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माँ दुर्गा को बताया ‘मू*ने वाली देवी’, देवी काली को कहा- ‘डरावना’: पुलिस ने अर्चना बौद्ध को पकड़ा, भीम कथावाचन के नाम पर कैसे फैला रही थी हिंदू घृणा

                    (साभार: यूट्यूब @Archana Singh Buddh Hathras, Gautam Studio Gyanpurwa)

खुद को भीम कथा वाचक बताने वाली अर्चना सिंह बौद्ध कथा के मंच से हिंदुओं के खिलाफ नफरत का पाठ पढ़ाकर वैचारिक जहर परोस रही है। अर्चना सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वह भगवान हनुमान, भगवान गणेश, माँ दुर्गा और माँ काली को लेकर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियाँ करती नजर आ रही है।

इस वायरल वीडियो में वह माँ दुर्गा के आठ हाथ, भगवान गणेश के सिर, माँ काली के रुप और भगवान हनुमान के चेहरे का ना केवल मखौल उड़ा रही है बल्कि वह लोगों से कह रही है कि इससे अच्छा तो घर में हीरो-हीरोइन की फोटो लगाओ। हिंदू आस्था को नीचा दिखाकर सस्ती तालियाँ बटोरने की कोशिश कर रही अर्चना का यह वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहाँ मलखानपुर गाँव में अंबेडकर पार्क में भीम कथा का आयोजन किया गया था।

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। संगठनों का कहना है कि इस तरह के बयान सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले हैं और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो के आधार पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रसूलाबाद कोतवाली पहुँचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम का आयोजन गुलाब राम नामक व्यक्ति द्वारा कराया गया था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और कथावाचक अर्चना सिंह बौद्ध और कार्यक्रम आयोजक गुलाब राम को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन से ली गई थी लेकिन कथा के दौरान तय की गई मर्यादाओं और शर्तों का कथित तौर पर पालन नहीं किया गया। हालाँकि, सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि उसे जमानत भी दे दी गई है।

काली किसी बच्चे के सामने आ जाए तो एक महिने तक उसका बुखार ना उतरे: अर्चना सिंह बौद्ध

वायरल वीडियो में वह कह रही है, “आठ हाथ हैं दुर्गा महारानी के, हमें तो यहीं नहीं पता है भईया आठ हाथ वाली देवी पैदा हुई होंगी तो कैसे पैदा हुईं होंगी। जिस समय दुर्गा महारानी की मम्मी ने उनको जनम दिया होगा, पता नहीं उनके प्राण कहा रहें होंगे? पता नहीं कौन सा हॉस्पिटल बना है, उस हॉस्पिटल में आठ हाथ वाली देवी का जन्म हुआ होगा। इनके अम्मा-दादा तक का पता नहीं है कि इनके अम्मा-दादा हैं कौन? अगर आठ हाथ वाली देवी तुम्हारे घर में पैदा हो जाए फिर तुम्हें कैसी लगेगी?”
वीडियो में वह आगे कहती है, “तुम लोगों को तो दो हाथ वाले पैदा हों तो दो-दो महिना उठती नहीं, अरे आठ-आठ हाथ वाली देवी मईया कैसे पैदा हुईं होंगी? दिमाग लगाओ तुमलोग अपना, अगर आठ हाथ वाली देवी, ऐसी लड़की तुम्हारे घर में आ जाए तो अच्छी लगेगी? अच्छी नहीं लगेगी ना तो फिर इनकी अपने घर में फोटो और इनकी पूजा भी नहीं करनी चाहिए आप लोगों को। अब हनुमान की कोई सूरत है? हनुमान का मुँह कैसा है? अगर हनुमान जैसा संतान तुम्हारे घर में मिल जाए तो तुम्हें कैसी लगेगी वो संतान? ऐसा गलफुल्ला जैसा हो जाए तुम्हारे घर में तो तुम्हें वो बेटा कैसा लगेगा, अच्छा लगेगा? अच्छा लगेगा आपको हनुमान जैसा लड़का नहीं अच्छा लगेगा ना।”
माँ काली पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए वह कह रही है, “काली मईया का तो रूप ही ऐसा है कि बच्चे को बुखार इतनी जोर का आएगा कि एक महीने तक बुखार नहीं जाएगा उसका है ना? और आप ऐसी काली मईया की पूजा करती हो…अरे अच्छे लोगों का अपने घर में फोटो लगाओ, बाबा साहब का लगाओ, बड़े सुंदर थे बाबा साहब।”

