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सूरत अग्निकांड में कौन PM मोदी को जलाना चाहता था?: अजीत अंजुम या विनोद कापड़ी? विक्रांत मैसी से बात करते-करते शुभंकर मिश्रा ने खोल दी मीडिया की मोदी घृणा की पोल

                                      अजीत अंजुम एवं विनोद कापड़ी (साभार: X/ajitanjum)
अभिनेता विक्रांत मैसी के साथ 10 नवंबर 2024 के एक पॉडकास्ट में पत्रकार शुभंकर मिश्रा ने बताया कि कैसे मुख्यधारा का मीडिया किसी घटना के इर्द-गिर्द नैरेटिव गढ़ता है, जो घटना या इसमें शामिल लोगों के बारे में धारणा को प्रभावित करता है। मिश्रा ने खुलासा किया कि साल 2019 में जिस टेलीविजन न्यूज चैनल में वे रिपोर्टर के रूप में काम थे, उसने सूरत कोचिंग अग्निकांड को कवर करने के लिए भेजा था।

शुभंकर मिश्रा ने बताया कि न्यूज चैनल की ओर से उन्हें पीड़ितों में से एक के घर जाने के लिए कहा गया था। इसके साथ ही इस घटना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोषी ठहराते हुए बाइट (बयान) लेने के लिए कहा गया था। बता दें कि सूरत के इस कोचिंग अग्निकांड में 22 लोगों की जान चली गई थी। इसको लेकर बड़े पैमाने पर विवाद हुआ था।

आग लगने की यह घटना 24 मई 2019 को सूरत के जगतनाका स्थित व्यवसायिक केंद्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुई थी। यह आग एयर कंडिशन (AC) में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी थी। घटना में बाहर निकलने का रास्ता ब्लॉक हो गया था, जिसके कारण छात्र-छात्राएँ वहाँ फँस गए थे। उस बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा था और ना ही भवन के पास सर्टिफिकेट था।

मिश्रा ने कहा, “जिस समय यह घटना हुई, उस समय मैं सूरत में था। आग से बचने के लिए छात्र-छात्राएँ बिल्डिंग के कूद रहे थे। उस समय लड़कियों के इमारत से कूदने के कई परेशान करने वाले वीडियो सामने आए थे। इसकी मैंने वहाँ से दो दिनों तक रिपोर्टिंग की थी। इस घटना के बाद बिल्डिंग को सील कर दिया गया था और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद मामला खत्म हो गया था।”

उन्होंने आगे कहा, “दो दिनों के बाद अहमदाबाद में एक बड़े नेता की रैली थी। मैंने अपने एडिटर से पूछा कि क्या मैं वहाँ जाऊँ, क्योंकि यहाँ पर बिल्डिंग को सील हो गया और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है? मेरे एडिटर ने कहा कि नहीं। जब सारी दुनिया रैली की लाइव टेलिकास्ट कर रही है तो तुम हादसे के पीड़ित के घर जाओ और किसी बच्चे को पकड़कर बाइट लो कि ‘मोदी अंकल आपने ये क्या करवा दिया, मेरी बहन लौटा दो’?”

हालाँकि, शुभंकर मिश्रा ने किसी समाचार चैनल या संपादक का नाम नहीं लिया, लेकिन मिश्रा की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल और सूरत कोचिंग आग की घटना के कवरेज के पुराने वीडियो बताते हैं कि उस समय वे टीवी9 भारतवर्ष में काम कर रहे थे। नेटिज़न्स का अनुमान है कि जिस संपादक ने पीएम मोदी के खिलाफ बाइट लेने के लिए कहा होगा वह विनोद कापड़ी या अजीत अंजुम हो सकते हैं।

अजीम अंजुम और विनोद कापड़ी ने साल 2019 में टीवी9 भारतवर्ष में काम किया था। दोनों पीएम मोदी से नफरत करने के लिए जाने जाते हैं। इस तरह का निर्देश देने वाले संपादक का नाम जानने के लिए ऑपइंडिया ने शुभंकर मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पाई। उनसे बाचती होने के बाद इस खबर को अपडेट किया जाएगा।

गुजरात : सूरत में ‘साधु’ बन भीख माँग रहा था सलमान एंड गैंग; पूछे संस्कृत के श्लोक तो देने लगे दुआ, बताया हिन्दुओं के सिर्फ एक भगवान का नाम

