैक्षणिक स्थिति पर टिप्पणी की। मौलाना तारिक मसूद ने कहा, “हमारे नबी के बारे में पूरी उम्मत का मानना है कि ना वो लिखना जानते थे ना पढ़ना। वह उम्मी (अरबी में इसका अर्थ अशिक्षित या ऐसे आदमी से होता है जो लिखना ना जानता हो) थे। कुरान कहता है कि पैगम्बर जो कुरान पेश कर रहे हैं, उसका एक इनके दाएँ हाथ ने नहीं लफ्ज लिखा है।”

आगे तारिक मसूद ने कहा, “जैसे ही कोई नई आयत बनती तो किसी को बुला रहे हैं, भाई लिखो। हमारे नबी ने जब कुरान लिखवाया, चूँकि आप लिखना-पढ़ना नहीं जानते थे तो कई बार लिखने वालों से कुरान में व्याकरण की गलती हुई। हमारे नबी ने उसको सही नहीं करवाया, आपको नहीं पता चला कि ये व्याकरण के रूप से गलत है, वो आज तक चला आ रहा है।”

तारिक मसूद ने इसके बाद कुरान की कुछ आयतों के उदाहरण दिए जिनमें वह मानते हैं कि गलतियाँ हैं। मसूद ने इसके बाद कहा कि इन गलतियों को कोई सुधार नहीं पाया क्योंकि अल्लाह ने बता दिया कि नबी उम्मी थे। इसने बताया कि हमने कुरान की हिफाजत की है।

तारिक मसूद के इस बयान पर पाकिस्तान में विवाद हो गया। उन पर कई अन्य मौलानाओं और आम लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पैगम्बर और कुरान का अपमान किया है। लोगों ने कहा कि तारिक मसूद ने उन पर टिप्पणी करके एक सीमारेखा पार कर दी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनके खिलाफ कई संगठनों ने कार्रवाई की माँग की।

तारिक मसूद का यह बयान वायरल होने के बाद उन्हें जान के लाले पड़ गए हैं। तारिक मसूद ने इसको लेकर माफ़ी भी माँगी है। तारिक मसूद ने एक वीडियो जारी करके कहा है कि वह अपने शब्द वापस ले रहे हैं और उनसे गलती हुई है। मौलाना तारिक मसूद ने कुरान का हवाला देकर माफ़ी माँगी है।

उन्होंने पिछले 48 घंटों में कई बार माफी माँगी है। उन्होंने ट्विटर पर भी एक बयान जारी किया है। मसूद ने कहा है कि वह नबी के अपमान के बारे में सोच तक नहीं सकते हैं।

माफ़ी के बाद भी तारिक मसूद के खिलाफ मामला ठंडा नहीं हो रहा है। लोग उनके ही पुराने बयानों को उनके खिलाफ उपयोग में ला रहे हैं। इन बयानों में मौलाना तारिक खुद ईशनिंदा करने वालों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की माँग कर रहे हैं। एक और वीडियो में उन्हें ईशनिंदा करने वाले को मारने की वकालत करते तक सुना गया। इस वीडियो में वह कहते हैं कि अगर आप किसी को पैगम्बर मुहम्मद का अपमान करते सुने तो उसे मौत के घाट उतार दें।

मौलाना तारिक मसूद इससे पहले निकाह पर दिए बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। पाकिस्तान में मौलाना तारिक मसूद पर ईशनिंदा का आरोप ऐसे समय में लगा है जब पिछले ही कुछ दिनों में दो लोगों की इन्हीं आरोपों पर हत्या हो चुकी है। पाकिस्तान में हाल ही में एक व्यक्ति को एक पुलिसवाले ने ही पुलिस हिरासत में मार दिया था।

उस व्यक्ति पर ईशनिंदा का आरोप था। वहीं एक और मामले में एक डॉक्टर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने कहा कि ईशनिंदा का आरोपित भागने का प्रयास कर रहा था, इसके बाद उसे मार दिया गया। पाकिस्तान में इन सभी पुलिस वालों का सम्मान किया गया।