भगवान गणेश का मजाक उड़ाते हुए हीरो-हीरोइन की फोटो लगाने की कही बात

अर्चना बौद्ध की यह घटिया बातें यहीं नहीं रुकी, वह आगे भगवान गणेश का भी मजाक उड़ाती है और कहती है, “अब गणेश भगवान हैं हमे तो यहीं समझ में नहीं आता कि गणेश भगवान आधे इंसान हैं और आधे जानवर हैं अब हमे यहीं नहीं पल्ले पड़ता है कि देखो हाथी का बच्चा भले छोटा हो लेकिन गर्दन उसकी छोटे पर भी मोटी होती है? अब गणेश की गर्दन और हाथी की गर्दन कैसे मैच खाई होगी?”
आगे कहती है, “इंसान की गर्दन तो इतनी सी होती है चार इंची की और गणेश भगवान के ऊपर का जो सर है वो हाथी का लगा है। अब हाथी का बच्चा भी तुम समझ लो तो गर्दन उसकी मोटी होती, लेकिन गणेश भगवान से कैसे मैच खा गया हाथी का सर? सोचने वाली बात है ना। अब हाथी का सर है और पेट इंसान का है अब हमें यहीं नहीं समझ आता है कि वो भोजन कौन सा करते होंगे हाथी वाला करते होंगे या इंसान वाला भोजन खाते होंगे? इन देवी-देवताओं की ना सूरत है, ना अकल है ना शक्ल है, इनसे अच्छा तो आप हीरो-हीरोइन की फोटो लगा लो ताकि अच्छे-अच्छे बच्चे तो पैदा हों।”

कौन है अर्चना सिंह बौद्ध?

अर्चना सिंह हाथरस की रहने वाली है। उसके वीडियोज यूट्यूब पर कई चैनल्स ने अपलोड किए है। हालाँकि, उसका अपना भी एक चैनल है जिसका नाम ‘Archana Singh Buddh Hathras’ है। इस चैनल पर उसके ऐसे ही कुल 554 वीडियोज अपलोड हैं। उसके करीब 4,000 सब्सक्राइबर्स हैं। उसका यह चैनल 25 सितंबर 2019 से चल रहा है।
इसके अलावा एक और चैनल है, जिससे उसके वीडियो शेयर किए गए हैं। इस चैनल का नाम ‘Gautam Studio Gyanpurwa’ है। इस पर अर्चना के अलावा ज्ञानसिंह बौद्ध कासगंज नाम के एक व्यक्ति का भी वीडियो शेयर किया गया है।
वीडियो में वह कह रहा है, “पूड़ी-कचौरी करे गोलगुला और करो गुलभत्ता और पथरा पूज के आई ढोकरिया, ओन्हें चाट गए कुत्ता।” इस वीडियो के थंबनेल में माँ काली की फोटो है, जिसके सामने एक कुत्ते को उन्हें चाटते हुए दिखाया गया है।
इस चैनल पर अर्चना का एक और वीडियो भी है, जिसके थंबनेल में लिखा है, ‘मूतादेवी का अविष्कार’ और नीचे लिखा है ‘कैसे मू**ने वाली देवी का जन्म हुआ।’ वीडियो मे वह माँ दुर्गा के बारे में उल्टी-सीधी बातें कर रही है।

महिषासुर को बताया राजा, माँ दुर्गा को बताया राक्षस की पत्नी

इस लड़की का इसी तरह का एक वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड है। इस वीडियो में वह कह रही है, “हमारा एक राजा हुआ यादव वंश में, जिनका नाम था महिषासुर राजा। जो हमारे समाज के लोग नौ दुर्गा मनाया करते हैं, आखिर ये नौ दुर्गा क्यों मनाया जाता है? कौन थी वो नौ दुर्गा? क्योंकि हमारी माताओं बहनों जो बिहार का राजा था बड़ा वीर बलवान, यादव समाज में जन्मा महिषासुर महाराज।”