        भगवा वस्त्र में साधु वेश बना कर हिन्दुओं से भीख माँग रहा था सलमान (चित्र साभार- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)
गुजरात के सूरत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग भगवा वस्त्र पहनकर साधु वेश में भीख माँगते दिखाई दे रहे हैं। इन तीनों से वीडियो में कुछ लोग बहस कर रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि वो सभी हिन्दू साधु नहीं, बल्कि मुस्लिम हैं। ये सभी न तो ठीक से हिन्दू देवताओं का नाम बता सके और न ही किसी शास्त्र से कोई श्लोक सुना पाए।

यह वीडियो 43 सेकेंड का है, जो शनिवार (2 नवंबर 2024) को शेयर हुआ। वीडियो में दिख रहे तीनों भगवाधारियों ने लम्बी दाढ़ी रखी है। माथे पर त्रिपुण्ड लगा रखा है। वीडियो बना रहे व्यक्ति ने इन लोगों से श्लोक बोलने के लिए कहा तो जवाब मिला, “दुआ है हमारा दुआ।” जब सामने वाले ने पूछा कि उन्हें कितने भगवान के नाम आते हैं तो उन्होंने सिर्फ भोलेनाथ का नाम बताया।

वीडियो बना रहे व्यक्ति ने कहा कि क्या एक हिन्दू भगवान का नाम जानकर वो साधु बन गए हैं? तभी तीनों में से एक ने अपनी दाढ़ी पर हाथ फेर कर कहा कि वो खेल करने वाले मदारी हैं। पास खड़े एक व्यक्ति ने इन तीनों को रोहिंग्या बताया तो एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि उन तीनों में से एक का नाम सलमान है। कुछ ही देर में वहाँ भीड़ जमा हो गई।

भीड़ में से एक अन्य व्यक्ति ने तीनों से कोई श्लोक पूछा पर वो नहीं बता पाए। इनमें से एक व्यक्ति साधुओं में से एक का आईडी कार्ड चेक करता है तो उसका नाम सलमान लिखा मिलता है। वीडियो को शेयर करते हुए ज़ी 24 कलक ने कैप्शन में लिखा, “साधु के वेश में पकड़ा गया सलमान नाथ। सूरत में भीख माँग रहे एक साधु का आईडी कार्ड चेक करते हुए भंडा फूट गया।”

1 नवंबर को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में भी पुलिस ने गेरुआ वेश पहन कर साधु वेश में घूम रहे 3 मुस्लिमों को गिरफ्तार किया था। तब इन तीनों ने खुद को गोरखनाथ मठ से जुड़ा योगी बताया था। जब लोगों ने इनसे गंगाजल पीने को कहा तो इन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद लोगों ने इन्हें पुलिस को सौंप दिया।

अभी कुछ ही दिन पूर्व एक मुस्लिम महिला द्वारा मंदिर में पूजा करने पर कट्टरपंथियों ने कहा कि अगर गलती से की है तो तौबा कर ले। लेकिन साधु बन भीख रहे मुसलमानों पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? क्या ये कट्टरपंथियों के कहने पर हिन्दू क्षेत्रों की रेकिंग कर रहे थे? पुलिस द्वारा इनसे गहन पूछताछ करनी चाहिए। ये कोई षड़यंत्र जान पड़ता है।     

सूरत : गणपति पंडाल पर मुस्लिम नाबालिगों ने किया पथराव, एक्शन लेने पर पुलिस पर भी हमला: सैंकड़ों हिंदू विरोध में उतरे, अब तक 27 गिरफ्तार

                                   सूरत में गणेश मंडप पर पथराव (फोटो साभार: गुजरात फर्स्ट, न्यूज18गुजराती)
गुजरात के सूरत के लालगेट इलाके में गणेश भगवान के मंडप पर पथराव की घटना प्रकाश में आई। आरोप है कि इस भड़काऊ हरकत को कुछ मुस्लिम समुदाय के नाबालिगों द्वारा अंजाम दिया गया। घटना के बाद जब हजारों हिंदू विरोध में सड़कों पर उतरे तो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में कुछ गिरफ्तारियाँ कीं। हालाँकि इन गिरफ्तारियों से पहले मुस्लिम बहुल इलाके में उन्हें भी पत्थरों से निशाना बनाया गया।

कट्टरपंथियों द्वारा कहीं बच्चे तो कहीं औरतों को जो दंगा भड़काने में आगे किया जा रहा है, यह अच्छे संकेत नहीं है। राज्य और केंद्र सरकारों को बच्चे, औरतों और इन्हें उकसाने वालों पर पहाड़ बन टूटना होगा। हिमायत में आने वाले मुस्लिम वोटबैंक की गन्दी सियासत खेलने को भी हिरासत में लेकर सख्त कार्यवाही करनी होगी। दूसरे, पहले भी कई बार लिखा है कि दंगा प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस को ढोल पीटने के लिए हाथ में डंडा लेकर नहीं बल्कि blind firing के आर्डर देकर भेजा जाए।   

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला लालगेट के वरियाली बाजार का है। यहाँ कुछ मुस्लिम समुदाय के नाबालिगों द्वारा गणेश मंडप पर पथराव किया गया। हिंदू समुदाय को जब ये सूचना मिली तो वो सबमें आक्रोश फैल गया। इस दौरान लागेट थाने का घेराव भी किया गया।

पथराव की घटना सबसे पहले 7 सितंबर को हुई थी और उसके बाद अगले दिन यानी 8 सितंबर को भी हुई। इसी के बाद हिंदुओं ने आपा खोया। हालाँकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए कदम उठाए और उन्हें पकड़ने इलाके में भी गई। हालाँकि पुलिस को देखते ही आरोपितों के इलाके में पथराव होने लगा। पुलिस ने मशक्कत के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के बारे में पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने कहा, “इससे ​​पहले यहाँ गणेश मंडप पर पथराव हुआ था। यहाँ मौजूद नाबालिग आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, फिलहाल पुलिस की जाँच जारी है। शांति स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपितों का चेहरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

इस मामले पर विधायक कांति बलार ने हिंदू युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आपके साथ हूँ। भारतीय जनता पार्टी आपके साथ है। हम इस तरह बार-बार पथराव बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिन लोगों को पकड़ लिया गया है उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।”

वहीं इस मामले पर गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने वादा किया था, सूरज उगने से पहले हमने पत्थरबाजों को पकड़ लिया है! 27 पत्थरबाज गिरफ्तार किए गए हैं। सीसीटीवी, वीडियो विजुअल्स, ड्रोन विजुअल्स और अन्य तकनीकी निगरानी कार्य अभी भी जारी है। सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।हमारी टीमें पत्थरबाजों की पहचान करने और उन्हें सजा दिलाने के लिए पूरी रात काम कर रही थी और अभी काम रही है।”

गणपति पंडाल में हुए पथराव की घटना के बाद गिरफ्तार हुए आरोपितों को लेकर बताया जा रहा है कि उनकी उम्र 15 साल से अधिक नहीं है। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है और साथ ही वो लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं जिन्होंने भड़काऊ नारेबाजी की थी।

मुंबई : सेक्स से मना करने पर फोड़ डाली खोपड़ी

दीपक मालाकार (साभार: हिंदुस्तान टाइम्स)
शारीरिक संबंध बनाने से मना करने पर 18 साल की एक लड़की को प्रताड़ित करने के मामले में मुंबई पुलिस ने एक कास्टिंग डायरेक्टर दीपक मालाकार को गिरफ्तार किया है। 26 वर्षीय मालाकार की प्रताड़ना के कारण लड़की की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, उसकी खोपड़ी कई जगह से टूट गई है।

आरोपित मालाकार बिहार का रहने वाला है और 11 अगस्त 2023 को घटना को अंजाम देने के बाद मुंबई से फरार हो गया था। मुंबई से फरार होने के बाद वह गुजरात के सूरत में जाकर छिपा हुआ था। सूचना के आधार पर मुंबई पुलिस सूरत पहुँचकर दीपक मालाकर को सोमवार यानी 14 अगस्त 2023 को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के दौरान लड़की के सिर पर कई बार हमला होने के कारण वह बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद मालाकर को लगा कि लड़की मर गई और वह वहाँ से भाग गया। कुछ समय के बाद लड़की को होश आया है और उसने मदद माँगी। इसके बाद उसे अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ वह दो दिनों तक ICU में भर्ती रही।

B.Sc प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली 18 साल की इस लड़की की दोस्ती पिछले साल मालाकार से सोशल मीडिया साइट फेसबुक के जरिए हुई थी। दो महीने पहले वह लड़की से शादी करने के इरादे थे उसके माँ-बाप से मिला था। लड़की के परिजन इसके लिए तैयार हो गए। इसके बाद मालाकर लड़की के 1 BHK घर में ही रहने लगा।

इस दौरान मालाकार लड़की से शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। लड़की इसके लिए तैयार नहीं हुई और उसने कहा कि वह पहले अपनी पढ़ाई पूरी करनी चाहती है। फिर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में वह अपना भाग्य अजमाएगी। इसके बाद वह शादी करेगी। इससे मालाकार लड़की पर गुस्सा हो गया।