वह कहती है, “महिषासुर राजा जब पहाड़ों से कूदा करते थे तो ऐसा लगता था, जमीन चटक जाती थी, ऐसा बल था उनके अंदर। इन मनुवादी लोगों को अच्छा नहीं लगा, इनलोगों को हमारे राजाओं का राज-पाठ अच्छा नहीं लगा तो इनलोगों ने क्या काम किया? ब्राह्मण समाज ने लड़की थी, जिसका नाम था दुर्गा। दुर्गा की शादी, इन्होंने सुंदर-सुंदर लड़कियाँ हमारे राजाओं-पुरखों को लाकर दी, हमारे राजा-पुरखे उन सुंदर-सुंदर लड़कियों में मस्त हो गए लेकिन ये नहीं पता था हमारे राजाओं को कि हमारे साथ में दुर्घटना भी घट सकती है।”

महिषासुर को माँ दुर्गा ने शराब पिलाकर मारा: अर्चना सिंह बौद्ध

वीडियो में वह आगे कहती है, “अपनी लड़की ब्राह्मण लोगों ने महाराज महिषासुर के साथ में शादी कर दी और उस लड़की से कहा देखो हम तुम्हारी शादी कर रहे हैं, लेकिन तुम्हें वहाँ घर नहीं पालना है तुम्हें पानी नहीं पीना है जब तक वो राजा मर ना जाए। दुर्गा की जब शादी महिषासुर के साथ हुई, यादव वंश का राजा था महिषासुर। महिषासुर महाराज के साथ में शादी होने के बाद ये मनुवादी विदेश से शराब बनाकर के लेते आए।”

उसने कहा, “जब शराब बनाकर लेते आए, वो अपनी लड़कियों को शराब दे दी बनाकर के और कहा कि इसे भगवान का प्रसाद बताकर के तुम्हें पिलाना होगा तो महिषासुर से वो लड़की दुर्गा बोली कि ये देखिए ये हमारे यहाँ भगवानों का प्रसाद है। ये प्रसाद तो पी लीजिए तो तुम्हें भगवान की तरफ से आराम मिलेगा। दुर्गा ने उसे इतना नशा करा दिया कि राजा को होश नहीं रहने दिया। एक दिन हाथों में तलवार उठाकर के राजा महिषासुर का बेहोशी में कत्ल कर दिया। कत्ल करने के बाद मेरे धम्मबंधुओं उससे पहले दुर्गा ने क्या काम किया था?”

माँ दुर्गा और महिषासुर के बेटे ने किए दुर्गा के नौ टुकड़े

वह कह रही है, “कत्ल करने के बाद दुर्गा ने महाराजा महिषासुर को मारने के बाद ये महिषासुर की गर्भवती हो गई थी, इसके बाद इसको एक लड़का पैदा हुआ, उसी लड़के का नाम था लांगुरिया। बड़े होने के बाद वो लड़का पूछने लगा कि माँ आज तक तुमने मेरे पिता का नाम नहीं बताया, मेरे पिता कहाँ हैं? तो दुर्गा बताया नहीं करती थी। एक दिन वो लड़का पीछे पड़ गया, आज मेरे पिता जी का पता बताओ।”

अर्चना आगे कहती है, “दुर्गा ने बताया कि तेरे पिता को मैंने मार दिया, जब मारने की खबर सुनी तो उसी लड़के ने हाथों में तलवार उठाकर के दुर्गा के नौ टुकड़े नौ दिशा में जब फेंक दिए, नौ टुकड़े कर के फेंके तब भी मनुवादी लोगों ने अपनी लड़की का पीछा नहीं छोड़ा, तब भी उन नौ टुकड़ों को इकट्ठा कर के नौ नाम दे दिए और कहा इसकी पूजा करो। उसे कहा गया नौ दुर्गा। उसकी हमारी माता-बहनें नौ दुर्गा कह कर पूजा करती हैं यानी तुम्हारे पुरखों का कत्ल किया गया और आप लोगों से उनकी पूजा करवाई गई।”