दीपक मालाकार 11 अगस्त 2023 को लड़की को लेकर वर्सोवा स्थित अपने दोस्त के फ्लैट पर गया और वहाँ उसने लड़की का यौन शोषण करने की कोशिश की। इस दौरान लड़की ने उसका विरोध किया था। खुद को फिल्म एडिटर और कास्टिंग डायरेक्टर बताने वाला मालाकार गुस्से से लाल हो गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक मालाकार ने लड़की का सिर दीवार पर दे मारा और उसके चेहरे पर तब तक वार करता रहा, जब तक वह गिर नहीं गई। जब उसे लगा कि वह वह मर चुकी है तो वह घबरा गया और फ्लैट को बाहर से बंद कर करके शहर से भाग गया। लड़की को जब होश आया तो वह मदद के लिए चिल्लाई। इसके बाद पड़ोसियों ने उसकी मदद की।

पुलिस के अनुसार, मालाकार ने स्वीकार किया है कि वह लड़की को मार डालना चाहता था, क्योंकि वह उसकी इच्छा की पूर्ति करने नहीं दे रही थी। सूरत भागने के बाद मालाकार ने मोबाइल को स्वीच ऑफ कर लिया। हालाँकि, लोकल नंबर से वह अपने दोस्त के संपर्क में था।

उसने सूरत में स्थित एक ATM से पैसे निकाले। इसके बाद पुलिस को उसके लोकेशन के बारे में जानकारी मिली। जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस सूरत पहुँचकर उसे गिरफ्तार कर ली। मालाकार के खिलाफ IPC की धारा 307, 342, 354 और 354D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

सूरत : नॉन-वेज मांगने पर बीफ परोसने वाला रेस्टोरेंट मालिक सरफराज मोहम्मद गिरफ्तार, छापे में 60 किलो मांस बरामद, कसाई फरार

                 सरफराज मोहम्मद को गौमांस बेचने के आरोप में किया गिरफ्तार (फोटो साभार: इंडिया टुडे)
गुजरात के सूरत में सरफराज मोहम्मद नाम के एक रेस्टोरेंट मालिक को गिरफ्तार किया गया है। सरफराज पर आरोप है कि वो अपने रेस्टोरेंट में नॉन वेज खाना माँगने वालों को बीफ परोस रहा था। उसकी इसी हरकत का पता जब हिंदू संगठनों को चला तो उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिस में जानकारी देकर उसे गिरफ्तार करवाया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सूरत में हिंदू संगठनों के तीन लोगों को सूचना मिली कि होदिबांग्ला इलाके में चल रहे एक नॉनवेज रेस्टोरेंट में बीफ परोसा जा रहा है। उन्होंने मामले की जाँच की और इस बात की पुष्टि की, कि जानकारी आखिर सही है या गलत? जब गौमांस की पुष्टि हुई तो उन्होंने पूरे मामले की सूचना लालगेट पुलिस स्टेशन को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस ने रेस्टोरेंट में छापा मारा और तकरीबन 60 किलोग्राम मांस फ्रिज में से बरामद किया। रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ सूरत के लालगेट थाने में मामला दर्ज कर उसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

सूचना मिलते ही पुलिस ने रेस्टोरेंट में छापा मारा और तकरीबन 60 किलोग्राम मांस फ्रिज में से बरामद किया। रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ सूरत के लालगेट थाने में मामला दर्ज कर उसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

11 सितंबर 2022 को पुलिस ने यह कार्रवाई की और फिर बरामद किए गए बीफ को भी जाँच के लिए सैंपल लेकर फॉरेंसिक साइंटिफिक लेबोरेटरी भेज दिया।

बताया जा रहा है कि 14 सितंबर को एफएसएल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई थी कि फ्रिज में से जब्त किए गए मांस में से 20 किलो बीफ पाई गई। गुजरात पुलिस ने ‘गुजरात पशु संरक्षण संशोधन अधिनियम’ के तहत रेस्टोरेंट के मालिक सरफराज मोहम्मद वजीर खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं उसके बीफ सप्लाई करने वाला कसाई अंसार फरार घोषित कर दिया गया है।

इस मामले में लालगेट थाना के हेड कांस्टेबल यजेंद्र दादूभाई ने बताया कि 11 सितंबर को उन्हें शिकायत मिली थी कि ‘दिल्ली दस्तरखवां’ नामक रेस्टोरेंट में गौमांस रखा और परोसा जा रहा है, जिसके बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ रेस्टोरेंट में जाकर तलाशी ली और तो मांस के छह पैकेट मिले। प्रत्येक का वजन दस किलो था।