हिंदुओं के त्यौहार ना मनाने के लिए भड़काया

वीडियो में वह लोगों को भड़काते हुए कहती है, “मेरे समाज के लोगों आप जितने हिंदूवादी सनातनी त्यौहार करते हैं वो हमारे त्यौहार नहीं हैं याद रखना जो जो त्यौहार आता है, उसमें कोई ना कोई तुम्हारे राजाओं-पुरखों का कोई ना कोई रहस्य जरूर छिपा हुआ है। हमारे राजाओं को छल-कपट से मारने का काम किया। धीरे-धीरे इनलोगों ने हमारे दस राजा मार दिए गए, दस राजा मारने के बाद इन लोगों ने भारत पर कब्जा किया।”
वह सबको बताते हुए कहती है, “भारत भूमि बौद्धों की धरती थी, यहाँ हमारे राजा-पुरखों का राज रहा हमेशा और कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था लेकिन हमारी माताओं-बहनों 85% ज्यादा है, 15% कम है लेकिन भारत देश में शासन सत्ता किसका होना चाहिए 15% का होना चाहिए, लेकिन अभी किसका सत्ता चल रहा है? ये लोग ताक में है कि संविधान को खत्म कर दिया जाए। लोगों के दिल में संविधान चुभता है, जैसे काँटा पैर में चुभता है।”

मणिपुर हिंसा पर गीत गाते सत्ता चलाने वालों को कहा दुष्ट

इसी तरह मणिपुर हिंसा को लेकर भी उसका एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड है, जिसमें वह मणिपुर हिंसा का दोष उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी दे रही है और कह रही कि इन दुष्टों को धूल चटाना होगा। इस वीडियो में वो गाना गा रही है, “आग लगी है भारत में और सत्ता सो रही दिल्ली में, चप्पा-चप्पा राख हुआ है जाकर देखो मणिपुर में।” इस वीडियो के थंबनेल में प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी की फोटो लगी हुई है।

अर्चना ने सरोज सरगम से सीखा माँ दुर्गा का अपमान करना?

गौरतलब है कि इससे पहले मिर्जापुर पुलिस ने माँ दुर्गा पर आपत्तिजनक गाने के मामले में मुख्य आरोपित गायिका सरोज सरगम और उनके पति राममिलन बिंद को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी लोगों के भारी विरोध और सोशल मीडिया पर उठी माँगों के बाद की गई थी। सरोज सरगम ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने माँ दुर्गा के लिए वै$% और रं₹$ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश था। वह भी अर्चना की तरह ही हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काऊ और अभद्र टिप्पणी कर के पैसे बटोर रही थी। दरअसल इन लोगों का एक उद्देश्य तो ये होता है कि ये लोगों के अंदर से भगवान के प्रति आस्था को खत्म कर सकें और दूसरा उद्देश्य होता है पैसे कमाना, वो भी इस तरह की ओछी हरकतें कर के, क्योंकि ऐसे थंबनेल से ये लोगों को मजबूर करते है कि लोग इनके वीडियो को ओपन करें।

‘तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख’, जिस वजाहत कादरी ने करवाई शर्मिष्ठा पर FIR, वो लगातार करता है हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान: दर्ज हुए अब 3 केस, लेकिन कोलकाता पुलिस नहीं ले रही कोई एक्शन, क्यों? मुस्लिम कट्टरपंथियों का एक ही काम है कि सनातन धर्म के विरुद्ध जहर उगलो, हिन्दू इस्लाम के खिलाफ बोले तो "सिर से तन जुदा गैंग" को आगे करो

                               वजाहत खान और शर्मिश्ता पनोली (फोटो साभार - ऑपइंडिया इंग्लिश)
पश्चिम बंगाल पुलिस ने जिस वजाहत खान कादरी रशीदी की शिकायत पर लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार किया है, अब उसकी घिनौनी हरकतें सामने आ रही हैं। हिंदू देवी-देवताओं के अपमान, अभद्र टिप्पणियों और उसके सोशल मीडिया पर उगले गए जहर को लेकर वजाहत खान कादरी रशीदी के खिलाफ 3 एफआईआर दर्ज हुई हैं। 2 एफआईआर दिल्ली में और एक एफआईआर गुवाहाटी में दर्ज किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

बंगाल में अब तक जितने भी हिन्दू विरोधी दंगे होने पर पुलिस द्वारा दंगाइयों पर कोई कार्यवाही नहीं करना साफ साबित करता है कि बंगाल पुलिस मुस्लिम कट्टरपंथियों के इशारे पर काम करती है और केंद्रीय गृह मंत्रालय को इन सब हरकतों का संज्ञान लेकर कार्यवाही करनी चाहिए। जिस कट्टरपंथी की शिकायत पर बंगाल पुलिस सतर्कता दिखाते शर्मिष्ठा को गिरफ्तार करती है वही पुलिस उसी अपराध में वज़ाहत को क्यों नहीं गिरफ्तार करती? आखिर कट्टरपंथी कब तक victim card खेलकर अराजकता फैलाते रहेंगे? हिन्दू देवी-देवताओं को चाहे जो कुछ कहो लेकिन इनके इस्लाम पर कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, क्यों?       

एक चैनल शायद टीवी9 पर एक चर्चा के दौरान एक मौलाना द्वारा भगवान कृष्ण पर गलत  टिप्पणी करने पर आचार्य विक्रमादित्य जी द्वारा सबूत माँगने पर मौलाना ने जहाँ उलटी-पुल्टी बात करते ही लाइव शो में इतना मारा कि चर्चा में मौजूद कोई मौलाना बीच बचाव करवाने की हिम्मत नहीं कर सका। यानि इन कट्टरपंथियों का एक ही काम है कि सनातन धर्म के विरुद्ध जहर उगलो।     

हालाँकि, अब वज़ाहत खान खुद मुश्किलों में घिर गया है। इंटरनेट यूजर्स की जाँच में यह तथ्य सामने आया कि वज़ाहत खान कादरी रशीदी नाम का जो व्यक्ति पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के कथित अपमान से नाराज़ होकर शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ़ कार्रवाई की माँग कर रहा था, वह खुद सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म और हिंदू देवी-देवताओं का बार-बार अपमान करता रहा है।

 शर्मिष्ठा ने जिस टिप्पणी के लिए माफ़ी माँग ली थी, उसी को आधार बनाकर रशीदी फ़ाउंडेशन के सह-संस्थापक वज़ाहत खान कादरी रशीदी ने कोलकाता पुलिस में उसके खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी और कोलकाता पुलिस ने शर्मिष्ठा को 1500 किमी दूर गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया था। वज़ाहत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी की माँग की थी, शिकायत दर्ज कराने की जानकारी साझा की थी और बाद में उनकी गिरफ्तारी का जश्न भी मनाया था।  

लेकिन अब उस वजाहत के कई आपत्तिजनक पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें वो हिंदू देवी-देवताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करता था। इन पोस्ट्स में से कई को वज़ाहत ने बाद में डिलीट भी कर दिया। उसने अपनी पोस्ट में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म के खिलाफ अपमान जनक भाषा का प्रयोग किया। उसके कुछ पोस्ट इस प्रकार हैं..

“एक हिंदू अपनी साली को अंग अंग पर रंग लगाते हुए और अपने दोस्तों को भी उसके साथ ऐसा करने का निमंत्रण देते हुए… सी हिंदुओं… यहीं है इनकी असलियत… बलात्कारी संस्कृति”

“नहीं वो उसकी बात कर रहा है जिसकी 16108 राखेलो के साथ रंग रसिया मनाता था…या चुपके-चुपके लड़कियों को नहाते हुए देखता था…”

“मेरे पास आपके लिए कुछ है… पहले अपने धर्म के बारे में पढ़ो। मूत्र पीने वाले मैल हैं।”

“तुझ जैसी &^$^&* पेट की औलाद रसूल के बारे में बारे में बात करे ये जेब नहीं देता…तू इसकी बात कर, तेरा कृष्णा कैसा रंगीला था देख…सच्चाई देख, वहम में मत जी… $%टू साले, तूने जो भी कहा वो सब तो झूठ और बहुत है लेकिन ये तेरे ही किताब का है सच पढ़, सुवर के पिल्ले”

                                                  

 वज़ाहत खान के ट्विटर पोस्ट का स्क्रीनशॉट

इन आपत्तिजनक पोस्ट्स के आधार पर एडवोकेट विनीत जिंदल ने वज़ाहत खान के खिलाफ़ दिल्ली पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने वज़ाहत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 194, 195, 356 और आईटी एक्ट की धाराओं 66, 67, 69 के तहत एफआईआर दर्ज करने की माँग की है।

उन्होंने ऑनलाइन शिकायत में लिखा, “मैं सोशल मीडिया पर वज़ाहत खान कादरी रशीदी नामक व्यक्ति द्वारा प्रसारित की जा रही बेहद आपत्तिजनक, घृणित और अपमानजनक पोस्ट की एक सीरीज के बारे में एक औपचारिक शिकायत दर्ज करने के लिए लिख रहा हूँ, जिनके प्रोफ़ाइल और पोस्ट ट्विटर (अब एक्स) जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

उन्होंने आगे कहा की व्यक्ति ने हिंदू समुदाय, उसकी मान्यताओं, प्रथाओं और भगवान कृष्ण सहित पूजनीय व्यक्तियों को निशाना बनाते हुए अभद्र भाषा वाले बार-बार पोस्ट किए हैं। पवित्र ग्रंथों और देवताओं का मज़ाक उड़ाते हुए यौन रूप से स्पष्ट और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया है। सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के उद्देश्य से सांप्रदायिक उकसावे की कार्रवाई की गई है। धार्मिक भावनाओं का उपहास करने और उन्हें भड़काने के उद्देश्य से ग्राफ़िक गलत सूचना और मॉर्फ़ की गई तस्वीरें।

एडवोकेट विनीत जिंदल के आनुसार सामग्री में बलात्कारी संस्कृति, मूत्र पीने वाले और हिंदू त्योहारों, देवताओं और मंदिरों (जैसे, कामाख्या देवी मंदिर) पर अपमानजनक टिप्पणी जैसे अपमानजनक शब्द शामिल हैं। ये पोस्ट धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का एक स्पष्ट और जानबूझकर किया गया प्रयास प्रतीत होता है, जो 194,195,356 बीएनएस और आईटी अधिनियम की धारा 66,67,69 के तहत दंडनीय अपराध है। इसलिए उपरोक्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मैं तैयार हूँ। मैं आगे कोई भी जानकारी देने या आवश्यकतानुसार जाँच प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए भी तैयार हूँ”।

अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने कोलकाता में रहने वाले वजाहत खान के खिलाफ दिल्ली में साकेत पुलिस के साइबर अपराध में दूसरी शिकायत दर्ज कराई है।

उन्होंने लिखा कि कोलकाता स्थित रशीदी फाउंडेशन के सह-संस्थापक वज़ाहत खान कादरी रशीदी के खिलाफ़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर हिंदू धर्म, देवी-देवताओं, त्योहारों और संस्कृति को निशाना बनाकर आपत्तिजनक, अपमानजनक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई है। जिंदल ने कहा कि इन पोस्टों से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं, जिसमें वह स्वयं भी शामिल हैं, और इनसे सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका है।

इस बीच, वजाहत के खिलाफ तीसरी एफआईआर भी दर्ज हुई है। वजाहत के खिलाफ तीसरी एफआईआर गुवाहाटी में दर्ज कराई गई है। वायस ऑफ असम और सांतनु सैकिया ने ये एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कामाख्य मंदिर पर दिए उसके घृषित पोस्ट को आधार बनाया गया है।

कथित रूप से, वज़ाहत खान ने अब अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसे कई आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कर दिए हैं। इसी तरह, शर्मिष्ठा पनोली ने भी अपने कथित आपत्तिजनक वीडियो को डिलीट कर दिया था और सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगी थी। इसके बावजूद, पश्चिम बंगाल पुलिस ने शर्मिष्ठा पनोली को गिरफ्तार करने के लिए 1500 किलोमीटर दूर चली गई और कोलकाता की अलीपुर कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि वज़ाहत खान जो वही कोलकाता में मौजूद है उसके खिलाफ बंगाल पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।